26 मार्च, 2011

बकअप राजदीप. . .




राजदीप का छत्तीसगढ़ सिख संगठन ने सम्मान किया.

जंप रोप पर हंसने वालों की बोलती बंद
रायपुर। राजधानी के अंतरराष्ट्रीय जंपर राजदीप सिंह हरगोत्रा ने जंप रोप में नया गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड बनाकर छत्तीसगढ़ के तथाकथित उन खेल संघों के पदाधिकारियों की बोलती बंद कर दी है जो इस नए खेल पर हंसते थे। राजदीप ने न केवल नया कीर्तिमान हासिल किया बल्कि यह भी  साबित कर दिखाया कि हौसले बुलंद हों तो वर्ल्ड रिकार्ड रस्सी कूदकर  बनाया जा सकता है।
30 सेकंड में 154 बार रस्सी कूदने का वर्ल्ड रिकार्ड जापान की मेगुमी सुजूकी के नाम पर था। राजदीप ने 30 सेकंड में 159 बार रस्सी कूदकर नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया और माना जा रहा है कि इस वर्ल्ड रिकार्ड को आने वाले कई सालों तक कोई नहीं तोड़ पाएगा। राजदीप ने न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश का नाम पूरे विश्व में रोश्न कर दिया है। राजदीप के इस वर्ल्ड रिकार्ड का सीधा प्रसारण कलर्स चैनल पर किया गया। होस्ट प्रीति जिंटा ने राजदीप के रिकार्ड के टूटते ही उसे गले लगा लिया और राजदीप के माता-पिता भी गर्व करने लगे। जंप रोप एसोसिएशन आफ छत्तीसगढ़ के सचिव अखिलेश दुबे के मुताबिक राजदीप से नए रिकार्ड की पूरी उम्मीद थी और इस पर वे सौ फीसदी खरे उतरे। राजदीप ने पूरे राज्य का नाम पूरे विश्व में रोशन कर दिया। श्री दुबे ने कहा कि उम्मीद है कि राजदीप का नया गिनीज रिकार्ड आने वाले कई सालों तक कोई नहीं तोड़ पाएगा क्योंकि यह कठिन से कठिन मेहनत का परिणाम और यहां तक पहुंचने के लिए राजदीप के साथ-साथ एसोसिएशन को भी कई संघर्ष करने पड़े हैं। एक समय वह भी था जब कथित खेल विशेषज्ञ जंप रोप (रस्सी कूद) जैसे खेल पर हसते थे और कोई भी सहयोग करने को तैयार नहीं होता था। आज हमें गर्व हो रहा है कि उसी खेल ने राज्य के उन सभी खेलों को पीछे छोड़ दिया जो कभी भी गिनीज रिकार्ड तक नहीं पहुंच सके हैं।






16 मार्च, 2011

प्रशिक्षकों को मिला प्लेटफार्म




खेल विभा ग ने वर्कशाप में सुनी समस्याएं 
                      और दिलाया प्रगति का भरोसा



रायपुर। प्रदेशभर के विभिन्न खेलों के एनआईएस प्रशिक्षकों को खेल संचालनालय ने नया प्लेटफार्म दिया। प्रदेश के खेल जगत के इतिहास में पहली बार करीब 40 एनआईएस प्रशिक्षकों के लिए खेल भवन में वर्कशाप आयोजित की गई। इस वर्कशाप में प्रशिक्षकों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं और खेलों व खिलाड़ियों के विकास के लिए कई सुझाव दिए।
खेल संचालक जीपी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस वर्कशाप में प्रशिक्षकों ने खेल सुविधाओं की कमी पर ज्यादा जोर दिया। खासतौर पर खेल मैदानों के अभाव की बातें प्रमुखता से उठीं। इस वर्कशाप में प्रशिक्षकों को यह भी कहा गया कि खेल विभाग ने वि•िान्न खेलों के प्रशिक्षकों के लिए नियुक्ति निकाली है और वे आवेदन दे सकते हैं। ऐसा पहली बार हुआ जब प्रशिक्षकों को नौकरी के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। वर्कशाप में कई मुद्दे उठाए गए और कई सुझाव भी दिए गए। स्वयं प्रशिक्षकों को भी ट्रेनिंग देने की बात प्रमुखता से उठी। कई प्रशिक्षक सबजूनियर वर्ग में जूनियर खिलाड़ियों को और जूनियर वर्ग में सीनियर खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक हासिल करने के लिए टीम में शमिल करते  हैं। ऐसे में जो वास्तव में खेल के हकदार हैं वे पीछे रह जाते हैं। कई प्रशिक्षकों ने मैदान की कमी तो मैदान में चेजिंग रूम की कमी का मामला उठाया। इस वर्कशाप में हिस्सा लेने वाले सभी प्रशिक्षकों और प्रशिक्षण कार्य में सहयोग करने वाले विशेषज्ञों से फार्म भी भरवाया गया। इस फार्म में बायोडाटा के अलावा स्थान विशेष में प्रशिक्षण की सुविधाओं की जानकारी मांगी गई तथा सुझाव लिए गए। खेल संचालक जीपी सिंह के मुताबिक इन सुझावों की समीक्षा की जाएगी और प्रशिक्षकों की समस्याओं का समाधान  किया जाएगा।

फुटबाल बालाओं का हुआ स्वागत




लगातार दूसरी बार श्रीलंका में प्रतिनिधित्व
 कर लौटीं सुप्रिया और निकिता


रायपुर। राजधानी की 13 वर्षीय सुप्रिया कुकरेती और निकिता पन्ना छत्तीसगढ़ के खेल जगत में इतिहास रचकर बुधवार को वापस लौटीं। इन दोनों खिलाड़ियों ने पिछले साल ही श्रीलंका में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था और टीम इंडिया ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया था। एक बार फिर से इन खिलाड़ियों ने श्रीलंका की एशियन फुटबाल को चैंपियनशिप में अपना जौहर दिखाया और भारतीय टीम ने ओवरआल बेहतर प्रदर्शन किया। इन खिलाड़ियों का यहां पुलिस मुख्यालय में स्वगात  किया गया।
शंकर नगर निवासी सुप्रिया कुकरेती एमजीएम स्कूल की सातवीं की छात्रा हैं। सुप्रिया ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व स्टाइकर के तौर पर किया। कचना की निकिता पन्ना होलीक्रास स्कूल कांपा में आठवीं की छात्रा हैं। निकिता टीम की गोलकीपर थीं। पुलिस मुख्यालय में इन खिलाड़ियों का डीजीपी विश्वरंजन, एडीजी रामनिवास सहित छत्तीसगढ़ फुटबाल संघ के सचिव जीडी गांधी, रायपुर जिला फुटबाल संघ के अध्यक्ष मुश्ताक अली प्रधान, सचिव दिवाकर थिटे, कोच सरिता कुजूर सहित कई पदाधिकारियों ने स्वागत किया। इस दौरान इन खिलाड़ियों के परिजन भी  मौजूद थे। इन खिलाड़ियों ने खेल संचालक जीपी सिंह से भी मुलाकात की। श्री सिंह ने इन्हें आगे बढ़ाने हरसंभव सुविधा मुहैया कराने आश्वस्त किया। निकिता और सुप्रिया ने इस दौरान कहा कि वे काफी आगे बढ़ना चाहती हैं और राज्य व देश का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करना चाहती हैं। निकिता और सुप्रिया की प्रशिक्षक फुटबाल की एनआईएस कोच सरिता कुजूर ने बताया कि इस प्रतियोगिता के लिए एएफटी ने नियम बनाया था कि एक  देश से 22 खिलाड़ियों को खिलाया जाए और ए व बी दो टीमें बनाई जाएं जिससे सभी खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिले। भारत की ए व बी दो टीमें बनाई गईं और दोनों टीमों ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया। भारत ने कुल दस मैच खेले और सभी में जीत हासिल की। श्रीलंका के साथ खेला गया पहला मैच ड्रा रहा। ग्रुप बी में श्रीलंका को भारत ने 0-1 से, जार्डन को 1-0 व 1-8 से, इरान को 1-0 व 2-0 से, पलीस्तीन को 10-0, 6-0 और 7-0 से पराजित किया। सुश्री कुजूर ने बताया कि इस प्रतियोगिता में फाइनल मैच नहीं हुआ बल्कि ओवरआल प्रदर्शन देखा गया।

14 मार्च, 2011

2011 की लकी शुरुआत






दो माह के भीतर छत्तीसगढ़ के खेल जगत को मिली कई सौगातें
 देखते ही देखते वर्ष 2011 का जनवरी और फरवरी माह बीत गया और कुछ दिनों में मार्च माह •ाी बीत जाएगा। छत्तीसगढ़ के खेल जगत के लिए पिछले दो माह काफी बेहतर साबित हुए हैं। इन दो माह के •ाीतर राज्य के खेल जगत को कई सौगातें मिली हैं। मामला खेल की अधोसंरचनात्मक सुविधाओं का हो या फिर राष्ट्रीय खेलों में पदक और खिलाड़ियों को नौकरी की शुरुआत का और या फिर राष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल करने का। उम्मीद की जा रही है कि राज्य के खेल जगत के लिए यह पूरा वर्ष काफी बेहतर रहेगा। 

एक करोड़ के खेल परिसर में होंगी कई खेलों की सुविधाएं


 विधानसभा भवन के नजदीक सवा करोड़ रुपए की लागत से बन रहे खेल परिसर में कई खेलों की सुविधाएं रहेंगी। यहां मल्टी जिम के अलावा दर्शकों के लिए भी बैठने की बेहतर व्यवस्था का इंतजाम किया जाएगा।
राज्य शासन ने इस खेल परिसर के लिए एक करोड़ 18 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। खेल परिसर के प्रस्तावित भवन में बैडमिंटन के दो हाल बनाए जाएंगे। इस हाल में दर्शकों के लिए अलग से बालकनी बनाई जाएगी। बैडमिंटन हाल में वुडन फ्लोरिंग की जाएगी और हाल की ऊंचाई अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के अनुसार होगी। प्रस्तावित भवन में मल्टी जिम हाल, बिलियर्ड्स और कैरम हाल भी बनाया जाएगा। खेल परिसर भवन के दोनों ओर लैंडस्केपिंग का प्रावधान भी शामिल है और भवन में प्रवेश के लिए मुख्य पोर्च के अतिरिक्त दो बरांडा  बनाया जाएगा। खेल परिसर के निर्माण की अवधि आठ माह निर्धारित की  गई है। पिछले फरवरी माह में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के अध्यक्ष मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह और विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने खेल परिसर के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया है।

