28 फ़रवरी, 2011

राजधानी को स्क्वैश एकेडमी की सौगात


मुख्यंत्री डॉ. रमण सिंग स्क्वैश के नेशनल प्लेयर्स के साथ.

मुख्यमंत्री ने दी छत्तीसगढ़ स्क्वैश एसोसिएशन 
की बैठक में सैध्दांतिक सहमति
 छत्तीसगढ़ स्क्वैश एसोसिएशन की महत्वपूर्ण बैठक 

प्रमुख शहरों के खेल स्टेडियम में बनेंगे स्कवैश कोर्ट
रायपुर. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि स्क्वैश के खेल को बढ़ावा देने के लिए रायपुर में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की सर्व सुविधायुक्त स्कवैश खेल अकादमी की स्थापना की पहल की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कल यहां अपने निवास पर आयोजित छत्तीसगढ़ स्क्वैश एसोसिएशन की एक महत्वपूर्ण बैठक में इस प्रस्ताव को सैध्दांतिक सहमति प्रदान की। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के साथ छत्तीसगढ़ स्कवैश एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जहां इंडोर खेल स्टेडियम और अच्छे स्टेडियम बनाए जा रहे हैं, वहां भी स्कवैश कोर्ट बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भिलाई-दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव और कोरबा में स्कवैश कोर्ट बनाए जाएंगे। डॉ. सिंह ने बैठक में संघ की ओर से स्कवैश को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाएं आयोजित करने के प्रस्ताव को भी सहमति प्रदान की। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता आगामी जुलाई-अगस्त माह में आयोजित की जाएगी। बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक श्री जी.पी. सिंह भी उपस्थित थे।
    मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रही स्कवैश खेल की गतिविधियों तथा विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में राज्य के खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य में स्कवैश खेल के लिए जरूरी अधोसंरचना के विकास के लिए राज्य शासन द्वारा हर संभव मदद दी जायेगी। इस अवसर पर उन्होंने 34 वें राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों सहित राज्य के अन्य कई वरिष्ठ एवं जूनियर बच्चों की हौसला अफजाई की। उन्होंने 34 वें राष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेने वाले राज्य के स्कवैश खिलाड़ियों बालक वर्ग में रूचिर जिंदल, कुन्दन सिंह और प्रशान्त अग्रवाल तथा बालिका वर्ग में निकिता मिश्रा, आरूषी चौहान और शौर्या यदु और छत्तीसगढ़ स्कवैश टूर्नामेंट के विजेता खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री ने जूनियर वर्ग में आदित्य सिंह, आरूषी चौहान, अरूणी चौहान, शौर्या, श्रध्दा सिंह को पुरस्कृत किया । उन्होंने बच्चों को खेलों के साथ मन लगा कर पढ़ाई करने की समझाईश भी दी। मुख्यमंत्री ने वर्ल्ड स्कवैश फेडरेशन के अध्यक्ष श्री रामाचन्द्रन और छत्तीसगढ़ स्कवैश एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष श्री राकेश सिंह तथा उनकी टीम द्वारा स्कवैश को प्रदेश में बढ़ावा देने के लिए किए गये प्रयासों की सराहना की। बैठक में छत्तीसगढ़ स्कवैश एसोसिएशन के सचिव डॉ. विष्णु श्रीवास्तव सहित अनेक पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।


खेलों ने बदल दी झारखंड की तस्वीर




झारखंड की तरह छत्तीसगढ़ की भी  बदल जाएगी तकदीर
झारखंड से कमलेश गोगिया
 कुछ  देर के लिए यदि 110 करोड़ रुपयों के घोटालों की जांच, व्यवस्था में कमी, अधूरे खेलगांव के साथ हड़बड़ी में कराए  गए झारखंड के 34वें राष्ट्रीय खेलों की गड़बड़ियों को भूल जाएं तो जाहिर है कि खेलों ने इस राज्य की तकदीर ही बदल दी है। खेलों की जिन बुनियादी सुविधाओं का विकास झारखंड में हुआ है उससे आने वाले समय में इस राज्य को कई और भी राष्ट्रीय पदक मिलेंगे। सिर्फ दो नेशनल गेम्स का इंतजार है जब छत्तीसगढ़ में भी इन खेलों का आयोजन होगा और अपने राज्य की भी तस्वीर बदल जाएगी
रांची। 34वें राष्ट्रीय खेलों का जिस भव्यता के साथ यहां समापन हुआ उसे देशभर की मीडिया ने कवर  किया और झारखंड राज्य का नाम लोकप्रिय हो गया। स्थानीय प्रिंट मीडिया ने समापन समारोह को पूरा एक पेज दे दिया। द टेलीग्राफ ने तो प्रथम पृष्ठ पर वेलडन झारखंड की हैडिंग के साथ इस राज्य में खेलों के विकास की सराहना की है और आने वाला भविष्य सुखद बताया है। झारखंड में भले ही छह बार 34वें राष्ट्रीय खेल स्थगित हुए लेकिन जब खेल शुरू  हुए तो वर्ल्ड कप की चमक भी फीकी पड़ गई। रोजाना हजारों की भीड़ ने लगातार 14 दिन तक बिरसा मुंडा स्टेडियम से लेकर मेगा स्पोर्ट्स काम्पलेक्स में अपनी दस्तक दी। खेल देखने के लिए लोग घंटों लंबी कतार लगाए खड़े रहते थे। यहां के  लोगों के लिए खेलों का यह महाउत्सव पहला अनुभव था और उन्हें हर खेल का रोमांच एक ही स्थान पर देखने मिल रहा था जो इसकी सफलता का सबसे बड़ा माध्यम बना। करीब 325 एकड़ में बनाए गए मेगा स्पोर्ट्स कामलेक्स में प्रशासनिक भवन से लेकर नेशनल गेम्स अयोजन समिति भवन, शूटिंग रेंज, वेलोड्रम, टेनिस, कबड्डी, हैंडबाल, बास्केटबाल, एक्वेस्टियन, तैराकी, टेबल  टेनिस जैसे इनडोर  खेल और एथलेटिक्स के आउटडोर खेलों की  एक ही जगह सुविधाओं ने इसे तमाम गड़बड़ियों के बाद भी सफल बना दिया। लेकिन हमें झारखंड में हुई गड़बड़ियों से सबक लेना जरूरी है जिससे 37वें राष्ट्रीय खेलो का सफल अयोजन किया जा सके। किसी भी नेशनल  गेम्स के लिए सबसे अहम है सुरक्षा व्यवस्था और झारखंड के लिए इसे अच्छी किस्मत  ही  मानें कि सुरक्षा की बिना किसी विशेष व्यवस्था के भी  कोई दुर्घटना नहीं  हुई।
सबकुछ निपट गया भगवान भरोसे

झारखंड के 34वें राष्ट्रीय खेल जैसे-तैसे निपट गए और सच्चाई यह है कि सबकुछ भगवान भरोसे निपट गया। इसे आम लोगों का सहयोग मानें या मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की बेहतर किस्मत। किसी भी नेश्नल गेम्स के लिए सबसे अहम चीजें होती हैं खेलगांव, खेल की अधोसंरचना, भोजन व यातायात की बेहतर सुविधाएं। झारखंड में केवल खेल की अधोसंरचनाओं ने लोगों का दिल जीता। जबकि नेशनल  गेम्स के निपटते ही सारे अधिकारी गायब हो गए और देश के कई राज्यों के खिलाड़ी खेलगांव  से  वापस अपने-अपने  राज्य लौटने गाड़ियों के लिए भटकते रहे। छत्तीसगढ़ की हैंडबाल टीम को तो रांची से जमशेदपुर जाकर  ट्रेन पकड़ने के लिए अपनी बस करानी पड़ी। हैरानी की बात तो यह भी है कि झारखंड का कोई भी चीफ डी मिशन नहीं बनाया गया था। अयोजन समिति ने मनमाने किसी के भी एक्रेडिएशन कार्ड बना दिए। मजेदार बात  तो यह  भी  है कि  झारखंड का कोई भी चीफ डी मिशन नहीं बनाया गया था।
ये हुआ बेहतर
0. ट्रांसपोटिंग  की बेहतर  सुविधाएं।
0. रोजाना खेलगांव  में सांस्कृतिक कार्यक्रम।
0. भोजन की बेहतर व्यवस्था (तीन डोम बनाए गए थे  जिसमें 10 हजार  खिलाड़ियों ने आराम से 14 दिनों तक भोजन किया)।
0. उद्घाटन व समापन समारोह का भव्य आयोजन।
0. आम जनता का भरपूर  सहयोग (नेशनल  गेम्स के इतिहास में पहली बार हजारों  की भीड़ रोजाना देखी गई)।
ये हुईं गड़बड़ियां जिनसे बचना है हमें
0. कमजोर  सुरक्षा व्यवस्था
0. राज्य ओलंपिक संघ व सरकार  में तालमेल का अभाव
0. खेलगांव में महिला-पुरुष खिलाड़ियों के लिए एक ही जगह आवास,  भोजन की व्यवस्था
0. खेलगांव के अंदर पुलिस की लचर व्यवस्था

 सात पदक से संतुष्ट नहीं हूं : बशीर

छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव बशीर अहमद खान का कहना  है कि वे 34वें  राष्ट्रीय खेलों में मिले सात पदक से संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि छत्तीगढ़ को दस से ज्यादा  पदक मिलने की उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि हैंडबाल में हमें दो, बास्केटबाल में दो, बाक्सिंग में एक, वेटलिफ्टिंग में दो, तीरंदाजी में दो, क्याकिंग केनोइंग में एक व कुश्ती तीन तथा नेटबाल में तीन पदक मिलने की उम्मीद  थी। श्री खान ने  कहा कि हम इससे ज्यादा पदक की उम्मीद नहीं थी क्योंकि कई खेलों में राज्य के पास बेहतर सुविधाएं नहीं  हैं और हमें एक माह  पहले यह भी नहीं पता था कि कौन सी टीम नेशनल गेम्स में हिस्सा लेने वाली है। श्री खान ने कहा कि हमारे पास प्रश्क्षिकों की कमी है, अंतरराष्ट्रीय  मापदंड के खेल उपकरण और खेलों की बुनियादी  सुविधाएं नहीं  हैं। हमारे  पास हाकी का न तो टर्फ है और न एथलेटिक्स का बेहतर ट्रेक। इसके बावजूद हमने सात पदक हासिल किए हैं। श्री खान ने कहा कि हमें केरल के 35वें राष्ट्रीय खेलों के लिए अभी से जुट जाना चाहिए।

नेशनल गेम्स से मिली ये सुविधाएं

0. 325 एकड़ जमीन में मेगा स्पोर्ट्स काम्पलेक्स
0. शेख भिखारी प्रशासनिक भवन (एक लाख स्क्वायर मीटर)
0. बिरसा   मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम (556000 स्कवायर मीटर में 35 हजार  दर्शकों के बैठने की व्यवस्था)
0. गणपत राय इनडोर स्टेडियम (5800 स्क्वायर मीटर में जूडो, जिम्नास्टिक, बाक्सिंग, फेंसिंग के इनडोर स्टेडियम में 2000 दशर््कों के बैठने की व्यवस्था)
0. हरिवंश ताना भगत इनडोर स्टेडियम (वालीबाल, बास्केटबाल कोर्ट, 4000 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था)
0. वीर भानू भगत एक्वेटिक स्टेडियम (10 हजार स्क्वायर मीटर में निर्माण, 3194 दर्शकों की बैठक व्यवस्था)
0. ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव इनडोर स्टेडियम (6600 स्क्वायर मीटर में निर्माण, बैडमिंटन, टेनिस  कोर्ट, 2000 दर्शकों की बैठक व्यवस्था)
0. टेनिस  स्टेडियम (2 हजार  दर्शकों की बैठक व्यवस्था)
0. एस्ट्रो टर्फ हाकी स्टेडियम (5 हजार  दर्शकों की बैठक व्यवस्था)
0. बिरसा मुंडा फुटबाल स्टेडियम (40 हजार  दर्शकों की बैठक  व्यवस्था)
0. टिकैत उमरांव शूटिंग  रेंज (16 हजार स्क्वायर मीटर में निर्माण)
0. वेलोड्रम (10 हजार स्क्वायर मीटर में निर्माण, साइकिलंग)
0. अलबर्ट एक्का स्टेडियम (2450 स्क्वायर मीटर में निर्माण, 2000 दर्शकों की व्यवस्था, खो-खो, कबड्डी कोर्ट)
0. जेआरडी टाटा स्टेडियम जमशेदपुर (आरचरी, फुटबाल ट्रेक, 35 हजार दर्शकों की बैठक व्यवस्था)
0. मैथन डैम (रोविंग, क्याकिंग)
0. कीनोन स्टेडियम (19 हजार दर्शकों की बैठक व्यवस्था, बाक्सिंग )

झारखंड को देश के पहले खेल विश्वविद्यालय की सौगात

राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी ने एक तरफ जहां झारखंड के पदक विजेता खिलाड़ियों को मालामाल कर  दिया तो दूसरी तरफ देश के पहले  खेल विश्वविद्यालय की सौगात भी दे दी। 34वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए झारखंड सरकार ने शहर के बीच ही मेगा स्पोर्ट्स काम्पलेक्स  का निर्माण किया है जहां दर्जनभर से ज्यादा खेलों के अंतरराष्ट्रीय मापदंड के इनडोर व आउटडोर स्टेडियम बनाए गए हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री  अर्जुन मुंडा ने कहा कि मेगा  स्पोर्ट्स काम्पलेक्स में देश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी खोली जाएगी। उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो के मुताबिक देश का पहला खेल विश्वविद्यालय रांची के मेगा स्पोर्ट्स काम्पलेक्स में बनाया जाएगा और राज्य में खेलों की जिन आधारभूत संरचनाओं का विकास हुआ है उससे झारखंड में सिर्फ राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी  कई स्पर्धाओं का सफल आयोजन किया जा सकेगा। इसके अलावा यहां के खिलाड़ी विश्व खेल नक्शे में भी अपना नाम अंकित कर  सकेंगे।

