12 मार्च, 2011

खेल जगत को एका की जरूरत



हर कोई  चाहता है छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ में जगह बनाना


सिर्फ एक दिन का इंतजार शेष रह गया है जब छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की बहुप्रतिक्षित बैठक का आयोजन 13 मार्च को न्यू सर्किट हाऊस में किया जाएगा। सभी  की नजरें लगी हैं सचिव पद पर। यह सस्पेंस अभी भी बरकरार है कि सीओए का सचिव किसे बनाया जाएगा। प्रदेश के खेल जगत की कई हस्तियां चाहती हैं ओलंपिक संघ में जगह हासिल करना। दबी जुबां ही सही, हर किसी की अलग-अलग राय है। इन तमाम कयासों के बीच यह सच्चाई भी सामने है कि प्रदेश का खेल जगत आज भी  एक नहीं है, बावजूद इसके कि मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह सीओए अध्यक्ष हैं और वे कह  चुके हैं कि हर कोई सीओए का अध्यक्ष है। सभी  को अपनी लकीर बड़ी करनी चाहिए न कि एक-दूसरे की लकीर छोटी करने में लगें। लेकिन डा. सिंह की इन बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया। यही वजह है कि तमाम प्रयासों के बाद भी प्रदेश का खेल जगत अनेकता में एकता का पाठ नहीं सीख सका। वरन खेल संघों के पदाधिकारी कहते-सचिव कोई भी बने, सभी मिलकर काम करेंगे...
रायपुर। छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ को लेकर विवाद, यह सीओए की पुरानी परंपरा रही है। एक समय दो दिग्गजों के बीच प्रतिष्ठा का सवाल बन चुका छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ का मुद्दा दिल्ली तक गूंजा था और यह मामला न्यायालय तक भी पहुंचा था। प्रदेश का खेल जगत इससे वाकिफ है। अतीत के पन्नों को पलटने का हालांकि यह वक्त नहीं लेकिन, यह कहने में कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि बीते पलों से सबक ले लिया होता तो सीओए के पुनर्गठन की नौबत ही नहीं आती और कई योजनाएं भी शुरू हो गई होतीं। लेकिन ऐसा कुछ  नहीं हुआ। प्रदेश खेल जगत को मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने अध्यक्ष बनने के बाद कई सौगातें दी। खेल सुरक्षा निधि का गठन कर 50 लाख रुपए तत्काल सहायता के लिए दिए  गए तो राज्य में खेल महोत्सव की परंपरा शुरू हुई। मामला फेडरेशन कप बास्केटबाल का हो या कामनवेल्थ गेम्स और नेशनल गेम्स के पदक विजेताओं के लिए लाखों रुपए की नगद पुरस्कार राशि की घोषणा का। एक के बाद एक सीओए के अध्यक्ष के रूप में डा. सिंह ने राज्य के खेल जगत को कई सौगातें  दीं। यहां तक उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए नौकरी के नियम •ाी बन गए और टेकलाल कुर्रे को पहली नौकरी देकर खिलाड़ियों को जॉब सिक्योरिटी भी दी। इसके पूर्व 37वें नेशनल गेम्स की मेजबानी के लिए सार्थक प्रयास  किए गए। माना जा रहा है कि 37वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के लिए इस समय प्रदेश के खेल जगत को एका की जरूरत है न कि सचिव पद हासिल करने के लिए ऊंची चोटी का जोर लगाने की। इस समय 13 मार्च पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। उन्हें भी जिनके खेल संघों को भारतीय ओलंपिक संघ से मान्यता नहीं मिली है या फिर एक ही खेल के कई संघों के पदाधिकारियों को। कई तरह की चर्चाएं भी शुरू हो चुकी और कई सवाल भी उठने लगे हैं। क्या 13 मार्च की बैठक वैध है, क्या भारतीय ओलंपिक संघ से पर्यवेक्षक आएगा? कहीं आईएएस या आईपीएस को तो सचिव नहीं बनाया जाएगा? ऐसे कई सवाल सभी की जुबां पर है और कार्यकारिणी की सूची का सस्पेंस भी बना हुआ है। यदि आम खिलाड़ियों का मन टटोलें तो उन्हें खेल राजनीति की बजाए खेल की बेहतर सुविधाओं, अधोसंरचना और जॉब सिक्योरिटी की ज्यादा जरूरत है।
एक नजर...