हर साल तीन करोड़ खर्च करेगा साई 


मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह की पहल पर फरवरी माह में ही भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने छत्तीसगढ़ के ढाई सौ खिलाड़ियों को बास्केटबॉल, आचर्री, एथलेटिक्स और हॉकी में प्रशिक्षण प्रदान करने की सहमति दी है। राजनांदगांव के साई हास्टल द्वारा वहां के इंडोर स्टेडियम में एक सौ खिलाड़ियों को और रायपुर में साई हास्टल द्वारा रायपुर के आउट डोर स्टेडियम में डेढ़ सौ खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, खेल किट, आवास व्यवस्था और विभिन्न  प्रतियोगिताओं में इन खिलाड़ियों की भागीदारी आदि पर भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा हर वर्ष तीन करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। हाल ही में भारतीय खेल प्राधिकरण के सचिव गोपालकृष्णा ने राजनांदगांव और रायपुर का दौरा कर साई हास्टल को हरी झंडी दिखाई थी।  प्राधिकरण राजनांदगांव में पंद्रह एकड़ क्षेत्र में सवर्सुविधायुक्त स्पोर्टस हास्टल विकसित करेगा। वतर्मान में भारतीय खेल प्राधिकरण की प्रशिक्षण योजना के तहत राजनांदगांव में 38 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साई अब वहां पचास महिला और पचास पुरुष खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करेगा। इस योजना के अंतर्गत साई द्वारा रायपुर में आगामी अप्रेल माह से पहले चरण में एक सौ खिलाड़ियों का प्रशिक्षण प्रारंभ किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ को मिला पहला बास्केटबाल इनडोर स्टेडियम 
इस माह छत्तीसगढ़ को बास्केटबाल का पहला इनडोर स्टेडियम राजनांदगांव में मिला। इस इनडोर स्टेडियम में बास्केटबाल की राष्ट्रीय स्पर्धाओं का आयोजन किया जा सकेगा। इस स्टेडियम का शुभारम्भ  8 मार्च को मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने किया। इससे पहले प्रदेश में बास्केटबाल का एक भी इनडोर स्टेडियम नहीं था। राजधानी के इनडोर स्टेडियम में हालांकि फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया था लेकिन यहां कई दूसरे खेलों का  आयोजन किया जाएगा। चार करोड़ 03 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह स्टेडियम सिर्फ ग्यारह महीने के रिकार्ड समय में तैयार हुआ है। इसी लम्बाई 37 मीटर, चौड़ाई 22 मीटर और ऊंचाई दस मीटर की है। इसमें एक हजार दर्शक क्षमता वाली गैलेरी का भी निर्माण किया गया है।

राजधानी में बनेगी स्क्वैश एकेडमी


राजधानी में स्क्वैश जैसे खेलों को बढ़ावा देने के लिए स्क्वैश एकेडमी की घोषणा पिछले माह 28 फरवरी को एसोसिएशन के अध्यक्ष मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने की। रायपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्क्वैश एकेडमी खोली जाएगी। इसके अलावा इस खेल को बढ़ाने के लिए जुलाई-अगस्त माह में यहां राष्ट्रीय प्रतियोगिता का •ाी आयोजन किया जाएगा।

15 साल बाद मिला इनडोर स्टेडियम


15 साल बाद ही सही राजधानी को इनडोर स्टेडियम की सौगात फरवरी माह में मिल गई। 21.5 करोड़ रुपए की लागत से बने इस स्टेडियम का उद्घाटन हालांकि 3 फरवरी को किया गया लेकिन विधिवत 25वीं फेडरशन कप बास्कटेबाल प्रतियोगिता यहां की पहली राष्ट्रीय प्रतियोगिता थी। यह 10 फरवरी से आयोजित की गई। पूरी तरह वातानुकूलित इस स्टेडियम की दर्शक क्षमता 5 हजार है और यहां बास्केटबाल सहित टेबल टेनिस, नेटबाल, वालीबाल और कई इनडोर खेलों की स्पर्धाएं हो सकेंगी।

कुंबले को भी भा गया स्टेडियम


भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और कर्नाटक क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अनिल कुंबले पहली बार 17 जनवरी को रायपुर आए और यहां उन्होंने छत्तीसगढ़ टेनिस   संघ की वेबसाइट का लोकापर्ण किया। इस दौरान उन्होंने परसदा के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भी दौरा किया और इसकी काफी तारीफ  की।

नेशनल गेम्स में मिले सात पदक


छत्तीसगढ़ को असम के 33वें राष्ट्रीय खेलों में छह पदक के बाद झारखंड के 34वें राष्ट्रीय खेलों में इस साल फरवरी माह में सात पदक मिले। ये पदक बास्केटबाल, हैंडबाल, कराते, निशानेबाजी में मिले। इनमें चार स्वर्ण, दो कांस्य और एक रजत पदक शामिल है। नेशनल गेम्स के पदक  विजेताओं के लिए लाखों रुपए के नगद पुरस्कार की  घोषणा की गई थी। यह घोषणा मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने किट वितरण के दौरान की थी। इन खिलाड़ियों को करीब 15 लाख रुपए के नगद पुरस्कार आगामी 13 मार्च को न्यू सर्किट हाऊस में होने वाली ओलंपिक संघ की बैठक में दिए जा सकते हैं।

और सीओए को मिला नया मोड़
13 मार्च को छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ (सीओए) की यहां न्यू सर्किट हाऊस में आयोजित की गई विशेष सामान्य सभा की बैठक में सीओए को नया मोड़ दिया गया। मुख्यमंत्री और सीओए अध्यक्ष डा. रमन सिंह की अध्यक्षता में सीओए का महासचिव छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के अध्यक्ष बलदेव सिंह भाटिया को चुना गया। सीओए की नई कार्यकारिणी में कोषाध्यक्ष डा. विष्णु श्रीवास्तव को बनाया गया है जबकि आठ उपाध्यक्ष बनाए गए हैं जिनमें खेल मंत्री लता उसेंडी और नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मूणत, संसदीय सचिव विजय बघेल और के साथ-साथ कुलदीप जुनेजा, विक्रम सिसोदिया, रामनिवास और खेल संचालक जीपी सिंह भी शामिल हैं। राज्य गृह निर्माण मंडल के चेयरमैन सुभाष राव को कार्यकारिणी में शामिल किया गया है।

13 मार्च, 2011

ओलंपिक संघ को मिले कई नए चेहरे


मंत्री, विधायक, प्रशासनिक अफसर, क्रीड़धिकारी
 खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी शामिल 



छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ यानी सीओए की नई कार्यकारिणी में न सिर्फ राज्य खेल संघों के पदाधिकारियों को तरजीह दी गई है बल्कि दो मंत्रियों के साथ-साथ विधायक, प्रशासनिक अधिकारी, क्रीड़ाधिकारी और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। नई कार्यकारिणी को लेकर कई तरह के कयास एक पखवाड़े से चल रहे थे। कई नाम दावेदारों में सामने आ रहे थे। सभी की नजरें सचिव पद पर लगी थीं और इस पद पर जितने भी नाम सामने आए वे सभी पीछे रह गए। 


रायपुर। सीओए की नई कार्यकारिणी का गठन यहां न्यू सर्किट हाऊस में सीओए अध्यक्ष और मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह की अध्यक्षता में किया गया। छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के अध्यक्ष बलदेव सिंह भाटिया बनाए गए। श्री भाटिया के नाम की कहीं भी चर्चा नहीं थी और जिन नामों की चर्चा थी उन पर मुहर नहीं लगाई गई। हांलाकि इन्हें कार्यकारिणी में जगह जरूर दी गई। सीओए के कोषाध्यक्ष छत्तीसगढ़ स्क्वैश संघ के सचिव डा. विष्णु श्रीवास्तव बनाए गए जो साइंस कालेज में क्रीड़ाधिकारी हैं। इसके अलावा आठ उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। इनमें छत्तीसगढ़ वालीबाल संघ के नवनियुक्त अध्यक्ष और नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मूणत, खेल मंत्री लता उसेंडी, संसदीय सचिव और राज्य वेटलिफ्टिंग संघ के अध्यक्ष विजय बघेल, विघायक कुलदीप जुनेजा, छत्तीसगढ़ ट्रायथलान एसोसिएशन के अध्यक्ष रामनिवास, खेल संचालक जीपी सिंह, सीओए के पूर्व सचिव और राज्य हैंडबाल संघ के सचिव बशीर अहमद खान तथा छत्तीसगढ़ टेनिस संघ के अध्यक्ष विक्रम सिसोदिया शामिल हैं। सीओए का संयुक्त सचिव स्क्वैश संघ के उपाध्यक्ष राकेश सिंह, जिम्नास्टिक के अध्यक्ष अश्विनी महेंदु, बाक्सिंग संघ के सचिव राजेंद्र प्रसाद, राज्य टेटे संघ के अध्यक्ष शरद शुक्ला और विजय अग्रवाल बनाए गए हैं। कार्यकारिणी सदस्यों में राज्य जूडो संघ के अध्यक्ष सु•ााष राव, रोविंग संघ के अध्यक्ष राजा रणविजय सिंह जूदेव, राजानांदगांव ओलंपिक संघ के अध्यक्ष विजय पांडेय, तैराकी संघ के अध्यक्ष गोपाल खंडेलवाल, बिलियड्स संघ के अध्यक्ष विजय अग्रवाल (दुर्ग), डा. एके श्रीवास्तव (वालीबाल संघ), नीता डुमरे, इंजीनियर एनआर परासर और ट्रायथलान के कोषाध्यक्ष आलोक दुबे शामिल हैं। विशेष आमंत्रित सदस्यों में वीजी भिसे, विश्वजीत मित्रा, सबा अंजुम और गजराज पगारिया को शामिल किया गया है। सीओए की इस बैठक में भारतीय ओलंपिक संघ के आजीवन अध्यक्ष विद्याचरण शुक्ल, डीजीपी विश्वरंजन के अलावा कई प्रशासनिक अधिकारियों सहित सभी राज्य खेल संघों के पदाधिकारी मौजूद थे।


