08 मार्च, 2011

सीओए में महिलाओं को भी मिले तवज्जो

श्रीमती कविता दीक्षित 
अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ियों ने की मांग


 छत्तीसगढ़ के खेल जगत की नजरें टिकी हैं आगामी 13 मार्च को न्यू सर्किट हाऊस में शाम 6.30 बजे से होने वाली छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ (सीओए) की बैठक पर जिसमें नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। सीओए की नई कार्यकारिणी में अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ियों को भी तवज्जो देने की मांग जोरों पर उठ रही है। इसकी एक वजह यह भी है कि छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ियों की संख्या हालांकि कम है और सीओए में महिला खिलाड़ियों को किसी पदाधिकारी या फिर कार्यकारिणी सदस्य के तौर पर प्रतिनिधित्व का मौका नहीं मिला है। खेल विशेषज्ञों का तर्क है कि यदि सीओए की नई कार्यकारिणी में महिलाओं को तवज्जो मिलती है तो पूरे खेल जगत में काफी बेहतर संदेश जाएगा और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का यह माह भी सार्थक हो जाएगा।
नीता डुमरे
 छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की आगमी 13 मार्च को होने वाली बैठक काफी अहम होगी और इस बैठक के पूर्व नई कार्यकारिणी के लेकर लगाए जा रहे तमाम कयासों के बीच अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ियों को तवज्जो देने की मांग  उठने लगी है। हालांकि इस मांग पर अमल किया जा सकता है क्योंकि ऐसी अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ियों की संख्या काफी कम है जो राज्य खेल संघ की पदाधिकारी भी हैं। यदि रायपुर की बात करें तो राजधानी में अंतरराष्ट्रीय महिला हाकी खिलाड़ी और अंपायर नीता डुमरे तथा बैडमिंटन की अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी श्रीमती कविता दीक्षित का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है। नीता डुमरे छत्तीसगढ़ महिला हाकी संघ की सचिव हैं और कई अंतरराष्ट्रीय हाकी प्रतियोगिताओं में उन्होंने देश का व इस राज्य का प्रतिनिधित्व किया है। हाल ही में उन्हें राज्य सरकार ने वीर हनुमान सिंह पुरस्कार से भी नवाजा है। नीता डुमरे नेशनल लुक से कहती हैं कि छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ में महिलाओं को तवज्जो देनी चाहिए और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर तो वे और भी दावेदारी से कहेंगी कि महिला खिलाड़ियों को तवज्जो दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परिदृश्य में यदि राजनीति की बात करें तो सोनिया गांधी, सुषमा स्वराज जैसी हस्तियों का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है जिन्हें राजनीति में पूरी तवज्जो मिली। इसके अलावा राज्य को सर्वाधिक पदक भी महिला खिलाड़ी ही दिला रही हैं। नीता डुमरे ने कहा कि सीओए में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को तवज्जो दी जानी चाहिए जिससे प्रदेश के खेल जगत में  काफी अच्छा संदेश जाएगा और महिला खिलाड़ी भी मजबूत होंगी। बैडमिंटन की अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी श्रीमती कविता दीक्षित छत्तीसगढ़ बैडमिंटन संघ की संयुक्त सचिव भी हैं और एक बेहतर प्रशिक्षक भी। वे पिछले करीब 22 साल से लगातार बैडमिंटन के खिलाड़ियों को नि:शुल्क प्रशिक्षण दे रही हैं और बैडमिंटन जैसे जटिल खेलों के विकास में उनकी भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। श्रीमती दीक्षित भी कहती हैं कि नई कार्यकारिणी में महिलाओं को तवज्जो मिलना चाहिए क्योंकि राज्य में महिला खिलाड़ियों की काफी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिला पदाधिकारियों के अलावा महिला खिलाड़ियों को भी सीओए में काम करने का एक मौका देना चाहिए। खेल विशेषज्ञों का भी यही तर्क है कि महिला खिलाड़ियों व पदाधिकारियों को सीओए में शामिल करना चाहिए जिससे महिला खिलाड़ियों की समस्याओं को  समझा जा सके।


राज्य की खेल मंत्री भी महिला


सुस्री लता उसेंडी
छत्तीसगढ़ की खेल मंत्री भी महिला हैं। राज्य निर्माण के बाद सुस्री लता उसेंडी राज्य की पहली महिला खेल मंत्री बनी हैं और उनके कार्यकाल में प्रदेश में खेलों का काफी विकास हुआ है। सुश्री उसेंडी की छत्तीसगढ़ को 37वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी दिलाने और राज्य का खेल बजट बढ़ाने में काफी अहम रोल है। खेल मंत्री के कार्यकाल में ही प्रदेश के 70 खिलाड़ियों को पहली बार उत्कृष्ट घोषित किया गया और खिलाड़ियों के लिए नौकरी के भी दरवाजे खुल गए। इसके अलावा राज्य में खेल अधोसंरचनाओं का  काफी विकास हुआ है और नई
योजनाएं भी क्रियान्वित हुई हैं।

महिला खिलाड़ियों ने ही दिलाए हैं सर्वाधिक पदक


नेशनल गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता हेंडबाल टीम. 


छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिला खिलाड़ियों ने ही सर्वाधिक पदक दिलाए हैं। राज्य को सबसे ज्यादा बास्केटबाल की महिला टीम ने पदक दिलाए हैं। झारखंड के 34वें राष्ट्रीय खेलों के टीम गेम में छत्तीसगढ़ को महिला हैंडबाल टीम ने स्वर्ण पदक तो बास्केटबाल की टीम रजत पदक दिलाया। इसके पहले असम के 33वें राष्ट्रीय खेलों में भी महिलाओं ने ही राज्य को सर्वाधिक पदक दिलाए थे। नेटबाल का स्वर्ण, हैंडबाल का स्वर्ण, बास्केटबाल का रजत पदक और जूडो का रजत पदक महिलाओं ने ही छत्तीसगढ़ को दिलाए थे। राजधानी के इनडोर स्टेडियम में हाल ही में खेली गई 25वीं फेडरेशन कप बास्केटबाल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ की महिला टीम ने स्वर्ण पदक हासिल किया है। वैसे बास्केटबाल की लड़कियों ने पिछले एक दशक में 60 से ज्यादा राष्ट्रीय पदक विभिन्न स्पर्धाओं में हासिल किए हैं। राज्य की सबा अंजुम भारतीय महिला हाकी टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। नेहा बजाज कामनवेल्थ गेम्स में भारतीय नेटबाल टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं तो प्रीति बंछोर भारतीय नेटबाल टीम की कप्तान तक रह चुकी हैं। इसी तरह   पावरलिफ्टिंग, वेटलिफ्टिंग, जूडो, फुटबाल, फेंसिंग सहित कई खेलों में राज्य की महिला खिलाड़ियों ने प्रदेश का राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व कर पदक  हासिल किया है। हाल ही में फुटबाल की दो नन्ही बालिकाओं निकिता पन्ना और सुप्रिया कुकरेती का चयन भारतीय फुटबाल टीम में अंडर-14 एशियन फुटबाल को चैंपियनशिप के लिए किया गया है। ये दोनों खिलाड़ी श्रीलंका में देश का प्रतिनिधित्व करेंगीं।

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