16 मार्च, 2011

प्रशिक्षकों को मिला प्लेटफार्म




खेल विभा ग ने वर्कशाप में सुनी समस्याएं 
                      और दिलाया प्रगति का भरोसा



रायपुर। प्रदेशभर के विभिन्न खेलों के एनआईएस प्रशिक्षकों को खेल संचालनालय ने नया प्लेटफार्म दिया। प्रदेश के खेल जगत के इतिहास में पहली बार करीब 40 एनआईएस प्रशिक्षकों के लिए खेल भवन में वर्कशाप आयोजित की गई। इस वर्कशाप में प्रशिक्षकों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं और खेलों व खिलाड़ियों के विकास के लिए कई सुझाव दिए।
खेल संचालक जीपी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस वर्कशाप में प्रशिक्षकों ने खेल सुविधाओं की कमी पर ज्यादा जोर दिया। खासतौर पर खेल मैदानों के अभाव की बातें प्रमुखता से उठीं। इस वर्कशाप में प्रशिक्षकों को यह भी कहा गया कि खेल विभाग ने वि•िान्न खेलों के प्रशिक्षकों के लिए नियुक्ति निकाली है और वे आवेदन दे सकते हैं। ऐसा पहली बार हुआ जब प्रशिक्षकों को नौकरी के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। वर्कशाप में कई मुद्दे उठाए गए और कई सुझाव भी दिए गए। स्वयं प्रशिक्षकों को भी ट्रेनिंग देने की बात प्रमुखता से उठी। कई प्रशिक्षक सबजूनियर वर्ग में जूनियर खिलाड़ियों को और जूनियर वर्ग में सीनियर खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक हासिल करने के लिए टीम में शमिल करते  हैं। ऐसे में जो वास्तव में खेल के हकदार हैं वे पीछे रह जाते हैं। कई प्रशिक्षकों ने मैदान की कमी तो मैदान में चेजिंग रूम की कमी का मामला उठाया। इस वर्कशाप में हिस्सा लेने वाले सभी प्रशिक्षकों और प्रशिक्षण कार्य में सहयोग करने वाले विशेषज्ञों से फार्म भी भरवाया गया। इस फार्म में बायोडाटा के अलावा स्थान विशेष में प्रशिक्षण की सुविधाओं की जानकारी मांगी गई तथा सुझाव लिए गए। खेल संचालक जीपी सिंह के मुताबिक इन सुझावों की समीक्षा की जाएगी और प्रशिक्षकों की समस्याओं का समाधान  किया जाएगा।

फुटबाल बालाओं का हुआ स्वागत




लगातार दूसरी बार श्रीलंका में प्रतिनिधित्व
 कर लौटीं सुप्रिया और निकिता


रायपुर। राजधानी की 13 वर्षीय सुप्रिया कुकरेती और निकिता पन्ना छत्तीसगढ़ के खेल जगत में इतिहास रचकर बुधवार को वापस लौटीं। इन दोनों खिलाड़ियों ने पिछले साल ही श्रीलंका में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था और टीम इंडिया ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया था। एक बार फिर से इन खिलाड़ियों ने श्रीलंका की एशियन फुटबाल को चैंपियनशिप में अपना जौहर दिखाया और भारतीय टीम ने ओवरआल बेहतर प्रदर्शन किया। इन खिलाड़ियों का यहां पुलिस मुख्यालय में स्वगात  किया गया।
शंकर नगर निवासी सुप्रिया कुकरेती एमजीएम स्कूल की सातवीं की छात्रा हैं। सुप्रिया ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व स्टाइकर के तौर पर किया। कचना की निकिता पन्ना होलीक्रास स्कूल कांपा में आठवीं की छात्रा हैं। निकिता टीम की गोलकीपर थीं। पुलिस मुख्यालय में इन खिलाड़ियों का डीजीपी विश्वरंजन, एडीजी रामनिवास सहित छत्तीसगढ़ फुटबाल संघ के सचिव जीडी गांधी, रायपुर जिला फुटबाल संघ के अध्यक्ष मुश्ताक अली प्रधान, सचिव दिवाकर थिटे, कोच सरिता कुजूर सहित कई पदाधिकारियों ने स्वागत किया। इस दौरान इन खिलाड़ियों के परिजन भी  मौजूद थे। इन खिलाड़ियों ने खेल संचालक जीपी सिंह से भी मुलाकात की। श्री सिंह ने इन्हें आगे बढ़ाने हरसंभव सुविधा मुहैया कराने आश्वस्त किया। निकिता और सुप्रिया ने इस दौरान कहा कि वे काफी आगे बढ़ना चाहती हैं और राज्य व देश का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करना चाहती हैं। निकिता और सुप्रिया की प्रशिक्षक फुटबाल की एनआईएस कोच सरिता कुजूर ने बताया कि इस प्रतियोगिता के लिए एएफटी ने नियम बनाया था कि एक  देश से 22 खिलाड़ियों को खिलाया जाए और ए व बी दो टीमें बनाई जाएं जिससे सभी खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिले। भारत की ए व बी दो टीमें बनाई गईं और दोनों टीमों ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया। भारत ने कुल दस मैच खेले और सभी में जीत हासिल की। श्रीलंका के साथ खेला गया पहला मैच ड्रा रहा। ग्रुप बी में श्रीलंका को भारत ने 0-1 से, जार्डन को 1-0 व 1-8 से, इरान को 1-0 व 2-0 से, पलीस्तीन को 10-0, 6-0 और 7-0 से पराजित किया। सुश्री कुजूर ने बताया कि इस प्रतियोगिता में फाइनल मैच नहीं हुआ बल्कि ओवरआल प्रदर्शन देखा गया।