25 फ़रवरी, 2011

बकअप छत्तीसगढ़, मिल गया चौथा स्वर्ण


झारखंड नेशनल गेम्स में राज्य को कुल सात
पदक  एक कदम अगे बढ़ गए हम

झारखंड से कमलेश गोगिया
 अंतत: छत्तीसगढ़ की उम्मीदों पर महिला हैंडबाल टीम खरी उतरी और महाराष्ट्र को खिताबी मुकाबले में हराकर नेशनल गेम्स का चौथा स्वर्ण पदक हासिल कर लिया। छत्तीसगढ़ ने झारखंड नेशनल गेम्स में कुल सात पदक हासिल कर लिए हैं। इस तरह राज्य निर्माण के पिछले एक दशक में छत्तीसगढ़ ने नेशनल गेम्स में चार बार प्रतिनिधित्व कर 21 पदक  हासिल किए हैं। छत्तीसगढ़ की सात पदकों के बाद चुनौती समाप्त हो गई है।
रांची। शुक्रवार का दिन छत्तीसगढ़ के लिए खुशियों की सौगात लेकर आयाा। छत्तीसगढ़ की महिला हैंडबाल टीम ने फाइनल मुकाबले में महाराष्ट्र को 30-19  गोल  से  पराजित कर स्वर्ण पदक हासिल कर लिया। सच पूछिए तो छत्तीसगढ़ ने असम नेशनल गेम्स का एक बार फिर से इतिहास दोहरा दिया। असम के 33वें राष्ट्रीय खेलों में •ाी छत्तीसगढ़ ने स्वर्ण पदक हसिल किया था। महाराष्ट्र के साथ खेला गया फाइनल मुकाबला काफी  रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा। इस मैच  को जीतने के लिए दोनों ही  टीमों ने पूरी ताकत झोंक दी थी। छत्तीसगढ़ की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों श्रीमती अनिता राव, जूलियट लारेंस और शबनम (तीनों विवाहित खिलाड़ियों की तिकड़ी) ने काफी बेहतर खेल का  प्रदर्शन किया। ये तीनों खिलाड़ी असम के नेशनल गेम्स में भी छत्तीसगढ़ की टीम में शामिल थी। फाइनल मुकाबले के पहले हाफ में छत्तीसगढ़ की टीम12-9 गोल से आगे थी। पहला हाफ काफी रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा। पहले हाफ में छत्तीसगढ़ का डिफेंस भी काफी कमजोर था। लेकिन टीम ने दूसरे हाफ में आपसी तालमेल के साथ खेलना शुरू किया और अपना डिफेंस मजबूत कर फाइनल मुकाबला 11 अंकों से जीत लिया। छत्तीसगढ़ की वेकंटलक्ष्मी ने सर्वाधिक 10 गोल, श्रीमती एम अनिता राव ने 6 गोल, करिश्मा ने 5 गोल किए। महाराष्ट्र की निशा पाटिल ने 8, उज्जवला ने 5 और कोमल ने 3 गोल किए। इस स्वर्णिम उपलब्धि के बाद छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी खुशी से झूम उठे। छत्तीसगढ़ की कप्तान अनामिका मुखर्जी ने कहा कि हमें जीत की पूरी उम्मीद  थी और हमने  फाइनल मुकाबले में बेहतर तालमेल बनाए रखा जो जिसका बेहतर  परिणाम सामने आया। छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव और राज्य हैंडबाल संघ के सचिव बशीर अहमद खान ने कहा कि छत्तीसगढ़ की हैंडबाल टीम से स्वर्ण पदक की उम्मीद थी और टीम ने पदक हासिल कर दिखाया। छत्तीसगढ़ की इस जीत के बाद राज्य के सात पदक तय हो  गए। इसके बाद किसी खेल में छत्तीसगढ़ की चुनौती नहीं बची। छत्तीसगढ़ की इस उपलब्धि पर राज्यपाल शेखर दत्त, मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह, खेल मंत्री लता उसेंडी, खेल सचिव सुब्रत साहू, खेल संचालक जीपी सिंह सहित राज्य ओलंपिक संघ के कई पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त किया है।
मिलेगा पांच लाख का नगद पुरस्कार
छत्तीसगढ़ की महिला हैंडबाल टीम को इस स्वर्णिम उपलब्धि पर पांच लाख रुपए का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा शूटिंग टीम को पांच लाख रुपए, बास्केटबाल टीम को तीन लाख रुपए, कुश्ती के पदक विजेता आनंद को 50 हजार रुपए, अंबर सिंह •ााद्वाज को एक लाख रुपए और शूटिंग में व्यक्तिगत स्वर्ण पर एक लाख रुपए का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने नेशनल गेम्स के पदक विजेताओं के लिए लाखों रुपए के नगद पुरस्कार की घोषणा की थी। उन्होंने टीम गेम और व्यक्तिगत इवेंट दोनों में अलग-अलग घोषणा की थी। टीम गेम में स्वर्ण पदक पर पांच लाख रुपए, रजत पदक पर तीन लाख रुपए व कांस्य पदक पर दो लाख रुपए के नगद पुरस्कार की घोषणा की गई थी। व्यक्तिगत खेलों में स्वर्ण पदक पर एक लाख रुपए, रजत पदक पर 75 हजार रुपए और कांस्य पदक पर 50 हजार रुपए के नगद पुरस्कार की घोषणा की गई थी। 

22 फ़रवरी, 2011

छत्तीसगढ़ को बास्केटबाल में रजत पदक


फाइनल में तमिलनाडु से मिली पराजय, असम 
नेशनल गेम्स का दोहराया इतिहास
 झारखंड के 34वें राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की महिला बास्केटबाल टीम ने पदक तो हासिल किया लेकिन उसकी स्वर्ण हासिल करने की मंशा पर एक बार फिर से पानी फिर गया। खिताब की दावेदार तमिलनाडु ने छत्तीसगढ़ को 31 अंकों के अंतर से पराजित कर स्वर्ण पदक हासिल कर लिया। छत्तीसगढ़ को रजत पदक पर संतोष करना पड़ा। इसके पहले असम के 33वें राष्ट्रीय खेलों में भी तमिलनाडु ने छत्तीसगढ़ को हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया था। छत्तीसगढ़ को अब तक राष्ट्रीय खेलों में पांच पदक मिल चुके हैं।
रायपुर। 34वें राष्ट्रीय खेलों के फाइनल में पहुंची छत्तीसगढ़ की महिला बास्केटबाल टीम की भिडंत खिताब की दावेदार तमिलनाडु के साथ हुई जिसमें दक्षिण रेलवे के खिलाड़ी शामिल थे। छत्तीसगढ़ की टीम ने हालांकि फाइनल में काफी बेहतर खेल का प्रदर्शन दिखाया लेकिन उसकी जीत हासिल करने की मंशा धरी रह गई। हालांकि टीम ने रजत पदक हासिल कर राज्य के खाते में पांचवा पदक जरूर डाला है। फाइनल में छत्तीसगढ़ को 79-48 अंकों से पराजय का सामना करना पड़ा। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने शुरुआती क्वार्टर में हालांकि काफी अच्छे खेल का प्रदर्शन किया लेकिन इसके बाद टीम बिखरी नजर आई और आपसी तालमेल की भी कमी देखने को मिली। हालांकि टीम के अनुभवी और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने पूरी ताकत लगा दी थी स्वर्ण पदक के लिए लेकिन रेलवे के आगे खिलाड़ी बौने साबित हुए। छत्तीसगढ़ की झोली में अब पांच पदक हो गए हैं। छत्तीसगढ़ को पहला पदक कराते में अंबर सिंह भारद्वाज ने दिलाया था। इसके बाद 21 फरवरी को निशानेबाजी में तीन पदक मिले। पांचवा पदक छत्तीसगढ़ को महिला बास्केटबाल टीम ने दिलाया। पिछले नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ को कुल छह पदक मिले थे जिसमें तीन स्वर्ण और तीन रजत पदक शामिल थे। छत्तीसगढ़ की महिला बास्केटबाल टीम ने कर्नाटक को पहले लीग मैच मे पराजित किया था। दूसरे मैच में पंजाब को हराकर छत्तीसगढ़ सेमीफाइनल में पहुंची थी। सेमीफाइनल में छत्तीसगढ़ ने दिल्ली को हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। छत्तीसगढ़ ने हैदराबाद में 2002 के ने्शनल गेम्स में पहली बार स्वर्ण पदक हासिल किया था। राज्य निर्माण के एक दशक में छत्तीसगढ़ की महिला बास्केटबाल टीम ने रिकार्ड तीसरी बार फाइनल में प्रवेश किया है। अब तक नेशनल गेम्स के दो रजत और एक स्वर्ण पदक मिल चुके हैं।
टीम -कप्तान अंजु लकड़ा, सीमा सिंह, भारती नेताम, पुष्पा, अकांक्षा सिंह, अरुणा किंडो, एल दीपा, शोषण तिर्की (सभी दपूम रेलवे बिलासपुर), कविता, जेलना जोश (बीएसपी), पूजा देशमुख (रायपुर), निकिता गोदामकर (राजनांदगांव), मुख्य कोच राजेश पटेल, सहायक कोच इकबाल अहमद खान, प्रबंधक साजी टी थामस।
फेडरेशन कप का लिया बदला
सही मायने में तमिलनाडु की टीम ने राजधानी में हाल ही में खेली गई 25वीं फेडरेशन कप बास्केटबाल चैंपियनशिप का बदला चुकाया। तमिलनाडु की टीम में सभी खिलाड़ी दक्षिण रेलवे के शामिल थे और चूंकि रेलवे को नेशनल गेम्स में इंट्री नहीं मिलती, इसलिए दक्षिण रेलवे के खिलाड़ियों ने तमिलनाडु का प्रतिनिधित्व किया। फेडरेशन कप में छत्तीसगढ़ ने तमिलनाडु को फाइनल मुकाबले में पराजित किया था। इस हार का बदला तमिलनाडु ने नेशनल गेम्स में ले लिया। असम के 33वें राष्ट्रीय खेलों में भी तमिलनाडु ने छत्तीसगढ़ को शिकस्त दी थी।

 
सिर्फ पहले क्वार्टर में मिली बढ़त
छत्तीसगढ़ की महिला बास्केटबाल टीम को सिर्फ पहले ही क्वार्टर में बढ़त मिल सकी। पहले क्वार्टर में राज्य ने तमिलनाडु के खिलाफ 21-19 अंक से बढ़त बना ली थी। लेकिन इसके बाद के क्वार्टर में छत्तीसगढ़ को पराजय का सामना करना पड़ा। दूसरे क्वार्टर में 31-47, तीसरे क्वार्टर में 45-66 और अंतिम क्वार्टर में 79-58 से पराजय का सामना करना पड़ा। टीम की कप्तान अंजु लकड़ा ने 20, एम पुष्पा ने 10, सीमा सिंह ने 9, अरुणा किंडो ने 8 और भारती नेताम ने 8 अंक बनाए। टीम के कोच राजेश पटेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की टीम का स्वर्ण पदक हासिल करने का सपना टूट गया। हमारे खिलाड़ी दूसरे और तीसरे क्वार्टर में अच्छा नहीं खेल सके। श्री पटेल ने कहा कि फिर भी टीम ने संतोषजनक प्रदर्शन किया और लगातार तीसरी बार हम नेशनल गेम्स के फाइनल में पहुंचे हैं जो राज्य के लिए उपलब्धि है।


हैंडबाल टीम का विजय अभियान जारी
34वें राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की महिला हैंडबाल टीम का विजय अभियान जारी है। दूसरे लीग मैच में छत्तीसगढ़ ने हरियाणा को छह गोल के अंतर के साथ 28-22 अंक से पराजित कर दिया। इस मैच में छत्तीसगढ़ ने शुरुआती बढ़त बनाए रखी और पहले हाफ में ही 14-8 अंक से बढ़त बना ली थी। टीम की करिश्मा साहू ने 9, वेंकट लक्ष्मी ने 5, माधवी ने 5, अनामिका ने 4, श्रीमती एम अनिता राव  और निधि जायसवाल ने दो-दो गोल किए। छत्तीसगढ़ हैंडबाल एसोसिएशन और राज्य ओलंपिक संघ के सचिव बशीर अहमद खान ने बताया कि हैंडबाल की टीम से पदक की उम्मीद है और टीम आशा के अनुरूप प्रदर्शन कर रही है।
टीम -श्रीमती अनिता राव, अनामिका मुखर्जी, वेंकट लक्ष्मी, डी माधवी, श्रीमती शबनम फिरोज अंसारी, निश पाटिल, मति मुरमु (सभी बिलासपुर रेलवे), करिश्मा साहू, श्रीमती जूलियट विनय, दुर्गा तिवारी, रूपा साह, रीना यादव (सभी दुर्ग जिला), निधि जायसवाल (महासमुंद), चित्तेश्वरी ध्रुव (रायपुर),संध्या ध्रुव बिलासपुर,  सीमा पाठक, सावित्री मंडावी, कोच शेख मौला, बीअर दश, मैनेजर उमेश सिंह।

21 फ़रवरी, 2011

झारखंड में छत्तीसगढ़ का तहलका


पीपी सिंग (दायें से), बाबा पी एस बेदी, मेराज अहमद खान पदक के साथ.

छत्तीसगढ़ व् जम्मू के बीच खेले गए हेंडबाल के मेच का दृश्य.

शूटिंग में तीन पदक, बास्केटबाल में दिल्ली
 को रौंदा, हैंडबाल की दोनों टीमें जीतीं

