05 फ़रवरी, 2011

क्या मिलेगा झारखंड के पदक विजेता को?







असम नेशनल गेम्स में भी कोई घोषणा नहीं हुई 
थी, पदक पर नगद पुरस्कार की मांग


 झारखंड में 12 फरवरी से शुरू हो रहे 34वें नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ से कई खेलों में पदक हासिल करने की उम्मीदें की जा रही हैं। इन उम्मीदों के बीच यह सवाल  उठने लगे हैं कि नेशनल गेम्स के पदक विजेता को क्या मिलेगा? पिछले नेशनल गेम्स में पदक विजेताओं को नगद पुरस्कार देने की मांग जोरों पर उठी थी लेकिन कोई घोषणा नहीं की गई थी। जबकि देश के दूसरे राज्यों की सरकारों ने लाखों रुपए के नगद  पुरस्कार  की घोषणा की थी। एक बार फिर से झारखंड नेशनल गेम्स को लेकर नगद पुरस्कार की मांग उठ रही है।
रायपुर। झारखंड नेशनल गेम्स में कुल 18 खेलों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। इनमें एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबाल, हैंडबाल, एक्वेटिक्स, जिम्नास्टिक, कराते डू, शूटिंग, फेंसिंग, कुश्ती, टेबल टेनिस, खो-खो, आरचरी, बाक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, केनोइंग एंड क्याकिंग, ट्रायथलान और स्क्वैश शामिल है। कुल 97 पुरुष खिलाड़ियों, 57 महिला खिलाड़ियों, 32 प्रशिक्षक और 19 प्रबंधकों सहित 234 खिलाड़ियों व अधिकारियों का दल हिस्सा लेगा। इनमें फेंसिंग, टेबल टेनिस, कुश्ती आदि में राज्य की टीमें पहली बार  जौहर दिखाएंगी। पिछले नेशनल गेम्स में टीम गेम से पदक की उम्मीद काफी थी और इस पर राज्य की टीमें खरी उतरीं थीं। बास्केटबाल, नेटबाल, हैंडबाल तीमों में छत्तीसगढ़ ने पदक हासिल किए थे। इसके अलावा जूडो, शूटिंग में भी छत्तीसगढ़ को पदक हासिल हुआ था। लेकिन इन उपलब्धियों के बाद भी कोई नगद पुरस्कार छत्तीसगढ़ सरकार से नहीं मिला था। खेल विशेषज्ञों की मानें तो नगद पुरस्कार देने से खिलाड़ियों का हौसला बढ़ता है और वे राज्य के लिए पदक हासिल करने पूरी ताकत झोंक देते हैं। असम के 33वें नेशनल गेम्स में कई राज्यों ने अपने-अपने खिलाड़ियों के लिए लाखों रुपए के नगद पुरस्कार की घोषणा की थी। स्वयं असम सरकार ने भी लाखों रुपए के नगद पुरस्कारों की घोषणा कर देश के दूसरे राज्यो के खिलाड़ियों को असम से खेलने इंट्री भी दी थी। तब छत्तीसगढ़ के तमाम राज्य खेल संघों ने सरकार से नगद पुरस्कार की मांग की थी। लेकिन कोई पुरस्कार नहीं मिला था। बाद में सीनियर नेशनल में पदक हासिल करने पर नगद पुरस्कार की व्यवस्था की गई। सीनियर नेशनल मे स्वर्ण पदक पर 25 हजार  रुपए, रजत  पदक पर 20 हजार  रुपए और कांस्य पदक पर 15 हजार रुपए का नगद पुरस्कार प्रदान किया जाता है। लेकन विशेष रूप से नेशनल गेम्स के पदक विजेताओं के लिए
अलग से कोई  पुरस्कार नियम नहीं बनाया गया है।


2002 में हुई थी पांच लाख रुपए की घोषणा


नेशनल गेम्स को लेकर अब तक केवल एक ही बार नगद पुरस्कार की घोषणा हुई है और एक ही बार इस पर अमल किया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के कार्यकाल में वर्ष 2002 में छत्तीसगढ़ की कई खेलों की टीमों और खिलाड़ियों ने हैदराबाद के 32वें नेशनल गेम्स में हिस्सा लिया था। तब नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर पांच लाख रुपए के नगद पुरस्कार की घोषणा की गई थी। बास्केटबाल की टीम ने स्वर्ण पदक हासिल किया था और पूरी टीम को पांच लाख रुपए का नगद पुरस्कार भी दिया गया था। टीम के प्रत्येक खिलाड़ी के हिस्से में 40-40 हजार रुपए का नगद पुरस्कार आया था। इसके अलावा टीम के कोच व प्रबंधक को भी नगद पुरस्कार दिया गया था। अब सीनियर नेशनल में पदक जीतने पर नगद पुरस्कार की व्यवस्था है। लेकिन इसमें खिलाड़ियों को ज्यादा नगद पुरस्कार नहीं मिला पाता। सीनियर नेशनल में पदक जीतने पर 12 सदस्यीय एक टीम को तीन लाख रुपए मिलते हैं। यानी 2002 की घोषणा की तुलना में पूरे दो लाख रुपए कम।
मुख्यमंत्री कर सकते हैं घोषणा
प्रदेश के खेल जगत में एक बार फिर से नेशनल गेम्स को लेकर नगद पुरस्कार की मांग उठने लगी है। खेल सूत्रो ंका कहना है कि कई खेल संघ मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह को छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ का अध्यक्ष होने के नाते नेशनल गेम्स में पदक विजेताओं को नगद  पुरस्कार देने का प्रस्ताव भी देने वाले  हैं। यह भी कहा जा रहा है कि नेशनल गेम्स के लिए चयनित खिलाड़ियों के लिए किट वितरण समारोह के दौरान डा. सिंह पदक विजेताओं के लिए नगद पुरस्कार की घोषणा कर सकते हैं। डा. सिंह ने दिल्ली कामनवेल्थ गेम्स को लेकर स्वर्ण पदक विजेता को आठ लाख रुपए, रजत पदक विजेता को छह लाख रुपए और कांस्य पदक विजेता को चार लाख  रुपए का नगद पुरस्कार देने   की घोषणा की थी।

 इनडोर के नामकरण पर टेटे संघ ने सीएम को दी बधाई


राजधानी के इनडोर स्टेडियम का नाम पूर्व महापौर स्वर्गीय बलबीर जुनेजा की स्मृति में करने को लेकर छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया है। राज्य  टेटे संघ के अध्यक्ष शरद शुक्ला ने आपात बैठक बुलाकर मुख्यमंत्री डा. सिंह के प्रति आभार प्रस्ताव रखा जिसे सभी सदस्यों ने करतल ध्वनी से समर्थन कर डा. सिंह के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर संघ के महासचिव अमिताभ शुक्ला सहित रूपेंद्र चौहान, संदीप खंडेलवाल, राजेश लूनिया, किशोर जाधवानी, विनय बैसवाड़े, सरजीत  सिंग, भरत अग्रवाल, जरनैल सिंग रंधवा, मनिंदर सिंग, अतुल, प्रदीप जोशी, दीपक परमार, भारत  पारेख, विकास चावड़ा, हीरानंद आदि मौजूद थे।