31 जनवरी, 2011

लड़कियां बास्केटबाल में नंबर वन



खेल के प्रति लगनशीलता ज्यादा होने
 की वजह से लड़कों से आगे : चंदर मोहन
रायपुर ३१ जनवरी, २०११.  भारतीय बास्केटबाल फेडरेशन के तकनीकी कमिशन के कन्वीनर चंदर मोहन का मानना है कि छत्तीसगढ़ की लड़कियों का बास्केटबाल में कोई जवाब नहीं है और इसका पूरा श्रेय कोचिंग व खिलाड़ियों को मिल रही सुविधाओं को जाता है। उन्होंने कहा कि लड़कियों में किसी भी काम के प्रति लगनशीलता ज्यादा होती है। इसलिए वे आगे रहती हैं।
राजधानी में अगले माह 10 फरवरी से आयोजित हो रहे फेडरेशन कप बास्कटेबाल प्रतियोगिता के लिए सुविधाओं का जायजा लेने आए चंदर मोहन ने राजधानी से रवाना होने से पूर्व इनडोर स्टेडियम की काफी तारीफ की। उन्होंने नेशनल लुक से कहा कि काफी बेहतर स्टेडियम है और यदि किसी राज्य को राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए इनडोर स्टेडियम मिल रहा है तो यह काफी अहम बात है। इससे खिलाड़ियों को काफी लाभ मिलेगा। भारतीय बास्केटबाल संघ की तकनीकी कमिशन के कन्वीनर चंदर मोहन ने यह भी कहा कि बास्केटबाल में आउटडोर में अ•यास करने के बाद इनडोर में मुकाबले खेलने में खिालड़ियों का खेल काफी प्रभावित होता है। कई तकनीकी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ की लड़कियां देशभर में इस खेल में नंबर वन पर हैं। इसकी वजह नियमित कोचिंग और अ•यास के साथ सुविधाएं भी हैं। उन्होंने इस  बात पर ज्यादा जोर नहीं दिया कि बास्केटबाल में लंबे खिलाड़ियों की कमी से किसी टीम पर कोई प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि खिलाड़ी लंबा न भी हो तो उसका फुटवर्क, बेसिक फंडामेंटल मजबूत होना चाहिए। यदि कोई खिलाड़ी लंबा है और उसका बेसिक फंडामेंटल नहीं है तो उसका टीम को कोई विशेष लाभ नहीं मिलेगा। चंदर मोहन दिल्ली बास्कटेबाल संघ के संरक्षक भी हैं। उन्होंने लंबे खिलाड़ियों को लेकर यह भी कहा कि लंबाई से एडिशनल फायदा मिलता है और लंबे खिलाड़ियों को तकनीकी रूप से भी मजबूत होना चाहिए।

फेडरेशन कप में उम्मीदें लड़कियों से
राजधानी में 10 फरवरी से आयोजित होने वाली 25वीं आईएमजी रिलायंस फेडरेशन कप नशनल बास्केटबाल चैंपियनशिप की तैयारियां जारी  हैं। इस प्रतियोगिता के लिए भिलाई के पंत स्टेडियम में कैंप का आयोजन किया गया है जिसमें महिला और पुरुष दोनों वर्ग के खिलाड़ी कड़ा अभ्यास कर रहे हैं। टीम की घोषणा शीघ्र की जाएगी।
छत्तसगढ़ बास्केटबाल संघ के सचिव और अंतरराष्ट्रीय कोच राजेश पटेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ की महिला और पुरुष दोनों टीमों की घोषणा आयोजन के तीन दिन पूर्व यानी 7 फरवरी तक घोषित कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि फेडरेशन कप के लिए घोषित होने वाली दोनों टीमें 34वें नेशनल गेम्स में भी हिस्सा लेंगी। दोनों बड़ी स्पर्धाओं के लिए एक साथ टीम की घोषणा की जाएगी। फेडरेशन कप की महिला टीमों में मेजबान छत्तीसगढ़ सहित दक्षिण रेलवे चेन्नई, दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल और पंजाब तथा पुरुष वर्ग में वेस्टर्न रेलवे मुंबई, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तराखंड, सर्विसेस, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश व मेजबान छत्तीसगढ़ शामिल है। पिछले फेडेरशन कप में महिला वर्ग में दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर की टीम विजेता थी। छत्तीसगढ़ की टीम इसलिए खिताब तक नहीं पहुंच सकी थी क्योंकि शीर्ष खिलाड़ी रेलवे का प्रतिनिधित्व कर रहीं थीं। श्री पटेल के मुताबिक फेडरेशन कप में महिला वर्ग में खिताब की पूरी उम्मीद है क्योंकि इस वर्ष बिलासपुर रेलवे फेडरेशन कप में शामिल नहीं है और ऐसे में रेलवे की राज्य की अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी छत्तीसगढ़ का ही प्रतिनिधित्व करेंगी। पुरुष वर्ग में सेमीफाइनल तक पहुंचने की उम्मीद है। छत्तीसगढ़ की संभावित टीमों के खिलाड़ियों में महिला वर्ग में  अंजु लकड़ा, सीमा सिंह, भारती नेताम, एम पुष्पा, आकांक्षा सिंह, अरुणा किंडो, एल दीपा, शोषण तिर्की, निकिता गोदामकर, कविता (रेलवे बिलासपुर), कविता, जेलना जोस, रंजीता कौर, पुष्पा निषाद (बीएसपी), पूजा देशमुख (रायपुर), मुख्य प्रशिक्षक राजेश पटेल, सहायक प्रशिक्षक इकबाल अहमद खान, सरजीत चक्रवर्ती, एमवीवीजे सूर्यप्रकाश (बीएसपी) शामिल हैं। पुरुष वर्ग में  अजय प्रताप सिंह, अंकित पाणिग्रही, पवन तिवारी, समीर राय, के राजेश कुमार (बीएसपी), किरणपाल सिंह, लुमेंद्र साहू, मनोज सिंह, शिवेंद्र निषाद, श्रवण कुमार (रेलवे बिलासपुर), आशुतोष सिंह, जानक रानाथ कुमार, आनंद सिंह (दुर्ग), पुष्पांक (राजनांदगांव), मुख्य प्रशिक्षक आरएस गौर, सहायक प्रशिक्षक एस दुर्गेश राजु (बीएसपी), विपिन बिहारी सिंह (बिलासपुर) शामिल हैं। इन्हीं खिलाड़ियों में से टीम का गठन किया जाएगा।

जंप रोप में छत्तीसगढ़ को दूसरा स्थान


रायपुर, ३१ जनवरी, २०११.  जंप रोप एसोसिएश्न उड़ीसा और जंप रोप फेडरेशन आफ इंडिया की मेजबानी में उड़ीसा में खेली गई सातवीं सीनियर नेशनल जंप  रोप प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ ने 9 स्वर्ण, 9 रजत और 7 कांस्य  पदक हासिल कर दूसरा स्थान हासिल किया। छत्तीसगढ़ को 94 अंक मिले। 105 अंकों के साथ गुजरात पहले और 64 अंकों के साथ  हरियाणा तीसरे स्थान पर रही। छत्तीसगढ़ के लिए सबसे ज्यादा पदक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी राजदीप सिंग ने हासिल किया। राजदीप ने 30 सेकंड स्पीड, ट्रिपल अंडर, इंडोरेंस 3 मिनट और फ्रीस्टाइल में पदक हासिल किए। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने टीम इवेंट में भी  बेहतर खेल का प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ की टीम ने 30 सेकंड स्पीड के साथ फ्रीस्टाइल, ट्रिपल अंडर और डबल टच में हिस्सा लिया। टीम में राजदीप सिंग हरगोत्रा, अनुभव, अभीजीत, रक्षक, अमन ध्रुव, हिमांश्, अनुराग भट्टाचार्य, सत्यम तोलानी, यश रूपरेला, विनय, शिखर, अंकित तिग्गा, प्रवीण कुकरेजा, उत्कर्ष त्रिपाठी, दिव्यांश झा, प्रवीण शर्मा, शंकर, हर्ष, चंदनलाल, करण पटेल, जगमोहन, अविनाश नाग, महिला वर्ग में प्रभजोत कौर, धनिष्का, ओमकेश्वरी प्रधान, मृदुल चंद्राकर, अंजली साहू, स्वर्णमुखी, अनिता साहू, अम्बा साहू शमिल थे।

28 जनवरी, 2011

मुफ्त में नहीं मिलेगा इनडोर



एक दिन का लगेगा सवा लाख रुपए, जिला स्तर
 पर भी प्रतियोगिता का आयोजन संभव नहीं
: प्रदेशभर के खेल जगत को बहुप्रतिक्षित इनडोर स्टेडियम के पूर्ण होने और यहां खेलों की शुरुआत करने का इंतजार था। हालांकि उनका इंतजार तीन फरवरी को खत्म हो जाएगा जब इसका उद्घाटन होगा। लेकिन खेल जगत को यह जानकर खुशी नहीं होगी कि इसका एक दिन का किराया करीब सवा लाख रुपए लिया जाएगा। ऐसे में यहां इनडोर खेलों की राज्य और राष्ट्रीय स्तर की बात तो छोड़िए  जिला स्तर पर भी प्रतियोगिताएं आयोजित नहीं की जा सकती। प्रदेश के खेल संघों को उतना अनुदान नहीं मिलता जितनी यहां एक दिन की फीस है। खिलाड़ियों को सिर्फ अ•यास के लिए स्टेडियम मुहैया कराया जाएगा।

रायपुर, २७ जनवरी, २०११.  राजधानी के बहुप्रतिक्षित इनडोर स्टेडियम का उद्घाटन 3 फरवरी को किया जा रहा है। 25 करोड़ की लागत वाले इस स्टेडियम के उद्घाटन समारोह की तैयारियों को लेकर निगम आयुक्त ओपी चौधरी ने गुरुवार को इनडोर का निरीक्षण किया। इस दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि स्टेडिमय का उद्घाटन मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि स्टेडियम में एक दिन के आयोजन का करीब सवा लाख रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। फीस लिए बिना स्टेडियम देना संभव नहीं होगा क्योंकि यहां एसी सहित कई और भी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। हालांकि खिलाड़ियों को अभयास के लिए स्टेडियम दिया जाएगा लेकिन एसी चालू नहीं रहेगी। सवा लाख रुपए की फीस खेल जगत के गले नहीं उतर रही है क्योंकि ऐसी स्थिति में यहां जिला स्तर पर भी प्रतियोगिताओं का आयोजन नहीं किया जा सकता। जिला स्तर पर ही जिला खेल सघों को खेल विभाग सिर्फ 10 हजार रुपए का बजट देता है। राज्य स्तर पर 50 हजार रुपए और राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा के लिए एक लाख रुपए का बजट निर्धारित है। खेल संघों के लिए यहां आयोजन कराना सं•ाव नहीं हो सकेगा। मौजूदा समय में खेल विभाग की संयुक्त मेजबानी में राज्य स्तरीय खेल स्पर्धाओं का आयोजन होता है और विभाग करीब पांच से छह लाख रुपए खर्च करता है। इसमें टीमों का यात्रा व्यय, भोजन व्यय, अवास, किराया भडार सहित पूरा व्यय शामिल रहता है और ये स्पर्धाएं चार से पांच दिनों तक चलती हैं। यदि इन्हीं स्पर्धाओं को इनडोर में कराया जाएगा तो पूरा बजट ही किराए में चला जाएगा। खिलाड़ियों को भूखे रहना पड़ेगा और रहने के लिए राजधानी की सड़कें होंगी। हाल ही में अखिल भारतीय हिंद चैंपियन फुटबाल प्रतियोगिता के उद्घाटन समरोह के दौरान महापौर किरणमयी नायक ने भी पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा था कि बताया था कि इनडोर का करीब सवा लाख रुपए प्रतिदिन का किराया निर्धारित किया जाएगा जिससे स्टेडियम का मेंटेनेंस किया जाएगा। बहरहाल 3 फरवरी को होने वाले उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह होंगे। अध्यक्षता विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष रविंद्र चौबे करेंगे। विशेष अतिथि लोक निर्माण मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मूणत, महापौर किरणमयी नायक होंगी। उद्घाटन समारोह के पूर्व युवाओं के बीच तीन दिवसीय डांय प्रतियोगिता का आयोजन शहीद स्मारक में 30 जनवरी से 1 फरवरी तक किया जाएगा।
15 साल पहले शुरू हुआ था काम
इनडोर स्टेडियम के लिए पूर्व महापौर स्वर्गीय बलबीर जुनेजा के कार्यकाल में 30 सितंबर 1996 को 6 करोड़ 84 लाख 20706 रुपए का संकल्प पारित हुआ था। इसके बाद वर्ष 2006 में 2162 लाख रुपए की स्वीकृति नगरीय प्रशासन वि•ााग द्वारा दी गई थी। इस स्टेडियम का पूर्व में अनुबंध 11 जून 1996 को ठेकेदार पीडी अग्रवाल से किया गया था। इनडोर स्टेडियम का काम 31 मार्च 1998 से 2000 तक रुक-रुक कर चलता रहा। दिसंबर 2003 से काम बंद हो गया था। जुलाई-अगस्त 2008 में फिर से काम शुरू हुआ। वर्तमान में इनडोर स्टेडियम में पार लाइटिंग फ्लोरिंग एंड इंस्टालेशन का काम अंतिम चरण पर है।