 झारखंड के 34वें नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ ने अपनी उपस्थिति का अहसास करा ही दिया। छत्तीसगढ़ से शूटिंग में पदक की काफी उम्मीदें थीं जिस पर टीम के खिलाड़ी खरे उतरे और सोमवार को तीन पदक हासिल कर लिए। बास्केटबाल में छत्तीसगढ़ की महिला टीम ने राज्य का झंडा बुलंद रखा और खिताब की दावेदार दिल्ली को हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया तो हैंडबाल में राज्य की महिला और पुरुष दोनों टीमों ने लीग में पहला मैच जीतकर अपने इरादे जता दिए
रायपुर। छत्तीसगढ़ की शूटिंग टीम में जिंदल स्टील रायगढ़ के अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं और नेशनल गेम्स में इन खिलाड़ियों से पदक हासिल करने की पूरी उम्मीद थी। टीम के कप्तान पीपी सिंग ने स्कीट इवेंट में स्वर्ण पदक हासिल कर लिया तो बाबा पीएस बेदी ने इसी इवेंट में कांस्य पदक पाया। टीम इवेंट में इन दोनों खिलाड़ियों के अलावा मैराज अहमद खान ने टीम इवेंट का स्वर्ण पदक हासिल किया। छत्तीसगढ़ के लिए सोमवार का दिन खुशियों की सौगात भरा दिन रहा। खेलगांव में मौजूद छत्तीसगढ़ के दल में  खुशी की लहर दौड़ पड़ी। एक ही दिन एक साथ नेशनल गेम्स के तीन पदक छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में पहली बार राज्य को हासिल हुए हैं। इतना ही नहीं छत्तीसगढ़ ने बास्केटबाल में भी अपना पदक तय कर लिया। कल तक छत्तीसगढ़ की झोली में पांच पदक आ जाएंगे। इसके बाद नजरें टिकी रहेंगी राज्य की महिला और पुरुष बास्केटबाल टीम पर जिसने सोमवार को अपने-अपने लीग मुकाबलों में जीत के साथ शुरुआत की। छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव बशीर अहमद खान ने नेशनल लुक को बताया कि हैंडबाल की पुरुष टीम ने अपने पहले लीग मैच में जम्मू-कश्मीर को 13 अंकों के अंतर से पराजित कर दिया। इस मैच को जीतने में छत्तीसगढ़ को किसी विशेष कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा। छत्तीसगढ़ ने 42-29 अंक से जीत हासिल की। पहले हाफ में छत्तीसगढ़ ने 20-13 से बढ़त बना ली थी। छत्तीसगढ़ के कुनाल ने सर्वाधिक 11, वी बीनू ने 7, कलिता ने 6, संजीव ने 6, राजेश कुमार ने 4, अंक बनाए। जम्मू के नीरज ने 8, साहिल ने 7 और हरमुख ने 6 अंक बनाए। इस जीत के साथ ही छत्तीसगढ़ ने अपना विजय अभियान  शुरू कर दिया है और उम्मीद की जा रही है कि टीम पदक हासिल करेगी। पुरुष टीम के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की महिला टीम ने भी लीग मैच में विजयी शुरुआत की। छत्तीसगढ़ की पहले लीग मैच में मणिपुर के साथ भिडंत हुई और इस मैच में राज्य की टीम ने 44-20 (एकतरफा 24 अंकों की बढ़त) से जीत हासिल कर ली। पहले हाफ में छत्तीसगढ़ ने 20-11 से बढ़त बना ली थी। टीम में शामिल अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने काफी बेहतर खेल का प्रदर्शन किया। टीम की वेंकट लक्ष्मी ने सर्वाधिक 14 अंक, डी माधवी ने 9, करिश्मा साहू ने 8 और श्रीमती अनिता राव ने चार अंक बनाए। मणिपुर की ओ संध्या ने छह और रेबिका देवी ने पांच अंक बनाए।
बास्केटबाल में छत्तीसगढ़ की धाक
राजधानी के फेडरेशन कप में जिस तरह छत्तीसगढ़ की महिला बास्केटबाल टीम ने दिल्ली को करारी शिकस्त दी थी उसी तरह सोमवार को झारखंड में भी छत्तीसगगढ़ ने दिल्ली को करारी शिकस्त देकर फाइनल में जगह बना ली। रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहे इस सेमीफाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ ने दिल्ली को 80-63 अंक से पराजित किया। इस मैच का डीडी स्पोर्ट्स पर सीधा प्रसारण किया गया। इस मैच के पहले ही क्वार्टर से छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने काफी बेहतर खेल का प्रदर्शन दिखाया। छत्तीसगढ़ ने 27-18 अंकों से बढ़त बना ली थी। दूसरे क्वार्टर में छत्तीसगढ़ ने 40-34 अंकों की बढ़त बनाई। तीसरा क्वार्टर काफी रोमांचक रहा जिसमें दिल्ली के खिलाड़ियों ने काफी अच्छा खेल दिखाया लेकिन छत्तीसगढ़ की बढ़त को वे रोक नहीं सके। तीसरे क्वार्टर में छत्तीसगढ़ ने 59-47 अंक की बढ़त बना ली। टीम की कप्तान और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अंजु लकड़ा ने काफी अच्छे खेल का प्रदर्शन किया। अंजु का ड्राइविंग शाट काफी बेहतरीन था। तीसरे क्वार्टर में एक समय डिड फार डेड जैसी स्थिति बन गई थी। तीसरे क्वार्टर में दिल्ली की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी प्रशंति सिंह ने दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभाई  लेकिन वे तीसरा क्वार्टर टीम को जिताने में असफल रहीं। चौथे क्वार्टर में छत्तीसगढ़ ने 80-63 अंक से बढ़त हासिल कर फाइनल में जगह बना ली। टीम के फाइनल में पहुंचने के साथ ही एक और पदक तय हो गया है। इस मैच में कप्तान अंजु लकड़ा ने 23 अंक, एम पुष्पा ने सर्वाधिक 28 अंक, सीमा सिंग ने 13 और भारती नेताम ने 17 अंक बनाए।
छत्तीसगढ़ की टीमें
महिला बास्केटबाल टीम : कप्तान अंजु लकड़ा, सीमा सिंह, भारती नेताम, पुष्पा, अकांक्षा सिंह, अरुणा किंडो, एल दीपा, शोषण तिर्की (सभी दपूम रेलवे बिलासपुर), कविता, जेलना जोश (बीएसपी), पूजा देशमुख (रायपुर), निकिता गोदामकर (राजनांदगांव), मुख्य कोच राजेश पटेल, सहायक कोच इकबाल अहमद खान, प्रबंधक साजी टी थामस।
हैंडबाल की टीमें :
पुरुष : फिरोज अहमद खान, बीनू वी, फाजिल अहमद खान, ज्योति कुमार, अनिल कुमार निर्मलकर, सैय्यद जफर हुसैन, कुनाल, (सभी  दुर्ग जिला सीअईएसएफ), विश्वजीत , प्रेम कुमार, अनिल कुमार (बिलासपुर रेलवे), सलमान खान, संजीव, योगेश, राजेश    कुमार, अनिल कुमार कौशिक, (सभी दुर्ग जिला), चीफ कोच : सुरेश कुमार, सहायक कोच अमरनाथ सिंह, मैनेजर आलोक दुबे।
महिला : श्रीमती अनिता राव, अनामिका मुखर्जी, वेंकट लक्ष्मी, डी माधवी, श्रीमती शबनम फिरोज अंसारी, निश पाटिल, मति मुरमु (सभी बिलासपुर रेलवे), करिश्मा साहू, श्रीमती जूलियट विनय, दुर्गा तिवारी, रूपा साह, रीना यादव (सभी दुर्ग जिला), निधि जायसवाल (महासमुंद), चित्तेश्वरी ध्रुव (रायपुर),संध्या ध्रुव बिलासपुर,  सीमा पाठक, सावित्री मंडावी, कोच शेख मौला, बीअर दश, मैनेजर उमेश सिंह।

फाइनल के पहले बास्केटबाल पर एक नजर
छत्तीसगढ़ की महिला बास्केटबाल टीम ने फाइनल में पहुंचने के पहले लीग मैच में सबसे पहले कर्नाटक को 71-40 अंक से हराकर विजय अभियान शुरू किया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ की लड़कियों ने पंजाब को हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। तीसरा मैच महाराष्ट्र के साथ खेला गया जिसमें यह तय हुआ कि पूल में कौन नंबर वन है। इस मैच में छत्तीसगढ़ ने 72-69 अंक से जीत हासिल कर पूल में नंबर वन का दबदबा बनाया। इसके बाद सेमीफाइनल में दिल्ली को हराकर छत्तीसगढ़ ने फाइनल में जगह बना ली।

छत्तीसगढ़ को शूटिंग में हैट्रिक पदक



   
बास्केटबाल में भी पदक तय, हैंडबाल में विजयी शुरुआत
34वें नेशनल गेम्स में कराते का पहला स्वर्ण पदक मिलने के बाद सोमवार को छत्तीसगढ़ ने शूटिंग में तीन पदक हासिल कर अपने पदकों की संख्या चार कर ली। छत्तीसगढ़ ने महिला बास्केटबाल में भी अपनी उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन कर फाइनल में जगह बना ली। दूसरी तरफ हैंडबाल की महिला टीम ने भी अपना विजय अभियान शुरू कर दिया। छत्तीसगढ़ से झारखंड नेशनल गेम्स में पिछले छह पदकों के रिकार्ड के टूटने की पूरी उम्मीद है। राज्य की इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह सहित खेल मंत्री लता उसेंडी, खेल सचिव सुब्रत साहू, खेल संचालक जीपी सिंह और सांसद नवीन जिंदल सहित खेल जगत की कई हस्तियों ने हर्ष व्यक्त किया है
रायपुर। छत्तीसगढ़ को सबसे पहला स्वर्ण पदक कराते में मिला था। इसके बाद छत्तीसगढ़ का खाता नहीं खुला था। लेकिन सोमवार को एक साथ शूटिंग में तीन पदक मिलने से प्रदेश के खेल जगत में हर्ष की लहर दौड़ गई। छत्तीसगढ़ से शूटिंग में पदक की काफी उम्मीदें की जा रही थीं। पिछले नेशनल गेम्स में भी छत्तीसगढ़ को शूटिंग मेंं पदक मिला था। इस समय झारखंड में मौजूद छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव बशीर अहमद खान ने नेशनल लुक को बताया कि राज्य को टीम इवेंट में दो स्वर्ण पदक और व्यक्तिगत इवेंट में एक कांस्य पदक मिला। कप्तान पीपी सिंग ने व्यक्तिगत स्कीट में स्वर्ण पदक हासिल किया। पीपी सिंग ने 150 में से सर्वाधिक 143 अंक बनाए और स्वर्ण पदक हासिल कर लिया। इसी इवेंट में बाबा पीएस बेदी ने 150 में से 140 अंकों के साथ कांस्य पदक हासिल किया जबकि सर्विसेस के एडी पिनाल ने रजत पदक हासिल किया। टीम इवेंट में छत्तीसगढ़ के पीपी सिंग, बाबा पीएस बेदी और मिराज अहमद खान ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया और  टीम इवेंट में भी छत्तीसगढ़ ने स्वर्ण पदक हासिल कर लिया। छत्तीसगढ़ ने 375 में से 353 अंक हासिल कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। छत्तीसगढ़ की टीम के सभी खिलाड़ी जिंदल स्टील रायगढ में कार्यरत हैं। टीम के कोच दुर्गेश वशिष्ठ और दुर्गेश गुप्ता हैं। दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ ने सोमवार को ही महिसा बास्केटबाल में भी पदक तय कर लिया। छत्तीसगढ़ ने दिल्ली को 80-63 अंक से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। महिला बास्केटबाल में पिछले साल छत्तीसगढ़ ने रजत पदक हासिल किया था और इस साल टीम से स्वर्ण पदक की उम्मीद की जा रही है। झारखंड नेशनल गेम्स में अब तक छत्तीसगढ़ के कुल चार पदक हो गए हैं। छत्तीसगढ़ से हैंडबाल में भी पदक की उम्मीद है। हैंडबाल की महिला टीम ने सोमवार को लीग मैच में मणिपुर को 44-28 अंक से पराजित कर अपना विजय अभियान शुरू किया। 

20 फ़रवरी, 2011

अंबर का कराते संघ ने किया सम्मान



रायपुर। झारखंड नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ के लिए कराते में स्वर्ण पदक  हासिल करने वाले राजनांदगांव के खिलाड़ी अंबर सिंह भारद्वाज का अग्रसेन भवन में छत्तीसगढ़ कराते संघ ने सम्मान किया। अंबर ने कराते के 84 किलोग्राम वजन वर्ग में छत्तीसगढ़ के लिए पहला स्वर्ण पदक  हासिल कर इतिहास रच दिया। छत्तीसगढ़ कराते संघ के सचिव अजय साहू ने बताया कि सम्मान समारोह के तहत अंबर सिंह को स्मृति चिन्ह, अभिनंदन पत्र प्रदान किया गया। अंबर ने राज्य के लिए कई बार राष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल किया है। इस दौरान अंबर ने कहा कि उनकी माता ने कहा था कि जब तक तपोगे नहीं तब तक सोना नहीं पाओगे और मां की इसी प्रेरणा ने उसे आगे बढ़ने के लिए हमेशा प्रेरित किया। अंबर ने बताया कि मुकाबले की फाइनल फाइट के दौरान राज्य ओलंपिक संघ के सचिव बशीर अहमद खान ने काफी उत्साहित किया और यह भी कहा कि फाइट जीतने के बाद ही वे सब साथ में खाना खाएंगे। ऐसा हुआ भी। अंबर ने कहा कि वे राज्य के लिए लगातार अपना बेहतर प्रदर्शन जारी रखेंगे। इस दौरान राज्य कराते संघ के अध्यक्ष विजय अग्रवाल, सचिव अजय साहू, डा. अनिल वर्मा, नीता डुमरे, कैलाश मुरारका सहित कई खेल संघों के पदाधिकारी और खिलाड़ी मौजूद थे।

आज मुकाबला दिल्ली से



महाराष्ट्र को हरकार नेशनल गेम्स में दिखाई 
अपनी ताकत, छत्तीसगढ़ पूल में नंबर  वन


 झारखंड के 34वें नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ ने बास्केटबाल में अपना बेहतर प्रदर्शन बरकरार रखा है। छत्तीसगढ़ ने अपने पूल में महाराष्ट्र को हराकर नंबर वन की पोजीशन हासिल कर ली है। छत्तीसगढ़ ने सेमीफाइनल में पहले ही प्रवेश कर लिया है। रविवार को पूल में नंबर वन और नंबर टू की पोजीशन हासिल करने के लिए मुकाबले खेले गए जिसमें छत्तीसगढ़ ने जीत हासिल कर नेशनल गेम्स में तहलका मचा दिया। लेकिन छत्तीसगढ़ नेशनल गेम्स में रजत  या स्वर्ण हासिल करेगी या नहीं यह कल दिल्ली से होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले के बाद तय हो जाएगा। दूसरी तरफ राज्य की पुरुष टीम खिताब की दौड़ से बाहर हो गई

रायपुर। राजधानी में खेली गई 25वीं फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की महिला टीम ने जिस तरह से प्रदर्शन दिखाया और स्वर्ण पदक हासिल किया उससे साफ जाहिर था कि नेशनल गेम्स में भी  छत्तीसगढ़ का यही प्रदर्शन बरकरार रहेगा। छत्तीसगढ़ ने लीग मुकाबलों में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन दिखाया है। छत्तीसगढ़ बास्केटबाल संघ के सचिव और टीम के अंतरराष्ट्रीय कोच राजेश पटेल के मुताबिक छत्तीसगढ़ की टीम को फेडरेशन कप का पूरा फायदा मिल रहा है क्योंकि फेडरेशन कप में राज्य के खिलाड़ियों का काफी अच्छा अभ्यास हो गया था और हमें अपनी गलितयों को सुधारने का मौका  मिला। श्री पटेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की टीम ने पिछले साल नेशनल गेम्स में रजत पदक हासिल किया था लेकिन इस साल पूरी उम्मीद है कि टीम स्वर्ण पदक हासिल करेगी। छत्तीसगढ़ ने अपने पूल में तीनों ही मुकाबले जीत लिए। पहले मैच में टीम ने कर्नाटक को 71-40 से और दूसरे मैच में पंजाब को 82-51 अंक से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली थी। रविवार को छत्तीसगढ़ ने पूल में नंबर वन बने रहने के लिए महाराष्ट्र को संघर्षपूर्ण मुकाबले में मात्र चार अंकों के अंतर 72-68 से पराजित किया। इस मैच को जीतने के लिए दोनों ही टीमों ने पूरी ताकत लगा दी थी। छत्तीसगढ़ की टीम पहले क्वार्टर में 24-16 अंक से पीछे थी। महाराष्ट्र की टीम से कड़ी टक्कर मिली। दूसरे क्वार्टर में भी महाराष्ट्र का दबदबा बना रहा और छत्तीसगढ़ की टीम एकतरफा 41-25 अंक से पीछे चल रही थी। तीसरे क्वार्टर में मैच काफी रोमांचक हो गया और यह क्वार्टर भी महाराष्ट्र ने जीत लिया। तब स्कोर 46-54 था। अंतिम क्वार्टर में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए मुकाबला 72-68 अंक से जीत लिया। टीम की अंततरराष्ट्रीय खिलाड़ी एम पुष्पा ने सर्वाधिक 25, कप्तान अंजु लकड़ा ने 17, सीमा सिंह ने 14, भारती नेताम ने 13 अंक बनाए।

