18 फ़रवरी, 2011

झारखंड नेशनल गेम्स का सातवां दिन


  
अगला लक्ष्य ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना : रिचा 
रांची. झारखंड में खेले जा रहे चौतीसवें राष्टÑीय खेलों में अब तक नौ स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर गोल्डन जलपरी बन चुकी दिल्ली की रिचा मिश्रा ने 2012 में लंदन में होने वाले ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना अपना लक्ष्य रखा है।  रिचा ने इन खेलों के पांचवें दिन गुरवार को दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतने के बाद संवाददाताओ से कहा कि उनका अगला लक्ष्य  लंदन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना है। इसके लिए उन्होने सरकार से आग्रह किया है कि उन्हें बेहतर प्रशिक्षण के लिए स्कालरशिप प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि राजधानी दिल्ली में तरणताल तैराकों के लिए वर्षभर उपलब्ध न होने के कारण उन्हें और अन्य तैराकों को अभ्यास के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है। रिचा ने कहा कि मैं इन खेलों में आठ स्वर्ण पदक जीतना चाहती थी लेकिन अब मैं नौ जीत चुकी हूं जिससे मैं बेहद संतुष्ट हूं। 27 वर्षीय दिल्ली की तैराक ने कहा कि तैराकी की विभिन्न स्पर्धाओं में पांच नये राष्ट्रीय रिकार्ड बनाकर और नौ स्वर्ण पदक जीतकर वह वाकई  बेहद खुश हैं। उन्होंने अपनी इस सफ लता का श्रेय अपने परिजनों और  कोच को दिया। तीन बार की राष्टÑीय रिकार्डधारी रिचा राष्टÑीय खेलों में कुल 17 व्यक्तिगत और तीन रिले इवेंट में हिस्सा ले रही हैं।
स्वर्ण जीत सेना के साथ शीर्ष पर पहुंचा मध्यप्रदेश
34 वें राष्ट्रीय खेलो की घुड़सवारी प्रतियोगिता के पांचवे दिन आज मध्य प्रदेश ड्रेसाज की व्यक्तिगत स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण जीत कर पदक तालिका में सेना के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर पहुंच गया। दोनो टीमों ने अब तक दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य समेत कुल चार पदक जीते हैं।
 मध्य प्रदेश के मृत्युंजय सिंह राठौर ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 65.27 अंको के साथ पहला स्थान हासिल कर स्वर्ण दिल्ली के गुलाब सिंह 62.66 अंको के साथ रजत और सेना के डैनी स्वीटेन ने 61.61 अंको के साथ कांस्य पदक जीता1 गोपाल मैदान में स्पर्धा के बाद मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने तीनों को पदक पहनाए। पदक तालिका में तीसरे स्थान पर हरियाणा है जिसने अब तक एक स्वर्ण और एक रजत समेत कुल दो पदक जीते हैं।झारखंड का पैदल चाल में गोल्डन डबल - रांची. झारखंड की दीपमाला देवी ने 34वें राष्टÑीय खेलों में आज महिलाओं की 20 किमी पैदल चाल का स्वर्ण पदक जीत इस स्पर्द्धा में मेजबान राज्य का गोल्डन डबल पूरा कर दिया।  दीपमाला ने एक घंटे 43 मिनट चार सेकंड मेंं यह दूरी तय करते हुए स्वर्ण पदक पर हाथ साफ किया। मध्यप्रदेश की गौरव कुमारी (1:43:31) को रजत और मणिपुर की शारदा देवी को कांस्य पदक मिला।  इससे पहले शुक्रवार को झारखंड के गुरमीत सिंह ने पुरुषों की 20 किमी पैदल चाल का स्वर्ण पदक जीता था। गुरमीत ने एक घंटे 23 मिनट 26 सेकंड में यह दूरी तय की। मध्य प्रदेश के मणि रतनाम (1:24:51) को रजत और सेना के सोमेन्द्रो पटेल (1:27:11) को कांस्य मिला।
बंगाल को रौंद उड़ीसा फाइनल में, पदक पक्का 
चौंतीसवें राष्टÑीय खेलों की महिला फुटबॉल प्रतियोगिता के पहले सेमीफाइनल में आज गत विजेता उड़ीसा ने बंगाल को एक तरफा मुकाबले में  6-0 से रौंद कर फाइनल में प्रवेश कर लिया और इसके साथ ही उसका एक पदक पक्का हो गया।  दूसरा सेमीफाइनल में गत उपविजेता मणिपुर और तमिलनाडु के बीच होगा। जेआरडी स्टेडियम पर खेले गये मैच में उड़ीसा की जाबामणि सोरेन ने सातवे मिनट में पहला गोल किया। पहले हाफ में उड़ीसा को कुछ चुनौती देने वाली बंगाल की टीम ने दूसरे हाफ में पूरी तरह समर्पण कर दिया। सुष्मिता मलिक के दो (42 और 43 वां मिनट), तथा पिकी बी मागर के एक (54 मि.), टी मुंडा के एक (71 मि.), तथा झीली मुंडा के एक (74 मि.) गोल की बदौलत उड़ीसा ने मैच 6-0 से जीत लिया। फाइनल और कांस्य पदक के लिए तीसरे स्थान का मुकाबला कल होगा।
