13 फ़रवरी, 2011

बकअप छत्तीसगढ़, पूल में नंबर वन




chhattisgarh vs delhi, photo-dinesh yadu

रोमांचक और संघर्षपूर्ण मैच में दिल्ली को हराकर पूल में नंबर वन
बास्केटबाल का रोमांच किसे कहते हैं यह रविवार को खिताब की दावेदार दिल्ली और छत्तीसगढ़ की लड़कियों के बीच खेले गए अंतिम लीग मैच में देखने को मिला। दिल की धड़कनों को बढ़ा देने वाले इस मैच में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने जो प्रदर्शन किया  उसकी सभी दर्शकों ने ताली बजाकर तारीफ की और मैच समाप्ति तक टीम का जज्बा बनाए रखा। छत्तीसगढ़ ने लीक के अंतिम मैच में दिल्ली को हराकर पूल में पहला स्थान हासिल कर लिया।
रायपुर। राजधानी का इनडोर स्टेडियम रविवार की शाम दर्शकों से खचाखच भरा था क्योंकि पूरे शहर को मालूम था कि लीग का अंतिम मुकाबला मेजबान छत्तीसगढ़ और दिल्ली के बीच होने वाला है। रेलवे के अलावा ये दोनों ही टीमें खिताब की प्रबल दावेदार हैं। 25वीं फेडरेशन कप राष्ट्रीय बास्केटबाल प्रतियोगिता के लीग के अंतिम मैच में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने दिल्ली के खिलाफ जो प्रदर्शन दिखाया वह सेमीफाइनल और फाइनल में भी बरकरार रहा तो मेजबान को खिताब से कोई नहीं रोक सकता। लीग का यह अंतिम मुकाबला काफी यादगार बन गया। दिल्ली के साथ संघर्षपूर्ण मुकाबला हुआ। 10 मिनट के पहले क्वार्टर में दिल्ली के खिलाड़ियों ने पूरी ताकत झोंक दी और नतीजा यह हुआ कि दिल्ली ने एकतरफा 25-9 अंक से बढ़त हासिल कर ली। दिल्ली की पहले ही क्वार्टर में एकतरफा 16 अंको की इस बढ़त ने छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के होश उड़ा दिए थे। लेकिन दूसरे क्वार्टर में छत्तीसगढ़ ने जिस अंदाज में मैच में अपनी पकड़ बनाई उसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं है। दूसरे क्वार्टर में टीम के सभी खिलाड़ियों ने मैच में पकड़ बनाने पूरा जोर लगा दिया। टीम के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों अंजु लकड़ा, अरुणा किंडो ने तीन-तीन अंक स्कोर करने शुरू कर दिए। दूसरे क्वार्टर के चार मिनट में ही मेजबान खिलाड़ियों ने 14 अंक कवर कर लिए। दूसरे क्वार्टर के समाप्त होने में जब दो मिनट शेष रह गए थे तब कप्तान अंजु लकड़ा ने एक बार फिर से तीन प्वांइट कवर किए। अंतिम 17 सेकंड शेष रहते छत्तीसगढ़ ने 36-35 से बढ़त बना ली। दूसरा क्वार्टर छत्तीसगढ़ की झोली में गया और  टीम ने 38-35 अंक के स्कोर के साथ तीन अंक की बढ़त बना ली। तीसरे क्वार्टर में टीम ने और भी बेहतर खेल का प्रदर्शन दिखाया और दिल्ली के खिलाफ 38-35 अंक की बढ़त बना ली। चौथा क्वार्टर भी काफी शानदार रहा। छत्तीसगढ़ ने पूरे समय दिल्ली पर दबाव बनाए रखा और 86-65 से जीत हासिल कर ली। इस जीत के साथ ही छत्तीसगढ़ ने अपने पूल में टाप कर लिया। दूसरे स्थान पर दिल्ली की टीम रही। मैच हारने के बाद दिल्ली के खिलाड़ी निराशा में डूब गए। हालांकि दिल्ली ने सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। इस मैच में कप्तान अंजु लकड़ा ने सर्वाधिक 24 अंक, एम पुष्पा ने 20 अंक, भारती नेताम ने 19 अंक, अरुणा किंडो ने 14 अंक और सीमा सिंह ने 9 अंक बनाए। दूसरी तरफ दिल्ली की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी प्रशांति सिंह ने सर्वाधिक 26 और आकांक्षा सिंह ने 13 अंक बनाए। छत्तीसगढ़ की टीम के कोच और राज्य बास्केटबाल संघ के सचिव राजेश पटेल के मुताबिक छत्तीसगढ़ के लिए यह मैच जीतना जरूरी था। मेजबान का सेमीफाइनल में केरल के साथ मुकाबला होगा और टीम से इस मुकाबले को जीतने की पूरी उम्मीद है। महिला वर्ग में दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला दक्षिण  रेलवे और दिल्ली के साथ खेला जाएगा। माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ यदि फाइनल में पहुंचती है तो मैच दिल्ली या फिर दक्षिण रेलवे के साथ होगा। दूसरी तरफ पुरुष वर्ग के पूल ए में इंडियन आर्मी और पश्चिम रेलवे ने पूल में क्रमश: पहला और दूसरा स्थान बना लिया है। सुबह नौ बजे दक्षिण रेलवे और केरल के बीच खेले गए महिला वर्ग के मैच में खिताब की दावेदार दक्षिण रेलवे ने केरल को 82-56 अंक से पराजित किया। यह मैच रेलवे ने आसानी से जीत लिया। रेलवे की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी गीथू अन्ना जोस ने इस मैच में भी सर्वाधिक 28 अंक बनाए। टीम के अन्य खिलाड़ियों अनिता पी ने 16 और रेंजेनी पीटर ने भी 16 अंक बनाए। वहीं केरल की एस जोसेफ ने 12 और एल मैथ्यू ने 10 अंक बनाए। दूसरा मैच पुरुष वर्ग में ओएनजीसी और विजया  बैंक के बीच खेला गया। एकतरफा रहे इस मैच में ओएनजीसी ने 34 अंकों के अंतर से जीत हासिल की। ओएनजीसी ने विजया बैंक को 74-40 अंक से पराजित किया। ओएनजीसी के त्रिदीप राय ने 22, एस सिधार ने 18 और रयिाजुद्दीन ने 17 अंक बनाए। विजया बैंक के अरविंद ने 10 अंक का योगदान दिया। महिला वर्ग में तीसरा मैच आंध्रप्रदेश और कर्नाटक के बीच खेला गया। एकतरफा रहे इस मैच में कर्नाटक ने 80-37 अंक से जीत हासिल कर ली। कर्नाटक की स्मिथा के ने 16, सविता एलएस ने 11, कृतक लक्ष्मण ने 14 अंक बनाए। आंध्र की कवंलजीत कौर ने सर्वाधिक 19 अंक बनाए।
maharashtra vs tamilnadu, photo-dinesh yadu
महाराष्ट्र की रोमांचक  जीत
25वीं फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता के महिला वर्ग में एक अन्य मुकाबला महाराष्ट्रऔर तमिलनाडु के बीच खेला गया। इस मैच में महाराष्ट्र के खिलाड़ियों ने अच्छे खेल का प्रदर्शन किया और 79-31 से जीत हासिल कर ली। महाराष्ट्र की मनीषा डांगे ने 15, सीरीन लिमये ने 14 और स्मृति ने 11 अंक बनाए। तमिलनाडु की अपूर्वा मुरलीनाथ ने 12 अंक का योगदान दिया। महाराष्ट्र ने इस प्रतियोगिता में   एकमात्र यही मैच जीता है।
छत्तीसगढ़ के लिए हैट्रिक चांस
chhattisgarh vs delhi, photo-dinesh yadu