कर्नाटक को हराकर शुरू किया विजय अभियान
छत्तीसगढ़ ने नेशनल गेम्स में कर्नाटक को हराकर अपना विजय अभियान शुरू किया था। लीग के मुकाबलो में पहला मैच कर्नाटक के साथ खेला गया जिसमें छत्तीसगढ़ ने एकतरफा 71-40 से जीत हासिल की थी। इस मैच में छत्तीसगढ़ ने पहले ही क्वार्टर से एकतरफा बढ़त (22-6) बनाई थी। दूसरे क्वार्टर में छत्तीसगढ़ ने 35-19 और तीसरे क्वार्टर में टीम ने 50-25 अंक की बढ़त बनाई थी। टीम की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एम पुष्पा ने 21, कप्तान अंजु लकड़ा ने 14, सीमा सिंग ने 12, अरुणा किंडो ने 12, आकांक्षा सिंग ने 6, कविता ने 7 अंक बनाए। इसके बाद छत्तीसगढ़ ने दूसरे मैच में पंजाब और तीसरे मैच में महाराष्ट्र को पराजित किया।

टीम : राज्य की महिला टीम में कप्तान अंजु लकड़ा, सीमा सिंह, भारती नेताम, पुष्पा, अकांक्षा सिंह, अरुणा किंडो, एल दीपा, शोषण तिर्की ( दपूम रेलवे बिलासपुर), कविता, जेलना जोश (बीएसपी), पूजा देशमुख (रायपुर), निकिता गोदामकर (राजनांदगांव), मुख्य कोच राजेश पटेल, सहायक कोच इकबाल अहमद खान, प्रबंधक साजी टी थामस शामिल हैं। पुरुष वर्ग की टीम में अजय प्रताप सिंह कप्तान, किरणपाल सिंह, पवन तिवारी, अंकित पाणिग्रही, नलीन शर्मा, श्याम सुंदर, समीर राय, लुमेंद्र साहू, मनोज सिंह, सुशांत, आशुतोष सिंह, जानकी रामनाथ, मुख्य कोच आरएस गौर, सहायक कोच मो. असलम, प्रबंधक निलंजन नियोगी शामिल हैं। छत्तीसगढ़ की टीमों से राज्य संघ के चेयरमेन सोनमणी बोरा, अध्यक्ष राजीव जैन, उपाध्यक्ष अनिल पुसदकर, विजय डब्ल्यू देशपांडे, कमल सिंघल सहित कई पदाधिकारियों ने बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की है।

19 फ़रवरी, 2011

आरचरी में भी है पदक की उम्मीद

छत्तीसगढ़ की टीम  झारखंड रवाना , रेलवे के तीन खिलाड़ी


झारखंड के 34वें राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की आरचरी की टीम भी हिस्सा ले रही है। टीम में स्थानीय खिलाड़ियो ंके अलावा दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी शामिल हैं। इससे छत्तीसगढ़ की आरचरी में पदक हासिल करने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी रिकर्ब, कंपाउंड और इंडियन तीनों राउंड में हिस्सा ले रहे हैं। टीम के खिलाड़ियों ने पूरी उम्मीद जताई है कि वे पदक लेकर ही लौटेंगे
रायपुर। शुक्रवार को यहां सांसद रमेश बैस के निवास स्थान पर छत्तीसग़ढ़ की आरचरी टीम के खिलाड़ियों को किट प्रदान की गई। श्री बैस छत्तीसगढ़ आरचरी एसोसिएसन के अध्यक्ष  हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में धीरे-धीरे इस खेल का विकास हुआ है और पूरे प्रदेश में इस समय एक हजार खिलाड़ी तैयार हो गए हैं। श्री बैस ने कहा कि झारखंड नेशनल गेम्स के लिए खिलाड़ियों ने कड़ा अभ्यास  किया है और निश्चय ही पदक मिलेगा। राज्य आरचरी एसोसिएशन के सचिव कैलाश मुरारका ने बताया कि छत्तीसगढ़ के 11 सदस्यी दल में महिला और पुरुष दोनों वर्ग के खिलाड़ी हैं। इनमें अंजली चंद्रा, श्रद्धा सोनवानी बिलासपुर, चंचल सिन्हा कांकेर, संतोषी कौशिक, साकरो  बेसरा, विश्वनाथ  नागेशिया, बी प्रणीता, कोच एएस मर्सी, टेकलाल कुर्रे, प्रबंधक योगेश उपाध्याय शामिल है। कंपाउंड इवेंट ने रेलवे के शिवनाथ नागेशिया और साकरो बेसरा जौहर दिखाएंगी। इंडियन राउंड में श्रद्धा सोनवानी, चंचल सिन्हा, प्रतिमा, संतोषी और अंजली हिस्सा लेंगी। बी प्रणिता रिकर्ब में जौहर दिखाएंगी। झारखंड नेशनल गेम्स में पहली बार टीम लेकर जा रहीं एनआईएस कोच एएस मर्सी ने पत्रकारों को चर्चा करते हुए बताया कि उन्होंने चार बार नेशनल गेम्स में खिलाड़ी के तौर पर् मणिपुर का प्रतिनिधित्व किया है लेकिन कोच के तौर पर पहली बार वे टीम लेकर जा रही हैं। उन्होंने कहा कि टीम में बिलासपुर रेलवे के खिलाड़ियों के शामिल होने से पदक की उम्मीदें बढ़ गई हैं। असम नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर  चुकीं बिलासपुर की श्रद्धा सोनवानी के लिए यह दूसरा मौका है जब वे राज्य का नेशनल गेम्स में प्रतिनिधित्व कर ही हैं। श्रद्धा ने बताया कि पिछले नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों का प्रदर्शन का्रफी खराब रहा था क्योंकि उस दौरान खिलाड़ियों के पास कोच, उपकरण व मैदान जैसी बुनियादी सुविधाएं  नहीं थीं। श्रद्धा असम के 33वें नेशनल गेम्स में टाप-32 की फाइट तक पहंची थीं लेकिन इसके आगे का रास्ता वे तय नहीं कर पाईं। श्रद्धा ने उम्मीद जताई कि इस बार वे बेहतर से बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगी। टीम की अन्य खिलाड़ियों चंचल सिन्हा, प्रतिमा आदि ने भी यही कहा।
पुरस्कार मिला तो आधा पैसा संघ को देंगे रेलवे के खिलाड़ी

छत्तीसगढ़ की टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे रेलवे के खिलाड़ियों ने घोषणा की है कि यदि वे पदक हासिल करते हैं और पदक हासिल करने पर उन्हें राज्य सरकार से कोई भी नगद पुरस्कार मिलता है तो वे उसकी आधी राशि खेल उपकरणों के लिए राज्य आरचरी संघ को देंगे। यह जानकारी छत्तीसगढ़ आरचरी एसोसएिशन के सचिव कैलाश मुरारका ने दी। उन्होंने बताया कि यह पहला मौका है जब खिलाड़ियों ने इस खेल के विकास और दूसरे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए यह निर्णय लिया है। वैसे तो खिलड़ियों को संघ से लेने का अधिकार है लेकिन खिलाड़ी जब संघ के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हो जाएं तो किसी भी खेल का विकास हो सकता है। सांसद रमेश  बैस ने भी रेलवे के खिलाड़ियों के इस निर्णय की सराहना की।
इन पर टिकी रहेंगी निगाहें

झारखंड नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ की टीम का प्रतिनिधत्व कर रहे रेलवे के शिवनाथ नागेशिया, बी प्रणिता और साकरो बेसरा पर निगाहें लगी रहेंगी। शिवनाथ नागेशिया मूलत: झारखंड के रहने वाले हैं और वर्ष 2002 के हैेदरबाद नेशनल गेम्स में रिकर्ब का स्वर्ण पदक हासिल किया था। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर •ाी •ाारतीय टीम का कई बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्ष 2005 में वियतनाम की एशियन ग्रांप्री आरचरी चैंपियनशिप में उन्होें •ाारतीय टीम के लिए कांस्य पदक हासिल किया था।  थाइलंैड में वर्ष 2005 में हुए एशिया कप में उन्होंने कंपाउंड इवेंट में गोल्ड मेडल हासिल किया था। इसके बाद से वे कंपाउंड में जौहर दिखा रहे हैं। शिवानाथ ने कहा कि उनका पूरा प्रयास रहेगा कि वे राज्य के लिए पदक हासिल करें और उन्हें अपने खेल पर पूरा भरोसा है। रेलवे की ही साकरो बेसरा  मूलत: झारखंड की हैं और इन खिलड़ियों ने भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक भी हासिल किया है। साकरो ने झारखंड के लिए 2007 में गोवाहाटी नेशनल गेम्स में हिस्सा लिया था और वे चौथे स्थान पर रहीं थीं। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बी प्रणिता ने भी भारतीय टीम के लिए पदक हासिल किया है।
रायपुर के साई हास्टल में आरचरी की करेंगे मांग : बैस
छत्तीसगढ़ आरचरी एसोसएिशन के अध्यक्ष और सांसद रमेश बैस ने कहा है कि साई हास्टल में आरचरी जैसे खेलों को शामिल करने से इस खेल का काफ विकास होगा लेकिन यह खेल राजनांदगांव के साई हास्टल की बजाए रायपुर के साई हास्टल में होना चाहिए। रायपुर राजधानी है और   मुख्य सेंटर भी। इसके अलावा यहां यातायात व अन्य कई सुविधाएं  हैं। श्री बैस ने कहा कि वे रायपुर के साई हास्टल मे आरचरी को शामिल करने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। वे डीजी साई गोपालकृष्ण से भी इस संबंध में मुलाकात कर चर्चा करेंगे। इसके अलावा खेल मंत्री लता उसेंडी से भी चर्चा की जाएगी। राजधानी में आरचरी एकेडमी के लंबित प्रस्ताव को लेकर उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह से चर्चा की गई है और डा. सिंह नई राजधानी में जमीन देने को तैयार हैं जहां कई खेलों के लिए कोर्ट बनाने की योजना है लेकिन नई राजधानी खिलाड़ियों के लिए काफी दूर है। इसलिए साइंस कालेज हास्टल में एकेडमी खोलने की मांग की गई है।

