09 फ़रवरी, 2011

खेल के लिए मुफ्त में दें स्टेडियम





  
इनडोर में राजनीतिक, धार्मिक और सामजिक कार्यक्रमों 
का विरोध करें : विद्याचरण शुक्ल
 पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय ओलंपिक संघ के आजीवन अध्यक्ष विद्याचरण शुक्ल ने राजधानी के इनडोर स्टेडियम का बुधवार को अवलोकन किया। श्री शुक्ल ने इस दौरान न सिर्फ स्टेडियम में खामियां निकालीं बल्कि यह भी बताया कि स्टेडियम की पहली डिजाइन में कई खेलों का एक साथ आयोजन करने के लिए पार्टिशियन भी शामिल था। श्री शुक्ल ने यह भी कहा कि स्टेडियम को खेल संघों को मुफ्त में देना चाहिए। यहां सिर्फ खेल होने चाहिए और किसी भी तरह के राजनीतिक, धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों का विरोध करना चाहिए
रायपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल ने इनडोर स्टेडियम का अचानक अवलोकन किया। उन्होंने इंजीनियरों और निगम अधिकारियों से तकनीकी जानकारी ली। श्री शुक्ल को जब बताया गया कि यहां खेलों के अलावा धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रम भी होंगे तो उन्होंने इस पर हैरानी जाहिर की और साफ  कहा कि मल्टी परपस न होकर सिर्फ मल्टी स्पोर्ट्स होना चाहिए। यदि स्टेडियम में धार्मिक, राजीनीतक और सामजिक कार्यक्रम होंगे तो इसे बनाने का  कोई औचित्य नहीं है। स्टेडिमय जल्द ही खराब हो जाएगा और खिलाड़ी भटकते रह जाएंगे। उन पर राजनीतिक दबाव  बढ़ेगा और वे खेल नहीं पाएंगे। यहां सिर्फ खेल के अलावा दूसरे आयोजन होने लग जाएंगे। उन्होंने बार-बार इस बात पर ज्यादा जोर दिया कि खेल के अलावा इनडोर स्टेडियम में कोई भी कार्यक्रम नहीं होने चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि इस स्टेडियम में काफी खामियां हैं। सबसे बड़ी बात तो यह भी है कि स्टेडियम को मल्टी स्पोर्ट्स नहीं बनाया गया है। यहां एक  बार में केवल एक ही इवेंट आयोजित किया जा सकता है। एक ही समय में कई खेलों का न तो अभ्यास हो सकता है और न ही खेल स्पर्धाएं। उनके कार्यकाल में इनडोर स्टेडियम की जो पहली डिजाइन बनाई गई थी उसमें इसका उपयोग कई खेलों के लिए एक साथ करने के प्रावधान बनाए गए थे और बाकायदा पार्टिशियन करने का भी उल्लेख था। पार्टिशियन  सिर्फ ग्राउंड लेबल पर नहीं बल्कि ऊपर से नीचे तक होना था और यह पार्टिशियन अस्थाई हो सकता था। उन्होंने दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां उन्होंने स्टेडियम के निर्माण के दौरान मल्टी स्पोर्ट्स की व्यवस्था कराई थी जिससे कई खेलों का एक ही समय में आयोजन हो सके। श्री शुक्ल ने कहा कि यदि यहां खेल के अलावा दूसरे कार्यक्रम होने लगें तो स्पोर्ट्स काम्पलेक्स का मतलब ही नहीं रह जाएगा। स्पोर्ट्स काम्पलेक्स में इनडोर, आउटडोर की व्यवस्था के साथ-साथ स्वीमिंग और जिम्नास्टिक जैसे खेलों की व्यव्स्था  करनी चाहिए। उन्होंने वुडन कोर्ट का  निरीक्षण किया और कहा कि इसमें यदि सिंथेटिक कोर्ट नहीं लगेगा तो वुडन का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। श्री शुक्ल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए  इस बात पर ज्यादा जोर दिया कि खेल संघों से किसी भी तरह का शुल्क नहीं लेना चाहिए और खेल के अलावा कोई दूसरे कार्यक्रम नहीं होने चाहिए। श्री शुक्ल ने कहा कि नगर निगम और राज्य सरकार को मिलकर इनडोर स्टेडियम के लिए नियम बनाने चाहिए क्योंकि भविष्य में राज्य में 37वें नेशनल गेम्स का आयोजन किया जाना है और समय  कम रह गया है। इसकी तैयारियां प्रारभ कर देनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली में 1982 के एशियन गेम्स के दौरान जितने भी स्टेडियम बने हैं उनका उपयोग सिर्फ खेलों के लिए ही होता है। एकमात्र तालकटोरा स्टेडियम को छोड़ दें। वहां कई दूसरे कार्यक्रम होते हैं क्योंकि वह मल्टीपरपस स्टेडियम है। राजधानी में भी एक मल्टी परपस स्टेडियम की जरूरत है जहां राजनीतिक, धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकें। इसके लिए नगर निगम और राज्य सरकार को मिलकर प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि इसका वे प्रस्ताव देते हैं।
पहले छोटा सा तालाब था यहां

