झारखंड में होगी अग्निपरीक्षा, छत्तीसगढ़ की लड़कियां
एक बार फिर सामना कर सकती हैं तमिलनाडू का
राजधानी के इनडोर स्टेडियम में खेली गई 25वीं फेडरेशन कप नेशनल बास्केटबाल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ की लड़कियों ने स्वर्ण पदक हासिल कर इतिहास तो रच दिया लेकिन टीम की अग्निपरीक्षा झारखंड में होगी। पिछले नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ को तमिलनाडु की टीम ने स्वर्ण पदक हासिल करने से वंचित किया था। इसका बदला छत्तीसगढ़ ने फेडरेशन कप में ले लिया क्योंकि दक्षिण रेलवे की टीम में पूरी लड़कियां तलिमनाडु की थी। फेडरेशन कप के बाद दक्षिण रेलवे की लड़कियां झारखंड में तलिमनाडु का प्रतिनिधित्व करेंगी। माना जा रहा है कि एक बार फिर से छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु की टीमें फाइनल में आमने-सामने हो सकती हैं।
रायपुर। झारखंड में 34वें नेशनल गेम्स के मुकाबले शुरू हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ की टीम कल 17 फरवरी को झारखंड के लिए रवाना हो रही है। वहां मुकाबले 18 फरवरी से शुरू हो जाएंगे जो 22 फरवरी तक खेले जाएंगे। झारखंड नेशनल गेम्स के लिए छत्तीसगढ़ की टीम में एक-दो खिलाड़ियों को विश्राम दिया गया है। जबकि पूरी टीम फेडरेशन कप की ही है।
छत्तीसगढ़ बास्केटबाल संघ के सचिव और टीम के अंतरराष्ट्रीय कोच राजेश पटेल के मुताबिक छत्तीसगढ़ की टीम से नेशनल गेम्स का पदक तय है और इसके लिए टीम ने काफी परिश्रम भी किया है। यही परिश्रम फेडरेशन कप में काम आया और टीम ने स्वर्ण पदक हासिल किया। छत्तीसगढ़ ने 33वें नेशनल गेम्स में रजत पदक हासिल किया था । टीम का फाइनल मुकाबला तमिलनाडु के साथ खेला गया था। तमिलनाडु में सभी लड़कियां दक्षिण रेलवे की शामिल थीं। फेडरेशन कप का फाइनल मुकाबला दक्षिण रेलवे और मेजबान छत्तीसगढ़ के बीच खेला गया। यदि रेलवे को कुछ देर के लिए भूल जाएं तो 2007 के नेशनल गेम्स में यही दो टीमें आमने-सामने थीं और फेडरेशन कप में भी। झारखंड नेशनल गेम्स में भी छत्तीसगढ़ की भीड़ंत तमिनलाडु से हो सकती है जिसमें सभी खिलाड़ी दक्षिण रेलवे के होंगे। माना जा रहा है कि यदि दोनों टीमें फाइनल पहुंच जाती हैं तो एक बार फिर से फेडरेशन कप जैसा रोमांचक मैच देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ की टीम के अंतरराष्ट्रीय कोच राजेश पटेल के मुताबिक नेशनल गेम्स में जो टीम अच्छा खेलेगी वही फाइनल पुहंचेगी। छत्तीसगढ़ को फेडरेशन कप में एक बड़ा फायदा मेजबानी का भी मिला क्योंकि खिलाड़ियों को पब्लिक सपोर्ट की वजह से मनोवैज्ञानिक लाभ भी मिल जाता है। श्री पटेल के मुताबकि नेशनल गेम्स में ज्यादा रिस्क नहीं लिया जाएगा। कोशिश की जाएगी कि टीम के अनुभवी खिलाड़ियों को ज्यादा मौका टफ टीम के साथ होने वाले मुकाबले में दिया जाएगा। कमजोर टीम के लिए नए खिलाड़ियों को अनुभव के रूप में अवसर दिया जाएगा। इससे भविष्य में वे भी बेहतर प्रदर्शन करने लगेंगे।
गलतियों में होगा सुधार
फेडरेशन कप में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने काफी गलतियां भी की थीं जिसे सुधारकर ही टीम नेशनल गेम्स में उतरेगी। यह कथन टीम के कोच श्री पटेल का है। वे बताते हैं कि मैच के पहले क्वार्टर में छत्तीसगढ़ की टीम काफी सुस्त खेलती है जिसमें सुधार की काफी जरूरत है। पहले क्वार्टर में टीम हमेंशा स्कोर कम कर रही है जिसे बढ़ाना जरूरी है। हालांकि दूसरे और तीसरे क्वार्टर में टीम काफी अच्छा स्कोर करती है लेकिन चौथे क्वार्टर में टीम को संघर्ष करना पड़ता है। दक्षिण रेलवे की टीम में अधिकांश