18 फ़रवरी, 2011

झारखंड नेशनल गेम्स का सातवां दिन


  
अगला लक्ष्य ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना : रिचा 
रांची. झारखंड में खेले जा रहे चौतीसवें राष्टÑीय खेलों में अब तक नौ स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर गोल्डन जलपरी बन चुकी दिल्ली की रिचा मिश्रा ने 2012 में लंदन में होने वाले ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना अपना लक्ष्य रखा है।  रिचा ने इन खेलों के पांचवें दिन गुरवार को दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतने के बाद संवाददाताओ से कहा कि उनका अगला लक्ष्य  लंदन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना है। इसके लिए उन्होने सरकार से आग्रह किया है कि उन्हें बेहतर प्रशिक्षण के लिए स्कालरशिप प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि राजधानी दिल्ली में तरणताल तैराकों के लिए वर्षभर उपलब्ध न होने के कारण उन्हें और अन्य तैराकों को अभ्यास के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है। रिचा ने कहा कि मैं इन खेलों में आठ स्वर्ण पदक जीतना चाहती थी लेकिन अब मैं नौ जीत चुकी हूं जिससे मैं बेहद संतुष्ट हूं। 27 वर्षीय दिल्ली की तैराक ने कहा कि तैराकी की विभिन्न स्पर्धाओं में पांच नये राष्ट्रीय रिकार्ड बनाकर और नौ स्वर्ण पदक जीतकर वह वाकई  बेहद खुश हैं। उन्होंने अपनी इस सफ लता का श्रेय अपने परिजनों और  कोच को दिया। तीन बार की राष्टÑीय रिकार्डधारी रिचा राष्टÑीय खेलों में कुल 17 व्यक्तिगत और तीन रिले इवेंट में हिस्सा ले रही हैं।
स्वर्ण जीत सेना के साथ शीर्ष पर पहुंचा मध्यप्रदेश
34 वें राष्ट्रीय खेलो की घुड़सवारी प्रतियोगिता के पांचवे दिन आज मध्य प्रदेश ड्रेसाज की व्यक्तिगत स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण जीत कर पदक तालिका में सेना के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर पहुंच गया। दोनो टीमों ने अब तक दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य समेत कुल चार पदक जीते हैं।
 मध्य प्रदेश के मृत्युंजय सिंह राठौर ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 65.27 अंको के साथ पहला स्थान हासिल कर स्वर्ण दिल्ली के गुलाब सिंह 62.66 अंको के साथ रजत और सेना के डैनी स्वीटेन ने 61.61 अंको के साथ कांस्य पदक जीता1 गोपाल मैदान में स्पर्धा के बाद मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने तीनों को पदक पहनाए। पदक तालिका में तीसरे स्थान पर हरियाणा है जिसने अब तक एक स्वर्ण और एक रजत समेत कुल दो पदक जीते हैं।झारखंड का पैदल चाल में गोल्डन डबल - रांची. झारखंड की दीपमाला देवी ने 34वें राष्टÑीय खेलों में आज महिलाओं की 20 किमी पैदल चाल का स्वर्ण पदक जीत इस स्पर्द्धा में मेजबान राज्य का गोल्डन डबल पूरा कर दिया।  दीपमाला ने एक घंटे 43 मिनट चार सेकंड मेंं यह दूरी तय करते हुए स्वर्ण पदक पर हाथ साफ किया। मध्यप्रदेश की गौरव कुमारी (1:43:31) को रजत और मणिपुर की शारदा देवी को कांस्य पदक मिला।  इससे पहले शुक्रवार को झारखंड के गुरमीत सिंह ने पुरुषों की 20 किमी पैदल चाल का स्वर्ण पदक जीता था। गुरमीत ने एक घंटे 23 मिनट 26 सेकंड में यह दूरी तय की। मध्य प्रदेश के मणि रतनाम (1:24:51) को रजत और सेना के सोमेन्द्रो पटेल (1:27:11) को कांस्य मिला।
बंगाल को रौंद उड़ीसा फाइनल में, पदक पक्का 
चौंतीसवें राष्टÑीय खेलों की महिला फुटबॉल प्रतियोगिता के पहले सेमीफाइनल में आज गत विजेता उड़ीसा ने बंगाल को एक तरफा मुकाबले में  6-0 से रौंद कर फाइनल में प्रवेश कर लिया और इसके साथ ही उसका एक पदक पक्का हो गया।  दूसरा सेमीफाइनल में गत उपविजेता मणिपुर और तमिलनाडु के बीच होगा। जेआरडी स्टेडियम पर खेले गये मैच में उड़ीसा की जाबामणि सोरेन ने सातवे मिनट में पहला गोल किया। पहले हाफ में उड़ीसा को कुछ चुनौती देने वाली बंगाल की टीम ने दूसरे हाफ में पूरी तरह समर्पण कर दिया। सुष्मिता मलिक के दो (42 और 43 वां मिनट), तथा पिकी बी मागर के एक (54 मि.), टी मुंडा के एक (71 मि.), तथा झीली मुंडा के एक (74 मि.) गोल की बदौलत उड़ीसा ने मैच 6-0 से जीत लिया। फाइनल और कांस्य पदक के लिए तीसरे स्थान का मुकाबला कल होगा।
समीर और ज्योति बने फर्राटा किंग एंड क्वीन
सेना के समीर मान और कनार्टक की एच एम ज्योति ने यहां चल रहे 34वें राष्टÑीय खेलों में 100 मीटर की फर्राटा दौड में क्रमश: पुरष और महिला वर्ग के स्वर्ण पदक जीतकर देश के सबसे तेज धावक बनने का गौरव हासिल कर लिया है। मान ने गुरवार देर शाम हुए एथलेटिक्स मुकाबलों में 10.55 सेकंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता जबकि ज्योति 11.84 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण विजेता बनी।  पुरुष वर्ग में आंध्र प्रदेश के अब्दुल नजीब कुरैशी 10.62 सेकंड के साथ दूसरे और केरल के सुजीत कुट्टन 10.65 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे1 महिला वर्ग में आंध्र की जी मोनिका 11.87 सेकंड के साथ दूसरे और उत्तर प्रदेश की प्रियंका पंवार 11.98 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। पुरषों की 400 मीटर दौड में सेना के कुन्हू (47.68 सेकंड) को पहला, झारखंड के विपिन मैथ्यू (47.68) को दूसरा और हरियाणा के अजय .47.94. को तीसरा स्थान मिला। कुन्हू ने फोटो फिनिश में मैयू को दूसरे स्थान पर छोड़ दिया।
महिलाओं की 400 मीटर दौड में केरल की सिनी जोस ने 53.76 सेकंड के साथ स्वर्ण और उनके राज्य की आर्या सी ने 54.21 सेकंड के साथ रजत पदक जीता1 आंध्र की के मृदुला (54.69) को कांस्य पदक मिला।  आंध्र की पी उडया लक्ष्मी ने 14.36 मीटर की दूरी तक गोला फेंककर महिला शाटपुट का स्वर्ण जीता1 हरियाणा की नीलम (13.77) को रजत और गोवा की स्टेफी कार्दोजो (13.69) को कांस्य मिला।  उत्तर   प्रदेश की सुमन देवी ने भालाफेंक में 51.84 मीटर की दूरी नाप स्वर्ण जीता1 तमिलनाडु की एस सरस्वती (51.69) ने रजत और हिमाचल प्रदेश की संजो (48.52) ने कांस्य पदक जीता।
धोनी के ‘घर’ की चमक फीकी कर देगा क्रिकेट महाकुंभ
  टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के गृहराज्य झारखंड में हो रहे 34 वें राष्टÑीय खेलों की (चमक) भारतीय उपमहाद्वीप में शनिवार से शुरू हो रहे क्रिकेट के महाकुं•ा (आइसीसी विश्वकप) की खुमारी के चलते फीकी पड़ सकती है।
 बालीवुड के सितारों की तड़क -भडक वाले रंगारंग कार्यक्रमों के साथ 12 फरवरी को शुरू हुए राष्ट्रीय खेलों के तीन आयोजन स्थलों रांची, जमशेदपुर और धनबाद में कई स्पर्धाओं में अब तक दर्शकों की जबरदस्त भागीदारी से आयोजक खासे उत्साहित हैं। विशेष तौर पर हाकी और फुटबॉल जैसी स्पर्धाओं में तो दर्शक हजारों की तादाद में जुट रहे हैं। देश के एक और नामचीन क्रिकेटर सौरभ तिवारी के गृहनगर जमशेदपुर में महिला फुटबॉल के अब तक हुए प्रत्येक मैच में औसतन चार से पांच हजार तक दर्शकों का जमावड़ा रहा है लेकिन शनिवार को ढाका में भारत और बंगलादेश की भिडंत के साथ शुरू हो रहे विश्वकप की खुमारी स्थिति को बदल सकती है। दर्शक खुलेआम तो आयोजक दबी जुबान से इस बात को स्वीकार करते हैं। आज सुबह यहां महिला फुटबॉल का सेमीफाइनल मैच देखने आये दर्शक राजेन्द्र और सुमित ने कहा कि हम खेल के प्रेमी तो हैं लेकिन हमारी प्राथमिकता क्रिकेट है। हम शनिवार को  महिला फुटबॉल का फाइनल नहीं बल्कि टीवी पर भारत-बांग्लादेश का मैच देखेंगे। कई अन्य युवा दर्शकों ने भी क्रिकेट विश्वकप को अधिक रोमांचक बताया.  खेल के आयोजन से जुड़े एक शीर्ष अधिकारी ने अफसोस भरे लहजे में कहा कि अपने देश में क्रिकेट के पीछे जो पागलपन है, वह बाकी खेलों के लिए एक बड़ा खतरा है। गनीमत है कि विश्वकप और 26 फरवरी तक चलने वाले राष्ट्रीय खेलों के कार्यक्रम में सिर्फ लगभग एक हफ्ते का टकराव है। इस दौरान भारत का केवल एक ही मैच है। ज्ञातव्य है कि भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका की संयुक्त मेजवानी में शनिवार से शुरू हो रहा विश्वकप 02 अप्रैल तक चलेगा और इस दौरान कुल 49 मैच खेले जाएंगे।

16 फ़रवरी, 2011

अब चाहिए नेशनल गेम्स का पदक




झारखंड में होगी अग्निपरीक्षा, छत्तीसगढ़ की लड़कियां 
एक बार फिर सामना कर सकती हैं तमिलनाडू का
राजधानी के इनडोर स्टेडियम में खेली गई 25वीं फेडरेशन कप नेशनल बास्केटबाल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ की लड़कियों ने स्वर्ण पदक हासिल कर इतिहास तो रच दिया लेकिन टीम की अग्निपरीक्षा झारखंड में होगी। पिछले नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ को तमिलनाडु की टीम ने स्वर्ण पदक हासिल करने से वंचित किया था। इसका बदला छत्तीसगढ़ ने फेडरेशन कप में ले लिया क्योंकि दक्षिण रेलवे की टीम में पूरी लड़कियां तलिमनाडु की थी। फेडरेशन कप के बाद दक्षिण  रेलवे की लड़कियां झारखंड में तलिमनाडु का प्रतिनिधित्व करेंगी। माना जा रहा है कि एक बार फिर से  छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु की टीमें फाइनल में आमने-सामने हो सकती हैं।
रायपुर। झारखंड में 34वें नेशनल गेम्स के मुकाबले शुरू हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ की टीम कल 17 फरवरी को झारखंड के लिए रवाना हो रही है। वहां मुकाबले 18 फरवरी से शुरू हो जाएंगे जो 22 फरवरी तक खेले जाएंगे। झारखंड नेशनल गेम्स के लिए छत्तीसगढ़ की टीम में एक-दो खिलाड़ियों को विश्राम दिया गया है। जबकि पूरी टीम फेडरेशन कप की ही है।
छत्तीसगढ़ बास्केटबाल संघ के सचिव और टीम के अंतरराष्ट्रीय कोच राजेश पटेल के मुताबिक छत्तीसगढ़ की टीम से नेशनल गेम्स का पदक तय है और इसके लिए टीम ने काफी परिश्रम भी किया है। यही परिश्रम फेडरेशन कप में काम आया और टीम ने स्वर्ण पदक हासिल किया। छत्तीसगढ़ ने 33वें नेशनल गेम्स में रजत पदक हासिल किया था । टीम का फाइनल मुकाबला तमिलनाडु के साथ खेला गया था। तमिलनाडु में सभी लड़कियां दक्षिण रेलवे की शामिल थीं। फेडरेशन कप का फाइनल मुकाबला दक्षिण रेलवे और मेजबान छत्तीसगढ़ के बीच खेला गया। यदि रेलवे को कुछ देर के लिए भूल जाएं तो 2007 के नेशनल गेम्स में यही दो टीमें आमने-सामने थीं और फेडरेशन कप में भी। झारखंड नेशनल गेम्स में भी छत्तीसगढ़ की भीड़ंत तमिनलाडु से हो सकती है जिसमें सभी खिलाड़ी दक्षिण रेलवे के होंगे। माना जा रहा है कि यदि दोनों टीमें फाइनल पहुंच जाती हैं तो एक बार फिर से फेडरेशन कप जैसा रोमांचक मैच देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ की टीम के अंतरराष्ट्रीय कोच राजेश पटेल के मुताबिक नेशनल गेम्स में जो टीम अच्छा खेलेगी वही फाइनल पुहंचेगी। छत्तीसगढ़ को फेडरेशन कप में एक बड़ा फायदा मेजबानी का भी मिला क्योंकि खिलाड़ियों को पब्लिक सपोर्ट की वजह से मनोवैज्ञानिक लाभ भी मिल जाता है। श्री पटेल के मुताबकि नेशनल गेम्स में ज्यादा रिस्क नहीं लिया जाएगा। कोशिश की जाएगी कि टीम के अनुभवी खिलाड़ियों को ज्यादा मौका टफ टीम के साथ होने वाले मुकाबले में दिया जाएगा। कमजोर टीम के लिए नए खिलाड़ियों को अनुभव के रूप में अवसर दिया जाएगा। इससे भविष्य में वे भी बेहतर प्रदर्शन करने लगेंगे।

गलतियों में होगा सुधार
फेडरेशन कप में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने काफी गलतियां भी की थीं जिसे सुधारकर ही टीम नेशनल गेम्स में उतरेगी। यह कथन टीम के कोच श्री पटेल का है। वे बताते हैं कि मैच के पहले क्वार्टर में छत्तीसगढ़ की टीम काफी सुस्त खेलती है जिसमें सुधार की काफी जरूरत है। पहले क्वार्टर में टीम हमेंशा स्कोर कम कर रही है जिसे बढ़ाना जरूरी है। हालांकि दूसरे और तीसरे क्वार्टर में टीम काफी अच्छा स्कोर करती है लेकिन चौथे क्वार्टर में टीम को संघर्ष करना पड़ता है। दक्षिण रेलवे की टीम में अधिकांश खिलाड़ी लंबे हैं और छत्तीसगढ़ की टीम में स्टार्टिंग फाइव खिलाड़ियों की अधिकतम ऊंचाई पांच फुट 10 इंच है। टीम की पांच इंडिया प्लेयर्स सीमा सिंह पांच फुट 10 इंच, आकांक्षा पांच फुट आठ इंच, भारती नेताम पांच फुट छह इंच, अंजु लकड़ा पांच फुट तीन इंच है। टीम में सबसे लंबी खिलाड़ी जेलना जोंस हैं जिसकी ऊंचाई छह फुट दो इंच है। मूुलत : केरल की जेलना पिछले छह माह से भिलाई के पंत स्टेडियम में प्रशिक्षण ले रही हैं और वे छत्तीसगढ़ का प्रतिनिध्तिव नेशनल गेम्स में भी करेंगी। इस खिलाड़ी को इंडिया टीम के लिए यहां तैयार किया जा रहा है।

महाराष्ट्र से मिल सकती है टक्कर

झारखंड नेशनल गेम्स के पूल के मैचों में छत्तीसगढ़ को महाराष्ट्र से कड़ी टक्कर मिल सकती है। महाराष्ट्र की टीम में इस समय सबसे लंबी खिलाड़ी छह फुट तीन इंच की जीजू खेल रही हैं जो रेलवे की हैं। इसके अलावा पूल में पंजाब और कर्नाटक की टीम है जिसे हराना छत्तीसगढ़ के लिए काफी आसान होगा। नेशनल गेम्स के महिला वर्ग में आंध्र के बदले पंजाब की टीम खेल रही है। इसके अलावा मेजबान झारखंड होस्ट टीम के रूप में नेशनल गेम्स की पात्र है।

नेशनल गेम्स के लिए बास्केटबाल की टीमें घोषित
34वें नेशनल गेम्स के लिए छत्तीसगढ़ की महिला और पुरुष बास्केटबाल टीमें घोषित कर दी गई है। महिला टीम की कमान अंजु लकड़ा को दी गई है और पुरुष टीम का कप्तान अजय प्रताप सिंह को बनाया गया है। राज्य की महिला टीम में कप्तान अंजु लकड़ा, सीमा सिंह, भारती नेताम, पुष्पा, अकांक्षा सिंह, अरुणा किंडो, एल दीपा, शोषण तिर्की (सभी दपूम रेलवे बिलासपुर), कविता, जेलना जोश (बीएसपी), पूजा देशमुख (रायपुर), निकिता गोदामकर (राजनांदगांव), मुख्य कोच राजेश   पटेल, सहायक कोच इकबाल अहमद खान, प्रबंधक साजी टी थामस शामिल हैं। पुरुष वर्ग की टीम में अजय प्रताप सिंह कप्तान, किरणपाल सिंह, पवन तिवारी, अंकित पाणिग्रही, नलीन शर्मा, श्याम सुंदर, समीर राय, लुमेंद्र साहू, मनोज सिंह, सुशांत, आशुतोष सिंह, जानकी रामनाथ, मुख्य कोच आरएस गौर, सहायक कोच मो. असलम, प्रबंधक निलंजन नियोगी शामिल हैं। छत्तीसगढ़ की टीमों से राज्य संघ के चेयरमेन सोनमणी बोरा, अध्यक्ष राजीव जैन, उपाध्यक्ष अनिल पुसदकर, विजय डब्ल्यू देशपांडे, कमल सिंघल सहित कई पदाधिकारियों ने बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की है।
छत्तीसगढ़ की टीम पूल बी में
झारखंड नेशनल गेम्स के लिए दो पूल बनाए गए हैं जिसमें छत्तीसगढ़ की टीम पूल बी में छत्तीसगढ़, कर्नाटक, महाराष्ट्र और पंजाब के साथ है। पूल ए में दिल्ली, केरल, तमिलनाडु और मेजबान झारखंड की टीम शामिल है।
पदक हासिल करने का हैट्रिक मौका
छत्तीसगढ़ को महिला बास्केटबाल में राज्य निर्माण के पिछले एक दशक में नेशनल गेम्स के अब तक दो ही पदक हासिल हुए हैं। राज्य निर्माण के बाद पहली बार छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2002 में हैदराबाद नेशनल गेम्स में हिस्सा लिया था। पहली बार ही हिस्सा ले रही टीम ने स्वर्ण पदक हासिल कर राज्य के खेल जगत को चौका दिया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ की टीम ने 2007 के असम नेशनल गेम्स में हिस्सा लिया था जिसमें रजत पदक मिला था। झारखंड में नेशनल गेम्स के पदक की हैट्रिक करने का मौका टीम के पास रहेगा। फेडरेशन कप में भी टीम के पास हैट्रिक करने का मौका था जिसे टीम ने नहीं गंवाया। वर्ष 2006 और वर्ष 2007 में छत्तीसगढ़ को स्वर्ण पदक मिला था। स्वर्ण हासिल करने की हैट्रिक वर्ष 2011 में 25वें फेडरेशन कप में पूरी हो गई।