0. पिछले साल 28 मार्च 2010 को छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की बैठक का आयोजन करीब तीन साल बाद किया गया था। वीसी शुक्ल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में 37वें नेशनल गेम्स के लिए सभी  ने एकजुट होने की बात कही थी।

0. 9 मई 2010 को खेल संचालनालय की मेजबानी में न्यू सर्किट हाऊस में 37वें नेशनल गेम्स और क्वींस बेटन रिले को लेकर मैराथन बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रदेश ओलंपिक संघ ने खुलकर इस बात का विरोध किया कि होस्ट सिटी कान्ट्रेक्ट से पहले सेक्रेटिएट बना दिया गया है और इसमें  खेल संघों के पदाधिकारियों को तवज्जो नहीदी गई है।

0. 11 मई 2010 को छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ ने साफ कहा कि छत्तीसगढ़ के सेक्रेटिएट में यदि भारतीय ओलंपिक संघ हस्तक्षेप नहीं करता है तो सीओए का चुनाव कराया जाएगा। होस्ट सिटी कान्ट्रेक्ट की शर्तों का भी उल्लंघन किया गया है।  यह मामला भी भारतीय ओलंपिक संघ तक पहुंचा।

0. 23 मई को रविवार के दिन भिलाई  में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की बैठक का आयोजन कर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के अध्यक्ष डा. अनिल वर्मा पर आर्थिक अनियमितता के आरोप लगाए गए।
0. 25  मई 2010 को मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह को छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ का चेयरमैन या फिर अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया।
0. 17 जून 2010 को छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की बैठक में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के अध्यक्ष को ही पद से हटा दिया गया। इस बैठक को रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटी ने अवैध करार दे दिया।
0. छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के अध्यक्ष डा. अनिल वर्मा ने सचिव बशीर अहमद खान के खिलाफ न्यायालय में मानहानि का दावा किया।

0. 17 जुलाई 2010 को भारतीय ओलंपिक संघ ने सीओए अध्यक्ष डा. अनिल वर्मा को पत्र लिखकर सीओए का अध्यक्ष माना और छत्तीसगढ़ को आबंटित नेशनल गेम्स उन्हीं के मार्गदर्शन में कराने का समर्थन दिया।

0. 20 जुलाई 2010 को सीओए ने खेल संचालक और रजिस्ट्रार फर्म्स सोसायटी को पत्र लिखकर सूचित   किया कि सीओए की 22 जुलाई को वार्षिक आमसभा की बैठक का आयोजन किया जाएगा। डा. वर्मा ने प्रेस से कहा कि इस बैठक के खिलाफ वे  कानूनी कार्यवाही करेंगे।

0. 22 जुलाई 2010  को सीओए की बैठक का आयोजन सुबह 11 बजे होटल ग्रांड इंटरनेशनल में किया गया। इस बैठक में मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह को अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके अलावा ओलंपिक संघ के अध्यक्ष डा. वर्मा और सचिव बशीर अहमद खान ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगकर एक-दूसरे को गले लगाया। इस दिन पूरी कार्यकारिणी ने इस्तीफा दे दिया और मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने सीओए का अध्यक्ष बनने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। नई कार्यकारिणी  के गठन का अधिकार भी उन्हें दिया गया।