एक नजर
0. कुल लागत : 21. 5 करोड़ रुपए
0. निर्माण कार्य की स्वीकृति : 3 करोड़, वर्ष 2005-06, 7.29 करोड़, मार्च 2009, कुल राशि : 10.29 करोड़
0. अब तक निर्माण कार्य : 21.50 करोड़
0. निर्माण के लिए : 17.5 करोड़
0. एयर कडिंशनिंग के लिए : 2.281 करोड़
0. सब स्टेशन के लिए : 0.84 करोड़
0. चिलर प्लांट के लिए 0.1682 करोड़
0. एरिना लाइटिंग के लिए : 0.38 करोड़
0. साइड डेवलपमेंट के लिए : 0.40 करोड़
सुविधाएं : पूरी तरह वातानुकुलित
दर्शक क्षमता : 5000
ये होंगे खेल : बैडमिंटन, वालीबाल, बास्केटबाल, टेबल टेनिस सहित  सभी तरह के इनडोर खेल।

27 जनवरी, 2011

पी सालोमन को बेस्ट पोजर का खिताब


छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय बाडी बिल्डिंग में चार पदक
छत्तीसगढ़ पुलिस के पि सालोमन (बाएं), अभिनेता मुकेश ऋषि, संजय शर्मा.
रायपुर, २७ जनवरी, २०११.  मुंबई में खेली गई 59वीं नेशनल एमेच्योर शरीर सौष्ठव प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ पुलिस के अंतरराष्ट्रीय बाडी बिल्डर पी सालोमन के पास भारत श्री के खिताब की हैट्रिक बनाने का मौका था लेकिन यह खिताब महाराष्ट्र की झोली में चला गया। सालोमन ने बेस्ट पोजर का खिताब जरूर हासिल किया। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ ने चार पदक हासिल किए।
छत्तीसगढ़ एमेच्योर शरीर सौष्ठव संघ के सचिव और अंतरराष्ट्रीय निर्णाक संजय शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ की टीम ने एक स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक हासिल किए। छत्तीसगढ़ के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी पी सालोमन ने एक स्वर्ण, एक रजत और सुमित चौधरी ने दो कांस्य पदक हासिल किया। सालोमन ने 56वीं और 57वीं राष्ट्रीय शरीर सौष्ठव प्रतियोगिता में •ाारत श्री का खिताब हासिल किया था। सालोमन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का प्रतिनिधित्व किया है। पिछले साल उन्होंने जर्मर्नी की मिस्टर वर्ल्ड बाडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। हालांकि वे खिताब तक नहीं पहुंच सके लेकिन टाप सिक्स में स्थान बनाने में सफल जरूर हुए थे। बहरहाल पीटीआई की वेबसाइस से मिली जानकारी के मुताबिक भारत श्री के खिताब पर महाराष्ट्र के महाराष्ट्र के महेश दत्तात्रेय पाटिल ने कब्जा जमाया। इसके अलावा महाराष्ट्र ने टीम चैंपियनशिप का खिताब  हासिल किया। महाराष्ट्र ने 46 अंक हासिल किए। 15 अंकों के साथ कर्नाटक की टीम दूसरे स्थान पर रही। पी सालोमन ने •ाारत श्री के वर्ग में बेस्ट पोजर और बेस्ट मस्कुलर मेन का खिताब हासिल किया।

25 जनवरी, 2011





  फेडरेशन कप होगा नेशनल गेम्स का पूर्वाभ्यास
देश की टाप महिला-पुरुष टीमें झारखंड में भी दिखाएंगी जौहर
 झारखंड में 12 फरवरी से आयोजित होने वाले 34वें नेशनल गेम्स में सभी की नजरें टिकी रहेंगी बास्केटबाल पर क्योंकि इस खेल में छत्तीसगढ़ से पदक की पूरी उम्मीद है और वह भी महिला टीम से। झारखंड में क्या होगा यह तो समय के हाथों निहित है लेकिन इसका सही अनुमान अगले माह 10 फरवरी से आयोजित होने वाले फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता से लगाना संभव हो सकेगा। फेडरेशन कप दरअसल नेशनल गेम्स का ही पूर्वाभ्यास होगा। क्योंकि इसमें वही टाप एट टीमें हिस्सा ले रही हैं जो नेशनल गेम्स में भी हिस्सा लेंगी। ऐसे में छत्तीसगढ़ को पदक मिलता है या नहीं या फिर कहां कमजोर साबित होंगे, इन सारी बातों का खुलासा हो जाएगा

रायपुर, २५ जनवरी, २०११.  राजधानी में अगले माह 10 फरवरी से आयोजित होने वाले फेडरेशन कप बास्केटबाल टूर्नामेंट की तैयारियां जारी हैं। इस प्रतियोगिता में मेजबान छत्तीसगढ़ की महिला और पुरुष दोनों टीमें हिस्सा ले रही हैं। छत्तीसगढ़ की पुरुष टीम को राज्य निर्माण के इस एक दशक में पहली बार फेडरेशन कप के लिए पात्रता मिली है। पिछले साल लुधियाना की सीनियर नेशनल बास्केटबाल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ की पुरुष टीम ने सातवां स्थान हासिल कर फेडरेशन कप और नेशनल गेम्स की पात्रता हासिल की। छत्तीसगढ़ बास्कटेबाल संघ के सचिव और बास्केटबाल के अंतरराष्ट्रीय कोच राजेश  पटेल के मुताबिक 25वीं आईएमजी रिलायंस फेडरेशन कप नशनल बास्केटबाल चैंपियनशिप  एक तरह से झारखंड के 34वें नेशनल गेम्स का पूर्वाभ्यास होगा। फेडरेशन कप में उन्हीं शीर्ष आठ टीमों को इंट्री मिलती है जो सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में अंतिम आठ तक पहंचती हैं। इसी तरह नेशनल गेम्स में भी उन्हीं शीर्ष आठ टीमों को पात्रता मिलती है जो सीनियर नेशनल के अंतिम आठ तक पहुंचती है। श्री पटेल के मुताबिक झारखंड नेशनल गेम्स और फेडरेशन कप के लिए टीमों की घोषणा शीघ्र की जाएगी। जो टीम फेडरेशन कप खेलेगी वही टीम नेशनल गेम्स में भी हिस्सा लेगी। दोनों बड़ी स्पर्धाओं के लिए एक बार ही टीम घोषित की जाएगी। उन्होंन बताया कि नेशनल गेम्स में रेलवे को पात्रता नहीं मिलती लेकिन रेलवे की टीमें सीनियर नेशनल और फेडरेशन कप खेलती हैं। आल इंडिया इंटर रेलवे की विजेता महिला और पुरुष टीम को फेडरेशन कप की पात्रता दी जाती है। फेडरेशन कप के बाद नेशनल गेम्स में जो राज्य मेजबान होता है उसे आठवां स्थान दिया जाता है। फेडरेशन कप की महिला टीमों में मेजबान छत्तीसगढ़ सहित दक्षिण रेलवे चेन्नई, दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल और पंजाब तथा पुरुष वर्ग में वेस्टर्न रेलवे मुंबई, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तराखंड, सर्विसेस, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश व मेजबान छत्तीसगढ़ शामिल है। पिछले फेडेरशन कप में महिला वर्ग में दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर की टीम विजेता थी। छत्तीसगढ़ की टीम इसलिए खिताब तक नहीं पहुंच सकी थी क्योंकि शीर्ष खिलाड़ी रेलवे का प्रतिनिधित्व कर रहीं थीं। श्री पटेल के मुताबिक फेडरेशन कप में महिला वर्ग में खिताब की पूरी उम्मीद है क्योंकि इस वर्ष बिलासपुर रेलवे फेडरेशन कप में शामिल नहीं है और ऐसे में रेलवे की राज्य की अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी छत्तीसगढ़ का ही प्रतिनिधित्व करेंगी। पुरुष वर्ग में सेमीफाइनल तक पहुंचने की उम्मीद है।

प्रत्येक टीम खेलेगी तीन-तीन मैच
फेडरेशन कप में लीग कम नाकआउट आधार पर मुकाबले खेले जाएंगे और महिला व पुरुष वर्ग में दो पूल  बनाए जाएंगे। 10 फरवरी से 13 फरवरी तक लीग के मुकाबले खेले जाएंगे। लीग में प्रत्येक टीमों को एक-दूसरे के खिलाफ तीन-तीन मुकाबले खेलने होंगे। इसके बाद 14 को सेमीफाइनल मुकाबले होंगे। 15 फरवरी को फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। फेडरेशन कप के बाद छत्तीसगढ़ की टीमें झारखंड नेशनल गेम्स के लिए रांची के लिए रवाना हो जाएंगी।

ये होंगी टीमें
महिला : दक्षिण रेलवे चेन्नई (पिछले साल की आल इंडिचा इंटर रेलवे चैंपियन), दिल्ली, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, पंजाब।
पुरुष : : वेर्स्टन रेलवे मुंबई (पिछले साल की आल इंडिया इंटर रेलवे चैंपियन),  पंजाब, तमिलनाडु, उत्तराखंड, सर्विसेस, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़।

छत्तीसगढ़ की संभावित टीमों के खिलाड़ी
महिला : अंजु लकड़ा, सीमा सिंह, भारती नेताम, एम पुष्पा, आकांक्षा सिंह, अरुणा किंडो, एल दीपा, शोषण तिर्की, निकिता गोदामकर, कविता (रेलवे बिलासपुर), कविता, जेलना जोस, रंजीता कौर, पुष्पा निषाद (बीएसपी), पूजा देशमुख (रायपुर), मुख्य प्रशिक्षक राजेश पटेल, सहायक प्रशिक्षक इकबाल अहमद खान, सरजीत चक्रवर्ती, एमवीवीजे सूर्यप्रकाश (बीएसपी)।
पुरुष : अजय प्रताप सिंह, अंकित पाणिग्रही, पवन तिवारी, समीर राय, के राजेश कुमार (बीएसपी), किरणपाल सिंह, लुमेंद्र साहू, मनोज सिंह, शिवेंद्र निषाद, श्रवण कुमार (रेलवे बिलासपुर), आशुतोष सिंह, जानक रानाथ कुमार, आनंद सिंह (दुर्ग), पुष्पांक (राजनांदगांव), मुख्य प्रशिक्षक आरएस गौर, सहायक प्रशिक्षक एस दुर्गेश राजु (बीएसपी), विपिन बिहारी सिंह (बिलासपुर)।

नजरें स्वर्ण पर
2002 के हैदराबाद नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ की महिला टीम ने   स्वर्ण पदक हासिल किया था। राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ ने पहली बार नेशनल गेम्स का स्वर्ण पदक बास्केटबाल में हासिल किया था। इसके बाद 2007 के असम नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ की महिला टीम ने रजत पदक हासिल किया था। इस साल राज्य की टीम से स्वर्ण पदक की उम्मीद की जा रही है। इसके लिए टीम से कड़ा अभ्यास भी कराया जा रहा है। प्रदेश संघ ने संभावित टीम घोषित कर दी है। महिला टीम में 16 लड़कियां शामिल हैं। इनके लिए भिलाई  के पंत स्टेडियम में 20 जनवरी से एक फरवरी तक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है।

24 जनवरी, 2011


  मिशन 34वां नेशनल गेम्स शुरू
234 खिलाड़ियों अधिकारियों का दल लेगा झारंखंड नेशनल गेम्स में हिस्सा
झारखंड में 12 फरवरी से आयोजित होने वाले 34वें नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ से कुल 234 खिलाड़ियों व अधिकारियों का दल हिस्सा लेगा। रविवार को मिशन नेशनल गेम्स की औपचारिक शुरुआत हो गई। खेल मंत्री लता उसेंडी ने नेशनल गेम्स के लिए लगाए गए कैंप का यहां न्यू सर्किट हाऊस में उद्घाटन किया।
झारखंड नेशनल गेम्स में कुल 18 खेलों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। इनमें एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबाल, हैंडबाल, एक्वेटिक्स, जिम्नास्टिक, कराते डू, शूटिंग, फेंसिंग, कुश्ती, टेबल टेनिस, खो-खो, आरचरी, बाक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, केनोइंग एंड क्याकिंग, ट्रायथलान और स्क्वैश शामिल है। कुल 97 पुरुष खिलाड़ियों, 57 महिला खिलाड़ियों, 32 प्रशिक्षक और 19 प्रबंधकों सहित 234 खिलाड़ियों व अधिकारियों का दल हिस्सा लेगा। यहां सर्किट हाऊस में नेशनल गेम्स के कैंप के उद्घाटन के दौरान स•ाी सं•ाावित खिलाड़ियों ने अपना-अपना परिचय दिया। इस दौरान खेल संचालक जीपी सिंह, उपसंचालक खेल ओपी शर्मा,  छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव बशीर अहमद खान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुरुचरण सिंह होरा, मोहम्मद अकरम खान, कैलाश मुरारका, राजेश पटेल सहित प्रदेश ओलंपिक संघ के कई पदाधिकारी, राज्य खेल संघों के पदाधिकारी और खिलाड़ी मौजूद थे।


