29 दिसंबर, 2010

छत्तीसगढ़ का खेल जगत - २०१०




छत्तीसगढ़ में खेल गतिविधियों और खेल प्रतिभाओं के लिए उत्साहजनक वातावरण के निर्माण में कैलेण्डर वर्ष २०१० कई सुखद स्मृतियां छोड़कर जा रहा है। राज्य स्थापना के दस वर्ष पूर्ण होने और ग्यारहवें साल में प्रवेश के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की घोषणा के अनुरूप नवम्बर माह में छत्तीसगढ़ के सभी विकासखंड मुख्यालयों में ब्लाक स्तर पर और जिला मुख्यालयों में जिला स्तर पर खेल महोत्सवों में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। ब्लाक स्तरीय इन प्रतियोगिताओं में लगभग पचास हजार खिलाड़ियों को अपने खेल कौशल के प्रदर्शन का मौका मिला। इनमें से लगभग ३६ हजार खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें जिला स्तरीय खेल महोत्सवों में शामिल होने का अवसर दिया गया। इनमें से चयनित करीब साढ़े चार हजार खिलाड़ी राजधानी रायपुर में ११ दिसम्बर से १३ दिसम्बर तक तीन दिवसीय राज्य स्तरीय खेल महोत्सव में शामिल हुए। लगभग एक माह की अल्प अवधि में पचास हजार खिलाड़ियों के खेल प्रदर्शन का छत्तीसगढ़ में यह एक नया कीर्तिमान रहा। विकासखंड, जिला और राज्य स्तरीय महोत्सव में कबड्डी, फुटबॉल, हॉकी, व्हालीबॉल, खो-खो आदि विभिन्न प्रकार के १८ खेलों की प्रतियोगिताएं हुई। प्रदेश के खेल जगत में ये सभी प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों के लिए यादगार बन गयी। प्रदेश में निवर्तमान वर्ष २०१० में खेल और युवा कल्याण विभाग की माहवार और तारीख वार प्रमुख गतिविधियों की एक झलक यहां प्रस्तुत है -



३ जनवरी :- जिला मुख्यालय कोरबा में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय सब जूनियर खो-खो प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ, जिसमें २६४ खिलाड़ियों ने भाग लिया।
 ८ जनवरी :-उड़ीसा के भुवनेश्वर में पांच दिवसीय राष्ट्रीय युवा उत्सव का शुभारंभ हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने तीन स्वर्ण एवं एक रजत पदक हासिल किया। राजधानी रायपुर में दो दिवसीय ५७ वीं राष्ट्रीय सीनियर कबड्डी चैम्पियनशिप आयोजित की गयी।
१२ जनवरी :-राष्ट्रीय युवा दिवस को दुर्ग में राज्य स्तरीय मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश के ६९५ धावकों ने हिस्सा लिया।
२५ जनवरी :-महाराष्ट्र के औरंगाबाद में प्रारंभ पांच दिवसीय राष्ट्रीय अंतरशालेय टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने एक स्वर्ण, चार रजत और नौ कांस्य पदक सहित कुल १४ पदक हासिल किए।
३१ जनवरी :-छत्तीसगढ़ के वेटलिफ्टर श्री रूस्तम सारंग ने ढाका(बांग्लादेश) में आयोजित सैफ गैम्स के अंतर्गत आयोजित वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया।
५ फरवरी :-खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सुश्री लता उसेंडी ने यहां रायपुर में माधव राव सप्रे स्कूल में छत्तीसगढ़ खेल मड़ई का शुभारंभ किया। इस खेल प्रतियोगिता के अंतर्गत गेड़ी, पिट्टुल जैसे ग्रामीण खेलों का आयोजन किया गया। '
२० फरवरी :-आदिवासी बहुल बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर में जिला प्रशासन के सहयोग से जिला ओलम्पिक संघ कुश्ती संघ और स्टेडियम कमेटी द्वारा आयोजित दो दिवसीय एशियाई कुश्ती महादंगल का शुभारंभ।
१८ मार्च :-     मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर के समिति कक्ष में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन एवं तैयारियों की प्रारंभिक और महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में उन्होंने राज्य में पहली बार २०१२-१३ में होने वाले राष्ट्रीय खेलों के भव्य, व्यवस्थित और सफल आयोजन के लिए व्यापक प्रबंध करने पर जोर दिया।
३० मार्च :-छत्तीसगढ़ में ३७वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ सदन में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की उपस्थिति में 'मेजबान शहर अनुबंध' पर हस्ताक्षर किए गए। इस अनुबंध के अनुसार २०१२-१३ के राष्ट्रीय खेल छत्तीसगढ़ में आयोजित किए जाएंगे।
९ मई :-खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सुश्री लता उसेंडी की अध्यक्षता में राजधानी रायपुर में ३७वें राष्ट्रीय खेलों और राष्ट्रमंडलीय खेलों की क्वीन्स बैटन रिले के आगमन की तैयारियों के संबंध में संकल्प संगोष्ठी का आयोजन किया गया।