फेंसिंग टीम भी हिस्सा लेगी नेशनल गेम्स में



खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद, टीम झारखंड रवाना
रायपुर। झारखंड के 34वे राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की महिला फेंसिंग टीम भी हिस्सा ले रही है। छत्तीसगढ़ की टीम घोषित कर दी गई है और टीम झारखंड के लिए रवाना हो गई है। टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश फेंसिंग एसोसिएशन के महासचिव समीर खान ने बताया कि राज्य की महिला फाइल टीम ने पिछले माह 6 जनवरी से 9 जनवरी तक खेली गई 21वीं सीनियर नेशनल फेंसिंग चैंपियनश्पि में हिस्सा लिया था और टीम छठा स्थान हासिल कर नेशनल गेम्स के लिए पात्रता हासिल की। फेंसिंग की प्रतियोगिता झारखंड के रांची में 18 फरवरी से 21 फरवरी तक खेली जाएगी जिसमें राज्य का छह सदस्यीय दल हिस्सा लेगा। इनमें श्रीमती कुसुम चंद्रा, शिरिन याना भोरे, ओमती साहू, रेणु क्षेत्रपाल, कोच डीअर साहू, प्रबंधक रामप्रताप गुप्ता शमिल हैं। इस प्रतियोगिता में राजकुमार यादव तकनीकी अधिकारी क रूपमें हिस्सा लेंगी। राज्य की टीम से बेहतर प्रदशर््न की उम्मीद की जा रही है। टीम के लिए भिलाई में 18 जनवरी से 14 फरवरी तक प्रश्क्षिण श्वििर का आयोजन किया गया था जिसमें खिलाड़ियों ने कड़ा अभ्यास किया। राज्य की महिला फेंसिंग टीम से छत्तीसगढ़ हैंडबाल संघ के अध्यक्ष और पुलिस महानिरीक्षक डा. राजेश म्श्रिा, प्रदेश फेंसिंग संघ के उपाध्यक्ष उमेश् सिंह, डा. अलोक दुबे सहित बीएसपी के कई अधिकारियों ने पदक की उम्मीद जताई है।

वेटलिफ्टिंग में भी है पदक की उम्मीद




झारखंड नेशनल गेम्स में वेटलिफ्टिंग के खिलाड़ी भी हिस्सा ले रहे हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर रुस्तम सारंग के हिस्सा न लेने की वजह से एकमात्र वेटलिफ्टर अनिता शिंदे रह गई हैं। जूनियर वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकीं अनिता ने 2009 में 22वीं जूनियर नेशनल वेटलिफ्टिंग में रजत पदक हासिल किया था। वेटलिफ्टिंग के कोच श्हीद राजीव पांडे अवार्डी तेजा सिंह का कहना है कि अनिता में पदक हासिल करने का माद्दा है और उसने नेशनल गेम्स के लिए काफी कड़ा अभ्यास भी किया है। हमें अनिता से पदक हासिल करने की पूरी उम्मीद है। अनिता को पिछले साल खेल दिवस के मौके पर श्हीद कौशल यादव अवार्ड से नवाजा गया था।




15 फ़रवरी, 2011

फेडरेशन कप का खिताब मेजबान की झोली में


राज्यपाल श्री शेखर दत्त छत्तीसगढ़ की टीम को पुरस्कृत करते हुए. 

छत्तीसगढ़ की टीम के कोच राजेश पटेल का भी राज्यपाल ने सम्मान किया.

छत्तीसगढ़ और साउथ रेलवे के बीच खेले गए फ़ाइनल मेंच का दृश्य. 








पुरुष वर्ग में वेस्टर्न रेलवे ने आईओबी को हराकर जीता 
 मेजबान छत्तीसगढ़ की लड़कियां अपनी उम्मीदों पर सौ फीसदी खरी उतरीं। 25वीं फेडरेशन कप राष्ट्रीय बास्केटबाल प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में खिताब की दावेदार दक्षिण रेलवे को हराकर अपना लोहा मनवा लिया। इस जीत के बाद छत्तीसगढ़ की महिला टीम के हौसले बुलंद हैं और टीम ने इस बात का भी अहसास करा दिया है कि झारखंड के 34वें नेशनल गेम्स में भी टीम पदक हासिल करेगी। फेडरेशन कप में महिला और पुरुष दोनों वर्ग के फाइनल मुकाबले काफी रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहे। दोनों ही मुकाबलों ने दर्शकों का काफी रोमांच बढ़ाया।
रायपुर।  मेजबान छत्तीसगढ़ की टीम ने केरल को और दक्षिण  रेलवे ने दिल्ली की टीम को सेमीफाइनल मुकाबले में परास्त कर फाइनल में प्रवेश किया था। छत्तीसगढ़ और दक्षिण रेलवे के बीच खेले गए फाइनल मुकाबले का पहला क्वार्टर दक्षिण रेलवे के पक्ष में गया। दक्षिण रेलवे ने शुरुआत से ही काफी बेहतर खेल का प्रदर्शन करते हुए पहले क्वार्टर में 28-11 अंक से बढ़त बना ली थी। तब लग रहा था कि छत्तीसगढ़ के लिए यह मुकाबला जीतना असं•ाव होगा और जीत के लिए पूरी ताकत झोंकनी पड़ेगी। मेजबान ने ऐसा किया भी। दूसरे क्वार्टर में छत्तीसगढ़ ने शानदार प्रदर्शन कर स्कोर 35-35 अंक से बराबरी पर ला दिया तब मैच और भी रोमांचक व संघर्षपूर्ण बन गया। तीसरे क्वार्टर में छत्तीसगढ़ की एम पुष्पा, सीमा सिंह और कप्तान अंजु लकड़ा ने काफी अच्छे खेल का प्रदर्शन किया और टीम को 66-49 अंकों से बढ़त दिलाकर एक  बड़ा उलटफेर कर दिया। चौथा क्वार्टर सबसे ज्यादा संघर्षपूर्ण रहा जिसमें दोनों टीमों का उम्दा खेल देखने को मिला। छत्तीसगढ़ ने चौथे क्वार्टर में मात्र पांच अंकों के अंतर से जीत हासिल कर खिताब पर कब्जा जमा लिया। मेजबान ने 76-71 अंकों से जीत हासिल की। टीम की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एम पुष्पा ने सर्वाधिक 29 अंक, सीमा सिंह ने 22 अंक तथा कप्तान अंजु लकड़ा व भारती नेताम ने 13-13 अंक बनाए। दक्षिण रेलवे की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी गीता अन्ना जोस ने सर्वाधिक 27 अंक बनाए लेकिन वे टीम को जीत की राह पर खड़ा नहीं कर सकीं। महिला वर्ग की तरह पुरुष वर्ग में भी काफी रोमांचक औ संघर्षपूर्ण मुकाबला देखने को मिला। पुरुष वर्ग का फाइनल मुकाबला वेस्टर्न रेलवे और आईओबी के बीच खेला गया। इस मैच ने दर्शकों के अलावा अतिथियों का काफी रोमांच बढ़ाया। मैच के पहले हाफ में वेस्टर्न रेलवे 48-34 अंक से आगे थी। तीसरे क्वार्टर में भी रेलवे ने मैच पर पकड़ बनाए रखी और 60-57 अंक से बढ़त बनाई। इस मैच का अंतिम क्वार्टर काफी संघर्षपूर्ण रहा जब एक-एक अंक के लिए दोनों टीमों ने जोर लगा दिया। इस मैच के अंतिम दो मिनट शेष रहते रेलवे ने 79-69 की बढ़त बनाई थी। अंतिम 19 सेंकड शेष रहते आईओबी ने कमाल का प्रदर्शन किया और 74-73 अंक से बढ़त बना ली। लेकिन इसके बाद दोनों टीमों में घमासाम मच गया। अंतिम तीन मिनट शेष रहते 75-74 से रेलवे आगे थी और इस दौरान आईओबी के सारे प्रयास विफल हो गए। आईओबी को मात्र एक अंक से पराजय का सामना करना पड़ा। वेस्टर्न रेलवे के विशेष ने  सर्वाधिक28, यादविंदर सिंग ने 15 अंक बनाए। अईओबी के एच खारोट ने 20, वीएम रेवी ने 16, मिहिर पांडे ने 12 और पी सिंग ने •ाी 12 अंक बनाए। इसके पूर्व सुबह महिला और पुरुष दोनों वर्ग में तीसरे व चौथे स्थान के लिए मुकाबले खेले गए। महिला वर्ग में दिल्ली ने केरल को 70-58 अंक से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया। केरल को चौथे स्थान पर संतोष करना पड़ा। पुरुष वर्ग में इंडियन आर्मी ने ओएनजीसी को 68-59 अंक से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।  प्रतियोगिता के समापन समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल शेखर दत्त ने विजेता-उपविजेता और तीसरे स्थान की टीम को पुरस्कृत किया। पुरुष वर्ग में पहले स्थान पर वेस्टर्न रेलवे, दूसरे स्थान पर आईओबी, तीसरे स्थान पर इंडियन आर्मी की टीम रही। महिला वर्ग में पहला स्थान छत्तीसगढ़, दूसरा दक्षिण रेलवे और तीसरा स्थान दिल्ली की टीम ने हासिल किया। पहले स्थान पर एक लाख रुपए, दूसरे स्थान पर 75 हजार रुपए और तीसरे स्थान पर 50 हजार रुपए का नगद पुरस्कार दिया गया। समारोह की अध्यक्षता लोक निर्माण मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने की। इस दौरान खेल मंत्री लता उसेंडी,  भारतीय  बास्केटबाल फेडरेशन के अध्यक्ष हरीश शर्मा, खेल सचिव सुब्रत साहू, खेल संचालक जीपी सिंह, राज्य बास्केटबाल संघ के अध्यक्ष राजीव जैन, राज्य टेनिस संघ के सचिव गुरुचरण सिंह होरा, राज्य वालीबाल संघ के सचिव मोहम्मद अकरम खान, राज्य नेटबाल संघ के सचिव संजय शर्मा सहित बड़ी संख्या में विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, खिलाड़ी और दर्शक मौजूद थे।
टीम- अंजु लकड़ा (कप्तान), सीमा सिंह, भारती नेताम, पुष्पा, आकांक्षा सिंह, अरुणा किंडो, एल दीपा, शोषण तिर्की ( सभी दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे), कविता, जेलना जोश ( दोनों भिलाई इस्पात संयंत्र), ज्योति सिंह (रायपुर जिला), विनिता शर्मा (राजनांदगांव जिला), मुख्य कोच भिलाई इस्पात संयंत्र के अंतरराष्ट्रीय कोच राजेश पटेल, सहायक कोच सरजीत चक्रवर्ती, प्रबंधक अनिता पटेल।
ये रहे टाप स्कोरर
टॉप स्कोरर दिल्ली की प्रशांति सिंग को श्री दत्त पुरस्कार देते हुए. 

टॉप स्कोरर पशिम रेलवे के विशेष को श्री दत्त पुरस्कार देते हुए. 

25वीं फेडरेशन कप राष्ट्रीय बास्केटबाल प्रतियोगिता में टाप स्कोरर का खिताब भी  दिया गया।   महिला वर्ग में टाप स्कोरर दिल्ली की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी प्रशांति सिंह रहीं जिन्होंने इस पूरी प्रतियोगिता में सर्वाधिक 129 अंक बनाए। पुरुष वर्ग में रेलवे के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी विशेष  टाप स्कोरर रहे। विशेष ने 101 कुल 101 अंक स्कोर किए। दोनों ही खिलाड़ी मूलत: वाराणसी के रहने वाले हैं और दोनों ही खिलाड़ियों ने ग्वांगझू एशियन गेम्स में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था। इन दोनों खिलाड़ियों को राज्यपाल शेखर दत्त ने ट्राफी के साथ नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

अंतिम एक मिनट ने बढ़ा दी धड़कनें




फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता के महिला वर्ग के फाइनल मुकाबले में अंतिम एक मिनट में दर्शकों की धड़कनें बढ़ गईं थी क्योंकि इस एक मिनट में कुछ •ाी हो सकता था। तब छत्तीसगढ़ ने 70-69 अंक से बढ़त बनाई थी। अंतिम 50 सेकंड शेष रहते मेजबान ने 73-69 की बढ़त बनाई। दक्षिण रेलवे ने सिर्फ चार अंक के स्कोर को कवर करने पूरी कोशिश की। अंतिम 30 सेकंड में स्कोर 73-71 अंक था। अंतिम 20 सेकंड शेष रहते स्कोर 75-71 अंक बना रहा और अंतिम सेकंड में छत्तीसगढ़ ने 76-71 अंक से जीत हासिल कर फेडरेशन कप का खिताब जीत लिया।
राज्यपाल की मौजूदगी में लाइट गोल
खेल एवं युवा कल्याण विभाग और छत्तीसगढ़ बास्केटबाल संघ की मेजबानी में आयोजित इस प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबलों में बिजली ने भी बाधा खड़ी की। तब मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल शेखर दत्त सहित सभी अतिथि मौजूद थे। इस दौरान पुरुष वर्ग में आईओबी और वेस्टर्न रेलवे के बीच फाइनल मुकाबले का अंतिम क्वार्टर खेला जा रहा था। वेस्टर्न रेलवे ने 60-51 से बढ़त बनाई थी। 10 मिनट के अंतिम क्वार्टर के 9 मिनट 39 सेकंड में ही इनडोर स्टेडियम की बिजली गुल हो गई। इसके बाद मैच रोकना पड़ गया। करीब छह मिनट तक बिजली गुल रही और खेल पूरे 12 मिनट तक रुका रहा। इस दौरान •ाारतीय बास्केटबाल संघ के सचिव हरीश शर्मा और खेल मंत्री लता उसेंडी का उद्बोधन कराया गया। सुश्री उसेंडी ने अपना उद्बोधन शुरू किया और कुछ ही देर में बिजली  आ गई।