फेडरेशन कप से चमकेगी तकदीर


बास्केटबाल के इंडिया कैंप के लिए खुलेंगे दरवाजे
राज्य निर्माण के दस साल पूरे होने की खुशी में मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह की बास्केटबाल का बड़ा टूर्नामेंट कराने की घोषणा ने राजधानी की तकदीर चमका दी है। राजधानी के इनडोर स्टेडियम में अगले माह 10 फरवरी से होने वाले फेडरेशन कप बास्केटबाल टूर्नामेंट के बहाने हाईड्रोलिक पोल, इलेक्ट्रानिक पोल और 24 सेकंड आपरेटर जैसी सुविधाएं मुहैया हो जाएंगी। इससे भविष्य में यहां न केवल इंडिया कैंप का आयोजन किया जा सकेगा बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर बास्केटबाल की स्पर्धाएं भी आयोजित हो सकेंगी
रायपुर, 23 जनवरी, 2011. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ ओल्ंपिक संघ का अध्यक्ष बनने के बाद राज्य निर्माण के दस साल पूर्ण होने के मौके पर राज्य खेल उत्सव के साथ-साथ क्रिकेट या बास्केटबाल के बड़े टूर्नामेंट का आयोजन करने की घोषणा की थी। इस घोषणा पर खेल संचालनालय और छत्तीसगढ़ बास्केटबाल संघ ने अमल करते हुए बास्केटबाल फेडरेशन से टूर्नामेंट की मेजबानी लेने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मापदंड के खेल उपकरणों की सुविधा भी हासिल कर ली।
राजधानी में अगले माह 10 फरवरी से 25वीं आईएमजी रिलायंस फेडरेशन कप नशनल बास्केटबाल चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता की मेजबानी लेने से लेकर महंगे खेल उपकरणों की व्यवस्था दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले खेल संचालक जीपी सिंह के मुताबिक फेडरेशन कप का आयोजन राजधानी में पहली बार किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता की बेहतर तैयारियां की जा रही हैं। इस प्रतियोगिता के माध्यम से हाईड्रोलिक पोल, इलेक्ट्रानिक स्कोर बोर्ड और 24 सेकंड आपरेटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी। हाईड्रोलिक पोल इडोर स्टेडियम में लगाया जाएगा जो आटोमेटिक रहेगा। टूर्नामेंट के दौरान बटन दबाते ही पोल खड़ा हो जाएगा जिस पर बोर्ड लगाकर मुकाबले खेले जाएंगे। टूर्नामेंट समाप्त होने पर पोल वापस आसानी से निकाला जा सकता है जिससे दूसरे खेलों के आयोजन हो सकें। इसी तरह इलेक्ट्रानिक मीटर बोर्ड भी बटन से काम करेगा। बास्केटबाल के राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में 24 सेकंड आपरेटर सिस्टम की भी काफी अहम भूमिका रहती है। मैच के दौरान किसी भी टीम के खिलाड़ी के पास 24 सेकंड से ज्यादा बाल नहीं रहती वरन, विरोधी टीम को बाल थ्रो मिल जाता  है। इसकी निगरानी 24 सेकंड आपरेटर करता है। राज्य बास्केटबाल संघ के सचिव और अंतरराष्ट्रीय कोच राजेश पटेल के मुताबिक राज्य सरकार का यह काफी अहम कदम है। इस प्रतियोगिता के मुकाबले यहां इनडोर स्टेडियम में खेले जाएंगे। इसके लिए इनडोर स्टेडियम में ये उपकरण लगाए जाएंगे। श्री पटेल के मुताबिक देश के कई राज्यों में ये सुविधाएं हैं और वहां इन्ही सुविधाओं की वजह से न केवल इंडिया कैंप का आयोजन होता है बल्कि राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाएं भी होती हैं। इनडोर स्टेडियम की सुविधा मिलने के साथ-साथ आधुनिक खेल उपकरण मिलने से यहां भी इंडिया कैंप व राष्ट्रीय स्पर्धाओं का आयोजन हो सकेगा। दूसरी तरफ खेल सूत्रों का कहना है कि राजधानी के इनडरो स्टेडियम का उद्घाटन संभवत: इस माह 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर किया जा सकता है।
इनडोर की होगी पहली राष्ट्रीय प्रतियोगिता
फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता इनडोर स्टेडियम की पहली राष्ट्रीय प्रतियोगिता होगी। इस स्टेडियम का निर्माण पिछले साल हो गया होता तो यहां वालीबाल का बड़ा टूर्नामेंट आयोजित किया जाता। बहरहाल इनडोर स्टेडियम के आबंटन के लिए प्रदेश बास्केटबाल संघ के पदाधिकारियों ने निगम आयुक्त से मुलाकात भी की। संघ के पदाधिकारियों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन मिला है। 

22 जनवरी, 2011

नेशनल में खिताब की उम्मीद


59वीं राष्ट्रीय शरीर सौष्ठव प्रतियोगिता के मुकाबले मुंबई में



रायपुर, २१ जनवरी, २०११. । मुंबई के थाणे में 59वीं राष्ट्रीय शरीर सौष्ठव प्रतियोगिता के मुकाबले कल 22 जनवरी से शुरू हो रहे हैं। इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने छत्तीसगढ़ की टीम मुंबई पहुंच चुकी है। राज्य के खिलाड़ियों से खिताब की उम्मीद की जा रही है। प्रतियोगिता में भारत श्री के खिताब के लिए भी मुकाबले खेले जाएंगे और पी सालोमन से खिताबी हैट्रिक की उम्मीद की जा रही है। पिछले साल भी छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कई खिताब हासिल किए थे।
मुंबई के थाणे में 59वीं राष्ट्रीय शरीर सौष्ठव प्रतियोगिता के मुकाबले 22 से 23 जनवरी तक खेले जाएंगे। इसके लिए राज्य की टीम घोषित कर दी गई है। टीम में दीपक कुमार बेहरा, तालिब खान, ताम्बी स्वामी, सुमित चौधरी, राजकिशोर झा, सुरेंद्र साहू, टोनी जाब सभी रायपुर, देवनाथ, रघुसिंग, ऋतुकुमार, पी सालोमन दुर्ग, कमलेश पटेल राजनांदगांव, गणेश दत्ता बिलासपुर शामिल हैं। राष्ट्रीय स्तर पर पी सालोमन, राजकिशोर झा, सुमित चौधरी का बेहतर प्रदर्शन रहा है। पी सालोमन अंतरराष्ट्रीय बाडी बिल्डर हैं और हाल ही में उन्होंने जर्मनी की मिस्टर वर्ल्ड बाडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है। छत्तीसगढ़ पुलिस के पी सालोमन ने पिछले साल राजधानी में 21 से 22 अगस्त 2010 तक आयोजित हुई 57वीं राष्ट्रीय शरीर  सौष्ठव प्रतियोगिता में लगातार दूसरी बार   भरत श्री के खिताब पर कब्जा जमाया था। इस प्रतियोगिता के पहले दिन तीन खिताब के लिए मुकाबले खेले गए थे जिनमें पश्चिम भारत श्री, भारत उदय और भररत केसरी के खिताब शामिल थे। सभी की नजरें टिकी थीं भारत श्री के खिताब पर और इस खिताब के लिए छत्तीसगढ़ के अंतरराष्ट्रीय बॉडी बिल्डर पी सोलमन पर नजरें टिकी हुईं थीं। सालोमन ने पहले दिन ही पश्चिम भारत श्री का खिथाब हासिल कर राज्य को राष्ट्रीय स्पर्धा में गौरवान्वित कर दिया था। सालोमन से उम्मीद की जा रही थी कि वे पश्चिम भारत श्री के साथ-साथ भारत श्री का खिताब भी अपनी झोली में डालें। सालोमन ने इन उम्मीदों पर खरा उतरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सालोमन ने बेहतरीन अंदाज में अपनी मांसपेशियों का जौहर दिखाया। पी सालोमन ने अपने बेहतरीन खेल जौहर से न केवल भारत श्री का दोहरा खिताब हासिल किया बल्कि छत्तीसगढ़ के बॉडी बिल्डिंग के इतिहास में नया रिकार्ड भी बना दिया। सालोमन से पहले कोई दूसरा बॉडी बिल्डिर एक साथ पश्चिम भारत श्री और भारत श्री का खिताब हासिल करने का रिकार्ड नहीं बना सका है। मुंबई की 59वीं नेशनल में पी सालोमन से खिताब बरकरार रखने की उम्मीद की जा रही है। राजकिशोर झा और सुमित चौधरी भी राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन कर चुके हैं। इस बार इन तीन खिलाड़ियों के अलावा नए खिलाड़ियों से भी खिताब हासिल करने की उम्मीद है। मुंबई नेशनल में भारत श्री, भारत कुमार, भारत उदय, भारत किशोर, भारत केशरी के खिताब के लिए मुकाबले होंगे।
दसवें साल मिले दस पदक

राज्य निर्माण का दसवां साल नेटबाल, बास्केटबाल और लान टेनिस की तरह शरीर सौष्ठव के लिए भी काफी महत्वपूर्ण साबित हुआ। शरीर सौष्ठव के खिलाड़ियों ने पिछले साल की तरह इस साल भी काफी बेहतरीन खेल का प्रदर्शन दिखाया। 57वीं सीनियर नेशनल बाडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ ने खिताब के साथ-साथ दस पदक भी हासिल किए। इस प्रतियोगिता में सालोमन सहित कुल 14 खिलाड़ियों ने छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। इनमें दिनेश ठाकुर, सुमित, भूपेंद्र साहू, फूलचंद साहू, सिद्धार्थ पंडित, अभीजीत चटर्जी, सुमित राय चौधरी, राज किशोर झा, टोनी जाब, सचिन मिश्रा, वीरेंद्र ठाकुर, नरेंद्र  सोनवानी, बृजकिशोर मिश्रा, प्रबंधक कमल शानबाग, कोच तामेश्वर बंजारे प्रमुख रूप से शामिल  थे। भारत केसरी के खिताब के लिए छत्तीसगढ़ के बृजबिहारी मिश्रा ने कांस्य पदक हासिल किया तो नरेंद्र सोनवानी ने बेस्ट आफ फोर में जगह बनाई। भारत श्री के खिताब के लिए हुए मुकाबलों में सुमित और राजकिशोर झा ने रजत पदक हासिल किया जबकि पी सालोमन ने सीधे  स्वर्ण पर निशाना साधा। पश्चिम भारत श्री में छत्तीसगढ़ को दो स्वर्ण और तीन रजत पदक मिले।  टोनी जाब को कांस्य पदक मिला। सचिन मिश्रा इसके पूर्व 2008 में भारत कुमार का खिताब हासिल कर चुके हैं। भारत किशोर के लिए हुए खिताबी मुकाबलों में छत्तीसगढ़ के अभीजीत चटर्जी ने चौथा स्थान हासिल किया।






गांवों में खोजें खेल प्रतिभएँ
चैलेंजेस आफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स पर राष्ट्रीय सेमीनार
रायपुर, २१ जनवरी, २०११.  खेल प्रतिभाएं तो ग्रामीण क्षेत्रों में है लेकिन हम उन्हें खोज नहीं पा रहे हैं। ग्रामीणों को खेल में आगे लाना बेहद जरूरी है। मौजूदा समय में खिलाड़ी उन्हीं खेलों में भाग रहे हैं जिनमें सबसे ज्यादा पैसा है। फिजीकल एजुकेशन की पूरे देश में बाढ़ आ गई है लेकिन क्वालिटी की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यह तमाम बातें साइंस कालेज की मेजबानी में आयोजित चैलेंजेस आफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार के पहले दिन सामने आईं। इस सेमिनार में देशभर के शारीरिक शिक्षा के चुनिंदा विशेषज्ञ अपना व्याख्यान दे रहे हैं और शोध पत्र भी प्रस्तुत कर रहे हैं।
शासकीय नागार्जुन स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय (साइंस कालेज) की मेजबानी में आयोजित इस सेमीनार का उद्घाटन शुक्रवार को सुबह संसदीय सचिव विजय बघेल ने किया। इस अवसर पर श्री बघेल ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि सेमिनार में दो मंत्री (उच्च शिक्षा मंत्री हेमचंद यादव, खेल मंत्री लता उसेंडी) नहीं आए और उन्हे मुख्य अतिथि बनाया गया। उन्होंने का कि बचपन के दिनों में वे खेलों में ज्यादा ध्यान देते थे और यही वजह थी कि बार्डर लाइन में पास होते थे। मौजूदा परिवेश में हर कोई व्यावसायिक हो गया है। यहां तक कि रिश्ते भी व्यवसाय बन गए हैं। लड़की की शादी के लिए लड़का ऐसा खोजेंगे जो ज्यादा कमाई करता हो। खेल में भी व्यवसायिकता आ गई है। खिलाड़ी उन्हीं खेलों में ज्यादा हिस्सा ले रहे हैं जिनमें पैसा ज्यादा है। उन्होंने कहा कि 71 रुपए और 51 रुपए का पहले कबड्डी प्रतियोगिता का नगद पुरस्कार हुआ करता था और हम 40 किलोमीटर दूर तक सायकल से सफर कर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया करते थे। आज वह जुनून देखने को नहीं मिलता। श्री बघेल ने बताया कि इन्हीं चीजों को देखते हुए सरकार प्रयास कर रही है कि उद्योगपति खेलों को गोद लें और खिलाड़ियों के लिए नौकरी की  व्यवस्था करें जिससे उनका जीवन सुरक्षित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल के दिनों में शारीरिक शिक्षा और बागवानी जैसे विषय हुआ करते और इसके  नंबर मिलते थे। आज यह सब नहीं है क्योंकि शिक्षा भी व्यवसायिक हो गई है व्यवहारिक नहीं। इसके पूर्व साइंस कालेज के प्राचार्य केएन बापट और आयोजन सचिव डा. विष्णु कुमार श्रीवास्तव ने अपने विचार रखे। सेमीनार के पहले दिन उद्घाटन अवसर पर प्रमुख व्याख्यान मेजर जनरल शिबनाथ मुखर्जी द्वारा प्रस्तुत किया गया।
 श्री मुखर्जी लक्ष्मीबाई नेशनल यूनिवर्सिटी आफ फिजिकल एजुकेशन के पूर्व कुलपति हैं। उन्होंने अपने व्याख्यान में कहा कि जीवन में कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है जिसमें चैलेंज नहीं होता। हर क्षेत्र में चैलेंज है और फिजीकल एजुकेशन व स्पोर्ट्स में भी चैलेंज है। जरूरत है इस चैलेंज को समझ पाने की। श्री मुखर्जी ने इस  बात पर  ज्यादा जोर दिया कि ग्रामीण इलाकों में  खेल प्रतिभाएं मौजूद  हैं लेकिन हम उन्हें आगे नहीं ला पा रहे हैं। उन्होंने पायका को काफी अच्छी योजना बताते हुए कहा कि इसके बेहतर परिणाम सामने आएंगे। सेमिनार के उद्घाटन अवसर पर वरिष्ठ क्रीड़ाधिकारी सुरेंद्र दुबे का संसदीय सचिव और उनके शिष्य विजय बघेल ने शाल और श्रीफल देकर सम्मान  किया। इस अवसर पर डा. जेएस नरुका (एडवाइजर एवं कंसलटेंट स्पोर्ट्स एवं यूथ अफेयर के पूर्व कुलपति), पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष डा. रीता वेणुगोपाल, डा. सीडी आगाशे, डा. रविंद्र मिश्रा, डा. विपिन शर्मा, डा. आलोक दुबे सहित कई कालेजों के क्रीड़ाधिकारी, खेल विशेषज्ञ और प्राध्यापक मौजूत थे।  इस सेमीनार में देश के ख्यातिप्राप्त खेल विशेषज्ञ, क्रीड़ाधिकारी, खेल प्रशासनिक अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। सेमनीर में शारीरिक क्रीड़ा के वि•िान्न आयामों एवं विषयों पर विचार मंथन किया जाएगा। सेमीनार में शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में मार्डन ट्रेंड, शारीरिक शिक्षा कारीकूलम डिजाइनिंग, अंतरविषय परिचर्चा, शारीरिक शिक्षा एवं स्वस्थ जीवन, महिलाओं में व्यायाम का एंडी एजिंग में महत्व, राष्ट्रीय स्तर पर शारीरिक शिक्षा परिषद का निर्माण एवं सतही स्तर पर शारीरिक शिक्षा एवं खेलों का विकास, क्रीड़ा के क्षेत्र में भारतीय ओलंपिक परिषद की भूमिका, खेलों में शासकीय एवं अशासकीय संस्थाओं की भूमिका, खेलों में महिलाओं की सहभागिता, भारत में साहसिक खेलों के विकास की संभावनाएं, इवेंट मैनेजमेंट एवं पेशे के रूप में तथा स्पोर्ट्स एरगोनाकिम्स   जैसे नवीन विषयों पर  चर्चा की जाएगी।