खेल संघों के लिए खुला लाखों का खजाना
छत्तीसगढ़ के 32 खेलों के राज्य खेल संघों के लिए उद्योगों ने लाखों रुपयों का खजाना खोल दिया है। सीओए की कार्यकारिणी के पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह और उद्योगपतियों की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सभी उद्योगपतियों ने अलग-अलग खेलों को गोद लेने की सहमति दी और संघों को 25 से 35 लाख रुपए की वार्षिक आर्थिक सहायता मुहैया कराने की बात कही। उद्योग खेल आयोजनों के लिए करीब 10 लाख रुपए, प्रशिक्षण के लिए 10 लाख रुपए और खिलाड़ियों के खेल उपकरणों के लिए करीब 15 लाख रुपए खर्च करेंगे। पहले साल आर्थिक सहायता के बाद  दूसरे साल इसकी समीक्षा की जाएगी और इसके बाद दी जाने वाली राशि में बढ़ोत्तरी या कटौती की जाएगी। इसके अलावा जिन उद्योगों से खेल संघों को सहायता मुहैया कराई जाएगी उन उद्योगों से एक प्रतिनिधि या उद्योगपति को संबंधित राज्य खेल संघ का उपाध्यक्ष बनाया जाएगा और उन्हें वोटिंग पावर भी दिया जाएगा। जिन खेल संघों को उद्योगों ने गोद लिया है उनमें आरचरी को एनएमडीसी, एथलेटिक्स को बजरंग पावर लि. रायपुर, बैडमिंटन को सेंचूरी सीमेंट, बास्केटबाल को बीईसी, साइकिलिंग को मनमीत स्टील, फेंसिंग को लाफार्ज सीमेंट, फुटबाल को आईएनडी पा. लि. रायगढ़, जिम्नास्टिक को प्रकाश इंडस्ट्रीज लि. चांपा, हैंडबाल को एनएमडीसी, हाकी को वेदांता, बालको कोरबा, खो-खो को जीआर स्पंज एंड पावर लि., कबड्डी को एसईसीएल, नेटबाल को एसकेएस स्टील एंड पा. लि. रग्बी सेवन ए साइड को वीसा स्टील एंड पा. लि, स्क्वैश को इस्पात गोदावरी लि. रायपुर, टेबल टेनिस को एनटीपीसी कोरबा, टेनिस को वेदांता ग्लोबल लि. रायपुर, वालीबाल को शारदा इंडस्ट्रीज, एक्वेटिक्स को भिलाई  इस्पात संयंत्र, कनोइंग एंड क्याकिंग को ग्रासीम सीमेंट, रोविंग को अंबूजा सीमेंट, ट्रायथलान को एलएंडडी सीमेंट ने गोद लिया। पावर गेम्स में बाक्सिंग को मोनेट ने, वेटलिफ्टिंग को जेपी सीमेंट ने, कुश्ती को सिम्पलेक्स लिमिटेड भिलाई  ने, मार्शल आर्ट्स खेलों में जूडो को एसीसी सीमेंट ने, कराते डू को हीरा ग्रुप ने, ताइक्वांडो को बीकेएसके ने गोद लिया। इसके अलावा एक्वेस्ट्रेरियन और शूटिंग को जिंदल स्टील पूर्व से ही प्रायोजित कर रहा है। लान बाल को डीबी पावर ने गोद लिया है।

मीडिया ने किया बहिष्कार, सीएम ने माफी मांगी
छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की बैठक के पूर्व उद्योगों के साथ आयोजित की गई बैठक में मीडिया को जाने से रोक दिया गया। मीडिया से कहा गया कि इस बैठक से मीडिया को दूर रहने के निर्देश सीएम हाऊस से दिए गए हैं। उद्योगों के साथ हुई बैठक के बाद सीओए की कार्यकारिणी की   बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान मीडया ने बैठक का ही बहिष्कार कर दिया। बाद में जब पत्रकारों ने मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह को पूरी घटना बताई तो उन्होंने भी आश्चर्य व्यक्त किया और इसके लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी।

उद्योगों से कोई जबरदस्ती नहीं : डा. रमन


छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के अध्यक्ष मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि उद्योगों से किसी तरह की कोई जबरदस्ती नहीं की गई है कि वे खेलों को गोद लें। उद्योगों से आग्राह किया गया था और यह खुशी की बात है कि उद्योगों ने स्वेच्छा से खेलों को गोद लेने की बात कही और आर्थिक सहायता मुहैया कराने पर सहमति दी। डा. सिंह ने कहा कि उद्योगों के पास एक माह का समय है और वे सहयोग करने में असक्षम हैं तो मना कर सकते हैं, कोई जोर-जबरदस्ती नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेलों का बेहतर वातावरण निर्मित होगा और खेल की मूलभुत  सुविधाओं के विकास के लिए बेहतर से बेहतर कदम उठाए जाएंगे।

खर्च खिलाड़ियों पर होगा : भाटिया
 
छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव बलदेव सिंह भाटिया ने कहा है कि उद्योगों के खेल संघों को गोद लेने से प्रदेश में खेलों का काफी विकास होगा और ज्यादा से ज्यादा खर्च खिलाड़ियों, खेल उपकरणों, प्रशिक्षकों पर किया जाएगा न कि उद्घाटन समारोह या समापन समारोह में। श्री भाटिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ का कार्यालय शीघ्र ही राजधानी में खोला जाएगा जिसमें वे अपना समय नियत करेंगे। इससे खिलाड़ी उनसे सीधे संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी 2013-14 में संभावित 37वें राष्ट्रीय खेलों पर विधानसभाचुनाव का कोई असर नहीं होगा। इसका काफी बेहतर आयोजन किया जाएगा।

12 मार्च, 2011

खेल जगत को एका की जरूरत



हर कोई  चाहता है छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ में जगह बनाना


सिर्फ एक दिन का इंतजार शेष रह गया है जब छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की बहुप्रतिक्षित बैठक का आयोजन 13 मार्च को न्यू सर्किट हाऊस में किया जाएगा। सभी  की नजरें लगी हैं सचिव पद पर। यह सस्पेंस अभी भी बरकरार है कि सीओए का सचिव किसे बनाया जाएगा। प्रदेश के खेल जगत की कई हस्तियां चाहती हैं ओलंपिक संघ में जगह हासिल करना। दबी जुबां ही सही, हर किसी की अलग-अलग राय है। इन तमाम कयासों के बीच यह सच्चाई भी सामने है कि प्रदेश का खेल जगत आज भी  एक नहीं है, बावजूद इसके कि मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह सीओए अध्यक्ष हैं और वे कह  चुके हैं कि हर कोई सीओए का अध्यक्ष है। सभी  को अपनी लकीर बड़ी करनी चाहिए न कि एक-दूसरे की लकीर छोटी करने में लगें। लेकिन डा. सिंह की इन बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया। यही वजह है कि तमाम प्रयासों के बाद भी प्रदेश का खेल जगत अनेकता में एकता का पाठ नहीं सीख सका। वरन खेल संघों के पदाधिकारी कहते-सचिव कोई भी बने, सभी मिलकर काम करेंगे...
रायपुर। छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ को लेकर विवाद, यह सीओए की पुरानी परंपरा रही है। एक समय दो दिग्गजों के बीच प्रतिष्ठा का सवाल बन चुका छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ का मुद्दा दिल्ली तक गूंजा था और यह मामला न्यायालय तक भी पहुंचा था। प्रदेश का खेल जगत इससे वाकिफ है। अतीत के पन्नों को पलटने का हालांकि यह वक्त नहीं लेकिन, यह कहने में कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि बीते पलों से सबक ले लिया होता तो सीओए के पुनर्गठन की नौबत ही नहीं आती और कई योजनाएं भी शुरू हो गई होतीं। लेकिन ऐसा कुछ  नहीं हुआ। प्रदेश खेल जगत को मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने अध्यक्ष बनने के बाद कई सौगातें दी। खेल सुरक्षा निधि का गठन कर 50 लाख रुपए तत्काल सहायता के लिए दिए  गए तो राज्य में खेल महोत्सव की परंपरा शुरू हुई। मामला फेडरेशन कप बास्केटबाल का हो या कामनवेल्थ गेम्स और नेशनल गेम्स के पदक विजेताओं के लिए लाखों रुपए की नगद पुरस्कार राशि की घोषणा का। एक के बाद एक सीओए के अध्यक्ष के रूप में डा. सिंह ने राज्य के खेल जगत को कई सौगातें  दीं। यहां तक उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए नौकरी के नियम •ाी बन गए और टेकलाल कुर्रे को पहली नौकरी देकर खिलाड़ियों को जॉब सिक्योरिटी भी दी। इसके पूर्व 37वें नेशनल गेम्स की मेजबानी के लिए सार्थक प्रयास  किए गए। माना जा रहा है कि 37वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के लिए इस समय प्रदेश के खेल जगत को एका की जरूरत है न कि सचिव पद हासिल करने के लिए ऊंची चोटी का जोर लगाने की। इस समय 13 मार्च पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। उन्हें भी जिनके खेल संघों को भारतीय ओलंपिक संघ से मान्यता नहीं मिली है या फिर एक ही खेल के कई संघों के पदाधिकारियों को। कई तरह की चर्चाएं भी शुरू हो चुकी और कई सवाल भी उठने लगे हैं। क्या 13 मार्च की बैठक वैध है, क्या भारतीय ओलंपिक संघ से पर्यवेक्षक आएगा? कहीं आईएएस या आईपीएस को तो सचिव नहीं बनाया जाएगा? ऐसे कई सवाल सभी की जुबां पर है और कार्यकारिणी की सूची का सस्पेंस भी बना हुआ है। यदि आम खिलाड़ियों का मन टटोलें तो उन्हें खेल राजनीति की बजाए खेल की बेहतर सुविधाओं, अधोसंरचना और जॉब सिक्योरिटी की ज्यादा जरूरत है।
एक नजर...




0. पिछले साल 28 मार्च 2010 को छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की बैठक का आयोजन करीब तीन साल बाद किया गया था। वीसी शुक्ल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में 37वें नेशनल गेम्स के लिए सभी  ने एकजुट होने की बात कही थी।

0. 9 मई 2010 को खेल संचालनालय की मेजबानी में न्यू सर्किट हाऊस में 37वें नेशनल गेम्स और क्वींस बेटन रिले को लेकर मैराथन बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रदेश ओलंपिक संघ ने खुलकर इस बात का विरोध किया कि होस्ट सिटी कान्ट्रेक्ट से पहले सेक्रेटिएट बना दिया गया है और इसमें  खेल संघों के पदाधिकारियों को तवज्जो नहीदी गई है।

0. 11 मई 2010 को छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ ने साफ कहा कि छत्तीसगढ़ के सेक्रेटिएट में यदि भारतीय ओलंपिक संघ हस्तक्षेप नहीं करता है तो सीओए का चुनाव कराया जाएगा। होस्ट सिटी कान्ट्रेक्ट की शर्तों का भी उल्लंघन किया गया है।  यह मामला भी भारतीय ओलंपिक संघ तक पहुंचा।

0. 23 मई को रविवार के दिन भिलाई  में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की बैठक का आयोजन कर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के अध्यक्ष डा. अनिल वर्मा पर आर्थिक अनियमितता के आरोप लगाए गए।
0. 25  मई 2010 को मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह को छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ का चेयरमैन या फिर अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया।
0. 17 जून 2010 को छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की बैठक में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के अध्यक्ष को ही पद से हटा दिया गया। इस बैठक को रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटी ने अवैध करार दे दिया।
0. छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के अध्यक्ष डा. अनिल वर्मा ने सचिव बशीर अहमद खान के खिलाफ न्यायालय में मानहानि का दावा किया।

0. 17 जुलाई 2010 को भारतीय ओलंपिक संघ ने सीओए अध्यक्ष डा. अनिल वर्मा को पत्र लिखकर सीओए का अध्यक्ष माना और छत्तीसगढ़ को आबंटित नेशनल गेम्स उन्हीं के मार्गदर्शन में कराने का समर्थन दिया।