खेलों के आयोजन लगातार होते रहें : राज्यपाल

फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता के समापन समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल शेखर दत्त ने कहा कि खुशी की बात है कि इनडोर स्टेडियम के उद्घाटन के फौरन बाद इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जितनी भी खेल की सुविधाएं हैं वहां लगातार स्पर्धाएं, कोचिंग और खेल होने चाहिएं। उन्होंने कहा कि बास्केटबाल काफी रोमांचक और स्फूर्ति वाला खेल है। राज्यपाल श्री दत्त ने आईओबी और वेस्टर्न रेलवे के बीच खेले गए फाइनल मुकाबले का लुत्फ  उठाया। उन्होंने कहा कि दोनों ही टीमों ने काफी उम्दा खेल का प्रदर्शन किया और उनका खेल देखकर उम्मीद है कि और भी कई लोग बास्केटबाल में रूचि लेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खेल की दृष्टि से प्रगतिशील प्रदेश है और खेल के क्षेत्र में बढ़ोत्तरी हो रही है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जीत पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि टीम के खिलाड़ियों ने काफी कमाल का प्रदर्शन दिखाया। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत इस बात की है कि बच्चों के पालक खेल के प्रति प्रोत्साहन दें जिससे वे खेलने के लिए आगे आएं।
झारखंड में भी मिलेगा पदक : लता उसेंडी
समारोह की विशेष अतिथि खेल मंत्री लता उसेंडी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिला बास्केटबाल टीम ने उम्दा खेल का प्रदर्शन किया है और उन्हें उम्मीद है कि झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स में भी मेजबान टीम काफी अच्छा प्रदर्शन करेगी और पदक हासिल करेगी। सुश्री उसेंडी ने कहा कि हाल ही में छत्तीसगढ़ ने कराते में नेशनल गेम्स का पहला स्वर्ण पदक हासिल किया है जो राज्य के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल की बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ-साथ खेलों का भी विकास हो रहा है।
खेलों का वातावरण बना है : बृजमोहन
फेडरेशन कप के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए लोक निर्माण मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इस प्रतियोगिता के आयोजन से राजधानी के साथ-साथ प्रेदश में भी खेलों का वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि इनडोर स्टेडियम का उद्घाटन सही मायने में 25वीं फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता के साथ हुआ। श्री अग्रवाल ने कहा कि राज्य के लिए यह गौरव की बात है कि महिला टीम ने फेडरेशन कप का स्वर्ण पदक हासिल किया।
टाप फोर टीमें
महिला वर्ग
1. छत्तीसगढ़
2. दक्षिण रेलवे
3. दिल्ली
4. केरल
पुरुष वर्ग
1. वेस्टर्न रेलवे
2. अईओबी चेन्नई
3. इंडियन आर्मी
4. ओएनजीसी
नेशनल गेम्स के लिए बास्केटबाल की टीमें घोषित
34वें नेशनल गेम्स के लिए छत्तीसगढ़ की महिला और पुरुष बास्केटबाल टीमें घोषित कर दी गई है। महिला टीम की कमान अंजु लकड़ा को दी गई है और पुरुष टीम का कप्तान अजय प्रताप सिंह को बनाया गया है। राज्य की महिला टीम में कप्तान अंजु लकड़ा, सीमा सिंह, भारती नेताम, पुष्पा, अकांक्षा सिंह, अरुणा किंडो, एल दीपा, शोषण तिर्की (सभी दपूम रेलवे बिलासपुर), कविता, जेलना जोश (बीएसपी), पूजा देशमुख (रायपुर), निकिता गोदामकर (राजनांदगांव), मुख्य कोच राजेश पटेल, सहायक कोच इकबाल अहमद खान, प्रबंधक साजी टी थामस शामिल हैं। पुरुष वर्ग की टीम में अजय प्रताप सिंह कप्तान, किरणपाल सिंह, पवन तिवारी, अंकित पाणिग्रही, नलीन शर्मा,   श्याम सुंदर, समीर राय, लुमेंद्र साहू, मनोज सिंह, सुशांत, आशुतोष सिंह, जानकी रामनाथ, मुख्य कोच आरएस गौर, सहायक कोच मो. असलम, प्रबंधक निलंजन नियोगी शामिल हैं। छत्तीसगढ़ की टीमों से राज्य संघ के चेयरमेन सोनमणी बोरा, अध्यक्ष राजीव जैन, उपाध्यक्ष अनिल पुसदकर, विजय डब्ल्यू देशपांडे, कमल सिंघल सहित कई पदाधिकारियों ने बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की है।

14 फ़रवरी, 2011

नेशनल गेम्स का पहला गोल्ड कराते में





अम्बर सिंह भारद्वाज ने रचा इतिहास
रायपुर। झारखंड में शुरू हुए 34वें राष्ट्रीय खेलों में सोमवार को छत्तीसगढ़ का खाता खुला और कराते के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी राजनांदगांव के अंबर सिंह भारद्वाज ने राज्य को स्वर्ण पदक दिला दिया। छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में पहली बार राज्य को नेशनल गेम्स का स्वर्ण पदक मिला है।
इस समय झारखंड में मौजूद छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव बशीर अहमद खान ने नेशनल लुक को दूरभाष पर बताया कि अम्बर ने 84 किलोग्राम वजन वर्ग में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। उसने पहले राउंड में  काफी अच्छा खेल दिखाया। फाइनल राउंड में महाराष्ट्र के खिलाड़ी के साथ मुकाबला हुआ जिसे अम्बर ने जीत लिया और छत्तीसगढ़ को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। अम्बर की जीत से खेलगांव में मौजूद छत्तीसगढ़ के दल में खुशी की लहर दौड़ पड़ी और सभी एक-दूसरे को बधाइयां देने लगे। अम्बर ने कई राष्ट्रीय स्पर्धाओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया है और राज्य को पदक दिलाया है। छत्तीसगढ़ को राज्य निर्माण के पिछले एक दशक में नेशनल गेम्स में कराते का पदक नहीं मिला था। यह पहला पदक है। नेशनल  गेम्स में एकमात्र छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व अम्बर कर रहे हैं और इस एकमात्र खिलाड़ी ने राज्य की झोली में स्वर्णिम उपलब्धी दिला दी। अम्बर की इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह, खेल मंत्री लता उसेंडी, ओलंपकि संघ के सचिव बशीर अहमद खान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुरुचरण सिंह होरा, खेल संचालक जीपी सिंह सहित कई पदाधिकारियों और खिलाड़ियों ने हर्ष व्यक्त किया है।अम्बर को मिलेगा एक लाख रुपए का नगद पुरस्कार
अम्बर सिंह भारद्वाज की इस स्वर्णिम उपलब्धि पर उसे एक लाख रुपए का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने झारखंड नेशनल गेम्स के पदक विजेताओं के लिए लाखों रुपए के नगद पुरस्कार की घोषणा की है। डा. सिंह ने टीम गेम और व्यक्तिगत इवेंट दोनों में अलग-अलग घोषणा की है। टीम गेम में स्वर्ण पदक पर पांच लाख रुपए, रजत  पदक पर तीन लाख रुपए और कांस्य पदक पर एक लाख रुपए का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। व्यक्तिगत इवेंट में स्वर्ण पदक पर एक लाख रुपए, रजत पदक पर 75 हजार रुपए और कांस्य पदक पर 50 हजार  रुपए का नगद पुरस्कार दिया जाएगा।
  नेशनल चैंपियन को परास्त किया अम्बर ने
झारखंड के 34वें नेशनल गेम्स में राजनांदगांव के अम्बर सिंह भारद्वाज ने 84 प्लस वजन वर्ग के कराते के मुकाबले में फाइनल पहुंचने से पूर्व नेशनल चैंपियन को भी परास्त कर दिया। अम्बर ने फाइनल पहुंचने के लिए पूरी ताकत लगा दी। छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव बश्ीर अहमद खान और अंबर के पिता मुरली भारद्वाज ने बताया कि अम्बर ने अरुणाचल प्रदेश के कोबिन को क्वार्टर फाइनल में 6-1 अंक से परास्त कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। सेमीफाइनल में अम्बर ने मध्यप्रदेश के मौजूदा नेशनल चैंपियन कुशल थापा को 6-1 अंक से पराजित कर फाइनल में प्रवेश कर लिया। फाइनल में अंबर का मुकाबला महाराष्ट्र के साथ हुआ और यह मुकाबला अंबर ने 5-2 से जीतकर स्वर्ण पदक हासिल कर लिया। अंबर की इस उपलब्धि पर कोच अमल तालुकदार, राज्य कराते डू संघ के अध्यक्ष प्रशांत ठाकुर ने हर्ष व्यक्त किया है।


छत्तीसगढ़ का पदक तय




25वीं फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता के 
फाइनल में दक्षिण रेलवे के साथ होगी भिडंत

 मेजबान छत्तीसगढ़ की महिला बास्केटबाल टीम अंतत: अपनी उम्मीदों पर सौ फीसदी खरी उतरी। मेजबान ने केरल की महिला टीम को हराकर फाइनल में जगह बना ली है। छत्तीसगढ़ का रजत पदक तय हो गया है और टीम से स्वर्ण या रजत पदक की पूरी उम्मीद भी थी। फाइनल में छत्तीसगढ़ का मुकाबला खिताब की दावेदार दक्षिण रेलवे की टीम से होगा जिसमें कई अंतरराष्ट्रीय और अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं। यह मुकाबला न केवल संघर्षपूर्ण होगा बल्कि इस मुकाबले को जीतने के लिए मेजबान को पूरी ताकत झोंकनी होगी। जानकारों की मानें तो यह मुकाबला यदि छत्तीसगढ़ जीत जाती है तो टीम को 34वें नेशनल गेम्स में पदक हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता।
रायपुर। फेडरेशन कप के सेमीफाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ से पूरी उम्मीद थी कि वह केरल को हराकर फाइनल पहुंचेगी और अपना पदक तय करेगी। ऐसा हुआ भी। सेमीफाइनल में भी छत्तीसगढ़ ने अपना पुराना प्रदर्शन बरकरार रखा। हालांकि इस मैच का पहला और अंतिम क्वार्टर काफी नीरस रहा। पहले क्वार्टर में छत्तीसगढ़ ने सिर्फ पांच अंकों (15-10) की बढ़त बनाई थी। दोनों टीमों ने कुछ विशेष प्रदर्शन नहीं दिखाया। केरल की शुरुआत काफी अच्छी रही। टीम ने पहले दो मिनट में स्कोर करना शुरू कर दिया था लेकिन बाद में छत्तीसगढ़ ने इसे कवर कर लिया। दूसरे क्वार्टर में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने अपने खेल में सुधार लाते हुए स्कोर 39-21 कर दिया। दूसरे क्वार्टर के बाद इनडोर स्टेडिमय पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपांशु काबरा ने दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय हासिल किया। इस दौरान छत्तीसगढ़ बास्केटबाल संघ के अध्यक्ष राजीव जैन सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे। इस मैच के  तीसरे क्वार्टर में मेजबान ने 65-38 अंकों की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद छत्तीसगढ़ ने लगातार अंक हासिल किए और मुकाबला 72-53 अंक से जीतकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। टीम की कप्तान और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अंजु लकड़ा ने 16 अंकों का योगदान दिया। सर्वाधिक 22 अंक •ाारती नेताम ने बनाए जबकि एम पुष्पा ने 18 अंकों का योगदान दिया। केरल की एल मैथ्यू ने 14 और लिकिमोल पी ने 11 अंक बनाए।  कल 15 फरवरी को छत्तीसगढ़ का फाइनल मुकाबला खिताब की प्रबल दावेदार टीम दक्षिण  रेलवे के साथ खेला जाएगा। दिल्ली और केरल के बीच खेले गए दूसरे सेमीफाइनल मैच के पूर्व पहला सेमीफाइनल दोपहर तीन बजे दक्षिण रेलवे और दिल्ली के साथ हुआ। इस मैच को जीतने के लिए दोनों ही टीमों ने पूरी ताकत झोंक दी थी लेकिन दक्षिण रेलवे के आगे दिल्ली के खिलाड़ी बौने साबित हुए। मैच के पहले ही क्वार्टर से दक्षिण रेलवे ने स्कोर करना शुरू कर दिया था। इस मैच में दक्षिण रेलवे ने 71-65 अंक से जीत हासिल कर फाइनल में प्रवेश् कर लिया। रेलवे की स्टार प्लेयर गीता अन्ना जोस ने सर्वाधिक 19 अंक और रेंजेनी पीटर ने 17 व कोकिला एस ने 16 अंक बनाए। यह मैच उतना रोमांचक नहीं रहा जितनी उम्मीद की जा रही थी। दिल्ली के खिलाड़ियों ने हालांकि इस मैच को जीतने पूरा जोर लगा दिया था जिससे मैच का अंतिम क्वार्टर काफी संघर्षपूर्ण हो गया। दिल्ली की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी प्रशंति सिंह ने सर्वाधिक 17 अंक, रसप्रीत सिद्दू ने 16 और आकांक्षा सिंह ने 11 अंक बनाए। इन तीनों खिलाड़ियों ने हाल ही में •ाारतीय टीम का एशियन गेम्स में प्रतिनिधित्व किया था। पुरुष वर्ग के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में वेस्टर्न रेलवे ने ओएनजीसी को हराकर फाइनल में जगह बना ली है। वेस्टर्न रेलवे में कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शमिल हैं और यह टीम खिताब की दावेदार है। वेस्टर्न रेलवे ने एकतरफा 71-48 से जीत हासिल की। विजेता टीम के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी विशेष  ने सर्वाधिक 27 अंक बनाए। गगनदीप सिंग ने 16 और अर्जुन सिंग ने 14 अंक बनाए। ओएनजीसी के मुरली कृष्णा आर ने 17 अंकों का योगदान दिया। इस प्रतियोगिता का पुरुष वर्ग में दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला इंडियन आर्मी और आईओबी के बीच खेला गया। इंडियन आर्मी के खिलाड़ियों ने पहले ही क्वार्टर से बेहतरीन खेल का प्रदर्शन दिखाया।
फेडरेशन कप का समापन आज
25वीं फेडरेशन कप नेशनल बास्केटबाल प्रतियोगिता का समापन कल 15 फरवरी फाइनल मुकाबलों के बाद शाम पांच बजे होगा। समापन समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल शेखर दत्त होंगे। अध्यक्षता लोक निर्माण मंत्री बृजमोहन अग्रवाल करेंगे। विशेष अतिथि सांसद रमेश बैस, विशेष अतिथि सांसद रमेश बैस, गृहमंत्री ननकी राम कंवर, खेल मंत्री लता उसेंडी, पंचायत मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री पुन्नुलाल मोहले, कृषि मंत्र चंद्रशेखर साहू, स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल, जल संसाधन मंत्री हेमचंद यादव, वन मंत्री विक्रम उसेंडी, नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मुणत, आदिमजाति मंत्री केदार कश्यप, वाणिज्य मंत्री दयालदास बघेल, विधानसभा उपाध्यक्ष नारायण चंदेल, नेता प्रतिपक्ष रविंद्र चौबे, विधायक देवजी भाई पटेल, नंदे साहू, कुलदीप जुनेजा, महापौर किरणमयी नायक, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, सभापति संजय श्रीवास्तव, मुख्य सचिव पी जाय उम्मेन, पुलिस महानिदेशक विश्वरंजन, भारतीय बास्केटबाल संघ के सचिव हरीश शर्मा, बीएसपी प्रबंधक वीके अरोरा,होंगे।
टीम- अंजु लकड़ा   (कप्तान), सीमा सिंह, भारती नेताम, पुष्पा, आकांक्षा सिंह, अरुणा किंडो, एल दीपा, शोषण तिर्की ( सभी दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे), कविता, जेलना जोश ( दोनों भिलाई इस्पात संयंत्र), ज्योति सिंह (रायपुर जिला), विनिता शर्मा (राजनांदगांव जिला), मुख्य कोच भिलाई इस्पात संयंत्र के अंतरराष्ट्रीय कोच राजेश पटेल, सहायक कोच सरजीत चक्रवर्ती, प्रबंधक अनिता पटेल।