आज अंतिम दिन
सेमिनार का कल 23 जनवरी को अंतिम दिन होगा। इस दिन भी कई विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। सुबह 9 बजे से 9.30 बजे तक रविवि के शारीरिक शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष डा. रीता वेणुगोपाल, 9.30 से 10 बजे तक आईजीपीई के एसोसिएट प्रोफेसर डा. संदीप तिवारी, 10 बजे से 10.30 बजे तक एलएनयूपीई के प्रोफेसर डा. विवेक पांडेय, 10.30 से 11 बजे तक डा. रिशी त्रिपाठी कानपुर अपने विचार रखेंगे। 11.15 से दूसरा सत्र शुरू होगा जिसमें डा. अमित श्रीवास्तव वाराणसी, डा. चिनप्पा रेडी एनएपीईएसएस हैदराबाद, डा. विष्णु कुमार श्रीवास्तव रायपुर अपने विचार रखेंगे। दोपहर 2 बजे से ओरल प्रजेंटेशन के बाद ओपन सेशन और फिर शाम चार बजे के बाद सेमिनार का समापन होगा।
स्पोर्ट्स ला से मिलेगा खिलाड़ियों को न्याय

देश के खेल जगत में जल्द ही स्पोर्ट्स ला भी लागू हो जाएगा जो खिलाड़ियों को न केवल न्याय दिलाएगा बल्कि खेल विवाद से संबंधित मुद्दों को भी सुलझाएगा। यह जानकारी चैलेंजेस आफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में हिस्सा लेने आए अधिवक्ता डा. अमरेश कुमार ने दी। वे एशियन काउंसिंल आफ स्पोर्ट्स आर्बिटेशन के महासचिव भी  हैं। उन्होंने बताया कि इस संस्था के एशिया महादीप में जितने ओलंपिक संघ है, सदस्य हैं। इसके अलावा स्वीट्जरलैंड में इंटरनेशनल स्पोर्ट्स कोर्ट भी है। इंटरनेशनल कोर्ट 48 घंटे के भीतर विवादों का निपटारा करता है और अधिक से अधिक 48 दिनों के भीतर किसी विवाद का निपटारा होता है। डा.कुमार ने बताया कि भारत में इंडियन स्पोर्ट्स आर्बिटेशन या कहें भारतीय खेल अधिकरण का गठन होगा जो भारतीय ओलंपिक संघ से संबद्ध रहेगा। इसे मान्य करने अगले माह 12 फरवरी से झारखंड में आयोजित होने वाले 34वें नेशनल गेम्स के दौरान होने वाली भारतीय ओलंपिक संघ की सामान्य सभा की बैठक में मुहर लगाई जाएगी। इस अधिकरण में विधि के जानकार और खेलों के जानकार होंगे। इसमें खिलाड़ियों के यौन शोषण के मामले से लेकर खिलाड़ियों के साथ अन्याय, खेल संघों के मामले, पुरस्कार संबंधित मामले भी सुलझाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि हमारे देश में स्पोर्ट्स ला का अभी उतना चलन नहीं है लेकिन विदेशों में यह काम कर रहा है। आस्ट्रेलिया में दो खंडपीठ है। एक सिडनी में और एक न्यूयार्क में है।
पायका के बाद आएगा मायका : मुखर्जी
लक्ष्मीबाई नेशनल यूनिवर्सिटी आफ फिजिकल एजुकेशन के पूर्व कुलपति डा. शिवनाथ मुखर्जी ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को सामने लाने पंचायत युवा क्रीड़ा एवं खेल अभीयान (पायका) काफी अच्छी योजना है। पायका की योजनाओं को लेकर कई बार अपना मार्गदर्शन दे चुके डा. मुखर्जी ने बताया कि पायका के बाद मायका योजना आने वाली है। मायका यानी (म्यूनिसिपल) नगर निगम या पालिका युवा क्रीड़ा खेल अभीयान योजना। इसकी तैयारियां और प्रशिक्षण दोनों चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पायका में क्रीड़ा श्री एक अहम पार्ट होता है और उसका मासिक मानदेय पांच सौ रुपए काफी कम है। संभवत: 2012 तक मानदेय में काफी इजाफा होगा। डा. मुखर्जी ने कहा कि गांवों में बड़ा बेस मिलता है। मौजूदा समय में खेल छोटे बेस में है क्योंकि यह शहरों तक सिमटा हुआ है और यही वजह है कि हमें पदक भी कम मिल रहे हैं। उन्होंने खेल आयोजनों पर ज्यादा जोर देते हुए कहा कि इससे जागरुकता बढ़ती है। 1982 में देश में एशियन गेम्स आयोजित हुए थे और इसी वजह से देश की पहली स्पोर्ट्स पालिसी बनी थी। वरन देश में स्पोर्ट्स पालिसी ही नहीं थी। देश में काफी सालों बाद कामनवेल्थ गेम्स का बड़ा आयोजन हुआ। इससे काफी जागरुकता बढ़ी है और खेलों के प्रति लोगों का झुकाव  बढ़ गया है।





पावरलिफ्टिंग में छाईं राज्य की लड़कियां
जूनियर लड़कियों ने लगातार चौथी बार जीती चैंपियनशिप
 केरल में खेली गई जूनियर नेशनल पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ की बालिका टीम ने सर्वाधिक 58 अंकों के साथ चौथी बार टीम चैंपियनशिप पर कब्जा जमा लिया। इस चैंपियनशिप में केरल ने दूसरा स्थान और उत्तरप्रदेश की टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया।
छत्तीसगढ़ पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन के सचिव और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी कृष्णा साहू ने बताया कि पावरलिफ्टिंग में छत्तीसगढ़ की अब तक की यह सबसे अहम उपलब्धि है। टीम को वर्ष 2008 में डिब्रूगढ़ असम में, 2009 पटिलाया पंजाब में, 2010 गोवाहाटी असम में और इस वर्ष 2011 में एलप्पी केरल में लगातार चौथी बार चैंपियनशिप की उपलब्धि हासिल हुई है। श्री साहू ने बताया कि इस प्रतियोगिता मे ंराष्ट्रीय पदक विजेता पूजा नायक को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर सर्वाधिक अंक दिए गए और पूजा को स्ट्रांग वूमन आफ इंडिया के खिताब से भी नवाजा गया। पूजा ने वर्ष 2009 में जमशेदपुर नगर में सबजूनियर नेशनल पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में भी स्ट्रांग वुमन आफ इंडिया का खिताब हासिल किया था। केरल ेकी जूनियर नेशनल में 44 किलोग्राम वजन वर्ग में लक्ष्मी साहू ने स्वर्ण, 52 किलोग्राम में पूजा नायक ने स्वर्ण, 56 किलोग्राम में संतोषी विभार ने रजत, शालिनी नायक ने कांस्य, 52 किलोग्राम में रोहिणी ने कांस्य, 60 किलोग्राम में प्रेरणा राणे ने कांस्य  पदक हासिल  किया। बालक वर्ग में रंजीत तांडी ने 52 किलोग्राम वजन वर्ग में स्काट में कांस्य पदक, मधुसूदन दीप ने 56 किग्रा में डेड लिफ्ट मे ंरजत पदक, 60 किग्रा में हरीश कुमार ने ब्रेंच प्रेस में कांस्य पदक और 125 किलोग्राम से ऊपर वर्ग में अभिषेक घोष ने ब्रेंचप्रेस में रजत पदक हासिल किया। श्री साहू ने बताया कि राज्य में यह खेल अब व्यक्तिगत खेलों में सर्वाधिक राष्ट्रीय पदक हासिल करने वाला खेल हो गया है। छत्तीसगढ़ के पावरलिफ्टरों ने इस खेल में पिछले 35 वर्षों में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य को यह उपलब्धियां दिलाने में ए नागभूषण, के एस अनिलजीत, कृष्णा साहू, एमए शफीक का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। छत्तीसगढ़ की इस उपलब्धि पर राज्य पावरलिफ्टिंग संघ के मुख्य संरक्षक आईजी मुकेश गुप्ता, खेल संचालक जीपी सिंह, एसके जैन सहित बीएसपी के अधिकारियों ने हर्ष व्यक्त किया है।

  
बास्केटबाल की संभावित टीमें घोषित
नेशनल गेम्स और फेडरेशन कप में लेगी हिस्सा
राजधानी में अगले माह 10 फरवरी से 16 फरवरी तक आयोजित होने वाली 25वीं फेडरेशन कप महिला-पुरुष बास्केटबाल प्रतियोगिता और झारखंड के 34वें नेशनल गेम्स  के लिए छत्तीसगढ़ की संभावित टीमें घोषित कर दी गई हैं। संभावित टीमों के लिए प्रशिक्षण शिविर का भी आयोजन किया गया है।
प्रदेश  बास्केटबाल संघ के अध्यक्ष राजीव जैन और सचिव राजेश पटेल ने बताया कि झारखंड में 12 फरवरी से नेशनल गेम्स का आयोजन किया जा रहा है। इसेक पूर्व रायपुर में फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता का आयोजन होगा। इन स्पर्धाओं के लिए राज्य की महिला और पुरुष टीमों की घोषणा की गई है। साथ ही टीमों के लिए प्रशिक्षण शिविर भी प्रारंभ कर दिया गया गया है। चयन ट्रायल बीएसपी के सहयोग से आयोजित किया गया और संभावित 16 महिला व 16 पुुरुष खिलाड़ियों का चयन किया गया। प्रशिक्षण शिविर भिलाई के पंत स्टेडियम में 20 जनवरी से 1 फरवरी तक आयोजित किया गया है। टीमों की घोषणा प्रदेश बास्केटबाल संघ के अध्यक्ष राजीव जैन, राजेश पटेल और विजय डब्ल्यू देशपांडे ने की। श्री पटेल ने बताया कि पिछले फेडरेशन कप में छत्तीसगढ़ की महिला टीम ने तीसरा और पुरुष टीम ने सातवां स्थान हासिल किया था। इसके आधार पर दोनों टीमों को फेडरेशन कप की पात्रता मिली है। पुरुष टीम को राज्य निर्माण के बाद पहली बार पात्रता मिली  है। महिला टीम ने दो बार फेडरेशन कप का खिताब जीता है। इसके अलावा 2002 में महिला टीम ने हैदराबाद के नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक और 2007 में गोवाहाटी के 33वें नेशनल गेम्स में रजत पदक हासिल किया है। राज्य की दोनों टीमों से इस साल  फेडरेशन कप के साथ-साथ राष्ट्रीय खेलों में भी पदक की उम्मीद है।
संभावित टीमें
महिला : अंजु लकड़ा, सीमा सिंह, भारती नेताम, एम पुष्पा, आकांक्षा सिंह, अरुणा किंडो, एल दीपा, शोषण तिर्की, निकिता गोदामकर, कविता (रेलवे बिलासपुर), कविता, जेलना जोस, रंजीता कौर, पुष्पा निषाद (बीएसपी), पूजा देशमुख (रायपुर), मुख्य प्रशिक्षक राजेश पटेल, सहायक प्रशिक्षक इकबाल अहमद खान, सरजीत चक्रवर्ती, एमवीवीजे सूर्यप्रकाश (बीएसपी)।
पुरुष : अजय प्रताप सिंह, अंकित पाणिग्रही, पवन तिवारी, समीर राय, के राजेश कुमार (बीएसपी), किरणपाल सिंह, लुमेंद्र साहू, मनोज सिंह, शिवेंद्र निषाद, श्रवण कुमार (रेलवे बिलासपुर), आशुतोष सिंह, जानक रानाथ कुमार, आनंद सिंह (दुर्ग), पुष्पांक (राजनांदगांव), मुख्य प्रशिक्षक आरएस गौर, सहायक प्रशिक्षक एस दुर्गेश राजु (बीएसपी), विपिन बिहारी सिंह (बिलासपुर)।