खिलाड़ी लंबे हैं और छत्तीसगढ़ की टीम में स्टार्टिंग फाइव खिलाड़ियों की अधिकतम ऊंचाई पांच फुट 10 इंच है। टीम की पांच इंडिया प्लेयर्स सीमा सिंह पांच फुट 10 इंच, आकांक्षा पांच फुट आठ इंच, भारती नेताम पांच फुट छह इंच, अंजु लकड़ा पांच फुट तीन इंच है। टीम में सबसे लंबी खिलाड़ी जेलना जोंस हैं जिसकी ऊंचाई छह फुट दो इंच है। मूुलत : केरल की जेलना पिछले छह माह से भिलाई के पंत स्टेडियम में प्रशिक्षण ले रही हैं और वे छत्तीसगढ़ का प्रतिनिध्तिव नेशनल गेम्स में भी करेंगी। इस खिलाड़ी को इंडिया टीम के लिए यहां तैयार किया जा रहा है।
महाराष्ट्र से मिल सकती है टक्कर
झारखंड नेशनल गेम्स के पूल के मैचों में छत्तीसगढ़ को महाराष्ट्र से कड़ी टक्कर मिल सकती है। महाराष्ट्र की टीम में इस समय सबसे लंबी खिलाड़ी छह फुट तीन इंच की जीजू खेल रही हैं जो रेलवे की हैं। इसके अलावा पूल में पंजाब और कर्नाटक की टीम है जिसे हराना छत्तीसगढ़ के लिए काफी आसान होगा। नेशनल गेम्स के महिला वर्ग में आंध्र के बदले पंजाब की टीम खेल रही है। इसके अलावा मेजबान झारखंड होस्ट टीम के रूप में नेशनल गेम्स की पात्र है।
नेशनल गेम्स के लिए बास्केटबाल की टीमें घोषित
34वें नेशनल गेम्स के लिए छत्तीसगढ़ की महिला और पुरुष बास्केटबाल टीमें घोषित कर दी गई है। महिला टीम की कमान अंजु लकड़ा को दी गई है और पुरुष टीम का कप्तान अजय प्रताप सिंह को बनाया गया है। राज्य की महिला टीम में कप्तान अंजु लकड़ा, सीमा सिंह, भारती नेताम, पुष्पा, अकांक्षा सिंह, अरुणा किंडो, एल दीपा, शोषण तिर्की (सभी दपूम रेलवे बिलासपुर), कविता, जेलना जोश (बीएसपी), पूजा देशमुख (रायपुर), निकिता गोदामकर (राजनांदगांव), मुख्य कोच राजेश पटेल, सहायक कोच इकबाल अहमद खान, प्रबंधक साजी टी थामस शामिल हैं। पुरुष वर्ग की टीम में अजय प्रताप सिंह कप्तान, किरणपाल सिंह, पवन तिवारी, अंकित पाणिग्रही, नलीन शर्मा, श्याम सुंदर, समीर राय, लुमेंद्र साहू, मनोज सिंह, सुशांत, आशुतोष सिंह, जानकी रामनाथ, मुख्य कोच आरएस गौर, सहायक कोच मो. असलम, प्रबंधक निलंजन नियोगी शामिल हैं। छत्तीसगढ़ की टीमों से राज्य संघ के चेयरमेन सोनमणी बोरा, अध्यक्ष राजीव जैन, उपाध्यक्ष अनिल पुसदकर, विजय डब्ल्यू देशपांडे, कमल सिंघल सहित कई पदाधिकारियों ने बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की है।
छत्तीसगढ़ की टीम पूल बी में
झारखंड नेशनल गेम्स के लिए दो पूल बनाए गए हैं जिसमें छत्तीसगढ़ की टीम पूल बी में छत्तीसगढ़, कर्नाटक, महाराष्ट्र और पंजाब के साथ है। पूल ए में दिल्ली, केरल, तमिलनाडु और मेजबान झारखंड की टीम शामिल है।
पदक हासिल करने का हैट्रिक मौका
छत्तीसगढ़ को महिला बास्केटबाल में राज्य निर्माण के पिछले एक दशक में नेशनल गेम्स के अब तक दो ही पदक हासिल हुए हैं। राज्य निर्माण के बाद पहली बार छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2002 में हैदराबाद नेशनल गेम्स में हिस्सा लिया था। पहली बार ही हिस्सा ले रही टीम ने स्वर्ण पदक हासिल कर राज्य के खेल जगत को चौका दिया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ की टीम ने 2007 के असम नेशनल गेम्स में हिस्सा लिया था जिसमें रजत पदक मिला था। झारखंड में नेशनल गेम्स के पदक की हैट्रिक करने का मौका टीम के पास रहेगा। फेडरेशन कप में भी टीम के पास हैट्रिक करने का मौका था जिसे टीम ने नहीं गंवाया। वर्ष 2006 और वर्ष 2007 में छत्तीसगढ़ को स्वर्ण पदक मिला था। स्वर्ण हासिल करने की हैट्रिक वर्ष 2011 में 25वें फेडरेशन कप में पूरी हो गई।
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