01 फ़रवरी, 2011

राजधानी में भी दिखेगा ऐसा ही रोमांच





37वें नेशनल गेम्स में क्याकिंग एंड केनोइंग के ट्रेक 
के लिए परसदा का चयन, मार्च में राष्ट्रीय स्पर्धा
 छत्तीसगढ़ 37वें नेशनल गेम्स की मेजबानी करने वाला है और इसके लिए सभी खेलों की आधारभूत  सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इनमें रोमांच और साहस के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने वाले खेल क्याकिंग एंड केनोइंग को भी शामिल किया गया है। इस खेल की संभावनाओं के मद्देनजर मार्च माह में राष्ट्रीय स्तर पर केनोइंग एंड क्याकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा परसदा स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के समीप भारतीय क्याकिंग संघ और राज्य क्याकिंग संघ के पदाधिकारियों ने ट्रेक के लिए स्थल का चयन भी किया है। पदधिकारियों ने राज्य सरकार को ट्रेक बनाने के लिए प्रस्ताव  सौंपा है।
रायपुर। भरतीय क्याकिंग संघ के महासचिव और अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व खेल संचालक बलबीर सिंह कुशवाहा ने राज्य क्याकिंग संघ के पदाधिकारियों के साथ रायपुर का दौरा किया और 37वें नेशनल गेम्स के लिए संभावित जगह का चयन क्यकिंग के ट्रेक के लिए भी किया। यह जानकारी श्री कुशवाहा ने मंगलवार को पत्रकारों को दी। इसके पूर्व सोमवार को श्री कुशवाहा की मौजूदगी में राज्य संघ की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में छत्तीसगढ़ क्याकिंग एंड केनोइंग संघ के अध्यक्ष वैभव मिश्रा, कार्यवाहक अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी, सचिव बीएल साहू, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी नवीन साहू प्रमुख रूप से मौजूद थे। बैठक में 37वें नेशनल गेम्स के तहत केनोइंग एंड क्याकिंग के लिए वाटर  बाडी तैयार करने पर चर्चा की गई। इसके अलावा मार्च माह में राष्ट्रीय स्तर  पर ओपन स्पर्धा का आयोजन राजधानी के बूढ़ातालाब में करने का निर्णय लिया गया। श्री कुशवाहा ने बताया कि केनोइंग एंड क्याकिंग के लिए राजधानी में अंतरराष्ट्रीय मापदंड के ट्रैक का निर्माण करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए राजधानी के परसदा स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पास संभावित स्थल का भी चयन किया गया है। इस खेल के विकास के लिए 2500 मीटर लंबी तथा 125 मीटर चौड़ी नहर तैयार करनी होगी जो चार मीटर गहरी होनी चाहिए। इसके आस-पास हास्टल, ट्रेनिंग सेंटर, बोट हाऊस, फिनिशिंग टावर, तथा दर्शकों व खिलाड़ियों के बैठने की व्यवस्था की जानी चाहिए। इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर छत्तीसगढ़ क्याकिंग एंड केनोइंग संघ के पदाधिकारियों तथा श्री कुशवाहा ने प्रदेश के मुख्य  सचिव पी जॉय उम्मेन से मुलाकात  की और विस्तार से पूरी जानकारी दी। श्री उम्मेन ने सहमति देने के साथ-साथ नई राजधानी में क्षेत्र में प्रयास करने का आश्वासन दिया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पास नवागांव तालाब पर 2500 मीटर कोर्स बनाने के लिए देखने कहा। संघ के पदाधिकारियों ने इसका निरीक्षण करने के बाद इसे उपयुक्त पाया है। श्री कुशवाहा ने बताया कि इसमें कुछ खुदाइ  का काम कर उपयुक्त बनाया जा सकता है। इस कोर्स के लिए भारतीय संघ पूरी जानकारी तथा योजना अधोसंरचना विकास, नक्शे आदि शीघ्र उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मापदंड का ट्रेक बनाने में करीब दो से तीन करोड़ रुपए का खर्च आएगा।
देश का पहला राज्य बन सकता है छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ कयाकिंग संघ के कार्यवाहक अध्यक्छ शशिकांत द्विवेदी और भारतीय कयाकिंग संघ के महासचिव बलवीर सिंग कुशवाहा. 
अंतरराष्ट्रीय मापदंड का क्याकिंग ट्रेक कहीं नहीं