आल इंडिया में बीएसपी को तीसरा स्थान
लड़कों की टीम को पांचवा स्थान
रायपुर। केरल के कोट्टायम में खेली गई द्वितीय अखिल भारतीय जेसीआई आमंत्रण बास्केटबाल प्रतियोगिता में भिलाई इस्पात संयंत्र की महिला टीम ने कांस्य पदक हासिल किया। पुरुषों की टीम पांचवे स्थान पर रही। इस प्रतियोगिता में कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
बीएसपी की महिला टीम ने चौथे और पांचवे स्थान के लिए खेले गए मैच में केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड की टीम को  52-50 अंको से हराकर तीसरा स्थान बनाया। बीएसपी की अंतरराष्ट्रीय जूनियर खिलाड़ी कविता ने 12, एल दीपा ने 10, जेलना जोस ने 4 अंक बनाए। इसके पूर्व सेमीफाइनल में बीएसपी की टीम को तमिलनाडु ने संघर्षपूर्ण मैच में 91-89 अंक से पराजित किया। बीएसपी की पुरुष टीम ने एमईजी बेंगलूर को 48-46 अंकों से हराकर पांचवा स्थान हासिल किया। बीएसपी के अजय प्रताप सिंह ने सर्वाधिक 14, अंकित पाणिग्रही ने 10, मनोज सिंह ने 8, पवन तिवारी ने 6, समीर राय ने 8 अंक बनाए। टीम को क्वार्टर फाइनल में आईसीएफ कपूरथला ने 52-49 अंकों से पराजित किया था। बीएसपी की इस उपलब्धि पर महाप्रबंधक प्रभारी कार्मिक आरके नरुला, बास्केटबाल क्लब अध्यक्ष आरए रिजवी, एके कयाल, मेहमूद हसन, सुखदेव सिंह गिल, साजी टी थामस, एमवीवीजे सूर्यप्रकाश, इकबाल अहमद खान, सरजीत चक्रवर्ती सहित कई पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त किया है।
ये थी टीमें
महिला : कविता (कप्तान), एल दीपा, जेलना जोंस, संगीता मंडल, रंजीता कौर, संगीता दास, पूजा देशमुख, पुष्पा निषाद, संगीता कौर, शरणजीत कौर, शालीनी श्रीवास्तव, सागरिका महापात्रा, अंजना डेजी एक्का, मुख्य प्रशिक्षक राजेश पटेल, सहायक प्रशिक्षक इकबाल अहमद खान, प्रबंधक श्रीमती अनिता पटेल।
पुरुष : अंकित पाणिग्रही (कप्तान), अजय प्रताप सिंह, पवन तिवारी, समीर कुमार राय, के राजेश कुमार, पी मुरली, आनंद सिंह, विनय जनबंधु, लुमेंद्र साहू, मनोज सिंह, मुख्य प्रशिक्षक आरएस गौर, प्रबंधक एस दुर्गेश राजु।



20 जनवरी, 2011


आल इंडिया फुटबाल का रोमांच शुरू


देश की 22 टीमें दिखाएंगी जौहर, तीन लाख के नगद पुरस्कार



रायपुर, २० जनवरी, २०११. हिंद स्पोर्टिंग एसोसिएशन की मेजबानी में 70वीं अखिल भारतीय फुटबाल प्रतियोगिता के मुकाबलों का रोमांच गुरुवार को यहां लाखे नगर स्थित हिंद स्पोर्टिंग मैदान में शुरू हो गई। इस प्रतियोगिता में देशभर की 22 टीमें हिस्सा ले रही हैं।
प्रतियोगिता का उद्घाटन छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल और महापौर किरणमयी नायक ने फुडबाल पर किक मारकर किया। इस दौरान श्री अग्रवाल ने हिंद स्पोर्टिंग एसोसिएशन की मैदान को स्टेडियम बनाने की मांग को लेकर कहा कि इस पर सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर प्रमुख लोगों और नगर निगम के साथ मिलकर प्लानिंग करनी होगी। महापौर किरणमयी नायक ने कहा कि राजधानी बने एक दशक हो गया है लेकिन यहां आज भी खेल के मैदान की समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश की वजह से सप्रे स्कूल के मैदान को खेल के अलावा दूसरे कार्यक्रमों के लिए नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हिंद स्पोर्टिंग एसोसिएशन यदि 30 मार्च के पूर्व मैदान का स्टेडियम के रूप में शिलान्यास करना चाहता है तो यह काफी अच्छा कदम होगा। एसोसिएशन के प्रस्ताव पर हरसंभव अमल करने का प्रयास किया जाएगा। विशेष अतिथि गुरुचरण सिंह होरा ने कहा कि हिंद स्पोर्टिंग एसोसिएशन और यह प्रतियोगिता काफी प्राचीन प्रतियोगिता है। प्रतियोगिता के साथ-साथ मैदान से भी विशेष लगाव होता है। यदि सरकार सहयोग नहीं कर रही है तो हमें सरकार पर निर्भर न रहकर आम जनता से सहयोग लेना चाहिए। इसके पूर्व हिंद स्पोर्टिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष दुबे ने कहा कि आल इंडिया फुटबाल प्रतियोगिता से तीन-चान दिन पहले कोई नहीं कह सकता था कि यहां स्पर्धा होगी। हर साल मैदान को स्टेडियम बनाने के लिए सरकार से मांग की जाती रही है। मैदान संस्था को मिल चुका है और किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है। बहरहाल हिंद स्पोर्टिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष दुबे ने बताया कि इसप्रतियोतिा में एफसी पुणे, बीईजी रुडकी, बैंक आफ इंडिया मुंबई, केरल, एमईजी बेंगलूर, बंगाल पुलिस कोलकाता, डीएलडब्ल्यू वाराणसी, बीईजी ऊंटी, रब्बानी क्लब कामठी, विशाखापटनम, जेसीबी, भिलाई ब्रदर्स की टीमें हिस्सा लेंगी। श्री दुबे ने बताया कि मंहगाई की वजह से प्रतियोगिता का बजट बढ़ गया है। इस वर्ष अनुमानित व्यय 15 लाख 47 हजार रुपए है। प्रतियोगिता में कुल दो लाख  रुपए का नगद पुरस्कार रखा  गया है जो विजेता-उपविजेता और बेहतर खेल का प्रदर्शन करने वाली टीमों को दिया जाएगा
महापौर ने की खेल विभाग की खिंचाई
महापौर किरणमयी नायक ने 70वीं अखिल भारतीय हिंद स्पोर्टिंग प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में खेल विभाग की जमकर खिंचाई की। उन्होंने साफ कहा कि यह राजधानी का दुर्भाग्य ही है कि एक दशक बाद भी खेल के मैदान संरक्षित नहीं  हैं। उन्होंने कहा कि जो काम खेल विभाग को करना चाहिए वह निगम कर रहा है। खेल विभाग स्वस्फूर्त होकर खेल मैदानों के संरक्षण के लिए आगे क्यों नहीं आता, यह समझ से परे है। महापौर ने कहा कि आज तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को छोड़कर खेल विभाग की और कोई  भी दूसरी उपलब्धि नहीं है। इससे अधिक खेल विभाग को कोई योगदान भी नहीं रहा है।  उन्होंने हिंद स्पोर्टिंग एसोसिएशन की मांग पर कहा कि यहां मैदान को स्टेडियम कौन बनाएगा यह तय करना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि खेल का स्टेडियम ऐसा बनाएं जिससे खेल के समय खेल और दूसरे कार्यक्रम भी आयोजित हो सकें।
खेल में राजनीति न हो : गौरीशंकर
राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने महापौर की तरफ इशारा करते हुए कहा कि खेल में राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां तक उन्हें जानकारी है कि निजी मैदान पर शासन स्टेडिमय नहीं बनाती। शासन स्तर पर निगम के प्रमुख लोगों को बिठाकर प्लानिंग बनाएं और किस प्रकार की अड़चनें आ सकती हैं उसकी जिम्मेदारीं सौंपे। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के सभी विकासखंडों में स्टेडिमय का निर्माण किया है। बूढ़ापारा स्थित इनडोर स्टेडियम का निर्माण भले ही नगर निगम कर रहा हो लेकिन इसके लिए भी छत्तीसगढ़ सरकार ने ही राशि दी है।

18 जनवरी, 2011

नेशनल गेम्स की संभावित हैंडबाल टीम घोषित
विशेष प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ, औपचारिक उदघाटन 20 को
रायपुर, १८ जनवरी, २०११.  झारखंड में अगले माह 12 फरवरी से आयोजित होने वाले 34वें नेशनल गेम्स के लिए हैंडबाल की महिला और पुरुष दोनों टीमों के संभावित खिलाड़ियों की घोषणा कर दी गई है। राज्य की महिला टीम 17 फरवरी को झारखंड के लिए रवाना होगी। इसके पूर्व संभावित टीम के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया  है।
छत्तीसगढ़ हैंडबाल संघ और राज्य ओलंपिक संघ के सचिव बशीर अहमद खान ने बताया कि नेशनल गेम्स के मुकाबले जमशेदपुर, धनबाद और रांची में 25 फरवरी तक खेले जाएंगे। हैंडबाल की महिला और पुरुष दोनों टीमों ने पात्रता हासिल की है। हैंडबाल के मुकाबले रांची में 21 फरवरी से शुरू हो रहे हैं जो 25 फरवरी तक खेले जाएंगे। छत्तीसगढ़ की 19 सदस्यीय महिला हैंडबाल टीम हिस्सा लेगी। इसके पूर्व टीम के लिए विशेष प्रश्क्षिण श्वििर का  अयोजन 18 जनवरी से 16 फरवरी तक भिलाई के सेक्टर चार स्थित हैंडबाल काम्पलेक्स में अयोजित किया गया है। संभावित महिला टीम में 21 खिलाड़ियों का चयन राजथान में 20 से 25 दिसंबर 2010 तक आयोजित 39वीं राष्ट्रीय हैंडबाल प्रतियोगिता और भोपाल में राष्ट्रीय महिला खेल प्रतियोगिता के अधार पर किया गया है। दूसरी तरफ संभावित पुरुष टीम में 23 सदस्य शामिल हैं। इन खिलाड़ियों का चयन मप्र के इंदौर में 28 दिसंबर से 2 जनवरी तक अयोजित 39वीं राष्ट्रीय हैंडबाल प्रतियोगिता के आधार पर किया गया है। 
टीमें
पुरुष : फिरोज अहमद खान, बीनू वी, आनंद एनएस, फाजिल अहमद खान, ज्योति कुमार, अनिल कुमार निर्मलकर, सैय्यद जफर हुसैन, कुनाल, शरद तकवाले( दुर्ग जिला सीअईएसएफ), प्रेम कुमार, अनिल कुमार (बिलासपुर रेलवे), सलमान खान, संजीव, संदीप, विजय कुमार, योगेश, गंगाधर, राजेश  कुमार, राजेश ( दुर्ग जिला), सुमीत (महासमुंद), अनिल कुमार कौशिक, एस नागेश, आदिल अंसारी ( दुर्ग जिला)।
महिला : श्रीमती अनिल राव, अनामिका मुखर्जी, वेंकट लक्ष्मी, डी माधवी, श्रीमती शबनम फिरोज अंसारी, निश पाटिल, मति मुरमु ( बिलासपुर रेलवे), करिश्मा साहू, दुर्गा तिवारी, रूपा साह, रीना यादव ( दुर्ग जिला), निधि जायसवाल (महासमुंद), चित्तेश्वरी ध्रुव (रायपुर), सीमा पाठक, सावित्री मंडावी (बिलासपुर), रजनी स्वामी (दुर्ग), प्रियल सोनी (राजनांदगांव), साइमा अंजुम (महासमुंद), संध्या ध्रुव, लक्ष्मी साहू (बिलासपुर), भूमिका रामटेके (दुर्ग)।

