15 जनवरी, 2011

बस्तर को मिला मैराथन का तोहफा

  आश्रम के खिलाड़ियों को लाखों के खेल उपकरण
रायपुर, 13 जनवरी, २०११. राज्य निर्माण के इस एक दशक में पहली बार बस्तर के खिलाड़ियों को, खासतौर पर माता रुकमणी सेवा संस्थान डिमरापाल को लाखों रुपए की खेल सामग्री खेल संचालक ने दूसरे ही दिन प्रदान कर दी। राज्य मैराथन में बेहतर प्रदर्शन करने के दौरान आश्रम के संचालक पद्मश्री धर्मपाल सैनी ने खेल विभाग से खेल उपकरणों की मांग की थी जिससे बस्तर के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिल सके। इस मांग पर खेल विभाग ने तत्काल कदम उठाया और दूसरे ही दिन कई खेल उपकरण दे दिए।पाटन में आयोजित हुई राज्य मैराथन में पिछले साल की तरह इस साल भी सर्वाधिक खिताब बस्तर के खिलाड़ियों ने हासिल किए। महिला और पुरुष वर्ग में कुल 21 खिलाड़ियों ने मैराथन में अपना स्थान बनाया। शेष 19 खिलाड़ी अलग-अलग जिलों के थे। बस्तर के सभी खिलाड़ी माता रुकमणी सेवा संस्थान डिमरापाल आश्रम, माता शबरी आदिवासी कन्या आश्रम चिउरगांव और घुरली आश्रम के थे। बिना किसी कोच और खेल उपकरणों की सुविधाओं के बस्तर के खिलाड़ियों ने नंगे पैर ही मैराथन में हिस्सा लिया और अपनी क्षमता प्रदर्शित कर दी। इस दौरान आश्रम के संचालक पद्मश्री धर्मपाल सैनी से खेल संचालक जीपी सिंह ने कहा था कि जो भी सुविधाएं मांगी जाएंगी प्रदान की जाएगी। इसके ठीक एक दिन बाद श्री सैनी ने आश्रमों के लिए खेल सामग्री की मांग की और खेल विभाग ने तत्काल कई खेल उपकरण मुहैया करा दिए। श्री सैनी ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में पिछले तीन दशकों से उनका आश्रम जनजातीय छात्र-छात्राओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाते आ रहा है। खेल के क्षेत्र में बस्तर के चार आश्रम विशेष रूप से उभरकर सामने आए जिनमें तोकापाल विकासखंड का माता रुकमणी सेवा संस्थान डिमरापाल, बकावंड विकासखंड का शबरी आदिवासी कन्या आश्रम चिउरगांव, बालक-बालिका आदिवासी आश्रम घुरली शामिल है। इन तमाम आश्रमों में खेल उपकरणों का अभाव अब दूर हो जाएगा। खेल संचालक जीपी सिंह ने बताया कि खेल विभाग के पास फिलहाल जितने खेल उपकरण हैं वे आश्रमों को मुहैया कराए जा रहे हैं। जिन उपकरणों की कमियां होंगी वे भी उपलब्ध कराए जाएंगे। माता रुकमणी कन्या आश्रम में 600 छात्राओं के लिए दो रनिंग मशीन, 20 मैराथन जूते, एक जोड़ी फुटबाल गोलपोस्ट, 24  फुटबाल जूते, 12 फुटबाल, 12 स्पाइक शू, 12 थ्रोबाल, 6 वालीबाल, एक जोड़ी हैंडबाल, हाकी गोल पोस्ट, 10 हैंडबाल, टेनिस बाल क्रिकेट का सेट, 24 बाल, जिम्नास्टिक सेट की मांग की गई। माता शबरी कन्या आश्रम में 130 बालिकाओं के लिए जिम सेट, रनिंग मशीन, बास्केटबाल गोल पोस्ट सहित, बास्केटबाल, मैरथन जूते, वालीबाल का गोल पोस्ट, वालीबाल, गोला फेंक, तवा फेंक और भाला फेंक के उपकरण मांगे गए हैं। दंतेवाड़ा जिले के घुरली स्थित बालक-बालिका आश्रम के लिए भी जिम, रनिंग मशीन, मैराथन के जूते, वालीबाल, गोला, तवा, भाला फेंक के उपकरण तथा हाई जम्प पोस्ट व स्टाफ बाल सेट की मांग की गई है।
अगले साल दौड़ेंगे जूतों के साथराज्य मैराथन में राज्य के दूरस्थ इलाकों के धावक आज भी नंगे पैर दौड़ पूरी करते हैं। कई बार खिलाड़ियों के पैरों में छाले पड़Þ जाते हैं। लेकिन खेल विभाग से मिले खेल उपकरणों और मैराथन शू के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि बस्तर के खिलाड़ी अब जूते पहनकर मैराथन में भाग्य आजमाएंगे। श्री सैनी ने कहा कि वे इसके लिए उन्हें सालभर अभ्यास कराएंगे। इससे आश्रम के खिलाड़ियों को अधिकृत राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी हिस्सा लेने का मौका मिल सकेगा। राष्ट्रीय स्तर पर मैराथन व एथलेटिक्स की प्रतियोगिताओं में बिना जूतों के प्रवेश नहीं दिया जाता और कई बार खिलाड़ी राष्ट्रीय स्पर्धाओं से बाहर भी हुए हैं।

मनीषा रामटेके ने दिलाया राज्य को रजत पदक
हरियाणा के यमुना नगर में 2 जनवरी से 5 जनवरी तक आयोजित हुई यूथ नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में रायपुर की मनीषा रामटेके ने राज्य के लिए रजत पदक हासिल किया। मनीषा ने 40 किलोग्राम वजन वर्ग में 48 किलोग्राम स्नैच के साथ यह पदक हासिल किया। गुढियारी स्थित राधाकृष्णा हायर सेकंडरी स्कूल की दसवीं की छात्रा मनीषा के कोच जय सतनाम व्यायाम शाला के संचालक और विक्रम अवार्डी बुधराम सारंग हैं। मनीषा की इस उपलब्धि पर रायपुर जिला भारोत्तोलन संघ के अध्यक्ष रज्जन श्रीवास्तव, सचिव राजेंद्र सिंग यादव सहित कई पदाधिकारियों व खिलाड़ियों ने हर्ष व्यक्त किया है।

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