0. 20 जुलाई 2010 को सीओए ने खेल संचालक और रजिस्ट्रार फर्म्स सोसायटी को पत्र लिखकर सूचित   किया कि सीओए की 22 जुलाई को वार्षिक आमसभा की बैठक का आयोजन किया जाएगा। डा. वर्मा ने प्रेस से कहा कि इस बैठक के खिलाफ वे  कानूनी कार्यवाही करेंगे।

0. 22 जुलाई 2010  को सीओए की बैठक का आयोजन सुबह 11 बजे होटल ग्रांड इंटरनेशनल में किया गया। इस बैठक में मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह को अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके अलावा ओलंपिक संघ के अध्यक्ष डा. वर्मा और सचिव बशीर अहमद खान ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगकर एक-दूसरे को गले लगाया। इस दिन पूरी कार्यकारिणी ने इस्तीफा दे दिया और मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने सीओए का अध्यक्ष बनने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। नई कार्यकारिणी  के गठन का अधिकार भी उन्हें दिया गया।

0. डा. सिंह के अध्यक्ष बनने के बाद छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ का सचिव पद बनने की होड़ मच गई। कई दावेदार सामने आए। छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की बागडोर मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के हाथों सौंपने के बाद सीओए की वार्षिक सामान्य सभा की बैठक का आयोजन कल 18 अगस्त 2010 को यहां न्यू सर्किट हाऊस में किया गया। इस बैठक में मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने सभी को साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया। इसके साथ ही कामनवेल्थ गेम्स के लिए पदक हासिल करने वाले खिलाड़ियों के लिए लाखों रुपए के नगद  पुरस्कार की घोषणा की। उन्होंने क्रिकेट या बास्केटबाल के बड़े टूर्नामेंट कराने के साथ-साथ खेलों को उद्योगों से जोड़ने की पहल करने की घोषणा की। डा. सिंह ने इस बैठक में मुख्यमंत्री विशेष खेल सुरक्षा निधि के गठन करने के साथ-साथ इस निधि में 50 लाख रुपए देने की घोषणा की जिससे खिलाड़ियों व खेल संघों को तत्काल आर्थिक सहायता मुहैया कराई जा सके।

अब आगे. . . 
0. सीओए अध्यक्ष मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह की अध्यक्षता में दूसरी बार 13 मार्च को न्यू सर्किट हाऊस में विशेष सामान्य सभा  की बैठक का आयोजन किया जाएगा जिसमें नई कार्यकारिणी गठित होगी।

मूणत के समर्थन में कूदे विधान




कहा, अच्छे लोगों को ओलंपिक संघ का सचिव बनाएं
छत्तीसगढ़ नेटबाल संघ के अध्यक्ष और पूर्व राज्यमंत्री विधान मिश्रा नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मूणत के समर्थन में सीओए के मैदान में कूद पड़े हैं। श्री मिश्रा ने कहा है कि हाल ही में छत्तीसगढ़ वालीबाल एसोसिएशन के अध्यक्ष बनाए गए नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मूणत को छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ का सचिव बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं कि सीओए में अच्छे लोगों को शामिल किया जाए और पिछले दस साल से काबिज पेशेवर लोगों को हटाया जाए। श्री मिश्रा ने कहा कि जिला ओलंपिक संघों के वोट समाप्त कर देना चाहिए। उन्होंने यह मांग भी रखी है कि सीओए में महिलाओं को तवज्जो दी जाए और महासचिव व सचिव दो पद बनाए जाएं। महासचिव कोई भी रहे, सचिव महिला खिलाड़ी को बनाया जाए।


हाकी के दोनों सघों को आमंत्रित करें: नीता डुमरे


कहा, महिलाओं को सीओए में प्राथमिकता दें
छत्तीसगढ़ स्टेट महिला हाकी एसोसिएशन की सचिव और पूर्व अंतरराष्ट्रीय हाकी खिलाड़ी नीता डुमरे ने कहा है कि 13 मार्च को होने वाली सीओए  की बैठक में प्रदेश महिला हाकी संघ को आमंत्रित न करना निराशाजनक है व कई शंकाओं को जन्म देता है। उन्होंने कहा कि वे और संघ की अध्यक्ष श्रीमती संध्या मिश्रा सीओए की विगत कार्यकारिणी में भी हैं और नई कार्यकारिणी अभी गठित नहीं हुई है। ऐसे में सिर्फ दो ही महिला सदस्यों को आमंत्रित न करना अफसोस की बात है। नीता डुमरे ने कहा कि सीओए सचिव से संपर्क करने पर उन्हें कहा गया कि हाकी छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डा. अनिल वर्मा और सचिव फिरोज अंसारी को बैठक के लिए अधिकृत किया गया है। जबकि भारतीय हाकी संघ और हाकी इंडिया का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इसके अलावा राज्य में हाकी का मामला उच्च न्यायालय में लंबित है और इस पर भी फैसला नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि या तो दोनों धड़ों को आमंत्रित करें और नहीं तो हाकी के किसी भी संघ को बैठक में आमंत्रि न किया जाए।

सभी खेल संघों को बुलाया जाएगा बैठक में : बशीर


छत्तीसगढ़ ओलंपकि संघ के सचिव बशीर अहमद खान का कहना है कि सीओए की 13 मार्च को होने वाली बैठक में मान्यता प्राप्त खेल संघों को अलावा सभी खेल संघों के पदाधिकारियों को आमंत्रित किया जा रहा है। वे विशेष आमंत्रित रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह बैठक सकारात्मक होगी और राज्य में खेलों के विकास से संबंधित कई निर्णय लिए जाएंगे।

09 मार्च, 2011

छत्तीसगढ़ को मिला बास्केटबॉल इंडोर स्टेडियम



 मुख्यमंत्री के हाथों लोकार्पित

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज जिला मुख्यालय राजनांदगांव में छत्तीसगढ़ के प्रथम वुडनकोर्ट बास्केटबाल इंडोर स्टेडियम का लोकार्पण किया। लगभग चार करोड़ 03 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह स्टेडियम सिर्फ ग्यारह महीने के रिकार्ड समय में तैयार हुआ है। इसी लम्बाई 37 मीटर, चौड़ाई 22 मीटर और ऊंचाई दस मीटर की है। इसमें एक हजार दर्शक क्षमता वाली गैलेरी का भी निर्माण किया गया है। मुख्यमंत्री ने लोकार्पण समारोह में कहा कि यह स्टेडियम प्रदेश में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने में कारगर साबित होगा। आने वाले समय में यहां के खिलाड़ी अपने खेल कौशल और उपलब्धियों से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रौशन करेंगे। डॉ. सिंह ने इस अवसर पर प्रदेश के अंतर्राष्ट्रीय स्तर के तेरह प्रतिभावान खिलाड़ियों को शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। नगरीय प्रशासन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेश मूणत ने समारोह की अध्यक्षता की।
     6486A-080311डॉ. सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम परिसर में निर्मित भव्य बास्केटबॉल इंडोर स्टेडियम प्रदेश के खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने का अवसर प्रदान करेगा। खेलों के क्षेत्र में राजनांदगांव का अपना अलग स्थान है, राजनांदगांव के खिलाड़ियों ने समय-समय पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि खेल की सभी विधाओं में खिलाड़ियों को बेहतर से बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध कराने के हर संभव प्रयास राज्य शासन द्वारा किए जा रहे हैं।
    मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि वुडनकोर्ट वाला यह छत्तीसगढ़ का पहला बास्केटबॉल इंडोर स्टेडियम है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रतिभावान खिलाड़ियों अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मृणाल चौबे, कराते खिलाड़ी अम्बर भारद्वाज, बास्केटबॉल खिलाड़ी लूरेन्द्र साहू, बालीबॉल खिलाड़ी रेखापाल, तीरंदाजी में प्रमिला साहू, हैंडबाल में प्रियल सोनी को शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने पंजा-कुश्ती में रामसिंह, महिला क्रिकेट में नेहा बडनाईक, हैंडबाल के चुन्नीलाल मोहबे और वरिष्ठ खिलाड़ियों में हॉकी के आरएन विश्वकर्मा, आरआर शुक्ला, मैकूलाल यादव और बैडमिंटन में बाबूभाई गौतम को भी शाल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।
     ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने राजनांदगांव में बास्केटबॉल का इंडोर स्टेडियम बनाये जाने की  पहल स्वयं की थी। स्टेडियम में बास्केटबॉल के खेल के लिये वुडनकोर्ट के निर्माण के साथ ही बाहर से आने वाले खिलाड़ियों की आवासीय व्यवस्था के लिये 18 कमरों का भी निर्माण कराया गया है। इंडोर स्टेडियम में स्कोर डिस्प्ले के लिये इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड लगाया गया है। यहां कान्फ्रेन्स हॉल और सांई के कार्यालय का भी निर्माण कराया गया है। बास्केटबॉल इंडोर स्टेडियम के लिये वुडनकोर्ट का निर्माण 32 मीटर लंबाई तथा 19 मीटर चौड़ाई में कराया गया है। इसके बेस में लगाई गई लकड़ी मलेशिया से मंगाई गई है, जो फाइनवुड क्वालिटी की है। इसके ऊपर उच्च क्वालिटी के सागौन की पट्टियां लगाई गई है। वुडनकोर्ट का निर्माण कलकत्ता से आये विशेष कारीगरों ने किया है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के बाद राजनांदगांव में जी.ई. रोड में निर्माणाधीन फ्लाई ओव्हर का निरीक्षण भी किया।
    इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री लता उसेंडी, लोकसभा सांसद श्री मधुसूदन यादव, बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष श्री खूबचंद पारख, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री लीलाराम भोजवानी, छत्तीसगढ़ राज्य पाठय पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री अशोक शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री दिनेश गांधी और नगर निगम राजनांदगांव के महापौर श्री नरेश डाकलिया, सहित अनेक जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी, खेलसंघों के पदाधिकारी और खेलप्रेमी प्रबुध्द नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

08 मार्च, 2011

सीओए में महिलाओं को भी मिले तवज्जो

श्रीमती कविता दीक्षित 
अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ियों ने की मांग