दस साल में अब तक दो बार ही जीता है फेडरेशन कप का खिताब
 25वीं फेडरेशन कप नेशनल बास्केटबाल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ की महिला टीम यदि फाइनल मुकाबला जीत जाती है तो यह उसकी तीसरा खिताब होगा। फेडरेशन कप में अब तक छत्तीसगढ़ की लड़कियां दो बार ही खिताब जीतने में सफल हो सकी हैं। यह तीसरा मौका है और मेजबान होने के नाते टीम पर दबाव भी बना हुआ है।
छत्तीसगढ़ बास्केटबाल संघ के सचिव और अंतरराष्ट्रीय कोच राजेश पटेल बताते हैं कि छत्तीसगढ़ ने 2006 में जमशेदपुर की 22वीं फेडरेश्न कप बास्केटबाल प्रतियोगिता में दिल्ली को हराकर खिताब जीता था। यह राज्य  निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ का फेडरेश्न कप में पहला पदक था। इसके अगले साल 2007 में एक बार फिर से छत्तीसगढ़ ने राउरकेला में 23वीं फेडरेश्न कप बास्केटबाल प्रतियोगिता का खिताब जीता। इस बार छत्तीसगढ़ ने खिताब की प्रबल दावेदार दक्षिण रेलवे को परास्त किया था। 2009 में 24वीं फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता का खिताब दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर की टीम ने जीता था। हालांकि टीम के सभी खिलाड़ी छत्तीसगढ़ के ही थे। यदि कुछ देर के लिए रेलवे को भूल जाएं तो संयुक्त रूप से छत्तीसगढ़ की 2009 में ही हैट्रिक पूरी हो गई थी। अधिकृत तौर पर हैट्रिक पूरी करने का मौका 25वीं फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता में मिला है। महिला वर्ग में फेडरेशन कप के सर्वाधिक खिताब रेलवे के पास हैं। पुरुष वर्ग में छत्तीसगढ़ की टीम ने पहली बार भिलाई इस्पात संयंत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए हिस्सा लिया। लेकिन खिताब से बाहर हो गई। पुरुष वर्ग में पहले से ही उम्मीदें काफी कम थीं। लेकिन महिला वर्ग में खिताब की उम्मीदें बरकरार हैं। इसके पूर्व यदि फेडरेशन कप के इतिहास पर नजर डालें तो 1990 में पहली बार भिलाई इस्पात संयंत्र की महिला टीम ने केरल में खेली गई सातवीं फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। इस प्रतियोगिता में टीम ने चौथा स्थान हासिल किया था। टीम को ईस्टर्न रेलवे ने 71-60 अंकों से पाजित किया था। तब दक्षिण रेलवे ने स्वर्ण और एफएसीटी केरल ने रजत पदक हासिल किया था। राज्य निर्माण के बाद वर्ष 2002 में छत्तीसगढ़ की महिला टीम ने राजस्थान के भीलवाड़ा में खेली गई 19वीं फेडरेशन कप बास्केटाबाल प्रतियोगिता में उत्तरप्रदेश् को 59-46 अंकों से हराकर कांस्य पदक हासिल किया था। जबकि स्वर्ण पदक पर दक्षिण रेलवे और रजत पदक पर केरल ने कब्जा जमाया था। 2003 में महाराष्ट्र में खेली गई 20वीं फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम को दिल्ली से 61-60 अंकों से पराजय झेलकर चौथे स्थान पर संतोष करना पड़ा था। तब दक्षिण रेलवे विजेता और आंध्रप्रदेश की टीम उपविजेता थी। दिल्ली ने कांस्य हासिल किया था।  वर्ष 2005 में गुजरात के भावनगर में 21वीं फेडरेश्न कप प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ ने पंजाब को 49-23 से हराकर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया था। इस बार भी दक्षिण रेलवे विजेता थी और दिल्ली ने उपविजेता का गौरव हासिल किया था। इसके बाद लगातार 22वीं और 23वीं फेडरेशन कप प्रतियोगिता का स्वर्ण छत्तीसगढ़ की झोली में गया। जबकि क्रमश: दिल्ली और दक्षिण  रेलवे ने रजत पदक हासिल किया था।
स्कूली बच्चों को दिखाएं मुकाबले