संभावित महिला फेंसिंग टीम घोषित
टीम ने छठा स्थान लेकर हासिल की नेशनल गेम्स की पात्रता
 झारखंड नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ की महिला फेंसिंग फाइल टीम भी हिस्सा ले रही है। छत्तीसगढ़ प्रदेश फेसिंग एसोसिएशन ने सभावित  टीम की घोषणा कर दी है। टीम में चार महिला खिलाड़ी शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ प्रदेश फेंसिंग एसोसिएश्न के महासचिव समीर खान ने बताया कि छत्तीसगढ़ की महिला टीम ने इस माह 6 जनवरी से 11 जनवरी तक आंध्रप्रदेश के हैदराबाद में आयोजित 21वीं वरिष्ठ राष्ट्रीय महिला-पुरुष फेसिंग चैंपियनश्पि में हिस्सा लिया था। इस प्रतियोगिता में राज्य की टीम ने छठा स्थान हासिल कर नेशनल गेम्स के लिए पात्रता हासिल की है। झारखंड में फेसिंग का खेल 18 फरवरी से 21 फरवरी तक आयोजित किया जा रहा है। राज्य की छह सदस्यीय फेसिंग टीम हिस्सा लेगी। इनमें चार खिलाड़ी एक प्रशिक्षक और एक प्रबंधक शामिल हैं। जिन संभावित खिलाड़ियों का चयन टीम के लिए किया गया है उनमें श्रििन याना दुर्ग, श्रीमती कुसुम चंद्रा बिलासपुर, अमती साहू जांजगीर-चांपा और उत्कृष्ट महिला फाइल खिलाड़ी शामिल हैं। फेसिंग टीम का 28 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर भिलाई विद्यालय सेक्टर-2 में 14 फरवरी तक अयोजित किया गया है। इस शिविर में भाग लेने के लिए हैदराबाद की सीनियर नेशनल फेसिंग चैंपियनश्पि में राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के अलावा जिलों के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को अमंत्रित किया गया है। छत्तीसगढ़ की फेसिंग टीम 15 जनवरी को झारखंड के लिए रवाना होगी।

17 जनवरी, 2011





कर्नाटक को तवज्जो न मिलने से कुंबले नाराज
पांच वर्ल्ड कप में पहली बार नहीं मिली किसी खिलाड़ी को जगह
रायपुर, १७ जनवरी, २०११. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और कर्नाटक क्रिकेट संघ के अध्यक्ष जम्बो अनिल कुंबले ने वर्ल्ड कप के लिए घोषित की गई भारतीय क्रिकेट टीम को संतुलित टीम बताया है लेकिन इस बात का अफसोस भी जताया है कि कर्नाटक के किसी खिलाड़ी को जगह नहीं दी गई है। अनिल कुंबले ने यहां छत्तीसगढ़ दौरे में कहा कि पिछले पांच वर्ल्ड कप में ऐसा पहली बार हुआ है जब कर्नाटक के किसी खिलाड़ी को जगह नहीं मिली है। इसका उन्हें अफसोस है और वे हैरान  हैं।
अनिल कुंबले यहां सोमवार को मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ टेनिस संघ की अधिकृत वेबसाइट के उद्घाटन समारोह में विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित थे। उन्होंने परसदा स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का अवलोकन  किया। इस दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने वर्ल्ड कप के लिए घोषित टीम को लेकर कहा कि भारत वर्ल्ड कप जीतेगी। हालांकि वर्ल्ड कप की टीम में कर्नाटक के किसी खिलाड़ी को शामिल न करने को लेकर उनके चेहरे पर नाराजगी साफ झलक रही थी। इस सवाल पर उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्ल्ढ कप में ऐसा पहली बार हुआ है और उनके लिए यह हैरानी की  बात है। अनिल कुंबले कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। सुबह सीएम हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा था कि वर्ल्ड कप की टीम में ज्यादातर खिलाड़ी दक्षिण-अफ्रीका दौरे के होंगे। उन्होंने रोहित शर्मा और मुरली को लेकर भी कहा था कि उनका चयन हो सकता है। बाद में उन्होंने कहा कि उन्होंने वर्ल्ड कप के लिए जिन 20 खिलाड़ियों के बारे में सोचा था उनमें से 15 खिलाड़ी चयनित हो गए हैं। वर्ल्ड कप की टीम में एक ही विकेटकीपर बल्लेबाज को लेकर उन्होंने कहा कि इससे मुश्किल हो सकती है। एन टाइम पर इंज्यूरी हो जाए तो दूसरा खिलाड़ी नहीं मिलता।


कुंबले को भी भा गया स्टेडियम
कहा, छत्तीसगढ़ में भी होने चाहिए अंतरराष्ट्रीय मैच


रायपुर, १7 जनवरी, २०११. राज्य निर्माण के बाद पिछले करीब पांच सालों में क्रिकेट की कई जानी-मानी हस्तियों ने छत्तीसगढ़ का दौरा किया है और सभी ने परसदा के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की तारीफ की है। क्रिकेट स्टेडियम अनिल कुंबले को भी भा गया और उन्होंने कहा कि यह काफी अच्छा स्टेडियम है। यहां अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिताएं हो सकती हैं और छत्तीसगढ़ को मेजबानी भी मिलनी चाहिए।
कुंबले के पहले हाल ही में टीम इंडिया के पूर्व कप्तान कपिल देव ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की तारीफों के पूल बांधे थे।
कुंबले ने यहां सोमवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का  दौरा किया। उन्होंने इसे काफी बेहतरीन बताया और कहा कि छत्तीसगढ़ में  अंतरराष्ट्रीय मैच होने चाहिए। इससे यहां के खिलाड़ियों को काफी लाभ होगा और उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। इस दौरान कुंबले से अंडर-19 एसोसिएट ट्राफी क्रिकेट प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आईं अरुणाचल और सिक्किम के खिलाड़ियों ने भी मुलाकात की। कुंबले ने यहां पत्रकारों के सवालों का जवाब काफी सहजता के साथ दिया। उनसे जब पूछा गया कि 1990 के दौर में छत्तीसगढ़ के राजेश चौहान, वेंकटपति राजू और स्वयं उनकी स्पीन तिकड़ी हुआ करती थी तो उन्होंने कहा कि सभी का अपना-अपना दौर होता है। वर्ल्ड कप की टीम में भी स्पीनरों की तिकड़ी है जो काफी काम आएगी। कर्नाटक के खिलाड़ियों को टीम में शामिल न करने की नाराजगी उनके चेहरे पर साफ झलक रही थी। उन्होंने यह नहीं बताया कि कर्नाटक या बेंगलूर के किस खिलाड़ी को टीम में लिया जाना चाहिए और किस खिलाड़ी के टीम में चुने जाने की उन्हें उम्मीद थी। कुंबले ने छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की और  कहा कि जब भी उन्हें यहां बुलाया जाएगा वे आएंगे।  इस दौरान प्रदेश टेनिस संघ के अध्यक्ष विक्रम सिसोदिया, सचिव गुरुचरण सिंह होरा, राज्य क्रिकेट संघ के सचिव राजेश दवे सहित क्रिकेट और टेनिस जगत की कई हस्तियां मौजूद थीं।

टेनिस संघ की वेबसाइट लोकार्पित


राजधानी में टेनिस एकेडमी के लिए जमीन शीघ्र : रमन सिंह
रायपुर, १७ जवनरी, २०११. छत्तीसगढ़ टेनिस संघ की अधिकृत वेबसाइट का मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने महान क्रिकेटर अनिल कुंबले की मौजूदगी में लोकापर्ण किया। इस दौरान उन्होंने राजधानी में टेनिस एकेडमी के लिए शीघ्र ही जमीन उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में टेनिस के खेल को और भी ज्यादा लोकप्रिय बनाने और टेनिस खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
डॉ. सिंह ने आज सुबह यहां अपने निवास पर माउस क्लिक कर इस वेबसाईट का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि खेल प्रेमियों के चहेते क्रिकेटर अनिल कुंबले छत्तीसगढ़ में हैं जो काफी खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान देश में बने और नई पीढ़ि को आगे बढ़ने का मौका मिले, इसके लिए टेनिस संघ को शासन से हरसं•ाव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि  छत्तीसगढ़ में टेनिस को आगे बढ़ाने के लिए एकेडमी के लिए जल्द से जल्द जमीन दी जाएगी। डा. सिंह ने कहा कि कुंबले को फारेस्ट व वाइल्ड लाइफ  काफी पसंद है और पूरे देश में छत्तीसगढ़ के बस्तर व सरगुजा में बेहतरीन जंगल हैं।  इस अवसर पर प्रसिद्ध टेस्ट क्रिकेट खिलाड़ी और कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुंबले विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने  वेबसाईट की सफलता और छत्तीसगढ़ में क्रिकेट सहित टेनिस के खेल के विकास के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए इसके लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी। कुंबले ने कहा कि वेबसाइट से छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों की प्रतिभाएं पूरे विश्व में जानी जा सकेंगी और इससे खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का भी मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि राष्ट्रीय टीम में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी खेलेंगे और वेबसाइट उनके लिए मार्गदर्शक बनेगी। कुंबले ने यह भी कहा कि वे पहली बार छत्तीसगढ़ आए हैं और उन्हें यहां के बारे में काफी-कुछ जानकारी है। उन्होंने कहा कि सरकार के सहयोग से ही खेलों का विकास होता है और यहां सरकार खेलों को आगे बढ़ाने में कोई कमी नहीं कर रही है। छत्तीसगढ़ राज्य टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम सिसोदिया ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि क्रिकेट में अनिल कुंबले एक स्थापित नाम है। उन्होंने कुंबले के कई ऐतिहासिक योगदान की जानकारी दी। श्री सिसोदिया ने बताया कि छत्तीसगढ़ की सिविल सर्विसेस टेनिस टीम ने हाल ही में आल इंडिया सिविल सेवा प्रतियोगिता में काफी अच्छे खेल का प्रदर्शन किया  है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि टेनिस के खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में तवज्जो  दी जा सके तो राज्य की सिविल सर्विसेस की टीम चैंपियन बन सकती है। श्री सिसोदिया ने बताया कि राजधानी में टेनिस एकेडमी के लिए एक-दो स्थानों में जमीन चिन्हित की गई है। आ•ाार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश टेनिस संघ के सचिव गुरुचरण सिंह होरा ने कहा कि मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने जब से छत्तीसगढ़ ओंलपिक संघ का अध्यक्ष पद स्वीकार किया है तब से छत्तीसगढ़ कई खेलों में राष्ट्रीय स्तर पर पदक  हासिल कर  रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि विक्रम सिसोदिया के प्रदेश टेनिस संघ का अध्यक्ष बनने के बाद से प्रदेश में टेनिस का काफी विकास हुआ है। इस  संक्षिप्त समारोह में अनिल कुंबले को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान लारेंस सेंटियागो, रूपेंद्र सिंह चौहान, राजेश पाटिल, चर्तुभूज अग्रवाल, वेबसाइट निर्माता स्वामीनाथन सहित टेनिस व क्रिकेट के कई खिलाड़ियों ने कुंबले का सम्मान किया।

वेबसाइट में कई महत्वपूर्ण जानकारियां
छत्तीसगढ़ टेनिस संघ की अधिकृत वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डाट सीजीटेनिस डाट काम में कई महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल की गई हैं। साइट में राज्य के टेनिस का इतिहास, टेनिस संघ की गतिविधियां, छत्तीसगढ़ की उपलब्धियां और नए खिलाड़ियों की जानकारियों के अलावा कपिल देव के दौरे व कई पुराने छायाचित्रों को डाला गया है। साइट में टेनस के टूर्नामेंट के बारे में  समय-समय पर अपडेट जानकारियां दी जाएंगी। यह साइट आइटा से भी संबंधित है।

कुंबले ने किया बारनवापारा का दौरा
टेस्ट क्रिकेट के प्रसिद्ध खिलाड़ी अनिल कुंबले ने छत्तीसगढ़ दौरे में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के साथ-साथ बारनवापारा का भी दौरा किया। कुंबले को फारेस्ट और वाइल्ड लाइफ  बेहद पसंद है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के दौरे के बाद वे बारनवापारा के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री निवास में डा. सिंह ने कहा था कि अनिल कुंबले के साथ चर्चा के दौरान यह पता लगा कि उन्हें फारेस्ट की सैर काफी पसंद है।

