14 मार्च, 2011

2011 की लकी शुरुआत






दो माह के भीतर छत्तीसगढ़ के खेल जगत को मिली कई सौगातें
 देखते ही देखते वर्ष 2011 का जनवरी और फरवरी माह बीत गया और कुछ दिनों में मार्च माह •ाी बीत जाएगा। छत्तीसगढ़ के खेल जगत के लिए पिछले दो माह काफी बेहतर साबित हुए हैं। इन दो माह के •ाीतर राज्य के खेल जगत को कई सौगातें मिली हैं। मामला खेल की अधोसंरचनात्मक सुविधाओं का हो या फिर राष्ट्रीय खेलों में पदक और खिलाड़ियों को नौकरी की शुरुआत का और या फिर राष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल करने का। उम्मीद की जा रही है कि राज्य के खेल जगत के लिए यह पूरा वर्ष काफी बेहतर रहेगा। 

एक करोड़ के खेल परिसर में होंगी कई खेलों की सुविधाएं


 विधानसभा भवन के नजदीक सवा करोड़ रुपए की लागत से बन रहे खेल परिसर में कई खेलों की सुविधाएं रहेंगी। यहां मल्टी जिम के अलावा दर्शकों के लिए भी बैठने की बेहतर व्यवस्था का इंतजाम किया जाएगा।
राज्य शासन ने इस खेल परिसर के लिए एक करोड़ 18 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। खेल परिसर के प्रस्तावित भवन में बैडमिंटन के दो हाल बनाए जाएंगे। इस हाल में दर्शकों के लिए अलग से बालकनी बनाई जाएगी। बैडमिंटन हाल में वुडन फ्लोरिंग की जाएगी और हाल की ऊंचाई अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के अनुसार होगी। प्रस्तावित भवन में मल्टी जिम हाल, बिलियर्ड्स और कैरम हाल भी बनाया जाएगा। खेल परिसर भवन के दोनों ओर लैंडस्केपिंग का प्रावधान भी शामिल है और भवन में प्रवेश के लिए मुख्य पोर्च के अतिरिक्त दो बरांडा  बनाया जाएगा। खेल परिसर के निर्माण की अवधि आठ माह निर्धारित की  गई है। पिछले फरवरी माह में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के अध्यक्ष मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह और विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने खेल परिसर के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया है।

हर साल तीन करोड़ खर्च करेगा साई 


मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह की पहल पर फरवरी माह में ही भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने छत्तीसगढ़ के ढाई सौ खिलाड़ियों को बास्केटबॉल, आचर्री, एथलेटिक्स और हॉकी में प्रशिक्षण प्रदान करने की सहमति दी है। राजनांदगांव के साई हास्टल द्वारा वहां के इंडोर स्टेडियम में एक सौ खिलाड़ियों को और रायपुर में साई हास्टल द्वारा रायपुर के आउट डोर स्टेडियम में डेढ़ सौ खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, खेल किट, आवास व्यवस्था और विभिन्न  प्रतियोगिताओं में इन खिलाड़ियों की भागीदारी आदि पर भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा हर वर्ष तीन करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। हाल ही में भारतीय खेल प्राधिकरण के सचिव गोपालकृष्णा ने राजनांदगांव और रायपुर का दौरा कर साई हास्टल को हरी झंडी दिखाई थी।  प्राधिकरण राजनांदगांव में पंद्रह एकड़ क्षेत्र में सवर्सुविधायुक्त स्पोर्टस हास्टल विकसित करेगा। वतर्मान में भारतीय खेल प्राधिकरण की प्रशिक्षण योजना के तहत राजनांदगांव में 38 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साई अब वहां पचास महिला और पचास पुरुष खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करेगा। इस योजना के अंतर्गत साई द्वारा रायपुर में आगामी अप्रेल माह से पहले चरण में एक सौ खिलाड़ियों का प्रशिक्षण प्रारंभ किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ को मिला पहला बास्केटबाल इनडोर स्टेडियम 
इस माह छत्तीसगढ़ को बास्केटबाल का पहला इनडोर स्टेडियम राजनांदगांव में मिला। इस इनडोर स्टेडियम में बास्केटबाल की राष्ट्रीय स्पर्धाओं का आयोजन किया जा सकेगा। इस स्टेडियम का शुभारम्भ  8 मार्च को मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने किया। इससे पहले प्रदेश में बास्केटबाल का एक भी इनडोर स्टेडियम नहीं था। राजधानी के इनडोर स्टेडियम में हालांकि फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया था लेकिन यहां कई दूसरे खेलों का  आयोजन किया जाएगा। चार करोड़ 03 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह स्टेडियम सिर्फ ग्यारह महीने के रिकार्ड समय में तैयार हुआ है। इसी लम्बाई 37 मीटर, चौड़ाई 22 मीटर और ऊंचाई दस मीटर की है। इसमें एक हजार दर्शक क्षमता वाली गैलेरी का भी निर्माण किया गया है।