 छत्तीसगढ़ के खेल जगत की नजरें टिकी हैं आगामी 13 मार्च को न्यू सर्किट हाऊस में शाम 6.30 बजे से होने वाली छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ (सीओए) की बैठक पर जिसमें नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। सीओए की नई कार्यकारिणी में अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ियों को भी तवज्जो देने की मांग जोरों पर उठ रही है। इसकी एक वजह यह भी है कि छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ियों की संख्या हालांकि कम है और सीओए में महिला खिलाड़ियों को किसी पदाधिकारी या फिर कार्यकारिणी सदस्य के तौर पर प्रतिनिधित्व का मौका नहीं मिला है। खेल विशेषज्ञों का तर्क है कि यदि सीओए की नई कार्यकारिणी में महिलाओं को तवज्जो मिलती है तो पूरे खेल जगत में काफी बेहतर संदेश जाएगा और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का यह माह भी सार्थक हो जाएगा।
नीता डुमरे
 छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की आगमी 13 मार्च को होने वाली बैठक काफी अहम होगी और इस बैठक के पूर्व नई कार्यकारिणी के लेकर लगाए जा रहे तमाम कयासों के बीच अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ियों को तवज्जो देने की मांग  उठने लगी है। हालांकि इस मांग पर अमल किया जा सकता है क्योंकि ऐसी अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ियों की संख्या काफी कम है जो राज्य खेल संघ की पदाधिकारी भी हैं। यदि रायपुर की बात करें तो राजधानी में अंतरराष्ट्रीय महिला हाकी खिलाड़ी और अंपायर नीता डुमरे तथा बैडमिंटन की अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी श्रीमती कविता दीक्षित का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है। नीता डुमरे छत्तीसगढ़ महिला हाकी संघ की सचिव हैं और कई अंतरराष्ट्रीय हाकी प्रतियोगिताओं में उन्होंने देश का व इस राज्य का प्रतिनिधित्व किया है। हाल ही में उन्हें राज्य सरकार ने वीर हनुमान सिंह पुरस्कार से भी नवाजा है। नीता डुमरे नेशनल लुक से कहती हैं कि छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ में महिलाओं को तवज्जो देनी चाहिए और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर तो वे और भी दावेदारी से कहेंगी कि महिला खिलाड़ियों को तवज्जो दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परिदृश्य में यदि राजनीति की बात करें तो सोनिया गांधी, सुषमा स्वराज जैसी हस्तियों का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है जिन्हें राजनीति में पूरी तवज्जो मिली। इसके अलावा राज्य को सर्वाधिक पदक भी महिला खिलाड़ी ही दिला रही हैं। नीता डुमरे ने कहा कि सीओए में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को तवज्जो दी जानी चाहिए जिससे प्रदेश के खेल जगत में  काफी अच्छा संदेश जाएगा और महिला खिलाड़ी भी मजबूत होंगी। बैडमिंटन की अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी श्रीमती कविता दीक्षित छत्तीसगढ़ बैडमिंटन संघ की संयुक्त सचिव भी हैं और एक बेहतर प्रशिक्षक भी। वे पिछले करीब 22 साल से लगातार बैडमिंटन के खिलाड़ियों को नि:शुल्क प्रशिक्षण दे रही हैं और बैडमिंटन जैसे जटिल खेलों के विकास में उनकी भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। श्रीमती दीक्षित भी कहती हैं कि नई कार्यकारिणी में महिलाओं को तवज्जो मिलना चाहिए क्योंकि राज्य में महिला खिलाड़ियों की काफी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिला पदाधिकारियों के अलावा महिला खिलाड़ियों को भी सीओए में काम करने का एक मौका देना चाहिए। खेल विशेषज्ञों का भी यही तर्क है कि महिला खिलाड़ियों व पदाधिकारियों को सीओए में शामिल करना चाहिए जिससे महिला खिलाड़ियों की समस्याओं को  समझा जा सके।


राज्य की खेल मंत्री भी महिला


सुस्री लता उसेंडी
छत्तीसगढ़ की खेल मंत्री भी महिला हैं। राज्य निर्माण के बाद सुस्री लता उसेंडी राज्य की पहली महिला खेल मंत्री बनी हैं और उनके कार्यकाल में प्रदेश में खेलों का काफी विकास हुआ है। सुश्री उसेंडी की छत्तीसगढ़ को 37वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी दिलाने और राज्य का खेल बजट बढ़ाने में काफी अहम रोल है। खेल मंत्री के कार्यकाल में ही प्रदेश के 70 खिलाड़ियों को पहली बार उत्कृष्ट घोषित किया गया और खिलाड़ियों के लिए नौकरी के भी दरवाजे खुल गए। इसके अलावा राज्य में खेल अधोसंरचनाओं का  काफी विकास हुआ है और नई
योजनाएं भी क्रियान्वित हुई हैं।

महिला खिलाड़ियों ने ही दिलाए हैं सर्वाधिक पदक


नेशनल गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता हेंडबाल टीम. 


छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिला खिलाड़ियों ने ही सर्वाधिक पदक दिलाए हैं। राज्य को सबसे ज्यादा बास्केटबाल की महिला टीम ने पदक दिलाए हैं। झारखंड के 34वें राष्ट्रीय खेलों के टीम गेम में छत्तीसगढ़ को महिला हैंडबाल टीम ने स्वर्ण पदक तो बास्केटबाल की टीम रजत पदक दिलाया। इसके पहले असम के 33वें राष्ट्रीय खेलों में भी महिलाओं ने ही राज्य को सर्वाधिक पदक दिलाए थे। नेटबाल का स्वर्ण, हैंडबाल का स्वर्ण, बास्केटबाल का रजत पदक और जूडो का रजत पदक महिलाओं ने ही छत्तीसगढ़ को दिलाए थे। राजधानी के इनडोर स्टेडियम में हाल ही में खेली गई 25वीं फेडरेशन कप बास्केटबाल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ की महिला टीम ने स्वर्ण पदक हासिल किया है। वैसे बास्केटबाल की लड़कियों ने पिछले एक दशक में 60 से ज्यादा राष्ट्रीय पदक विभिन्न स्पर्धाओं में हासिल किए हैं। राज्य की सबा अंजुम भारतीय महिला हाकी टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। नेहा बजाज कामनवेल्थ गेम्स में भारतीय नेटबाल टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं तो प्रीति बंछोर भारतीय नेटबाल टीम की कप्तान तक रह चुकी हैं। इसी तरह   पावरलिफ्टिंग, वेटलिफ्टिंग, जूडो, फुटबाल, फेंसिंग सहित कई खेलों में राज्य की महिला खिलाड़ियों ने प्रदेश का राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व कर पदक  हासिल किया है। हाल ही में फुटबाल की दो नन्ही बालिकाओं निकिता पन्ना और सुप्रिया कुकरेती का चयन भारतीय फुटबाल टीम में अंडर-14 एशियन फुटबाल को चैंपियनशिप के लिए किया गया है। ये दोनों खिलाड़ी श्रीलंका में देश का प्रतिनिधित्व करेंगीं।

07 मार्च, 2011

फुटबाल बालाओं ने रचा इतिहास


  
छत्तीसगढ़ और देश का दूसरी बार करेंगे श्रीलंका में प्रतिनिधित्व
: राजधानी की 13 वर्षीय सुप्रिया कुकरेती और निकिता पन्ना ने छत्तीसगढ़ के खेल जगत में एक बार फिर से इतिहास रच दिया है। इन दोनों खिलाड़ियों ने पिछले साल ही श्रीलंका में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था और बाकायदा टीम इंडिया ने स्वर्ण पदक हासिल किया था। एक बार फिर से ये खिलाड़ी श्रीलंका में अपना जौहर  दिखाएंगे। छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में ये दोनों फुटबाल की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं जिन्होंने इतनी कम उम्र में इतनी बुलंदियां स्पर्श की हैं। इसके पीछे फुटबाल की एनआईएस कोच सरिता कुजूर और खेल विभाग का नियमित अभ्यास शिविर की महत्वपूर्ण भूमिका है।
रायपुर। सबजूनियर नेशनल  के अलावा स्कूल नेशनल और कई राष्ट्रीय  स्पर्धाओं में प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकीं शंकर  नगर की सुप्रिया कुकरेती एमजीएम स्कूल की कक्षा सातवीं की छात्रा है। सुप्रिया भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व स्ट्राइकर के तौर पर करेंगी। निकिता पन्ना कचना की रहने वाली हैं और वे होलीक्रास कांपा स्कूल की कक्षा आठवीं की छात्रा  हैं। निकिता बतौर गोलकीपर टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व करेंगी। इन दोनों खिलाड़ियों की प्रशिक्षक खेल विभाग की फुटबाल की एनआईएस कोच सुश्री सरिता कुजूर हैं। सरिता बताती हैं कि निकिता पिछले दो साल से फुटबाल खेल रही है और वह पहले बास्केटबाल की खिलाड़ी थी। उसका बाडी लेंग्वेज और फिजिक काफी बेहतर था सो उसे मैंने फुटबाल के लिए चुना तो वह पूरी तरह फिट बैठी और उसने होलीक्रास कांपा स्कूल में सालभर चलने वाले खेल विभाग के नियमित अभ्यास शिविर में काफी अच्छा परिश्रम  किया। सुप्रिया को करीब सात साल हो गए हैं फुटबाल का गुर सीखते और इन सात सालों में उसने  कई बुलंदियों को स्पर्श किया है। दोनों खिलाड़ी मध्यम वर्गीय परिवार से हैं। सुश्री कुजूर ने बताया कि दो माह पहले भारतीय फुटबाल फेडरेशन ने इंडिया कैंप के प्रशिक्षण शिविर के संबंध में छत्तीसगढ़ बास्केटबाल संघ को जानकारी दी और संघ के माध्यम से दोनों खिलाड़ियों को लखनऊ के शिविर में भेजा गया। यह शिविर भारतीय  फुटबाल फेडरेशन ने साई सेंटर में लगाया था। दोनों खिलाड़ियों ने पिछले साल  श्रीलंका में भारतीय टीम का एशियन फुटबाल को चैंपियनशिप में प्रतिनिधित्व किया था और टीम ने स्वर्ण पदक हासिल किया था। इन्हें पुराना अनुभव काफी काम आया और शिविर में भी इन खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया जिससे इनका चयन टीम में कर लिया गया। सुप्रिया और निकिता के चयन पर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह, खेल मंत्री लता उसेंडी, खेल सचिव सुब्रत साहू, खेल संचालक जीपी सिंह, वरिष्ठ खेल अधिकारी राजेंद्र डेकाटे सहित छत्तीसगढ़ फुटबाल संघ और रायपुर जिला फुटबाल संघ के कई पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त किया है। सुप्रिया और निकिता को इन बुलंदियों तक पहुंचाने में रायपुर जिला फुटबाल संघ और छत्तीसगढ़ फुटबाल संघ के पदाधिकारियों का भी अहम रोल रहा है।
कोच और परिवार ने दी भरपूर सहायता
निकिता और सुप्रिया कुकरेती को यहां तक पहुंचाने के पीछे कोच सरिता कुजूर और इनके परिजनों की काफी अहम भूमिका रही है। मध्यमवर्गीय परिवार के इन खिलाड़ियों के लिए पासपोर्ट बनवाने और प्रशिक्षण शिविर के लिए आर्थिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में कोच व परिजनों ने काफी मदद की। कोच सुश्री सरिता कुजूर बताती हैं कि करीब दो साल पहले निकिता के पिता नहीं चाहते थे कि उनकी बेटी फुटबाल खेले लेकिन जब उन्होंने निकिता की खेल प्रतिभा देखी तो वे भी सहयोग करने लगे। सुश्री कुजूर बताती हैं कि ऐसा किस्सा फुटबाल की लगभग हर बालिका के साथ है क्योंकि काफी कम परिजन लड़कियों को फुटबाल खेलने भेजते हैं। सरिता ने अब तक प्रदेश को करीब 40 राष्ट्रीय खिलाड़ी और दो अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं। वे कहती हैं कि उनका सालभर नियमित अभ्यास शिविर होलीक्रास कांपा स्कूल में लगा रहेगा और कोई भी परिजन अपने बच्चों को इस शिविर में फुटबाल के प्रशिक्षण के लिए भेज सकता है।

रायपुर के साई हास्टल में लड़कियां क्यों नहीं?

