31 जनवरी, 2011

लड़कियां बास्केटबाल में नंबर वन



खेल के प्रति लगनशीलता ज्यादा होने
 की वजह से लड़कों से आगे : चंदर मोहन
रायपुर ३१ जनवरी, २०११.  भारतीय बास्केटबाल फेडरेशन के तकनीकी कमिशन के कन्वीनर चंदर मोहन का मानना है कि छत्तीसगढ़ की लड़कियों का बास्केटबाल में कोई जवाब नहीं है और इसका पूरा श्रेय कोचिंग व खिलाड़ियों को मिल रही सुविधाओं को जाता है। उन्होंने कहा कि लड़कियों में किसी भी काम के प्रति लगनशीलता ज्यादा होती है। इसलिए वे आगे रहती हैं।
राजधानी में अगले माह 10 फरवरी से आयोजित हो रहे फेडरेशन कप बास्कटेबाल प्रतियोगिता के लिए सुविधाओं का जायजा लेने आए चंदर मोहन ने राजधानी से रवाना होने से पूर्व इनडोर स्टेडियम की काफी तारीफ की। उन्होंने नेशनल लुक से कहा कि काफी बेहतर स्टेडियम है और यदि किसी राज्य को राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए इनडोर स्टेडियम मिल रहा है तो यह काफी अहम बात है। इससे खिलाड़ियों को काफी लाभ मिलेगा। भारतीय बास्केटबाल संघ की तकनीकी कमिशन के कन्वीनर चंदर मोहन ने यह भी कहा कि बास्केटबाल में आउटडोर में अ•यास करने के बाद इनडोर में मुकाबले खेलने में खिालड़ियों का खेल काफी प्रभावित होता है। कई तकनीकी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ की लड़कियां देशभर में इस खेल में नंबर वन पर हैं। इसकी वजह नियमित कोचिंग और अ•यास के साथ सुविधाएं भी हैं। उन्होंने इस  बात पर ज्यादा जोर नहीं दिया कि बास्केटबाल में लंबे खिलाड़ियों की कमी से किसी टीम पर कोई प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि खिलाड़ी लंबा न भी हो तो उसका फुटवर्क, बेसिक फंडामेंटल मजबूत होना चाहिए। यदि कोई खिलाड़ी लंबा है और उसका बेसिक फंडामेंटल नहीं है तो उसका टीम को कोई विशेष लाभ नहीं मिलेगा। चंदर मोहन दिल्ली बास्कटेबाल संघ के संरक्षक भी हैं। उन्होंने लंबे खिलाड़ियों को लेकर यह भी कहा कि लंबाई से एडिशनल फायदा मिलता है और लंबे खिलाड़ियों को तकनीकी रूप से भी मजबूत होना चाहिए।

फेडरेशन कप में उम्मीदें लड़कियों से
राजधानी में 10 फरवरी से आयोजित होने वाली 25वीं आईएमजी रिलायंस फेडरेशन कप नशनल बास्केटबाल चैंपियनशिप की तैयारियां जारी  हैं। इस प्रतियोगिता के लिए भिलाई के पंत स्टेडियम में कैंप का आयोजन किया गया है जिसमें महिला और पुरुष दोनों वर्ग के खिलाड़ी कड़ा अभ्यास कर रहे हैं। टीम की घोषणा शीघ्र की जाएगी।
छत्तसगढ़ बास्केटबाल संघ के सचिव और अंतरराष्ट्रीय कोच राजेश पटेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ की महिला और पुरुष दोनों टीमों की घोषणा आयोजन के तीन दिन पूर्व यानी 7 फरवरी तक घोषित कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि फेडरेशन कप के लिए घोषित होने वाली दोनों टीमें 34वें नेशनल गेम्स में भी हिस्सा लेंगी। दोनों बड़ी स्पर्धाओं के लिए एक साथ टीम की घोषणा की जाएगी। फेडरेशन कप की महिला टीमों में मेजबान छत्तीसगढ़ सहित दक्षिण रेलवे चेन्नई, दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल और पंजाब तथा पुरुष वर्ग में वेस्टर्न रेलवे मुंबई, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तराखंड, सर्विसेस, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश व मेजबान छत्तीसगढ़ शामिल है। पिछले फेडेरशन कप में महिला वर्ग में दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर की टीम विजेता थी। छत्तीसगढ़ की टीम इसलिए खिताब तक नहीं पहुंच सकी थी क्योंकि शीर्ष खिलाड़ी रेलवे का प्रतिनिधित्व कर रहीं थीं। श्री पटेल के मुताबिक फेडरेशन कप में महिला वर्ग में खिताब की पूरी उम्मीद है क्योंकि इस वर्ष बिलासपुर रेलवे फेडरेशन कप में शामिल नहीं है और ऐसे में रेलवे की राज्य की अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी छत्तीसगढ़ का ही प्रतिनिधित्व करेंगी। पुरुष वर्ग में सेमीफाइनल तक पहुंचने की उम्मीद है। छत्तीसगढ़ की संभावित टीमों के खिलाड़ियों में महिला वर्ग में  अंजु लकड़ा, सीमा सिंह, भारती नेताम, एम पुष्पा, आकांक्षा सिंह, अरुणा किंडो, एल दीपा, शोषण तिर्की, निकिता गोदामकर, कविता (रेलवे बिलासपुर), कविता, जेलना जोस, रंजीता कौर, पुष्पा निषाद (बीएसपी), पूजा देशमुख (रायपुर), मुख्य प्रशिक्षक राजेश पटेल, सहायक प्रशिक्षक इकबाल अहमद खान, सरजीत चक्रवर्ती, एमवीवीजे सूर्यप्रकाश (बीएसपी) शामिल हैं। पुरुष वर्ग में  अजय प्रताप सिंह, अंकित पाणिग्रही, पवन तिवारी, समीर राय, के राजेश कुमार (बीएसपी), किरणपाल सिंह, लुमेंद्र साहू, मनोज सिंह, शिवेंद्र निषाद, श्रवण कुमार (रेलवे बिलासपुर), आशुतोष सिंह, जानक रानाथ कुमार, आनंद सिंह (दुर्ग), पुष्पांक (राजनांदगांव), मुख्य प्रशिक्षक आरएस गौर, सहायक प्रशिक्षक एस दुर्गेश राजु (बीएसपी), विपिन बिहारी सिंह (बिलासपुर) शामिल हैं। इन्हीं खिलाड़ियों में से टीम का गठन किया जाएगा।

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