२२ जुलाई :-मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ का अध्यक्ष मनोनीत किया गया।
१० अगस्त :- राष्ट्रमण्डलीय खेलों का इतिहास ,उपलब्धयो  और सदस्य देशों के बीच आपसी सद्भावना का संदेश लेकर कामनवेल्थ एक्सप्रेस राजधानी रायपुर पहुंची।
१२ अगस्त :-मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रमंडलीय खेलों के क्वीन्स बैटन रिले के प्रदेश दौरे का राजधानी रायपुर से शुभारंभ किया।
१८ अगस्त :-मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ की साधारण सभा की प्रथम बैठक में घोषणा की कि राष्ट्रमंडलीय खेलों में स्वर्ण पदक हासिल करने पर आठ लाख रूपए, रजत पदक जीतने पर छह लाख रूपए और कांस्य पदक जीतने पर चार लाख रूपए का पुरस्कार खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से दिया जाएगा। इसी अवसर पर उन्होंने राज्योत्सव २०१० में छत्तीसगढ़ मिनी ओलम्पिक के आयोजन की भी घोषणा की थी, जिसे बाद में छत्तीसगढ़ खेल महोत्सव का नाम दिया गया। १८ अगस्त :- जिला मुख्यालय कबीरधाम (कवर्धा) में शुभारंभ पांच दिवसीय 'दसवीं राज्य स्तरीय जूनियर बैंटमिंटन प्रतियोगिता' का शुभारंभ, जिसमें राज्य के लगभग १५४ खिलाड़ियों ने भाग लिया।
 २९ अगस्त :- मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती पर राजधानी रायपुर में खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ के ३५५ सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को वर्ष २००९-१० के राज्य स्तरीय खेल अलंकरणों सहित विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया।
९ नवम्बर :-स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में नवीन विश्राम भवन रायपुर में 'पंचायत युवा क्रीड़ा एवं खेल अभियान' (पायका) पर राज्य स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन।
११ नवम्बर :- खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सुश्री लता उसेंडी की अध्यक्षता में मंत्रालय में पायका (पंचायत युवा क्रीड़ा एवं खेल अभियान) की राज्य स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गयी।
१ दिसम्बर :-खेल मंत्री सुश्री लता उसेंण्डी ने राजधानी रायपुर के नजदीक ग्राम परसदा स्थित अंतराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बी.सी.सी.आई.) की प्रदेश इकाई छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ द्वारा आयोजित एसोसिएट मेम्बर्स टूर्नामेन्ट के उद्धाटन मैच का शुभारंभ किया। इस टूर्नामेन्ट में देश के सात राज्यों -मेघालय, छत्तीसगढ़, अरूणालच प्रदेश, मणिपुर, बिहार, सिक्किम और नागालैण्ड ने भाग लिया।'
६ दिसम्बर :-जिला मुख्यालय राजनांदगांव में आयोजित ३६वें राष्ट्रीय महिला खेल के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की महिला बास्केटबॉल टीम ने स्वर्ण पदक हासिल किया।
७ दिसम्बर :- छत्तीसगढ़ राज्य शासकीय सेवा में उत्कृष्ट खिलाड़ी भर्ती नियम-२०१० जारी।
१० दिसम्बर :- मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से ३६वें राष्ट्रीय महिला खेलों में स्वर्ण पदक विजेता बनी छत्तीसगढ़ महिला बास्केटबॉल टीम ने रायपुर में की मुलाकात। मुख्यमंत्री ने दी बधाई।
 ११ दिसम्बर :- मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रायपुर में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय खेल महोत्सव का शुभारंभ किया। इस खेल महोत्सव में प्रदेश भर के लगभग साढ़े चार हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया।

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