एक दशक में पहली बार टेटे को इंट्री


झारखंड नेशनल गेम्स में पुरुष खिलाड़ियों से है 
बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
रायपुर, १६ जनवरी, २०११.  राज्य निर्माण के इन दस सालों में पहली बार छत्तीसगढ़ की टेबल टेनिस की इंट्री नेशनल गेम्स में हुई है। टेबल टेनिस जैसे खेल में नेशनल गेम्स में पात्रता  हासिल करना काफी कठिन होता है और छत्तीसगढ़ की टीम इस समय सातवें स्थान पर है और मेजबान झारखंड आठवीं टीम है।
सीनियर नेशनल में अंतिम आठ पहुंचने वाली टीमों को नेशनल गेम्स में खेलने की पात्रता दी जाती है। रैंकिंग वाले खेल टेबल टेनिस में नेशनल गेम्स के लिए पात्रता हासिल करना काफी कठिन होता है। हालांकि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी हर साल सीनियर नेशनल में हरसं•ाव प्रयास करते रहे हैं। लेकिन सफलता सालों बाद मिली। पिछले साल पटना सीनियर नेशनल में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने काफी अच्छे खेल  का प्रदर्शन किया था। छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस एसोसिएशन के सचिव अमिता•ा शुक्ला ने बताया कि छत्तीसगढ़ की टीम ने सीनियर नेशनल में दसवां स्थान हासिल किया था। सीनियर नेशनल में देना बैंक की टीम के अलावा महाराष्ट्र और  पश्चिम बंगाल की दो टीमें हिस्सा लेती हैं। लेकिन नेशनल गेम्स में ये टीमें कट जाती हैं और इसका पूरा फायदा छत्तीसगढ़ को मिला। छत्तीसगढ़ को सातवां स्थान मिल गया जिससे पात्रता मिल गई। श्री शुक्ला ने बताया कि फिलहाल राज्य की सीनियर टीमें कोलकाता में खेली जा रही 72वीं सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा ले रही हैं। वहां से पुरुष टीम लौटने के बाद नेशनल गेम्स की तैयारियों में जुट जाएगी। नेशनल गेम्स के पात्र पुरुष टीम के खिलाड़ियों में विनय बैसवाड़े, विजय बैसवाड़े रायपुर, अंशुमन राय रायपुर, सागर घाटगे रायपुर और ए संतोष दुर्ग शामिल हैं। श्री शुक्ला ने बताया कि टेबल टेनिस में खिलाड़ियों को उच्च प्रशिक्षण देने पिछले साल पूर्व नेशनल चैंपियन कमलेश मेहता को आमंत्रित करने की योजना थी लेकिन किसी कारणवश श्री मेहता को आमंत्रित नहीं किया जा सका। लेकिन इस साल इस विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा और इसके लिए श्री मेहता से कोलकाता में ही चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि नेशनल गेम्स में पहली बार हिस्सा लेना काफी अहम है और इसके लिए खिलाड़ियों को कड़ा अ•यास कराया जाएगा।

आरचरी पर टिकी रहेंगी नजरें


बिलासपुर रेलवे के खिलाड़ियों से मिल सकता  है 
छत्तीसगढ़ को झारखंड नेशनल गेम्स का पदक

 झारखंड के 34वें नेशनल गेम्स में इस बार नजरें टिकी रहेंगी आरचरी पर। दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के खिलाड़ियों के छत्तीसगढ़ से खेलने का पूरा फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि इसके पहले खिलाड़ियों को पात्रता हासिल करनी होगी और इसके लिए खिलाड़ियों में काफी आत्मविश्वास भी है।
छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने पिछले साल गोवाहाटी के 33वें नेशनल गेम्स में भी हिस्सा लिया था। इनमें राधा बाई  शामिल थीं। हालांकि तीरंदाजों ने कोई खास प्रदर्शन नहीं किया था। झारखंड में होने वाले 34वें नेशनल गेम्स के लिए छत्तीसगढ़ की चार महिला खिलाड़ियों ने पात्रता हासिल कर ली है। दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन के खिलाड़ी भी छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने वाले हैं। इसके पूर्व ये खिलाड़ी अगले माह 5 से 10 फरवरी तक विजयवाड़ा में आयोजित होने वाली सीनियर नेशनल आरचरी चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगे। इस चैंपियनिशिप में इन खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद की जा रही है क्योंकि ये खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ी हैं। इनमें रुशाली गोरले, साकरो बेसरा, मंजूधा, शिवनाथ नगेशिया, वी प्रणीता और विकास सहरावत शामिल हैं। हाल ही में दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे आरचरी प्रतियोगिता में इन खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। साकरो बेसरा और मंजूधा मूलत: झारखंड की हैं और इन खिलड़ियों ने भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक  हासिल किया है। साकरो ने झारखंड के लिए 2007 में गोवाहाटी नेशनल गेम्स में हिस्सा लिया था और वे चौथे स्थान पर रहीं थीं। विकास ने गोवाहाटी नेशनल गेम्स में रजत पदक हासिल किया था। शिवनाथ नागेशिया ने 2002 में हैदराबाद के नेशनल गेम्स में चैंपियन थे तो रुशाली ने 33वें नेशनल गेम्स में महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व किया था। मंजूधा ने 33वें नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल किया था।

थांग ता में छत्तीसगढ़ को छह पदक
फेडेरेशन कप में दिखाया बेहतर प्रदर्शन
रायपुर, 16 जनवरी. २०११. थांग ता फेडरेशन आफ इंडिया की मेजबानी में राजीव गांधी स्टेडियम दिल्ली में खेली गई थांग ता फेडरेशन कप 2011 में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने बेहतर खेल का प्रदर्शन कर छह पदक हासिल किए। महिला और पुरुष दोनों वर्ग के खिलाड़ियों ने राज्य के लिए पदक हासिल किया।
छत्तीसगढ़ प्रदेश थांग ता संघ के सचिव गोविंद रावत ने बताया कि फेडरेशन कप में देश के 21 राज्यों की टीमों ने हिस्सा लिया था। इसमें ओवरआल चैंपियनशिप का खिताब मणिपुर को दिया गया। दूसरे स्थान पर हरियाणा की टीम रही। छत्तीसगढ़ ने 15 सदस्यीय दल के साथ हिस्सा लिया था। टीम ने तीन रजत और तीन कांस्य पदक हासिल किए। सीनियर पुरुष वर्ग में हेमंत ध्रुव ने 52 किलोग्राम वजन वर्ग में रजत पदक, शिवचरण साहू ने 60 किग्रा में रजत पदक, सिद्धार्थ मिश्रा ने 75 किग्रा में कांस्य पदक, बादल  कुमार ने 80 किग्रा में कांस्य पदक हासिल किया। जूनियर बालक वर्ग में  मनीष साहू ने 52 किग्रा में कांस्य पदक और बालिका वर्ग में ममता पाणिग्रही ने 44 किलोग्राम में रजत पदक  हासिल   किया। टीम के कोच राजकुमार देवांदन दुर्ग और प्रबंधक विमल हलदार बिलासपुर थे। टीम के बेहतर प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ प्रदेश थांग ता संघ के अध्यक्ष कैलाश मुरारका, उपाध्यक्ष प्रकाश ठाकुर, संजय अग्रवाल, तापस बोस सहित कई पदाधिकारियों और खिलाड़ियों ने हर्ष व्यक्त किया है।



  नेशनल गेम्स के लिए कसी कमर
 चयन ट्रायल 19 को, बास्केटबाल की दोनों टीमें हिस्सा लेंगी झारखंड में
रायपुर, १६ जनवरी. २०११  झारखंड में अगले माह 12 फरवरी से 26 फरवरी तक आयोजित 34वें नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ की महिला और पुरुष दोनों बास्केटबाल टीमें हिस्सा ले रही हैं। दोनों टीमों ने नेशनल गेम्स के लिए पात्रता हासिल की है। इन टीमों का चयन करने 19 जनवरी को चयन ट्रायल का आयोजन किया गया है।
छत्तीसगढ़ बास्केटबाल संघ के सचिव और अंतरराष्ट्रीय कोच राजेश पटेल ने बताया कि चयन ट्रायल 19 जनवरी को भिलाई के पंत स्टेडियम में आयोजित किया गया है। चयन ट्रायल सुबह और शाम दो सत्रों में आयोजित होगा। पहले चरण में सुबह 7 बजे से 10 बजे तक और दूसरे चरण में शाम 4 से 6 बजे तक चयन ट्रायल का आयोजन होगा। श्री पटेल ने बताया कि इस चयन ट्रायल के संबंध में प्रदेश के सभी  जिलों, नगर निगम और इकाइयों को जानकारी दी जा रही है। प्रत्येक जिले, नगर निगम और इकाई से अधिक से अधिक दो खिलाड़ियों को आमंत्रित किया गया है। ट्रायल में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का चयन राज्य की संभावित महिला और पुरुष टीमों में किया जाएगा। चयन ट्रायल के अगले दिन 20 जनवरी से छत्तीसगढ़ की दोनों टीमों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। यह शिविर 10 फरवरी तक चलेगा। शिविर में खिलाड़ियों को तकनीकी बारीकी से अवगत कराया जाएगा और कई महत्वपूर्ण जानकारियां  प्रदान की जाएंगी जिससे राज्य की टीमें नेशनल गेम्स में बेहतर प्रदर्शन कर सके। राज्य की संभावित टीमों के लिए चयनित होने वाले खिलाड़ियों के लिए आवास की व्यवस्था भिलाई  में ही की गई है। पिछले नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ की महिला टीम ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया था और पदक हासिल किया था। इस साल भी टीमों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
रेलवे को आल इंडिया का गोल्ड मेडल
दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर की महिला बास्केटबाल टीम ने पांडीचेरी के यमन में खेली गई पहली आल इंडिया प्राइजमनी आमंत्रण  बास्केटबाल प्रतियोगिता का खिताब जीत लिया। इस जीत के साथ टीम को एक लाख रुपए का नगद पुरस्कार दिया गया। रेलवे की बास्केटबा की टीम में स•ाी खिलाड़ी छत्तीसगढ़ के हैं। बास्केटबाल के अंतरराष्ट्रीय कोच राजेश पटेल ने बताया कि फाइनल मुकाबला दक्षिण-पूर्व मध्य रेलव बिलासपुर  और दक्षिण रेलवे चेन्नई के बीच खेला गया जो काफी रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा। बिलासपुर ने 77-76 अंक से जीत हासिल की। मात्र एक अंक से मिली इस जीत से खिलाड़ी खुशी से  झूम उठे। इस मैच के पहले हाफ में बिलासपुर 18-19 से पीछे थी। दूसरे हाफ में दोनों टीमें 38-38 के स्कोर पर बराबरी पर थीं। तीसरे क्वार्टर में स्कोर 58-56 था। अंतिम क्वार्टर में बिलासपुर ने 77-76 से जीत हासिल की। टीम की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एम पुष्पा ने सर्वाधिक 26, अंजु लकड़ा ने 18, सीमा सिंह ने 16, आकांक्षा सिंह ने 8 और अरुणा किंडो ने 4 अंक बनाए। रेलवे बिलासपुर की टीम को एक लाख रुपए का नगद पुरस्कार दिया गया और सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब एम पुष्पा को दिया गया। इसके पहले बिलासपुर रेलवे की टीम ने महाराष्ट्र को 86-85 से, दक्षिण रेलवे सिकंदराबाद को 112-56 से, पांडीचेरी को 89-42 से पराजित किया था।
बीएसपी को आल इंडिया में तीसरा स्थान
केरल के कोट्टायम में खेली गई आल इंडिया जेसीआई प्राइजमनी आमंत्रण बास्केटबाल प्रतियोगिता में •िालाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) की महिला टीम ने तीसरा और पुरुष टीम ने पांचवा स्थान हासिल किया। बीएसपी के अंतरराष्ट्रीय कोच राजेश  पटेल ने केरल से दूर•ााष पर बताया कि सेमीफाइनल में बीएसपी को कड़े संघर्ष में तमिलनाडु से 91-90 से पराजय का सामना करना पड़ा। तीसरे और चौथे स्थान के लिए केरल इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के साथ खेले गए मैच में बीएसपी ने 52-50 से जीत हासिल कर ली। टीम की कप्तान कविता ने 14, एल दीपा ने 11, जेलना जोंस ने 10, संगीता मंडल ने 6, शरणजीत कौर ने 8 व संगीता कौर ने 4 अंक बनाए। तीसरे स्थान के लिए बीएसपी की टीम को 10 हजार रुपए का नगद पुरस्कार दिया गया।

15 जनवरी, 2011


खिलाड़ियों का पलायन सबसे बड़ी समस्या
भारतीय हाकी टीम के लिए आसान नहीं होगा ओलंपिक 
2012 के लिए क्वालीफाई करना : दिलीप तिर्की
रायपुर, १४ जनवरी, २०११. भरतीय हाकी टीम के पूर्व कप्तान दिलीप तिर्की का कहना है कि छत्तीसगढ़ और उड़ीसा दोनों राज्यों में प्रति•ाावान खिलाड़ियों का पलायन सबसे बड़ी समस्या है। राज्यों में खिलाड़ियों के लिए नौकरी नहीं है जिसकी वजह से वे पलायन कर जाते हैं। ऐसे में राज्य की हाकी टीमों में प्रतिभावान खिलाड़ियों की कमी रह जाती है और राज्य का नाम नहीं होता।
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान दिलीप तिर्की शुक्रवार से राजनांदगांव में शुरू हुई महंत सर्वेश्वरदास स्मृति अखिल भारतीय हाकी प्रतियोगिता में शिरकत करने आए थे। रायपुर पहुंचने पर उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि लंदन ओलंपिक के लिए भारतीय टीम का क्वालीफाई करना काफी कठिन होगा। हमें काफी बेहतर प्रदर्शन करना होगा। उन्होंने हाकी के किसी भी  विवादास्पद मुद्दे पर बात करने से इनकार कर दिया लेकिन यह जरूर कहा कि फेडरेशन में विवाद का असर खिलाड़ियों और खेल पर पड़ता है। वर्ल्ड कप में ही खिलाड़ियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। मूलत: उड़ीसा के सुंदरगढ़ में रहने वाले दिलीप तिर्की ने बताया कि वे इस समय सुंदरगढ़ में हाकी के छोटे-छोटे आयोजन करवा रहे हैं और इनका काफी असर बच्चों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट भाले ही अखिल भारतीय स्तर पर न कराएं, जिला स्तर पर ही हों लेकिन लगातार होने चाहिए। इससे नई पीढ़ी तैयार होती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में एस्ट्रो टर्फ की कमी को लेकर कहा कि यह हाकी का आधार है और यदि यह कमी पूरी नहीं की गई तो खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ सकेंगे। राजनांदगांव को लेकर तिर्की ने कहा कि उन्होंने काफी नाम सुना था और यह  जाना था कि यहां हाकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद भी आया करते थे। यहां का टूर्नामेंट काफी लोकप्रिय है क्योंकि इसमें 25 हजार दर्शक जुटते है। जहां हाकी का इतना क्रेज हो   वहां कई खिलाड़ी निकलेंगे। तिर्की ने बताया कि मौजूदा समय में हाकी काफी बदल गई है और नई-नई तकनीक आ गई है। हास्टल और एकेडमी में अभी  भी पुरानी तकनीक से हाकी सिखाई जा रही है। इसमें बदलाव लाना चाहिए। पूर्व कप्तान ने बताया कि उड़ीसा में •ाविष्य में उनकी हाकी एकेडमी की योजना है लेकिन इसमें काफी समय लगेगा। उन्होंने यह •ाी कहा कि यदि छत्तीसगढ़ में हाकी के विकास के लिए उनसे सहयोग मांगा जाएगा तो वे सहर्ष सहयोग करने तैयार हैं। तिर्की का यहां नेताजी सुभाष स्टेडियम स्थित वरिष्ठ खेल अधिकारी कार्यालय में स्वागत  किया गया। इस दौरान वरिष्ठ खेल अधिकारी राजेंद्र डेकाटे, नीता डुमरे, नोमान अकरम, परवेज शकीलुद्दीन, अरुण ध्रुव, मो. फारुख, रश्मि तिर्की प्रमुख रूप से मौजूद थीं।