राजधानी में शीघ्र ही साई हास्टल  खुलने वाला है और यहां फुटबाल का भी ट्रेनिंग सेंटर  खोला जाएगा लेकिन सिर्फ लड़कों के लिए। यह सवाल उठने लगे हैं कि जब फुटबाल में लड़कियां ज्यादा बेहतर परिणाम दे रहीं हैं तो लड़कों के लिए ही क्यों ट्रेनिंग सेंटर खोला जा रहा है। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर होगा कि  लड़कियों के लिए भी कम से कम डे बोर्डिंग फुटबाल सेंटर खोलें जिससे उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिल सके। फुटबाल की एनआईएस कोच सरिता कुजूर कहती हैं कि उन्हें साई सेंटर में बतौर कोच के लिए काफी लोगों ने प्रयास करने जरूर कहा लेकिन वे लड़कों को सिखाएंगी तो उनकी लड़कियों का क्या होगा जो काफी अच्छा रिजल्ट दे रही हैं। उन्होंने कहा कि वे अपनी बच्चियों को अकेला नहीं छोड़ सकतीं, उन्हें काफी आगे बढ़ाने की जररूत है।
...वरन राज्य को मिलते सात अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
महिला फुटबाल में राज्य को सात अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मिल सकते थे लेकिन पासपोर्ट समय पर न बनने की वजह से कई खिलाड़ी भारतीय टीम का   अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में प्रतिनिधित्व करने से वंचित रह गए। कई खिलाड़ियों को आर्थिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है और ऐसे खिलाड़ियों के लिए पैसो ंकी जरूरतें पूरी करते-करते काफी समय लग जाता है। ऐसी स्थिति में पासपोर्ट बनाने में लेटलतीफी हो जाती है और खिलाड़ी आगे बढ़ने से वंचित रह जाते हैं।

पदक विजेताओं को लाखों के नगद पुरस्कार


नेशनल गेम्स के पदक विजेताओं को मिलेगा पुरस्कार
छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की 13 मार्च को होने वाली बैठक में झारखंड के 34वें राष्ट्रीय खेलों में पदक हसिल करने वाले खिलाड़ियों को नगद पुरस्कार दिया जाएगा। सीओए अध्यक्ष और मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने राष्ट्रीय खेलों में टीम इवेंट और व्यक्तिगत इवेंट में पदक हासिल करने वाले खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग घोषणा की थी। टीम इवेंट में स्वर्ण पदक पर पांच लाख, रजत पर तीन लाख और कांस्य पदक पर दो लाख रुपए के नगद पुरस्कार की घोषणा की गई थी। व्यक्तिगत इवेंट में स्वर्ण पर एक लाख रुपए, रजत पर 75 हजार और कांस्य पदक पर 50 हजार रुपए के नगद पुरस्कार की घोेषणा हुई थी। टीम इवेंट में हैंडबाल को स्वर्ण पदक पर पांच लाख रुपए, बास्केटबाल को रजत पदक पर तीन लाख   रुपए और शूटिंग में टीम इवेंट के स्वर्ण पदक पर पांच लाख व व्यक्तिगत स्वर्ण पर एक लाख व कांस्य पदक पर 50 हजार रुपए और कराते में स्वर्ण पर एक  लाख रुपए का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। कुश्ती में कांस्य पदक पर 50 हजार रुपए का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। करीब 15 लाख  रुपए के नगद पुरस्कार पदक विजेताओं को दिए जाएंगे।
इन्हें मिलेगा पुरस्कार
1. अंबर सिंह भारद्वाज (कराते में प्लस 84 किलोग्राम वजन वर्ग का स्वर्ण पदक)
2. कैप्टन पीपी सिंग बाबा, पीएस बेदी, मैराज अहमद खान (स्कीट शूटिंग में दो स्वर्ण एक कांस्य पदक)
3. महिला बास्केटबाल टीम (रजत  पदक)
4. आनंद (सीआईएसएफ के इस खिलाड़ी ने कुश्ती में कांस्य पदक  हासिल किया।
5. महिला हैंडबाल टीम (स्वर्ण पदक)

सीओए पर सस्पेंस बरकरार

सभी की नजरें लगी हैं सचिव पद पर
रायपुर। छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ यानी सीओए की नई कार्यकारिणी को लेकर सस्पेंस बरकरार है। प्रदेश के खेल जगत की नजरें लगी  हैं सचिव पद पर। यह पद इसलिए  काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह सीओए के अध्यक्ष हैं। ऐसे में जिस राज्य का राजा किसी खेल संगठन का अध्यक्ष हो तो उस खेल संघ का सचिव पद गरिमामय हो जाता है। सचिव  पद के अलावा कार्यकारी अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष जैसे पदों पर भी चर्चाओं का दौर शुरू हो चुका है।
यदि राज्य निर्माण के पिछले एक दशक के इतिहास पर नजर डालें तो छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ शुरू से ही चर्चा का विषय बना रहा है। राज्य निर्माण के शुरुआती दौर में तो सीओए प्रदेश के दो दिग्गजों की प्रतिष्ठा का प्रश्न भी  बन गया था और इसकी गूंज दिल्ली तक उठी थी। हालांकि ये काफी पुरानी बातें हैं जिनका इस समय कोई औचित्य नहीं है। इस समय सभी को इंतजार है 13 मार्च को होने वाली छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की बैठक का जिसमें नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। इस बैठक की घोषणा होने के बाद प्रदेश के खेल जगत ही नहीं, बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक जगत  में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो चुका है। खासतौर पर नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मूणत के राज्य वालीबाल संघ का अध्यक्ष बनने के बाद नए समीकरणों की बात कही जा रही है। खेल सूत्रों का कहना है कि श्री मूणत के एकाएक खेल जगत में कदम रखने के पीछे •ाविष्य में कुछ नई कहानी सामने आ सकती है। हालांकि श्री मूणत ने इस बात से इनकार जरूर किया है कि वालीबाल संघ का अध्यक्ष बनने के पीछे उनका मकसद छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ का पद हासिल करना है लेकिन उन्होंने यह कहकर सस्पेंस बरकरार रखा है कि जो भी जवाबदारी मिलेगी उसे वे पूरी तरह निभाएंगे। जाहिर है कि श्री मूणत यदि सचिव न भी बनें तो कार्यकारी अध्यक्ष जैसे पद उन्हें दिया जा सकता है। श्री मूणत के अध्यक्ष बनने के दूसरे दिन प्रदेश के खेल जगत में इस  बात की चर्चा जोरो पर थी कि यह 37वें राष्ट्रीय खेलों के की पूर्व तैयारी भी है जिससे आयोजन की पूरी कमान सरकार के पास रहे। वैसे बिना सरकार के सहयोग के कोई भी राज्य राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन नहीं कर सकता। सीओए के मौजूदा सचिव बशीर अहमद खान का कहना है कि वे सीओए के सचिव पद के दावेदार नहीं हैं। खेल सूत्रों का कहना है कि न्यू सर्किट हाऊस में 13 मार्च को शाम 6.30 बजे से होने वाली सीओए की बैठक पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ होगी और इस बैठक के एक दिन पूर्व पूरी कार्यकारिणी पर गहन मंथन किया जाएगा। इसके अलावा कई तकनीकी पहलुओं और नियम-कानून की भी गहनता से समीक्षा की जा रही है।
क्या बनेंगी उपसमितियां?
कार्यकारिणी में कई राज्य खेल संघों के पदाधिकारियों को प्रमुखता देने की बात सामने आ रही है। इसके अलावा 37वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन को देखते हुए सीओए की कई उपसमितियां भी बनाई जा सकती है जिससे मान्यता प्राप्त राज्य खेल संघों का कोई भी पदाधिकारी असंतुष्ट नहीं रहे। वह आयोजन समिति हो या तकनीकी समिति और या  फिर वित्त, प्रबंधन, स्वागत, भोजन, आवास या अन्य कोई समिति। माना जा रहा है कि प्रदेश के खेल जगत को सीओए के साथ एक सूत्र में पिरोने का यह काफी अच्छा रास्ता हो सकता है। हालांकि राज्य ओलंपिक संघ के जिन पदाधिकारियों ने पूर्व में इस्तीफा दिया था उन्हें और मौजूदा सचिव को भी सीओए की नई कार्यकारिणी में प्रमुखता देने की बात सामने आ रही है।
हो सकती है कुछ घोषणाएं...
छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की 13 मार्च को होने वाली बैठक काफी अहम मानी जा रही है। प्रदेश के खेल जगत के लिए कुछ घोषणाएं भी हो सकती हैं। सीओए अध्यक्ष और मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने अध्यक्ष बनने के बाद पहली बैठक में काफी महत्वपूर्ण घोषणाएं की थी जिन पर खासा अमल हुआ। डा. सिंह ने राज्य निर्माण के दस साल पूर्ण होने पर राज्य खेल उत्सव की घोषणा की थी। इस घोषणा पर अमल करते हुए प्रदेश में साढेÞ तीन करोड़ की लागत से खेलोत्सव का कई दिनों तक भव्य आयोजन किया गया। डा. सिंह ने बास्केटबाल के बडे टूर्नामेंट की घोषणा की थी और राजधानी में पिछले माह ही 25वीं फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इसके साथ ही उन्होंने खेल सुरक्षा निधि का भी गठन किया था जिसमें बाकायदा 50 लाख रुपए की  व्यवस्था की गई। यह डा. सिंह के ओलंपिक संघ का अध्यक्ष बनने की सौगात थी और प्रदेश के खेल जगत की उनसे और भी अपेक्षाएं बढ़ गई हैं।