कम उम्र के खिलाड़ियों पर दें ज्याद ध्यान : चीफ नेशनल कोच
रायपुर। राजधानी के इनडोर स्टेडियम में खेली जा रही 25वीं फेडरेशन कप राष्ट्रीय बास्केटबाल प्रतियोगिता में  दर्शकों का टोटा बना हुआ है और इस बात का समर्थन भारतीय बास्केटबाल फेडरेशन के चीफ नेशनल कोच केके चंदसौरिया भी करते हैं। वे कहते हैं कि जब तक स्कूली बच्चों को मुकाबले नहीं दिखाएंगे नया बेस तैयार नहीं होगा। ज्यादा से ज्याद दर्शक बच्चे होने चाहिए जिससे वे इस खेल में रूचि ले सकें।
चीफ नेशनल कोच श्री चंदसौरिया के मुताबिक फेडरेशन सबजूनिर, जूनियर और युवा खिलाड़ियों पर ज्यादा ध्यान दे रही है जिससे आने वाले समय में बेहतर परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि ओवरआल देश के सभी राज्यों में बास्केटबाल का विकास हो रहा है। जितनी भी सबजूनियर, जूनियर और सीनियर नेशनल की स्पर्धाएं होती हैं सभी में से 25-25 खिलाड़ियों का चयन कोचिंग कैंप के लिए किया जाता है। चीफ नेशनल कोच ने बताया कि 2011 में सीनियर एशियन महिला-पुरुष के अलावा अंडर-16 एशियन के लिए अप्रैल माह में तैयारियां प्रारंभ हो जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा समय में किसी भी खेल में एक खिलाड़ी किसी विशेष पोजीशन में मिलता है लेकिन उस खिलाड़ी के उपलब्ध न होने पर हम दूसरा खिलाड़ी नहीं ला पाते। लेकिन चाइना जैसे देशों में एक ही पोजीशन पर खेलने वाले 100-100 खिलाड़ी होते हैं और चयन में ही दिक्कतें आ जाती हैं। ऐसा ही वातावरण यहां भी  चाहिए। उन्होंने कहा कि फेडरेशन कप बास्केटबाल के मुकाबले स्कूली बच्चों को दिखाना चाहिए।

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