कामनवेल्थ से सबक लें
भारतीय हाकी टीम के पूर्व कप्तान दिलीप तिर्की ने कामनवेल्थ गेम्स की मेजबानी को काफी अहम बताया और कहा कि इससे हमें सबक लेना चाहिए और जो सुविधाएं हमें कामनवेल्थ गेम्स में मिली थीं वह सभी  बड़े टूर्नामेंट में मिलनी चाहिए। तिर्की ने कहा कि कामनवेल्थ गेम्स के लिए काफी लंबे समय तक कैंप का आयोजन किया गया। खिलाड़ियों को ट्रेनिंग के लिए फारेन भेजा गया। यदि ओलंपिक में भी ऐसी ही तैयारियां हों तो हमें पदक मिल सकता है। हमें दीर्धकालीन खेल प्रशिक्षण की योजना पर अमल करना चाहिए। तिर्की ने विदेशियों से सीखने पर ज्यादा जोर देते हुए कहा कि विदेशों में खेलों का क्लब कल्चर है जिसकी जररूत भारत में भी है। इसके अलावा हमें वहां की खेल तकनीक और सुविधाओं पर  अमल कररना चाहिए।

 सबसे बड़ा दल हैंडबाल का


नेशनल गेम्स के कैंप का उद्घाटन 20 को खेल मंत्री करेंगी
रायपुर, १४, जवनरी. झारखंड में 12 फरवरी से आयोजित होने वाले 34वें नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ के 17 खेलों के कुल 175 खिलाड़ी, कोच और मैनेजर हिस्सा लेंगे। इन खेलों के प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन खेल मंत्री लता उसेंडी राजधानी में 20 जनवरी को यहां न्यू सर्किट हाऊस में करेंगी। इसके पूर्व 18 जनवरी से कैंप प्रारंभ  कर दिए जाएंगे। नेशनल गेम्स में सर्वाधिक 36 खिलाड़ी हैंडबाल के होंगे। इसके बाद बास्कटेबाल का सबसे बड़ा दल होगा। 
छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव बशीर अहमद खान ने बताया कि 34वें नेशनल गेम्स में कुल 175 खिलाड़ियों और अधिकारियों का दल हिस्सा ले रहा है। नेशनल गेम्स में कुल 17 खेलों में छत्तीसगढ़ की भागीदारी होगी। इनमें एथलेटिक्स, अरचरी, तैराकी, बास्केटबाल, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, शूटिंग, जिम्नास्टिक, हैंडबाल, कराते डू, फेंसिंग, बाक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, क्याकिंग एंड केनोइंग, थ्रेथलान, स्क्वैश और खो-खो शामिल  है। 21 दिनों तक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन रायपुर और •िालाई में किया जाएगा। इसका समापन 8 फरवरी को होगा। समापन समारोह में मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह मुख्य अतिथि होंगे। प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन के दौरान खेल मंत्री लता उसेंडी नेशनल गेम्स के लिए पात्रता प्राप्त खेलों के राज्य खेल संघों को चेक द्वारा राशि का भूगतान करेंगी। समापन समारोह में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों व प्रबंधकों को ट्रेक सूट, जूता व किट वितरित की जाएगी। छत्तीसगढ़ के 175 सदस्यीय नेशनल गेम्स के दल में सबसे बड़ा दल हैंडबाल का होगा जिसमें 36 खिलाड़ी और अधिकारी शामिल होंगे। हैंडबाल ने महिला और पुरुष दोनों वर्ग में पात्रता हासिल की है। इनमें 16-16 खिलाड़ियों के अलावा दो-दो कोच व मैनेजर शामिल होंगे। हैंडबाल के बाद दूसरा सबसे बड़ा दल बास्कटेबाल का होगा जिसके 24 खिलाड़ी और चार अधिकारियों सहित कुल 28 लोगों की भागीदारी होगी। बास्केटबाल ने  नेशनल गेम्स के लिए महिला और पुरुष दोनों वर्ग में हिस्सा ले रही है। अन्य खेलों में एथलेटिक्स में 13, तीरंदाजी में 6, तैराकी में 11, टेबल टेनिस में 7, बैडमिंटन में 3, शूटिंग में अनुमानित 15, जिम्नास्टिक में 6, कराते डू में 3, फेसिंग और बाक्सिंग में 6-6, वेटलिफ्टिंग में 3, क्याकिंग एंड केनोइंग में 6, थ्रेथलान 4, स्क्वैश में 8 और खो-खो में 14 खिलाड़ियों व अधिकारियों का दल हिस्सा लेगा।

कुल 86 पुरुष और 52  महिला खिलाड़ी

झारखंड नेशनल गेम्स के 175 सदस्यीय दल में कुल 22  प्रशिक्षक और 15 प्रबंधक हिस्सा ले रहे हैं। इनमें पुरुष खिलाड़ियों की संख्या 86 और महिला खिलाड़ियों की संख्या 52 है। एथलेटिक्स में एक •ाी महिला खिलाड़ी नेशनल गेम्स के लिए पात्र नहीं है। कुल 10 पुरुष खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। आरचरी में 4 महिला, तैराकी में 4-4 महिला-पुरुष, बास्केटबाल में 12 महिला, 12 पुरुष. टेबल टेनिस में 5 पुरुष, बैडमिंटन में 2 पुरुष, शूटिंग में 8 पुरुष, 4 महिला, जिम्नास्टिक में 2 पुरुष 2 महिला, हैंडबाल में 16 पुरुष, 16 महिला. कराते डू में 2 पुरुष, फेसिंग में 4 महिला, बाक्सिंग में 2 महिला, 2 पुरुष, वेटलिफ्टिंग में एक महिला, एक पुरुष, केनोइंग एंड क्याकिंग में 4 पुरुष, थ्रेथलान में 3 पुरुष स्क्वैश में 3 पुरुष, 3 महिला और खो-खो में 12 सदस्यीय पुरुष टीम जौहर दिखाएगी।

बस्तर को मिला मैराथन का तोहफा

  आश्रम के खिलाड़ियों को लाखों के खेल उपकरण
रायपुर, 13 जनवरी, २०११. राज्य निर्माण के इस एक दशक में पहली बार बस्तर के खिलाड़ियों को, खासतौर पर माता रुकमणी सेवा संस्थान डिमरापाल को लाखों रुपए की खेल सामग्री खेल संचालक ने दूसरे ही दिन प्रदान कर दी। राज्य मैराथन में बेहतर प्रदर्शन करने के दौरान आश्रम के संचालक पद्मश्री धर्मपाल सैनी ने खेल विभाग से खेल उपकरणों की मांग की थी जिससे बस्तर के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिल सके। इस मांग पर खेल विभाग ने तत्काल कदम उठाया और दूसरे ही दिन कई खेल उपकरण दे दिए।पाटन में आयोजित हुई राज्य मैराथन में पिछले साल की तरह इस साल भी सर्वाधिक खिताब बस्तर के खिलाड़ियों ने हासिल किए। महिला और पुरुष वर्ग में कुल 21 खिलाड़ियों ने मैराथन में अपना स्थान बनाया। शेष 19 खिलाड़ी अलग-अलग जिलों के थे। बस्तर के सभी खिलाड़ी माता रुकमणी सेवा संस्थान डिमरापाल आश्रम, माता शबरी आदिवासी कन्या आश्रम चिउरगांव और घुरली आश्रम के थे। बिना किसी कोच और खेल उपकरणों की सुविधाओं के बस्तर के खिलाड़ियों ने नंगे पैर ही मैराथन में हिस्सा लिया और अपनी क्षमता प्रदर्शित कर दी। इस दौरान आश्रम के संचालक पद्मश्री धर्मपाल सैनी से खेल संचालक जीपी सिंह ने कहा था कि जो भी सुविधाएं मांगी जाएंगी प्रदान की जाएगी। इसके ठीक एक दिन बाद श्री सैनी ने आश्रमों के लिए खेल सामग्री की मांग की और खेल विभाग ने तत्काल कई खेल उपकरण मुहैया करा दिए। श्री सैनी ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में पिछले तीन दशकों से उनका आश्रम जनजातीय छात्र-छात्राओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाते आ रहा है। खेल के क्षेत्र में बस्तर के चार आश्रम विशेष रूप से उभरकर सामने आए जिनमें तोकापाल विकासखंड का माता रुकमणी सेवा संस्थान डिमरापाल, बकावंड विकासखंड का शबरी आदिवासी कन्या आश्रम चिउरगांव, बालक-बालिका आदिवासी आश्रम घुरली शामिल है। इन तमाम आश्रमों में खेल उपकरणों का अभाव अब दूर हो जाएगा। खेल संचालक जीपी सिंह ने बताया कि खेल विभाग के पास फिलहाल जितने खेल उपकरण हैं वे आश्रमों को मुहैया कराए जा रहे हैं। जिन उपकरणों की कमियां होंगी वे भी उपलब्ध कराए जाएंगे। माता रुकमणी कन्या आश्रम में 600 छात्राओं के लिए दो रनिंग मशीन, 20 मैराथन जूते, एक जोड़ी फुटबाल गोलपोस्ट, 24  फुटबाल जूते, 12 फुटबाल, 12 स्पाइक शू, 12 थ्रोबाल, 6 वालीबाल, एक जोड़ी हैंडबाल, हाकी गोल पोस्ट, 10 हैंडबाल, टेनिस बाल क्रिकेट का सेट, 24 बाल, जिम्नास्टिक सेट की मांग की गई। माता शबरी कन्या आश्रम में 130 बालिकाओं के लिए जिम सेट, रनिंग मशीन, बास्केटबाल गोल पोस्ट सहित, बास्केटबाल, मैरथन जूते, वालीबाल का गोल पोस्ट, वालीबाल, गोला फेंक, तवा फेंक और भाला फेंक के उपकरण मांगे गए हैं। दंतेवाड़ा जिले के घुरली स्थित बालक-बालिका आश्रम के लिए भी जिम, रनिंग मशीन, मैराथन के जूते, वालीबाल, गोला, तवा, भाला फेंक के उपकरण तथा हाई जम्प पोस्ट व स्टाफ बाल सेट की मांग की गई है।
अगले साल दौड़ेंगे जूतों के साथराज्य मैराथन में राज्य के दूरस्थ इलाकों के धावक आज भी नंगे पैर दौड़ पूरी करते हैं। कई बार खिलाड़ियों के पैरों में छाले पड़Þ जाते हैं। लेकिन खेल विभाग से मिले खेल उपकरणों और मैराथन शू के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि बस्तर के खिलाड़ी अब जूते पहनकर मैराथन में भाग्य आजमाएंगे। श्री सैनी ने कहा कि वे इसके लिए उन्हें सालभर अभ्यास कराएंगे। इससे आश्रम के खिलाड़ियों को अधिकृत राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी हिस्सा लेने का मौका मिल सकेगा। राष्ट्रीय स्तर पर मैराथन व एथलेटिक्स की प्रतियोगिताओं में बिना जूतों के प्रवेश नहीं दिया जाता और कई बार खिलाड़ी राष्ट्रीय स्पर्धाओं से बाहर भी हुए हैं।

मनीषा रामटेके ने दिलाया राज्य को रजत पदक
हरियाणा के यमुना नगर में 2 जनवरी से 5 जनवरी तक आयोजित हुई यूथ नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में रायपुर की मनीषा रामटेके ने राज्य के लिए रजत पदक हासिल किया। मनीषा ने 40 किलोग्राम वजन वर्ग में 48 किलोग्राम स्नैच के साथ यह पदक हासिल किया। गुढियारी स्थित राधाकृष्णा हायर सेकंडरी स्कूल की दसवीं की छात्रा मनीषा के कोच जय सतनाम व्यायाम शाला के संचालक और विक्रम अवार्डी बुधराम सारंग हैं। मनीषा की इस उपलब्धि पर रायपुर जिला भारोत्तोलन संघ के अध्यक्ष रज्जन श्रीवास्तव, सचिव राजेंद्र सिंग यादव सहित कई पदाधिकारियों व खिलाड़ियों ने हर्ष व्यक्त किया है।