समीर और ज्योति बने फर्राटा किंग एंड क्वीन
सेना के समीर मान और कनार्टक की एच एम ज्योति ने यहां चल रहे 34वें राष्टÑीय खेलों में 100 मीटर की फर्राटा दौड में क्रमश: पुरष और महिला वर्ग के स्वर्ण पदक जीतकर देश के सबसे तेज धावक बनने का गौरव हासिल कर लिया है। मान ने गुरवार देर शाम हुए एथलेटिक्स मुकाबलों में 10.55 सेकंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता जबकि ज्योति 11.84 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण विजेता बनी।  पुरुष वर्ग में आंध्र प्रदेश के अब्दुल नजीब कुरैशी 10.62 सेकंड के साथ दूसरे और केरल के सुजीत कुट्टन 10.65 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे1 महिला वर्ग में आंध्र की जी मोनिका 11.87 सेकंड के साथ दूसरे और उत्तर प्रदेश की प्रियंका पंवार 11.98 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। पुरषों की 400 मीटर दौड में सेना के कुन्हू (47.68 सेकंड) को पहला, झारखंड के विपिन मैथ्यू (47.68) को दूसरा और हरियाणा के अजय .47.94. को तीसरा स्थान मिला। कुन्हू ने फोटो फिनिश में मैयू को दूसरे स्थान पर छोड़ दिया।
महिलाओं की 400 मीटर दौड में केरल की सिनी जोस ने 53.76 सेकंड के साथ स्वर्ण और उनके राज्य की आर्या सी ने 54.21 सेकंड के साथ रजत पदक जीता1 आंध्र की के मृदुला (54.69) को कांस्य पदक मिला।  आंध्र की पी उडया लक्ष्मी ने 14.36 मीटर की दूरी तक गोला फेंककर महिला शाटपुट का स्वर्ण जीता1 हरियाणा की नीलम (13.77) को रजत और गोवा की स्टेफी कार्दोजो (13.69) को कांस्य मिला।  उत्तर   प्रदेश की सुमन देवी ने भालाफेंक में 51.84 मीटर की दूरी नाप स्वर्ण जीता1 तमिलनाडु की एस सरस्वती (51.69) ने रजत और हिमाचल प्रदेश की संजो (48.52) ने कांस्य पदक जीता।
धोनी के ‘घर’ की चमक फीकी कर देगा क्रिकेट महाकुंभ
  टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के गृहराज्य झारखंड में हो रहे 34 वें राष्टÑीय खेलों की (चमक) भारतीय उपमहाद्वीप में शनिवार से शुरू हो रहे क्रिकेट के महाकुं•ा (आइसीसी विश्वकप) की खुमारी के चलते फीकी पड़ सकती है।
 बालीवुड के सितारों की तड़क -भडक वाले रंगारंग कार्यक्रमों के साथ 12 फरवरी को शुरू हुए राष्ट्रीय खेलों के तीन आयोजन स्थलों रांची, जमशेदपुर और धनबाद में कई स्पर्धाओं में अब तक दर्शकों की जबरदस्त भागीदारी से आयोजक खासे उत्साहित हैं। विशेष तौर पर हाकी और फुटबॉल जैसी स्पर्धाओं में तो दर्शक हजारों की तादाद में जुट रहे हैं। देश के एक और नामचीन क्रिकेटर सौरभ तिवारी के गृहनगर जमशेदपुर में महिला फुटबॉल के अब तक हुए प्रत्येक मैच में औसतन चार से पांच हजार तक दर्शकों का जमावड़ा रहा है लेकिन शनिवार को ढाका में भारत और बंगलादेश की भिडंत के साथ शुरू हो रहे विश्वकप की खुमारी स्थिति को बदल सकती है। दर्शक खुलेआम तो आयोजक दबी जुबान से इस बात को स्वीकार करते हैं। आज सुबह यहां महिला फुटबॉल का सेमीफाइनल मैच देखने आये दर्शक राजेन्द्र और सुमित ने कहा कि हम खेल के प्रेमी तो हैं लेकिन हमारी प्राथमिकता क्रिकेट है। हम शनिवार को  महिला फुटबॉल का फाइनल नहीं बल्कि टीवी पर भारत-बांग्लादेश का मैच देखेंगे। कई अन्य युवा दर्शकों ने भी क्रिकेट विश्वकप को अधिक रोमांचक बताया.  खेल के आयोजन से जुड़े एक शीर्ष अधिकारी ने अफसोस भरे लहजे में कहा कि अपने देश में क्रिकेट के पीछे जो पागलपन है, वह बाकी खेलों के लिए एक बड़ा खतरा है। गनीमत है कि विश्वकप और 26 फरवरी तक चलने वाले राष्ट्रीय खेलों के कार्यक्रम में सिर्फ लगभग एक हफ्ते का टकराव है। इस दौरान भारत का केवल एक ही मैच है। ज्ञातव्य है कि भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका की संयुक्त मेजवानी में शनिवार से शुरू हो रहा विश्वकप 02 अप्रैल तक चलेगा और इस दौरान कुल 49 मैच खेले जाएंगे।

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