राजधानी में इनडोर स्टेडियम के निर्माण में पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल का अहम योगदान रहा है। हालांकि स्टेडियम के उद्घाटन समारोह में उन्हें भुला दिया गया था। इसे लेकर शुक्ल समर्थकों में असंतोष भी था। माना जाता है कि इन्हीं कारणों से श्री शुक्ल ने इनडोर स्टेडियम का बिना किसी सूचना के अचानक अवलोकन किया। बहरहाल श्री शुक्ल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि पहले यहां छोटा सा तालाब हुआ करता था। बाद में यह दलदल बन गया था। उस दौरान नगर निगम के पूर्व महापौर स्वर्गीय बलबीर जुनेजा से उन्होंने यहां के दलदल को पाटकर खेल मैदान बनाने का सुझाव दिया था। दलदल पाट दिया गया और फिर यहां स्पोर्ट्स काम्पलेक्स की नींव रखी गई।
वीसी ने की रमन की जमकर तारीफ
भारतीय ओलंपिक संघ के आजीवन अध्यक्ष विद्याचरण शुक्ल मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह की जमकर तारीफ की और उनके छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ का अध्यक्ष बनने का स्वागत  किया। उन्होंने इसे जरूरी भी बताया। श्री शुक्ल  से जब छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के संबंध में सवाल पूछे गए तो उन्होंने कहा कि उन्हें फिलहाल इसकी गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं है। लेकिन मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह को अध्यक्ष बनाने से छत्तीसगढ़ में खेलों का काफी विकास होगा। डा. सिंह को अध्यक्ष बनाने का वे स्वागत  करते हैं और उन्हें अध्यक्ष रहना  चाहिए। डा. सिंह का सीओए का अध्यक्ष बनना तो काफी सुखद है क्योंकि इससे खेल गतिविधियों को पूरी ताकत मिलेगी। खेलों का विकास मुख्यमंत्री ही कर सकते हैं और दूसरा कोई नहीं।
आजीवन अध्यक्ष को वोटिंग पावर न दें

भारतीय ओलंपिक संघ के आजीवन अध्यक्ष विद्याचरण शुक्ल ने भारतीय ओलंपिक संघ के आजीवन अध्यक्षों को वोट देने के अधिकार का विरोध भी किया और कहा कि आजीवन अध्यक्ष को वोटिंग पावर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय ओलंपिक संघ के दो ही आजीवन अध्यक्ष हैं और एक या दो वोट इधर-उधर होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। श्री शुक्ल ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ ने भारतीय ओलंपिक संघ के संविधान में आंशिक संशोधन करने का निर्देश दिया है क्योंकि कुछ खामिया हैं। भारतीय ओलंपिक संघ के चुनाव में फेडरेशन को तीन वोट तो राज्य ओलंपिक संघ को दो वोट का अधिकार है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ ने राज्य ओलंपिक संघ के वोटिंग पावर खत्म करने की बात कही है और यह ठीक  है। राज्य ओलंपिक संघ में ज्यादातर पदाधिकारी राजनीति से जुड़े होते हैं और भारतीय ओलंपिक संघ में राजनीति-राजनीति का खेल न चले, इसलिए यह संशोधन जरूरी है।

