07 फ़रवरी, 2011

खिलाड़ियों के लिए खुला लाखों का खजाना








छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डा. रमन सिंग कीट प्रदान करते हुए. (सभी फोटो-दिनेश यदु)
झारखंड नेशनल गेम्स में पदक जीतकर लाना
 सबसे बड़ा सम्मान : डा. रमन सिंह
 अंतत: इन कयासों पर मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने सोमवार को विराम लगा दिया कि झारखंड के 34वें नेशनल गेम्स में पदक जीतकर लाने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को कितना नगद पुरस्कार दिया जाएगा। डा. सिंह ने कामनवेल्थ गेम्स में पदक विजेताओं के लिए लाखों रुपए के नगद पुरस्कार की घोषणा की थी। एक बार फिर से उन्होंने खिलाड़ियों के लिए लाखों रुपए के नगद पुरस्कार की घोषणा की है।
रायपुर। मुख्यमंत्री निवास में सोमवार को झारखंड नेशनल गेम्स में हिस्सा लेने वाले प्रदेशभार के विभिन्न खेलों के 201 खिलाड़ियों को डा. रमन सिंह ने किट वितरित की। इस दौरान उन्होंने नेशनल गेम्स में टीम इवेंट और व्यक्तिगत खेलों के लिए अलग-अलग घोषणा की। घोषणा के तहत टीम गेम में स्वर्ण पदक जीतकर लाने वाली टीम को पांच लाख रुपए का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। इसी तरह कोई टीम यदि रजत पदक हासिल करती है तो उसे तीन लाख रुपए का नगद पुरस्कार मिलेगा। कांस्य पदक हासिल करने वाली पूरी टीम को दो लाख रुपए का नगद पुरस्कार मिलेगा। व्यक्तिगत स्तर पर कोई खिलाड़ी यदि स्वर्ण पदक हासिल करता है तो उसे एक लाख रुपए का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। इसी तरह रजत पदक  हासिल करने पर 75 हजार रुपए और कांस्य पदक हासिल करने पर 50 हजार रुपए का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। इस घोषणा के दौरान छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के भी अध्यक्ष डा. रमन सिंह ने कहा कि पदक और सम्मान से बढ़कर पैसा नहीं होता। पदक से पैसा छोटा होता है। पदक की पैसे से कीमत नहीं लगाई जा सकती। खिलाड़ियों का हौसला बढ़े इसलिए नगद पुरस्कार की घोषणा की जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी नेशनल गेम्म में बेहतर प्रदर्शन करेंगे और पिछले नेशनल गेम्स से भी ज्यादा पदक हासिल करेंगे। उन्हें इस बात की पूरी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेलों का काफी अच्छा वातावरण निर्मित हुआ है। ब्लाक स्तर से लेकर जिला व राज्य स्तर पर भी तमाम खेलों के आयोजन हो रहे हैं। खुशी की बात यह भी है  कि छत्तीसगढ़ के दल में रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर के शहरी खिलाड़ियों के अलावा बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ इलाकों के खिलाड़ी भी शामिल हैं। उन्होंने यह  कहा कि उन्हें खुशी हो रही है कि नेशनल गेम्स में हिस्सा लेने वाले प्रदेशभर के खिलाड़ी उनके निवास पर आए हैं। वे पदक जीतकर लाएंगे तो भी उनका यहां स्वागत किया जाएगा और वे स्वागत करने तैयार रहेंगे। डा. सिंह ने यह भी  कहा कि खिलाड़ियों के गले में मेडल चमकेंगे तब लगेगा कि हमारी मेहनत सफल हो गई। डा. सिंह ने खेल सचिव सुब्रत साहू, खेल संचालक जीपी सिंह सहित छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के पदाधिकारियों और तमाम खेल संघों के पदाधिकारियों व खिलाड़ियों को अपनी शुभकामनाएं दीं। किट वितरण समारोह में खेल सचिव सुब्रत साहू ने कहा कि 34वें नेशनल गेम्स को लेकर खिलाड़ियों से बहुत सी उम्मीदें हैं और विशेष रूप से इस बात की उम्मीद ज्यादा है कि राज्य के खिलाड़ी पिछले नेशनल गेम्स से ज्यादा पदक हासिल करें। वे अधिक संख्या में खिलाड़ियों को पदक के साथ देखना चाहते हैं। खेल संचालक जीपी सिंह ने कहा कि पिछला इतिहास देखें तो पंजाब नेशनल गेम्स के बाद हैदराबाद और असम नेशनल गेम्म में भी, एक के बाद एक पदकों की संख्या बढ़ी है। इस बार की पूरी उम्मीद है कि पदकों की संख्या बढ़ेगी। श्री सिंह ने बताया कि खिलाड़ियों को किट में ट्रेक सूट, जूता, प्लेइंग किट, कैप के अलावा प्रशिक्षण शिविर की राशि और यात्रा भत्ता भी प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण शिविर और यात्रा भत्ता व यात्रा व्यय के लिए छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ को कुल 13 लाख 27 हजार 528 रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई है। समारोह में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव बशीर अहमद खान, कोषाध्यक्ष वै•ाव मिश्रा, राज्य ओलंपिक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुरुचरण सिंह होरा, राज्य वालीबाल संघ के अध्यक्ष गजराज पगारिया, सचिव मोहम्मद अकरम खान, राज्य नेटबाल संघ के सचिव संजय शर्मा, राज्य स्क्वैश संघ के सचिव डा. विष्णु श्रीवास्तव, राज्य जिम्नास्टिक संघ के अश्वनी महेंद्रु सहित तमाम खेल संघों के पदाधिकारी और खिलाड़ी मौजूद थे।
18 खेलों के 201 खिलाड़ी दिखाएंगे जौहर


झारखंड नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ से कुल 18 खेलों के 201 खिलाड़ी अपना जौहर दिखाएंगे। अधिकारी और डेलीगेशन मिलाकर कुल 260 खिलाड़ियों का दल प्रतिनिधित्व करेगा।  यह जानकारी छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव बशीर अहमद खान ने किट वितरण समारोह के दौरान बताई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2001 के पंजाब नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ ने तीन पदक हासिल किए थे। इसके बाद 2002 के हैदराबाद नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ को पांच पदक मिले थे। वर्ष 2007 के असम नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ ने छह पदक हासिल किए थे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पूरे देश में पहला ऐसा राज्य  है जहां खिलाड़ियों को आर्थिक सुविधाएं काफी बेहतर  दी जाती हैं। उन्होंने बताया कि नेशनल गेम्स के कैंप के लिए ओलंपिक संघ को काफी पहले ही पैसा दिया गया था। लेकिन दो साल से नेशनल गेम्स स्थगित हो रहे थे। इससे ब्याज में मिले पैसों का भी सदुपयोग हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ रांची में ही नहीं बल्कि   छत्तीसगढ़ के 37वें नेशनल गेम्स में भी खिलाड़ी सर्वाधिक पदक हासिल करेंगे।
पहली नौकरी टेकलाल कुर्रे को

छत्तीसगढ़ के उत्कृष्ठ खिलाड़ियों को नौकरी देने के प्रावधान के तहत सोमवार को मुख्यमंत्री निवास में आरचरी के एनआईएस कोच टेकलाल कुर्रे को पहली नौकरी प्रदान की गई। टेकलाल कुर्रे उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किए गए थे। उन्हें खेल विभाग में आरचरी का कोच नियुक्त किया गया है। इसके लिए नियुक्ति पत्र उनके पिता श्री कुर्रे को प्रदान किया गया। टेकलाल विशाखापटनम में सीनियर नेशनल आरचरी चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

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