राजधानी में बनेगी स्क्वैश एकेडमी


राजधानी में स्क्वैश जैसे खेलों को बढ़ावा देने के लिए स्क्वैश एकेडमी की घोषणा पिछले माह 28 फरवरी को एसोसिएशन के अध्यक्ष मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने की। रायपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्क्वैश एकेडमी खोली जाएगी। इसके अलावा इस खेल को बढ़ाने के लिए जुलाई-अगस्त माह में यहां राष्ट्रीय प्रतियोगिता का •ाी आयोजन किया जाएगा।

15 साल बाद मिला इनडोर स्टेडियम


15 साल बाद ही सही राजधानी को इनडोर स्टेडियम की सौगात फरवरी माह में मिल गई। 21.5 करोड़ रुपए की लागत से बने इस स्टेडियम का उद्घाटन हालांकि 3 फरवरी को किया गया लेकिन विधिवत 25वीं फेडरशन कप बास्कटेबाल प्रतियोगिता यहां की पहली राष्ट्रीय प्रतियोगिता थी। यह 10 फरवरी से आयोजित की गई। पूरी तरह वातानुकूलित इस स्टेडियम की दर्शक क्षमता 5 हजार है और यहां बास्केटबाल सहित टेबल टेनिस, नेटबाल, वालीबाल और कई इनडोर खेलों की स्पर्धाएं हो सकेंगी।

कुंबले को भी भा गया स्टेडियम


भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और कर्नाटक क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अनिल कुंबले पहली बार 17 जनवरी को रायपुर आए और यहां उन्होंने छत्तीसगढ़ टेनिस   संघ की वेबसाइट का लोकापर्ण किया। इस दौरान उन्होंने परसदा के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भी दौरा किया और इसकी काफी तारीफ  की।

नेशनल गेम्स में मिले सात पदक


छत्तीसगढ़ को असम के 33वें राष्ट्रीय खेलों में छह पदक के बाद झारखंड के 34वें राष्ट्रीय खेलों में इस साल फरवरी माह में सात पदक मिले। ये पदक बास्केटबाल, हैंडबाल, कराते, निशानेबाजी में मिले। इनमें चार स्वर्ण, दो कांस्य और एक रजत पदक शामिल है। नेशनल गेम्स के पदक  विजेताओं के लिए लाखों रुपए के नगद पुरस्कार की  घोषणा की गई थी। यह घोषणा मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने किट वितरण के दौरान की थी। इन खिलाड़ियों को करीब 15 लाख रुपए के नगद पुरस्कार आगामी 13 मार्च को न्यू सर्किट हाऊस में होने वाली ओलंपिक संघ की बैठक में दिए जा सकते हैं।

और सीओए को मिला नया मोड़
13 मार्च को छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ (सीओए) की यहां न्यू सर्किट हाऊस में आयोजित की गई विशेष सामान्य सभा की बैठक में सीओए को नया मोड़ दिया गया। मुख्यमंत्री और सीओए अध्यक्ष डा. रमन सिंह की अध्यक्षता में सीओए का महासचिव छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के अध्यक्ष बलदेव सिंह भाटिया को चुना गया। सीओए की नई कार्यकारिणी में कोषाध्यक्ष डा. विष्णु श्रीवास्तव को बनाया गया है जबकि आठ उपाध्यक्ष बनाए गए हैं जिनमें खेल मंत्री लता उसेंडी और नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मूणत, संसदीय सचिव विजय बघेल और के साथ-साथ कुलदीप जुनेजा, विक्रम सिसोदिया, रामनिवास और खेल संचालक जीपी सिंह भी शामिल हैं। राज्य गृह निर्माण मंडल के चेयरमैन सुभाष राव को कार्यकारिणी में शामिल किया गया है।

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