05 मार्च, 2011

मूणत वालीबाल संघ के अध्यक्ष बने



वीणा सिंह बनीं मुख्य संरक्षक
रायपुर। छत्तीसगढ़ वालीबाल संघ की बागडोर अब नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मूणत के हाथों चली गई है। मूणत को राज्य वालीबाल संघ का अध्यक्ष बनाया गया है। मोहम्मद अकरम खान एक बार फिर से सचिव चयनित हुए हैं। इसके अलावा श्रीमती वीणा सिंह को मुख्य संरक्षक बनाया गया है। प्रदेश संघ की शनिवार को यहां होटल बेबीलान इन में आयोजित हुई कार्यकारिणी और आमसभा की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। इस बैठक में श्री मूणत पूरे समय मौजूद रहे। संघ के पूर्व अध्यक्ष गजराज पगारिया थे जिन्हें संरक्षक बनाया गया। श्री पगारिया इस बैठक में मौजूद नहीं थे। राज्य वालीबाल संघ की बैठक में पूरी कार्यकारिणी का आगामी चार साल के लिए चयन किया गया और राज्य स्तरीय स्पर्धाओं का आबंटन भी किया गया। इस बैठक में वालीबाल फेडरेशन के अलावा राज्य ओलंपिक संघ और खेल विभाग के अधिकारी पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद थे। राज्य वालीबाल संघ ने बैठक में कई उपसमितियों का भी गठन किया है।

वालीबाल को मिलेगी नई ऊचाइयां
मंत्री बनकर नहीं बल्कि आम सदस्य बनकर काम करुंगा : मूणत
 छत्तीसगढ़ वालीबाल संघ की शनिवार को हुई कार्यकारिणी और आमसभा की बैठक काफी अहम रही। इस बैठक में नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मूणत को संघ का अध्यक्ष बनाया गया और श्रीमती वीणा सिंह मुख्य संरक्षक मनोनित की गईं। मोहम्मद अकरम खान एक बार फिर से सचिव बनाए गए हैं। संघ की कई और उपसमितियां भी बनाई गई हैं। मूणत के अध्यक्ष बनने से माना जा रहा है कि वालीबाल को अब नई ऊचाइंया मिल जाएंगी और प्रदेश में इस खेल का काफी विकास होगा। श्री मूणत ने साफ कहा है कि वे राज्य वालीबाल संघ में मंत्री होने के नाते नहीं बल्कि आम सदस्य बनकर काम करेंगे और इस खेल का प्रदेश में विकास करेंगे
 छत्तीसगढ़ वालीबाल संघ की जेलरोड स्थित होटल बेबीलान इन में आयोजित की गई कार्यकारिणी की बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के पदाधिकारी और कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी मौजूद थे। बैठक में पिछली बैठक के मिनिट्स  को स्वीकृति देने के अलावा वर्ष 2011-12 में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय सबजूनियर, जूनियर और सीनियर वालीबाल प्रतियोगिता का आबंटन किया गया। इसके बाद वर्ष 2011-12 के  अनुमानित आय-व्यय का विवरण स्वीकृत किया गया। बैठक में इस साल दिसंबर माह में आयोजित होने वाली 60वीं सीनियर नेशनल महिला-पुरुष वालीबाल प्रतियोगिता और 14वीं मिनी नेशनल वालीबाल प्रतियोगिता के आयोजन पर भी चर्चा की गई। सीनियर नेशनल का आयोजन राजधानी के इनडोर और आउटडोर स्टेडियम में किया जाएगा वहीं मिनी नेशनल का आयोजन भिलाई इस्पात संयंत्र को दिया गया है। बैठक में राज्य वालीबाल संघ के नवनियुक्त अध्यक्ष व नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मूणत ने कहा कि स्कूल और कालेज के दौर में वे खिलाड़ी जरूर रहे लेकिन वालीबाल उन्होंने काफी कम खेला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सबसे ज्यादा वालीबाल का खेल खेला जाता है। अकेले रायपुरा में ही उन्होंने देखा है कि गांव-गांव में कई लोग इसमें रूचि लेते हैं। उन्होंने कहा कि वालीबाल संघ के प्रदेश के सभी वालीबाल के खिलाड़ियो को जोड़कर रखें और संघ को एक परिवार बनाकर चलें। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस बात का कभी अहसास नहीं होने देंगे कि वे एक मंत्री की हैसियत से काम कर रहे हैं, बल्कि एक आम सदस्य के रूप में वे काम करेंगे और सभी को साथ लेकर चलेंगे। बैठक में पूर्व अध्यक्ष गजराज पगारिया मौजूद नहीं थे। श्री पगारिया की गैरमौजूदगी को लेकर श्री मूणत ने बताया कि उनकी चर्चा हुई थी और श्री पगारिया ने मुंबई मे ंव्यस्त होने की वजस से बैठक में न आ पाने की जानकारी दी। श्री पगारिया को संघ का संरक्षक बनाया गया है।
प्रदेश संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी डा. एके श्रीवास्तव ने आभार व्यक्त  करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वालीबाल एसोसिएशन प्रदेश में एकमात्र ऐसा एसोसिएशन है जो निर्विवाद रहा है। उन्होंने राज्य वालीबाल संघ के सचिव मोहम्मद अकरम खान के कार्यों की जमकर सराहना की और कहा कि हर पांच साल में राष्ट्रीय स्पर्धाएं सफलतापूर्वक हो रही हैं और प्रदेश में श्री खान के नेतृत्व में संघ ने काफी विकास किया है। बैठक का संचालन राज्य वालीबाल संघ के सचिव मोहम्मद अकरम खान ने किया। इस बैठक में पर्यवेक्षक के रूप में भारतीय वालीबाल संघ के उपाध्यक्ष कुलदीप वत्स, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव बशीर अहमद खान, खेल विभाग के अधिकारी विलियम लकड़ा उपस्थित थे। बैठक में श्री मूणत का भव्य स्वागत  किया गया। इस बैठक में प्रदेश के सभी जिला संघों के अध्यक्ष व सचिव के अलावा मान्यता प्राप्त  विभागीय इकाइयों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
ये है नई कार्यकारिणी
मुख्य संरक्षक-श्रीमती वीणा सिंह, संरक्षक- गजराज पगारिया, अध्यक्ष-राजेश मूणत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डा. एके श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष-नईमुद्दीन हनफी, एसएन नेमा, सत्येंद्र पांडे, जयराम सिंह, हर्ष सिंहदेव, आफताब सिद्दिकी, सचिव-मोहम्मद अकरम खान, एसोसिएट सचिव-एसएल यादव, विनोद नायर, कोषाध्यक्ष-विश्वनाथ चंद्राकर, संयुक्त सचिव-विजय चंद्रवंशी, फ्रेंकलीन, आबिद बेग, सज्जन सिंह, कार्यकारिणी सदस्य-विमल नायर, ओमप्रकाश सेन,   देवेश निषाद, खेमसागर यादव, सुभाष तिवारी, रंजीत सिंह, सुश्री  रत्ना ओगरे, रामप्रकाश राय, श्रीमती  सुबुही निषाद, केके  गुप्ता।
वालीबाल संघ की उपसमितियां
रेफरी बोर्ड : राजेश्वर सिंह (चेयरमैन), निर्मल सिंह (कन्वीनर), एसएन दासगुप्ता, गौस  बेग, संतोष सिंह, श्रीमती सरोज बाला (सदस्य)। चयन समिति: आशीष अरोरा (चेयरमैन), हेमप्रकाश नायक (कन्वीनर), राजेंद्र राय, श्रीमती स्मृति साव, संजय सिंह, रविंद्र बागी (सदस्य)। टेक्नीकल कमेटी : टीकमदास अंदानी (चेयरमैन), रमेश बहादुर सिंह (कन्वीनर), श्रीनिवास नायर, रमेश सिंह, राजेश सोमवंशी (सदस्य)। कोचिंग कमेटी : एसवी सिंह (चेयरमैन), नितिन पांडे (कन्वीनर), एसएनएच बाबू, दिनेश चौधरी (सदस्य)। अनुशासन समिति : जीडी कौशल (चेयरमैन), गुरमीत सिंह (कन्वीनर), डीएन झा, आरके शर्मा (सदस्य)। वित्त एवं विपणन समिति : सतीश त्रिपाठी (चेयरमैन), मनोज सिन्हा (कन्वीनर), फिदा  हुसैन, लालजी निषाद (सदस्य)।

ओलंपिक संघ से हाथ जोड़ा मूणत ने लेकिन...
नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मूणत के राज्य वालीबाल संघ के अध्यक्ष बनने को लेकर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव पद पर काबिज होने के कयास लगाए जा रहे थे और पत्रकारों ने उनसे सवाल  पूछा तो उन्होंने हाथ जोड़कर कहा कि ओलंपिक संघ में जाने का उनका कोई इरादा नहीं है लेकिन यदि कोई जवाबदारी मिलेगी तो उसे वे पूरी तरह निभाएंगे। गौरतलब है कि ओलंपिक संघ का पदाधिकरी बनने के लिए मान्यता प्राप्त किसी राज्य संघ का पदाधिकारी होना जरूरी है और इस समय छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की कार्यकारिणी लंबित है। श्री मूणत के राज्य वालीबाल संघ का अध्यक्ष बनने को लेकर जमकर चर्चा थी कि ओलंपिक संघ की इसी माह गठित होने वाली कार्यकारिणी में सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद उन्हें दिया जा सकता है। बहरहाल पत्रकारों से चर्चा करते हुए श्री मूणत ने कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि विकासखंड स्तर से लेकर वालीबाल का विकास हो और खिलाड़ियों को हरसंभव सुविधा मुहैया कराई जा सके। खिलाड़ियों को रेलवे में भर्ती को लेकर उन्होंने कहा कि वे डीआरएम से चर्चा करेंगे और उन्हें पूरी जानकारी है। श्री मूणत ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाले 37वें राष्ट्रीय खेलों में वालीबाल की भी भागीदारी होगी और इस खेल के विकास के लिए वे पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रास रूट से खिलाड़ियों को राष्ट्रीय प्रशिक्षक मुहैया कराए जाएंगे और प्रदेश में खिलाड़ियों को खेल के मैदान मुहैया हो सकें, उनकी प्राथमिकता होगी।