13 फ़रवरी, 2011

बकअप छत्तीसगढ़, पूल में नंबर वन




chhattisgarh vs delhi, photo-dinesh yadu

रोमांचक और संघर्षपूर्ण मैच में दिल्ली को हराकर पूल में नंबर वन
बास्केटबाल का रोमांच किसे कहते हैं यह रविवार को खिताब की दावेदार दिल्ली और छत्तीसगढ़ की लड़कियों के बीच खेले गए अंतिम लीग मैच में देखने को मिला। दिल की धड़कनों को बढ़ा देने वाले इस मैच में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने जो प्रदर्शन किया  उसकी सभी दर्शकों ने ताली बजाकर तारीफ की और मैच समाप्ति तक टीम का जज्बा बनाए रखा। छत्तीसगढ़ ने लीक के अंतिम मैच में दिल्ली को हराकर पूल में पहला स्थान हासिल कर लिया।
रायपुर। राजधानी का इनडोर स्टेडियम रविवार की शाम दर्शकों से खचाखच भरा था क्योंकि पूरे शहर को मालूम था कि लीग का अंतिम मुकाबला मेजबान छत्तीसगढ़ और दिल्ली के बीच होने वाला है। रेलवे के अलावा ये दोनों ही टीमें खिताब की प्रबल दावेदार हैं। 25वीं फेडरेशन कप राष्ट्रीय बास्केटबाल प्रतियोगिता के लीग के अंतिम मैच में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने दिल्ली के खिलाफ जो प्रदर्शन दिखाया वह सेमीफाइनल और फाइनल में भी बरकरार रहा तो मेजबान को खिताब से कोई नहीं रोक सकता। लीग का यह अंतिम मुकाबला काफी यादगार बन गया। दिल्ली के साथ संघर्षपूर्ण मुकाबला हुआ। 10 मिनट के पहले क्वार्टर में दिल्ली के खिलाड़ियों ने पूरी ताकत झोंक दी और नतीजा यह हुआ कि दिल्ली ने एकतरफा 25-9 अंक से बढ़त हासिल कर ली। दिल्ली की पहले ही क्वार्टर में एकतरफा 16 अंको की इस बढ़त ने छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के होश उड़ा दिए थे। लेकिन दूसरे क्वार्टर में छत्तीसगढ़ ने जिस अंदाज में मैच में अपनी पकड़ बनाई उसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं है। दूसरे क्वार्टर में टीम के सभी खिलाड़ियों ने मैच में पकड़ बनाने पूरा जोर लगा दिया। टीम के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों अंजु लकड़ा, अरुणा किंडो ने तीन-तीन अंक स्कोर करने शुरू कर दिए। दूसरे क्वार्टर के चार मिनट में ही मेजबान खिलाड़ियों ने 14 अंक कवर कर लिए। दूसरे क्वार्टर के समाप्त होने में जब दो मिनट शेष रह गए थे तब कप्तान अंजु लकड़ा ने एक बार फिर से तीन प्वांइट कवर किए। अंतिम 17 सेकंड शेष रहते छत्तीसगढ़ ने 36-35 से बढ़त बना ली। दूसरा क्वार्टर छत्तीसगढ़ की झोली में गया और  टीम ने 38-35 अंक के स्कोर के साथ तीन अंक की बढ़त बना ली। तीसरे क्वार्टर में टीम ने और भी बेहतर खेल का प्रदर्शन दिखाया और दिल्ली के खिलाफ 38-35 अंक की बढ़त बना ली। चौथा क्वार्टर भी काफी शानदार रहा। छत्तीसगढ़ ने पूरे समय दिल्ली पर दबाव बनाए रखा और 86-65 से जीत हासिल कर ली। इस जीत के साथ ही छत्तीसगढ़ ने अपने पूल में टाप कर लिया। दूसरे स्थान पर दिल्ली की टीम रही। मैच हारने के बाद दिल्ली के खिलाड़ी निराशा में डूब गए। हालांकि दिल्ली ने सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। इस मैच में कप्तान अंजु लकड़ा ने सर्वाधिक 24 अंक, एम पुष्पा ने 20 अंक, भारती नेताम ने 19 अंक, अरुणा किंडो ने 14 अंक और सीमा सिंह ने 9 अंक बनाए। दूसरी तरफ दिल्ली की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी प्रशांति सिंह ने सर्वाधिक 26 और आकांक्षा सिंह ने 13 अंक बनाए। छत्तीसगढ़ की टीम के कोच और राज्य बास्केटबाल संघ के सचिव राजेश पटेल के मुताबिक छत्तीसगढ़ के लिए यह मैच जीतना जरूरी था। मेजबान का सेमीफाइनल में केरल के साथ मुकाबला होगा और टीम से इस मुकाबले को जीतने की पूरी उम्मीद है। महिला वर्ग में दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला दक्षिण  रेलवे और दिल्ली के साथ खेला जाएगा। माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ यदि फाइनल में पहुंचती है तो मैच दिल्ली या फिर दक्षिण रेलवे के साथ होगा। दूसरी तरफ पुरुष वर्ग के पूल ए में इंडियन आर्मी और पश्चिम रेलवे ने पूल में क्रमश: पहला और दूसरा स्थान बना लिया है। सुबह नौ बजे दक्षिण रेलवे और केरल के बीच खेले गए महिला वर्ग के मैच में खिताब की दावेदार दक्षिण रेलवे ने केरल को 82-56 अंक से पराजित किया। यह मैच रेलवे ने आसानी से जीत लिया। रेलवे की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी गीथू अन्ना जोस ने इस मैच में भी सर्वाधिक 28 अंक बनाए। टीम के अन्य खिलाड़ियों अनिता पी ने 16 और रेंजेनी पीटर ने भी 16 अंक बनाए। वहीं केरल की एस जोसेफ ने 12 और एल मैथ्यू ने 10 अंक बनाए। दूसरा मैच पुरुष वर्ग में ओएनजीसी और विजया  बैंक के बीच खेला गया। एकतरफा रहे इस मैच में ओएनजीसी ने 34 अंकों के अंतर से जीत हासिल की। ओएनजीसी ने विजया बैंक को 74-40 अंक से पराजित किया। ओएनजीसी के त्रिदीप राय ने 22, एस सिधार ने 18 और रयिाजुद्दीन ने 17 अंक बनाए। विजया बैंक के अरविंद ने 10 अंक का योगदान दिया। महिला वर्ग में तीसरा मैच आंध्रप्रदेश और कर्नाटक के बीच खेला गया। एकतरफा रहे इस मैच में कर्नाटक ने 80-37 अंक से जीत हासिल कर ली। कर्नाटक की स्मिथा के ने 16, सविता एलएस ने 11, कृतक लक्ष्मण ने 14 अंक बनाए। आंध्र की कवंलजीत कौर ने सर्वाधिक 19 अंक बनाए।
maharashtra vs tamilnadu, photo-dinesh yadu
महाराष्ट्र की रोमांचक  जीत
25वीं फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता के महिला वर्ग में एक अन्य मुकाबला महाराष्ट्रऔर तमिलनाडु के बीच खेला गया। इस मैच में महाराष्ट्र के खिलाड़ियों ने अच्छे खेल का प्रदर्शन किया और 79-31 से जीत हासिल कर ली। महाराष्ट्र की मनीषा डांगे ने 15, सीरीन लिमये ने 14 और स्मृति ने 11 अंक बनाए। तमिलनाडु की अपूर्वा मुरलीनाथ ने 12 अंक का योगदान दिया। महाराष्ट्र ने इस प्रतियोगिता में   एकमात्र यही मैच जीता है।
छत्तीसगढ़ के लिए हैट्रिक चांस
chhattisgarh vs delhi, photo-dinesh yadu

दस साल में अब तक दो बार ही जीता है फेडरेशन कप का खिताब
 25वीं फेडरेशन कप नेशनल बास्केटबाल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ की महिला टीम यदि फाइनल मुकाबला जीत जाती है तो यह उसकी तीसरा खिताब होगा। फेडरेशन कप में अब तक छत्तीसगढ़ की लड़कियां दो बार ही खिताब जीतने में सफल हो सकी हैं। यह तीसरा मौका है और मेजबान होने के नाते टीम पर दबाव भी बना हुआ है।
छत्तीसगढ़ बास्केटबाल संघ के सचिव और अंतरराष्ट्रीय कोच राजेश पटेल बताते हैं कि छत्तीसगढ़ ने 2006 में जमशेदपुर की 22वीं फेडरेश्न कप बास्केटबाल प्रतियोगिता में दिल्ली को हराकर खिताब जीता था। यह राज्य  निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ का फेडरेश्न कप में पहला पदक था। इसके अगले साल 2007 में एक बार फिर से छत्तीसगढ़ ने राउरकेला में 23वीं फेडरेश्न कप बास्केटबाल प्रतियोगिता का खिताब जीता। इस बार छत्तीसगढ़ ने खिताब की प्रबल दावेदार दक्षिण रेलवे को परास्त किया था। 2009 में 24वीं फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता का खिताब दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर की टीम ने जीता था। हालांकि टीम के सभी खिलाड़ी छत्तीसगढ़ के ही थे। यदि कुछ देर के लिए रेलवे को भूल जाएं तो संयुक्त रूप से छत्तीसगढ़ की 2009 में ही हैट्रिक पूरी हो गई थी। अधिकृत तौर पर हैट्रिक पूरी करने का मौका 25वीं फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता में मिला है। महिला वर्ग में फेडरेशन कप के सर्वाधिक खिताब रेलवे के पास हैं। पुरुष वर्ग में छत्तीसगढ़ की टीम ने पहली बार भिलाई इस्पात संयंत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए हिस्सा लिया। लेकिन खिताब से बाहर हो गई। पुरुष वर्ग में पहले से ही उम्मीदें काफी कम थीं। लेकिन महिला वर्ग में खिताब की उम्मीदें बरकरार हैं। इसके पूर्व यदि फेडरेशन कप के इतिहास पर नजर डालें तो 1990 में पहली बार भिलाई इस्पात संयंत्र की महिला टीम ने केरल में खेली गई सातवीं फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। इस प्रतियोगिता में टीम ने चौथा स्थान हासिल किया था। टीम को ईस्टर्न रेलवे ने 71-60 अंकों से पाजित किया था। तब दक्षिण रेलवे ने स्वर्ण और एफएसीटी केरल ने रजत पदक हासिल किया था। राज्य निर्माण के बाद वर्ष 2002 में छत्तीसगढ़ की महिला टीम ने राजस्थान के भीलवाड़ा में खेली गई 19वीं फेडरेशन कप बास्केटाबाल प्रतियोगिता में उत्तरप्रदेश् को 59-46 अंकों से हराकर कांस्य पदक हासिल किया था। जबकि स्वर्ण पदक पर दक्षिण रेलवे और रजत पदक पर केरल ने कब्जा जमाया था। 2003 में महाराष्ट्र में खेली गई 20वीं फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम को दिल्ली से 61-60 अंकों से पराजय झेलकर चौथे स्थान पर संतोष करना पड़ा था। तब दक्षिण रेलवे विजेता और आंध्रप्रदेश की टीम उपविजेता थी। दिल्ली ने कांस्य हासिल किया था।  वर्ष 2005 में गुजरात के भावनगर में 21वीं फेडरेश्न कप प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ ने पंजाब को 49-23 से हराकर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया था। इस बार भी दक्षिण रेलवे विजेता थी और दिल्ली ने उपविजेता का गौरव हासिल किया था। इसके बाद लगातार 22वीं और 23वीं फेडरेशन कप प्रतियोगिता का स्वर्ण छत्तीसगढ़ की झोली में गया। जबकि क्रमश: दिल्ली और दक्षिण  रेलवे ने रजत पदक हासिल किया था।
स्कूली बच्चों को दिखाएं मुकाबले

कम उम्र के खिलाड़ियों पर दें ज्याद ध्यान : चीफ नेशनल कोच
रायपुर। राजधानी के इनडोर स्टेडियम में खेली जा रही 25वीं फेडरेशन कप राष्ट्रीय बास्केटबाल प्रतियोगिता में  दर्शकों का टोटा बना हुआ है और इस बात का समर्थन भारतीय बास्केटबाल फेडरेशन के चीफ नेशनल कोच केके चंदसौरिया भी करते हैं। वे कहते हैं कि जब तक स्कूली बच्चों को मुकाबले नहीं दिखाएंगे नया बेस तैयार नहीं होगा। ज्यादा से ज्याद दर्शक बच्चे होने चाहिए जिससे वे इस खेल में रूचि ले सकें।
चीफ नेशनल कोच श्री चंदसौरिया के मुताबिक फेडरेशन सबजूनिर, जूनियर और युवा खिलाड़ियों पर ज्यादा ध्यान दे रही है जिससे आने वाले समय में बेहतर परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि ओवरआल देश के सभी राज्यों में बास्केटबाल का विकास हो रहा है। जितनी भी सबजूनियर, जूनियर और सीनियर नेशनल की स्पर्धाएं होती हैं सभी में से 25-25 खिलाड़ियों का चयन कोचिंग कैंप के लिए किया जाता है। चीफ नेशनल कोच ने बताया कि 2011 में सीनियर एशियन महिला-पुरुष के अलावा अंडर-16 एशियन के लिए अप्रैल माह में तैयारियां प्रारंभ हो जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा समय में किसी भी खेल में एक खिलाड़ी किसी विशेष पोजीशन में मिलता है लेकिन उस खिलाड़ी के उपलब्ध न होने पर हम दूसरा खिलाड़ी नहीं ला पाते। लेकिन चाइना जैसे देशों में एक ही पोजीशन पर खेलने वाले 100-100 खिलाड़ी होते हैं और चयन में ही दिक्कतें आ जाती हैं। ऐसा ही वातावरण यहां भी  चाहिए। उन्होंने कहा कि फेडरेशन कप बास्केटबाल के मुकाबले स्कूली बच्चों को दिखाना चाहिए।