चाहिए अंतरराष्ट्रीय सुविधाएं







इनडोर स्टेडियम खिलाड़ियों और खेल संघों को राष्ट्रीय 
अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए मुफ्त में दें : हरीश शर्मा
 राजधानी में 12 फरवरी से शुरू हो रही 25वीं एमआईजी रिलायंस फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता के अवलोकन के लिए रायपुर पहुंचे •ाारतीय बास्केटबाल फेडरेशन के महासचिव हरीश शर्मा ने खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मुहैया कराने पर ज्यादा जोर दिया है। श्री शर्मा ने राजधानी के इनडोर स्टेडियम को छत्तीसगढ़ की सबसे अहम सौगात बताते हुए कहा है कि इसे खिलाड़ियों और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों के लिए मुफ्त में देना चाहिए। इससे खेल और खिलाड़ी दोनों का विकास होगा
रायपुर। भारतीय बास्केटबाल संघ के महासचिव हरीश शर्मा ने यहां राजधानी के इनडोर स्टेडियम का अवलोकन किया और फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने प्रतियोगिता के लिए कोर्ट निर्माण के लिए सहायता भी की। देश में बास्केटबाल जैसे खेलों को व्यावसायिक बनाने और खिलाड़ियों ग्रेडिंग सिस्टम के आधार पर आर्थिक सहायता मुहैया कराने में महत्वपूर्ण भूमिका  निभाने  वाले श्री शर्मा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा इनडोर स्टेडियम की काफी तारीफ की। उन्होंने वुडन फ्लोर को काफी बेहतर बताते हुए कहा कि इसमें अच्छी लकड़ियों का इस्तेमाल किया गया है और यहां फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता का काफी बेहतर आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए इनडोर स्टेडियम सौगात है क्योंकि देश में राष्ट्रीय मापदंड के करीब 25 इनडोर स्टेडियम हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर के भी करीब 15 स्टेडिमय हैं। श्री शर्मा ने कहा कि देश में अंतरराष्ट्रीय मापदंड के इनडोर स्टेडियम काफी कम हैं और खिलाड़ियों को जितनी ज्यादा बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी उतना वे आगे बढ़ेंगे। यदि ग्रास रूट के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मुहैया कराएं तो वे भी भारतीय टीम का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने बताया कि फेडरेशन लगातार प्रयासरत है देश में इस खेल की प्रगति के लिए और यही वजह है कि खिलाड़ियों को ग्रेडिंग सिस्टम के आधार पर आर्थिक सुविधा मुहैया कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि बास्केटबाल फेडरेशन ग्रास रूट पर स्कूल और कालेज लीग की स्पर्धाएं शहरों में प्रारं•ा कर चुका है। दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में लीग स्पर्धाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। बेंगलूर में शीघ्र यह प्रयोग प्रारंभ किया जाएगा। इसके अलावा 2011 में चार और शहरों में ग्रास रूट पर यह प्रयोग किया जाएगा। देश के हर शहर में इस तरह के प्रयोग होंगे। इससे विजेता-उपविजेता और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को एक लाख रुपए से लेकर 10 हजार रुपए की नगद पुरस्कार राशि दी जाती है जिससे स्कूल और कालेज में इस खेल की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि स्पर्धाएं यदि छह दिन में समाप्त हो जाएं तो इससे खिलाड़ी तैयार नहीं होते। लीग की स्पर्धाएं माह•ार चलने से खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिलता है। राजधानी के इनडोर स्टेडियम की प्रतिदिन की करीब डेढ़ लाख रुपए की फीस को लेकर श्री शर्मा ने कहा कि इसे खिलाड़ियों के अभ्यास  के लिए मुफ्त में देना चाहिए। इसके अलावा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की अधिकृत स्पर्धाओं के लिए भी खेल संघों से पैसे नहीं लेने चाहिए। खेल संघों के पास वैसे ही पैसे नहीं होते। उन्होंने दिल्ली के तालकटोरा स्टेडिमय को लेकर बताया कि खेल संघों  से प्रतिदिन का करीब 10 हजार रुपए लिया जाता है और एसी का उपयोग करने पर 30 हजार रुपए लिए जाते हैं। उन्होंने इस बात का समर्थन किया कि खेल के अलावा यदि कोई राजनीतिक, सामाजिक या अन्य समारोह होता है तो उनसे डेढ़ लाख रुपए फीस ली जानी चाहिए। श्री शर्मा ने कहा कि कोई भी खेल संघ या फेडरेशन स्टेडियम का निर्माण नहीं कर सकता। बिना केंद्र सरकार या राज्य सरकार के सहयोग के खेलों की बुनियादी अधोसंरचनाओं का विकास नहीं किया जा सकता है। श्री शर्मा ने कहा कि रायपुर के खेल संघों से करीब तीन या चार हजार रुपए की फीस इनडोर स्टेडियम के लिए लेना चाहिए।
बास्केटबाल में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण उपलब्धि

भारतीय बास्केटबाल संघ के महासचिव हरीश शर्मा ने बास्केटबाल में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों को काफी अहम बताया। उन्होंने कहा कि देश में आठ खिलाड़ियों का चयन अमेरिका में उच्च प्रशिक्षण के लिए किया गया जिनमें चार खिलाड़ी छत्तीसगढ़ के हैं और चार देश के अन्य राज्यों के। पूरा छत्तीसगढ़ एक तरफ है और पूरा हिंदुस्तान एक तरफ। यह छत्तीसगढ़ की काफी महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

सीएम करेंगे फेडरेशन कप का उद्घाटन
खेल संचालक जीपी सिंह ने बताया कि 25वीं फेडरेशन कप बास्केटबाल प्रतियोगिता का उदघाटन 10 फरवरी को शाम छह बजे मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह करेंगे। अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक करेंगे। विशेष अतिथि सांसद रमेश बैस, गृहमंत्री ननकी राम कंवर, लोक निर्माण मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, पंचायत मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री पुन्नुलाल मोहले, कृषि मंत्र चंद्रशेखर साहू, स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल, जल संसाधन मंत्री हेमचंद यादव, वन मंत्री विक्रम उसेंडी, नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मूरत  खेल मंत्री लता   उसेंडी, आदिमजाति मंत्री केदार कश्यप, वाणिज्य मंत्री दयालदास बघेल, विधानसभा उपाध्यक्ष नारायण चंदेल, नेता प्रतिपक्ष रविंद्र चौबे, विधायक देवजी भाई पटेल, नंदे साहू, कुलदीप जुनेजा, महापौर किरणमयी नायक, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, सभापति संजय श्रीवास्तव, मुख्य सचिव पी जाय उम्मेन, पुलिस महानिदेशक विश्वरंजन, साई सचिव गोपालकृष्ण, भारतीय बास्केटबाल संघ के सचिव हरीश शर्मा, बीएसपी प्रबंधक वीके अरोरा, क्षेत्रीय संचालक साई भोपाल आरके नायडू होंगे।