17 जनवरी, 2011

एक दशक में पहली बार टेटे को इंट्री


झारखंड नेशनल गेम्स में पुरुष खिलाड़ियों से है 
बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
रायपुर, १६ जनवरी, २०११.  राज्य निर्माण के इन दस सालों में पहली बार छत्तीसगढ़ की टेबल टेनिस की इंट्री नेशनल गेम्स में हुई है। टेबल टेनिस जैसे खेल में नेशनल गेम्स में पात्रता  हासिल करना काफी कठिन होता है और छत्तीसगढ़ की टीम इस समय सातवें स्थान पर है और मेजबान झारखंड आठवीं टीम है।
सीनियर नेशनल में अंतिम आठ पहुंचने वाली टीमों को नेशनल गेम्स में खेलने की पात्रता दी जाती है। रैंकिंग वाले खेल टेबल टेनिस में नेशनल गेम्स के लिए पात्रता हासिल करना काफी कठिन होता है। हालांकि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी हर साल सीनियर नेशनल में हरसं•ाव प्रयास करते रहे हैं। लेकिन सफलता सालों बाद मिली। पिछले साल पटना सीनियर नेशनल में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने काफी अच्छे खेल  का प्रदर्शन किया था। छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस एसोसिएशन के सचिव अमिता•ा शुक्ला ने बताया कि छत्तीसगढ़ की टीम ने सीनियर नेशनल में दसवां स्थान हासिल किया था। सीनियर नेशनल में देना बैंक की टीम के अलावा महाराष्ट्र और  पश्चिम बंगाल की दो टीमें हिस्सा लेती हैं। लेकिन नेशनल गेम्स में ये टीमें कट जाती हैं और इसका पूरा फायदा छत्तीसगढ़ को मिला। छत्तीसगढ़ को सातवां स्थान मिल गया जिससे पात्रता मिल गई। श्री शुक्ला ने बताया कि फिलहाल राज्य की सीनियर टीमें कोलकाता में खेली जा रही 72वीं सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा ले रही हैं। वहां से पुरुष टीम लौटने के बाद नेशनल गेम्स की तैयारियों में जुट जाएगी। नेशनल गेम्स के पात्र पुरुष टीम के खिलाड़ियों में विनय बैसवाड़े, विजय बैसवाड़े रायपुर, अंशुमन राय रायपुर, सागर घाटगे रायपुर और ए संतोष दुर्ग शामिल हैं। श्री शुक्ला ने बताया कि टेबल टेनिस में खिलाड़ियों को उच्च प्रशिक्षण देने पिछले साल पूर्व नेशनल चैंपियन कमलेश मेहता को आमंत्रित करने की योजना थी लेकिन किसी कारणवश श्री मेहता को आमंत्रित नहीं किया जा सका। लेकिन इस साल इस विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा और इसके लिए श्री मेहता से कोलकाता में ही चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि नेशनल गेम्स में पहली बार हिस्सा लेना काफी अहम है और इसके लिए खिलाड़ियों को कड़ा अ•यास कराया जाएगा।

आरचरी पर टिकी रहेंगी नजरें


बिलासपुर रेलवे के खिलाड़ियों से मिल सकता  है 
छत्तीसगढ़ को झारखंड नेशनल गेम्स का पदक

 झारखंड के 34वें नेशनल गेम्स में इस बार नजरें टिकी रहेंगी आरचरी पर। दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के खिलाड़ियों के छत्तीसगढ़ से खेलने का पूरा फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि इसके पहले खिलाड़ियों को पात्रता हासिल करनी होगी और इसके लिए खिलाड़ियों में काफी आत्मविश्वास भी है।
छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने पिछले साल गोवाहाटी के 33वें नेशनल गेम्स में भी हिस्सा लिया था। इनमें राधा बाई  शामिल थीं। हालांकि तीरंदाजों ने कोई खास प्रदर्शन नहीं किया था। झारखंड में होने वाले 34वें नेशनल गेम्स के लिए छत्तीसगढ़ की चार महिला खिलाड़ियों ने पात्रता हासिल कर ली है। दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन के खिलाड़ी भी छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने वाले हैं। इसके पूर्व ये खिलाड़ी अगले माह 5 से 10 फरवरी तक विजयवाड़ा में आयोजित होने वाली सीनियर नेशनल आरचरी चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगे। इस चैंपियनिशिप में इन खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद की जा रही है क्योंकि ये खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ी हैं। इनमें रुशाली गोरले, साकरो बेसरा, मंजूधा, शिवनाथ नगेशिया, वी प्रणीता और विकास सहरावत शामिल हैं। हाल ही में दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे आरचरी प्रतियोगिता में इन खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। साकरो बेसरा और मंजूधा मूलत: झारखंड की हैं और इन खिलड़ियों ने भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक  हासिल किया है। साकरो ने झारखंड के लिए 2007 में गोवाहाटी नेशनल गेम्स में हिस्सा लिया था और वे चौथे स्थान पर रहीं थीं। विकास ने गोवाहाटी नेशनल गेम्स में रजत पदक हासिल किया था। शिवनाथ नागेशिया ने 2002 में हैदराबाद के नेशनल गेम्स में चैंपियन थे तो रुशाली ने 33वें नेशनल गेम्स में महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व किया था। मंजूधा ने 33वें नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल किया था।

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