0. डा. सिंह के अध्यक्ष बनने के बाद छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ का सचिव पद बनने की होड़ मच गई। कई दावेदार सामने आए। छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की बागडोर मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के हाथों सौंपने के बाद सीओए की वार्षिक सामान्य सभा की बैठक का आयोजन कल 18 अगस्त 2010 को यहां न्यू सर्किट हाऊस में किया गया। इस बैठक में मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने सभी को साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया। इसके साथ ही कामनवेल्थ गेम्स के लिए पदक हासिल करने वाले खिलाड़ियों के लिए लाखों रुपए के नगद  पुरस्कार की घोषणा की। उन्होंने क्रिकेट या बास्केटबाल के बड़े टूर्नामेंट कराने के साथ-साथ खेलों को उद्योगों से जोड़ने की पहल करने की घोषणा की। डा. सिंह ने इस बैठक में मुख्यमंत्री विशेष खेल सुरक्षा निधि के गठन करने के साथ-साथ इस निधि में 50 लाख रुपए देने की घोषणा की जिससे खिलाड़ियों व खेल संघों को तत्काल आर्थिक सहायता मुहैया कराई जा सके।

अब आगे. . . 
0. सीओए अध्यक्ष मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह की अध्यक्षता में दूसरी बार 13 मार्च को न्यू सर्किट हाऊस में विशेष सामान्य सभा  की बैठक का आयोजन किया जाएगा जिसमें नई कार्यकारिणी गठित होगी।

मूणत के समर्थन में कूदे विधान




कहा, अच्छे लोगों को ओलंपिक संघ का सचिव बनाएं
छत्तीसगढ़ नेटबाल संघ के अध्यक्ष और पूर्व राज्यमंत्री विधान मिश्रा नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मूणत के समर्थन में सीओए के मैदान में कूद पड़े हैं। श्री मिश्रा ने कहा है कि हाल ही में छत्तीसगढ़ वालीबाल एसोसिएशन के अध्यक्ष बनाए गए नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मूणत को छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ का सचिव बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं कि सीओए में अच्छे लोगों को शामिल किया जाए और पिछले दस साल से काबिज पेशेवर लोगों को हटाया जाए। श्री मिश्रा ने कहा कि जिला ओलंपिक संघों के वोट समाप्त कर देना चाहिए। उन्होंने यह मांग भी रखी है कि सीओए में महिलाओं को तवज्जो दी जाए और महासचिव व सचिव दो पद बनाए जाएं। महासचिव कोई भी रहे, सचिव महिला खिलाड़ी को बनाया जाए।


हाकी के दोनों सघों को आमंत्रित करें: नीता डुमरे


कहा, महिलाओं को सीओए में प्राथमिकता दें
छत्तीसगढ़ स्टेट महिला हाकी एसोसिएशन की सचिव और पूर्व अंतरराष्ट्रीय हाकी खिलाड़ी नीता डुमरे ने कहा है कि 13 मार्च को होने वाली सीओए  की बैठक में प्रदेश महिला हाकी संघ को आमंत्रित न करना निराशाजनक है व कई शंकाओं को जन्म देता है। उन्होंने कहा कि वे और संघ की अध्यक्ष श्रीमती संध्या मिश्रा सीओए की विगत कार्यकारिणी में भी हैं और नई कार्यकारिणी अभी गठित नहीं हुई है। ऐसे में सिर्फ दो ही महिला सदस्यों को आमंत्रित न करना अफसोस की बात है। नीता डुमरे ने कहा कि सीओए सचिव से संपर्क करने पर उन्हें कहा गया कि हाकी छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डा. अनिल वर्मा और सचिव फिरोज अंसारी को बैठक के लिए अधिकृत किया गया है। जबकि भारतीय हाकी संघ और हाकी इंडिया का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इसके अलावा राज्य में हाकी का मामला उच्च न्यायालय में लंबित है और इस पर भी फैसला नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि या तो दोनों धड़ों को आमंत्रित करें और नहीं तो हाकी के किसी भी संघ को बैठक में आमंत्रि न किया जाए।

सभी खेल संघों को बुलाया जाएगा बैठक में : बशीर


छत्तीसगढ़ ओलंपकि संघ के सचिव बशीर अहमद खान का कहना है कि सीओए की 13 मार्च को होने वाली बैठक में मान्यता प्राप्त खेल संघों को अलावा सभी खेल संघों के पदाधिकारियों को आमंत्रित किया जा रहा है। वे विशेष आमंत्रित रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह बैठक सकारात्मक होगी और राज्य में खेलों के विकास से संबंधित कई निर्णय लिए जाएंगे।