25 फ़रवरी, 2011

बकअप छत्तीसगढ़, मिल गया चौथा स्वर्ण


झारखंड नेशनल गेम्स में राज्य को कुल सात
पदक  एक कदम अगे बढ़ गए हम

झारखंड से कमलेश गोगिया
 अंतत: छत्तीसगढ़ की उम्मीदों पर महिला हैंडबाल टीम खरी उतरी और महाराष्ट्र को खिताबी मुकाबले में हराकर नेशनल गेम्स का चौथा स्वर्ण पदक हासिल कर लिया। छत्तीसगढ़ ने झारखंड नेशनल गेम्स में कुल सात पदक हासिल कर लिए हैं। इस तरह राज्य निर्माण के पिछले एक दशक में छत्तीसगढ़ ने नेशनल गेम्स में चार बार प्रतिनिधित्व कर 21 पदक  हासिल किए हैं। छत्तीसगढ़ की सात पदकों के बाद चुनौती समाप्त हो गई है।
रांची। शुक्रवार का दिन छत्तीसगढ़ के लिए खुशियों की सौगात लेकर आयाा। छत्तीसगढ़ की महिला हैंडबाल टीम ने फाइनल मुकाबले में महाराष्ट्र को 30-19  गोल  से  पराजित कर स्वर्ण पदक हासिल कर लिया। सच पूछिए तो छत्तीसगढ़ ने असम नेशनल गेम्स का एक बार फिर से इतिहास दोहरा दिया। असम के 33वें राष्ट्रीय खेलों में •ाी छत्तीसगढ़ ने स्वर्ण पदक हसिल किया था। महाराष्ट्र के साथ खेला गया फाइनल मुकाबला काफी  रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा। इस मैच  को जीतने के लिए दोनों ही  टीमों ने पूरी ताकत झोंक दी थी। छत्तीसगढ़ की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों श्रीमती अनिता राव, जूलियट लारेंस और शबनम (तीनों विवाहित खिलाड़ियों की तिकड़ी) ने काफी बेहतर खेल का  प्रदर्शन किया। ये तीनों खिलाड़ी असम के नेशनल गेम्स में भी छत्तीसगढ़ की टीम में शामिल थी। फाइनल मुकाबले के पहले हाफ में छत्तीसगढ़ की टीम12-9 गोल से आगे थी। पहला हाफ काफी रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा। पहले हाफ में छत्तीसगढ़ का डिफेंस भी काफी कमजोर था। लेकिन टीम ने दूसरे हाफ में आपसी तालमेल के साथ खेलना शुरू किया और अपना डिफेंस मजबूत कर फाइनल मुकाबला 11 अंकों से जीत लिया। छत्तीसगढ़ की वेकंटलक्ष्मी ने सर्वाधिक 10 गोल, श्रीमती एम अनिता राव ने 6 गोल, करिश्मा ने 5 गोल किए। महाराष्ट्र की निशा पाटिल ने 8, उज्जवला ने 5 और कोमल ने 3 गोल किए। इस स्वर्णिम उपलब्धि के बाद छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी खुशी से झूम उठे। छत्तीसगढ़ की कप्तान अनामिका मुखर्जी ने कहा कि हमें जीत की पूरी उम्मीद  थी और हमने  फाइनल मुकाबले में बेहतर तालमेल बनाए रखा जो जिसका बेहतर  परिणाम सामने आया। छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव और राज्य हैंडबाल संघ के सचिव बशीर अहमद खान ने कहा कि छत्तीसगढ़ की हैंडबाल टीम से स्वर्ण पदक की उम्मीद थी और टीम ने पदक हासिल कर दिखाया। छत्तीसगढ़ की इस जीत के बाद राज्य के सात पदक तय हो  गए। इसके बाद किसी खेल में छत्तीसगढ़ की चुनौती नहीं बची। छत्तीसगढ़ की इस उपलब्धि पर राज्यपाल शेखर दत्त, मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह, खेल मंत्री लता उसेंडी, खेल सचिव सुब्रत साहू, खेल संचालक जीपी सिंह सहित राज्य ओलंपिक संघ के कई पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त किया है।
मिलेगा पांच लाख का नगद पुरस्कार
छत्तीसगढ़ की महिला हैंडबाल टीम को इस स्वर्णिम उपलब्धि पर पांच लाख रुपए का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा शूटिंग टीम को पांच लाख रुपए, बास्केटबाल टीम को तीन लाख रुपए, कुश्ती के पदक विजेता आनंद को 50 हजार रुपए, अंबर सिंह •ााद्वाज को एक लाख रुपए और शूटिंग में व्यक्तिगत स्वर्ण पर एक लाख रुपए का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने नेशनल गेम्स के पदक विजेताओं के लिए लाखों रुपए के नगद पुरस्कार की घोषणा की थी। उन्होंने टीम गेम और व्यक्तिगत इवेंट दोनों में अलग-अलग घोषणा की थी। टीम गेम में स्वर्ण पदक पर पांच लाख रुपए, रजत पदक पर तीन लाख रुपए व कांस्य पदक पर दो लाख रुपए के नगद पुरस्कार की घोषणा की गई थी। व्यक्तिगत खेलों में स्वर्ण पदक पर एक लाख रुपए, रजत पदक पर 75 हजार रुपए और कांस्य पदक पर 50 हजार रुपए के नगद पुरस्कार की घोषणा की गई थी। 

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