सीओए की नई कार्यकारिणी 13 को


कई महत्वपूर्ण पदों पर होगी पदाधिकारियों की नियुक्ति
रायपुर। बहुप्रतिक्षित छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ (सीओए) की नई कार्यकारिणी इसी माह 13 मार्च को घोषित की जाएगी। कार्यकारिणी में कई महत्वपूर्ण पदों पर राज्य खेल संघों के पदाधिकारियों व कुछ अफसरों की भी नियुक्तियां होने की संभावनाएं हैं। कार्यकारिणी के लिए यहां न्यू सर्किट हाऊस में सीओए की बैठक का आयोजन किया जाएगा।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की कार्यकारिणी के गठन का मामला लंबित था। पिछले साल ओलंपिक संघ में विवाद के बाद  सभी पदों से पदाधिकारियों ने इस्तीफा देकर पूरी कमान मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह को सौंप दी थी। नई कार्यकारिणी के गठित होने तक पुरानी बाडी को अधिकार दिए गए थे। छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव बशीर अहमद खान ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में बताया है कि छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की विशेष सामान्य सभा  की बैठक का आयोजन 13 मार्च को न्यू सर्किट हाऊस में शाम 6.30 बजे किया जाएगा। इस बैठक के तीन एजेंडा होंगे। इसमें 18 अगस्त को न्यू सर्किट हाऊस में हुई बैठक के मिनिट्स का अनुमोदन, कार्यकारिणी का गठन और अध्यक्ष की अनुमति से अन्य विषयों पर चर्चा शामिल है। इसकी सूचना भारतीय ओलंपिक संघ के महासचिव, राज्य ओलंपिक संघ के अध्यक्ष मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह, खेल संचालक और रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटी को लिखित में दी गई है। इसके पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह को पत्र लिखकर नई कार्यकारिणी के गठन करने के लिए अनुमति मांगी गई। दूसरी तरफ खेल सूत्रों का कहना है कि नई कार्यकारिणी में सभी की नजरें लगी हैं सचिव पद पर और इस पद पर राज्य खेल संघ के किसी ऐसे पदाधिकारी की नियुक्ति की संभावनाएं ज्यादा हैं जो आईएएस या आईपीएस नहीं है। राज्य खेल संघों के अध्यक्ष व सचिव पद पर कई शासकीय अधिकारी व आईपीएस व आईएएस अफसर भी काबिज हैं और खेल सूत्रों का कहना है कि कई अफसर भी सचिव पद की दौड़ में शामिल हैं। शासकीय अधिकारियों में से किसी को सचिव बनाया जाता है तो ओलंपिक संघ पूरी तरह सरकार के कब्जे में रहेगा। लेकिन कई राज्य खेल संघों के पदाधिकारी नहीं चाहते कि सीओए के सचिव पद पर किसी आईपीएस, आईएएस या फिर अन्य शासकीय अधिकारी को नियुक्त किया जाए। हालांकि ये पदाधिकारी खुलकर नहीं कह रहे हैं। शनिवार को नगरीय प्रशासन मंत्री राजेंश मूणत के राज्य वालीबाल संघ का अध्यक्ष बनने को लेकर खासी चर्चा थी कि श्री मूणत को सीओए का सचिव बनाया जा सकता है लेकिन श्री मूणत ने इससे इनकार कर दिया। हालांकि वे जवाबदारी लेने को तैयार  हैं। खेल सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ माह में राज्य खेल संघों में आए नए पदाधिकारी भी सचिव पद के दावेदार हैं। हालांकि ये सभी सरकार से संबद्ध  हैं। खेल सूत्रों की मानें तो दावेदारों में राज्य वालीबाल संघ, राज्य टेनिस संघ, राज्य स्क्वैश संघ, राज्य नेटबाल  संघ, राज्य क्याकिंग संघ, राज्य वेटलिफ्टिंग संघ, राज्य हैंडबाल संघ के पदाधिकारी प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। फिलहाल नई कार्यकारिणी में किसे कौन सा पद मिलेगा यह समय के हाथों निहित  है।

03 मार्च, 2011

विनय बने मिस्टर छत्तीसगढ़

विजेता विनय पाण्डेय

विनय (बिच में)  को जी सुरेश (बाएं से प्रथम)  व  बशीर अहमद खान (दायें से दुसरे) पुरस्कार देता हुए.


खिताब हासिल करने वाले खिलाड़ियों को 
हजारों रुपए का नगद पुरस्कार
रायपुर। छत्तीसगढ़ बाडी बिल्डिंग एवं फिटनेस एसोसिएशन की मेजबानी में आयोजित प्रथम श्री साईं क्लासिक मिस्टर छत्तीसगढ़ बाडी बिल्डिंग प्रतियोगिता का खिताब राजधानी के विनय पांडेय ने जीत लिया। इस प्रतियोगिता में प्रदेश के सौ से भी ज्यादा खिलाड़ियों ने अपनी मांसपेशियों का प्रदर्शन किया।
छत्तीसगढ़ बाडी बिल्डिंग एवं फिटनेस एसोसिएशन के अध्यक्ष जी सुरेश बाबे और सचिव कृष्णा साहू ने बताया कि इस प्रतियोगिता में राजधानी रायपुर सहित दुर्ग,भिलाई, चरोदा, बिलासपुर, चांपा, राजनांदगांव, रायगढ़, बस्तर, कोरबा एवं भिलाई इस्पात संयंत्र के  110 खिलाड़ी एवं आफिशियल्स ने भाग लिया । इस प्रतियोगिता में क्लासिक मिस्टर छत्तीसगढ़ का खिताब के लिए  वि•िान्न वजन समूह के बीच मुकाबला हुआ। इसके बाद सभी वजन वर्ग समूह के प्रथम स्थान विजेता बॉडी बिल्डर राकेश सोनी (रायपुर),  तरूण कौशिक (भिलाई इस्पात संयंत्रा,),  मो0 तन्जीम (रायपुर), राकेश शाण्डिल्य (बीएसपी), राजेश नायक (रायगढ़),असीम कुमार बैनर्जी (रायगढ़), और श्री विनय पाण्डेय (रायपुर), के बीच कांटे की टक्कर हुई । इस खिताब की  दावेदारी के लिए  विनय पाण्डेय (अन्तर्राष्टÑीय बॉडी बिल्डर),Þ राजेश नायक (पूर्व मिस्टर छत्तीगसढ़) व असीम कुमार वेनर्जी (पूर्व राष्टÑीय पदक विजेता बॉडी बिल्डर) के बीच मुख्य मुकाबला था, जिसमें विनय ने सभी बॉडी बिल्डरों को पछाड़ते हुए क्लासिक मिस्टर छत्तीसगढ़ के खिताब पर कब्जा जमाया । बेस्ट पोजर का खिताब राकेश सोनी एवं बेस्ट इम्पू्रविंग बॉडी बिल्डर का खिताब देवेन्द्र मारको को दिया गया । इस प्रतियोगिता का आयोजन श्री साई इन्टरप्राईजेस, भिलाई एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ बॉडी बिल्डिंग एण्ड फिटनेस एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से किया। उल्लेखनीय है कि जी0 सुरेश, ने वर्ष 2008 में रायपुर में सम्पन्न क्लासिंक मिस्टर इण्डिया प्रतियोगिता में पांच लाख रूपये का नगद पुरस्कार एवं प्रतियोगिता आयोजन को  प्रायोजित किया था। जी0 सुरेश ने प्रतियोगिता समापन के अवसर पर यह घोषणा की है कि श्री साई क्लासिक मिस्टर छत्तीसगढ़ बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता प्रत्येक वर्ष जनवरी माह में होगी, जिसे श्री साई इन्टरप्राईजेस द्वारा प्रायोजित किया जाएगा ।  जिससे कि गरीब खिलाड़ियों को आर्थिक सहयोग करने में मदद मिलेगी। प्रतियोगिता के समापन समारोह के मुख्य अतिथि राज्य ओलंपिक संघ के सचिव बशीर अहमद खान थे। विशेष अतिथि वरिष्ठ खेल अधिकारी राजेंद्र डेकाटे, एवन कुमार जैन, राकेश साहू, राज्य वालीबाल संघ के सचिव मो. अकरम खान, रायल क्लब के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी, रायपुर जिला बाडी बिल्डिंग संघ के संरक्षक नवाबुद्दीन शख नब्बू, डा. आलोक दुबे, विष्णु श्रीवास्तव, वशिष्ठ नारायण मिश्रा (पार्षद, भिलाई), सुजीत बघेल (युवा नेता, कांग्रेस),  मुकेश जैन, नीरज पाल (पार्षद,भिलाई), ए. के़ चौधरी (सहा़ महाप्रबंधक, बीएसपी), थे । कार्यक्रम की अध्यक्षता जी0 सुरेश ने की। आफिशियल्स के रूप में के़ एस़ अनिलजीत (राष्टÑय निर्णायक),  कृष्णा साहू (राष्टÑीय निर्णायक),  प्रदीप साहू (पूर्व मिस्टर छत्तीसगढ़), स्टेज मार्शल  वाई ठाकुर,  त्रिालोक सिंग, ए0 नागभूषण, रमाशंकर सिंह थे। इस प्रतियोगिता के आधार पर खिलाड़ियों का चयन बैंगलोर में दिनांक 7 से 9 अप्रैल 2011 को होने वाली सीनियर राष्टÑीय बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु छत्तीसगढ़ टीम में किया जाएगा।
परिणाम :  55 किलो वर्ग -प्रथम-राकेश सोनी (रायपुर जिला), द्वितिय-शत्राुघन पटेल (चांपा जिला), तृतिय-बिजेन्द्र यादव (रायगढ़ जिला)। 60 किलो-प्रथम-तरूण कौशिक (भिलाई इस्पात संयंत्रा,), द्वितिय-देवेन्द्र मारको (रायपुर जिला), तृतिय-तम्बी स्वामी (रायपुर जिला)। 65 किलो वर्ग- प्रथम-मो0 तन्जीम, द्वितिय-सुरेश सोनझरा (दोनो रायपुर जिला), एवं तृतिय-प्रमोद कुमार (भिलाई इस्पात संयत्रा,)। 70 किलो वर्ग-प्रथम-राकेश शाण्डिल्य (भिलाई  इस्पात संयंत्रा,), द्वितिय-नरेश बघेल-(रायपुर जिला), तृतिय-भानु प्रताप (राजनांदगांव)। 75 किलो वर्ग- प्रथम-राजेश नायक (रायगढ़ जिला), द्वितिय-मुकेश गुप्ता (कोरबा जिला), तृतिय-राकेश नायक (दुर्ग जिला)। 80 किलो वर्ग-प्रथम-असीम कुमार बेनर्जी (रायगढ़ जिला), द्वितिय-आनन्द कुमार चौहान (बिलासपुर जिला), तृतिय-प्रकाश सोनी (चरोदा, दुर्ग जिला)। 85 किलो वर्ग -प्रथम विनय पाण्डेय (रायपुर जिला), द्वितिय-गेंदलाल सागरवंशी (मास्टर वर्ग के राष्टÑीय पदक विजेता, रायपुर जिला), तृतिय-उमेश पटेल (रायगढ़ जिला) । इस प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितिय व तृतिय स्थान प्राप्त विजेता खिलाड़ियों को क्रमश: 3000, 2000 और एक हजार रुपए का नगद पुरस्कार दिया गया। मिस्टर छत्तीगसढ़ को 25000/- तथा बेस्ट पोजर व बेस्ट इम्पू्रविंग बॉडी बिल्डर को कुल मिलाकर एक लाख रूपये का पुरस्कार प्रदान किया । छत्तीगसढ़ राज्य बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में प्रदान किये जाने वाली अब तक की सर्वाधिक राशि है ।