भारतीय क्याकिंग संघ के महासचिव बलबीर सिंह कुशवाहा और छत्तीसगढ़ क्याकिंग एंड केनोइंग संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी के मुताबिक यदि राजधानी में अंतरराष्ट्रीय मापदंड का क्याकिंग ट्रेक बन जाता है तो यह देश का पहला ऐसा राज्य होगा जहां यह सुविधा होगी। देश के किसी भी राज्य में अंतरराष्ट्रीय मापदंड का ट्रेक नहीं है। यहां तक कि झारखंड में 12 फरवरी से हो रहे 34वें नेशनल गेम्स के लिए तैयार किया गया ट्रेक भी नया नहीं है। हालांकि तैयारी हो चुकी है लेकिन गहराई ज्यादा होने की वजह से तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़Þ रहा है। छत्तीसगढ़ के लिए यह अनोखी उपलब्धि हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस खेल के अंतरराष्ट्रीय मापदंड के ट्रेक का निर्माण होने से प्रदेश में पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ जाएंगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर के विदेशी खिलाड़ी मौसम के हिसाब से  दूसरे देश के ट्रैक की तलाश करते हैं। ऐसे में यहां ट्रेक की सुविधा होने से पर्यटक  रूचि लेने लगेंगे। भारतीय क्याकिंग संघ के महासचिव बलबीर सिंह कुशवाहा ने बताया कि भोपाल में क्याकिंग पर्यटन का अहम माध्यम बना हुआ है। अवकाश के दिनों में 25 से 30 हजार स्थानीय लोगों का हुजूम तालाबों में क्याकिंग का लुत्फ उठाते देखा जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश में इसकी बेहतर संभावनाओं को देखते हुए 1993 में क्याकिंग की शुरुआत की गई थी। मध्यप्रेदश ने कई बेरोजगारों को नौकरी भी दी है। नर्मदा किनारे के बेरोजगारों को क्याकिंग की वजह से आर्मी और पुलिस में नौकरी का अवसर मिला है। छत्तीसगढ़ में •ाी इसकी काफी सं•ाावनाएं हैं क्योंकि यहां के दूरस्थ स्थानों में रहने वाले आदिवासियों में काफी क्षमता है।
देशभर के 300 खिलाड़ी दिखाएंगे जौहर
राजधानी के बूढ़ातालाब में मार्च के अंतिम सप्ताह में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय क्याकिंग एंड केनोइंग प्रतियोगिता में देश•ार के 300 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इनमें महिला और  पुरुष   दोनों वर्ग के खिलाड़ी अपना जौहर दिखाएंगे। इस प्रतियोगिता की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। प्रतियोगिता में सी वन, सी टू, सी फोर, के वन, के टू, के फोर इवेंट के मुकाबले 200 और 500 मीटर में खेले जाएंगे। इसके अलावा मैराथन व केनोफेलो का भी रोमांच लोगों को देखने मिलेगा। राज्य निर्माण के एक दशक में प्रदेश की यह पहली राष्ट्रीय क्याकिंग एंड केनोइंग प्रतियोगिता होगी। सी-वन के इवेंट में एक खिलाड़ी घुटनों के बल बैठकर एक चप्पू चलाता है। सी-टू में खिलाड़ियों की संख्या दो हो जाती है तो सी-फोर में चार। इसी तरह के-वन में दोनों तरफ चप्पू चलाया जाता है और खिलाड़ी एक रहता है। के-टू में दो तो के-फोर में चार खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। इस खेल में रोविंग के इवेंट तो शामिल हैं ही, राफ्टिंग (रबर की बोट), केनोफेलो, ड्रेगन बोट (24 खिलाड़ी दिखाते हैं जोहर), वाइट वाटर केनोइंग, सफारी जैसे इवेंट  शामिल होते हैं।
खेल विभाग का पूरा सहयोग
छत्तीसगढ़ केनोइंग एंड क्याकिंग संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि संघ को खेल विभाग का बेहतर सहयोग मिल रहा है। खेल विभाग ने हाल ही में क्याकिंग की सात बोट व अन्य खेल उपकरण उपलब्ध कराए हैं जो लाखों रुपए के हैं। इसके अलावा संघ के पदाधिकारियों ने खेल संचालक जीपी सिंह से मुलाकात कर इस खेल की अधोसंरचनाओं के विकास के लिए आवश्यक संसाधनों से अवगत कराया। श्री सिंह ने क्याकिंग एंड केनोइंग तथा रोइंग के स्थाई कोर्स का निर्माण करने आश्वासन दिया।


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